एंड्राइड क्या है? इतिहास एवं वर्जन (What is Android in Hindi)

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एंड्राइड क्या है?

एंड्राइड एक लिनक्स पर आधारित (Linux Based) ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल ज़्यादातर मोबाइल और टेबलेट पर में होता है। अतः एंड्राइड एक मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो कि एक सॉफ्टवेयर है और यह स्मार्टफोन में एक इनबिल्ट सॉफ्टवेयर के रूप में कार्य करता है। इसकी मदद से हम मोबाइल में विभिन्न टास्क कर पाते हैं! 


ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है? उसकी पूरी जानकारी यहाँ है।

एंड्राइड का इस्तेमाल बिलकुल फ्री होता है इसके लिए कोई चार्ज नहीं देना होता है। आपकी जानकारी हेतु बता दें लिनक्स एक ऑपरेटिंग सिस्टम है जो कि UNIX ऑपरेटिंग का एक बहुत पॉपुलर वर्जन है। यह एक तरह का ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है जिसका आप फ्री में प्रयोग कर सकते है और इसी का इस्तेमाल करके एंड्राइड को बनाया गया है।

ऑपरेटिंग सिस्टम एक तरह की टेक्नोलॉजी होती है जिसमे कोडिंग के रूप में वार्तालाप होती है जिसको सिर्फ मशीन ही समझ सकती है। कोडिंग यानि प्रोग्रामिंग भाषा को किताबो की तरह पढ़ा व समझा नहीं जा सकता है, इसमें आपको अलग अलग वर्जन देखते को मिल जाते है।

विंडोज और macOS ऑपरेटिंग सिस्टम को कंप्यूटर और लैपटॉप के लिए बनाया गया है। परन्तु एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम को मोबाइल फ़ोन को ध्यान में रखते हुए ही इसका डिज़ाइन किया गया है। आप अपने मोबाइल फ़ोन में जो भी करते है message, email, call और जो भी आपको आपके मोबाइल फ़ोन की डिस्प्ले में दिखता है यह सब ऑपरेटिंग सिस्टम का ही हिस्सा होता है।


एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम को बहुत सारे वर्जन में विभाजित कर दिया गया है जिनको नंबर की स्तिथि में रख दिया गया है उनके ऑपरेटिंग सिस्टम, फीचर्स और स्टेबिलिटी को देखते हुए ही उनको नंबर दिए गए है। जैसे उदाहरण के लिए आपने सुना होगा एंड्राइड oreo, एंड्राइड किटकैट और एंड्राइड q आदि। इसी तरह एंड्राइड के बहुत से नाम है।

एंड्राइड को कब और किसने बनाया?

Android अर्थात android inc की खोज कैलिफोर्निया में वर्ष 2003 में की गयी थी। Android की शुरुवात Nick sears, Chris white तथा Andy rubin नामक तीन व्यक्तियों द्वारा की गई थी। Andy Rubin ने smart मोबाइल डिवाइस की क्षमता तथा भविष्य में इनकी उपयोगिता के संबंध में एक android प्रोजेक्ट को describe किया।

तथा शुरुवाती दौर में कंपनी का मकसद डिजिटल कैमरा के लिए एक ऑपरेटिंग सिस्टम तैयार करना था परन्तु कंपनी के बीच हुए विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया गया कि उनके लक्ष्यों के अनुसार कैमरा का Market अभीइतना नहीं फैला है तथा android को mobile ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में लॉन्च करने पर android inc ने अपनी सहमति जताई।


एंड्राइड का इतिहास (History of Android in Hindi)

एंड्राइड को सबसे पहले साल 2003 में अक्टूबर के महीने में Andy rubin और Rich miner, Nick sears, Chris white ने ही मिलकर स्थापित किया। एंड्राइड को बनाने का मुख्य कारण यह था डिजिटल कैमरा के लिए एक ऑपरेटिंग सिस्टम बनाना। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था इसी के साथ साल 2005 में एंड्राइड को गूगल ने खरीद लिया और एंडी रुबिन को इसका हेड बना दिया गया ।

गूगल ने एंड्राइड को 50 मिलियन डॉलर में ख़रीदा और इन चारो को अपनी कंपनी में कर्मचारी के रूप में रख लिया। एंड्राइड को खरीदने के पीछे यह कारण था क्योकि उनको यह एक बहुत ही दिलचस्प कांसेप्ट लगा था वह इसकी मदद से फ्री में ऑपरेटिंग सिस्टम बना सकते थे और अपनी कंपनी को एक बड़ा रूप दे सकते थे, और वास्तव में गूगल विश्व की सबसे बड़ी कम्पनियो में से एक है जिसमे एंड्राइड का एक बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है।

एंड्राइड का पहला ऑपरेटिंग सिस्टम साल 2008 में दुनिया के सामने लाया गया जो कि एंड्राइड का एंड्राइड कपकेक 1.5 वर्जन था। इसमें लोगो के सामने एंड्राइड के रूप में बहुत सी नयी विषेशतायें लायी गयी जैसे इसमें ब्लूटूथ सपोर्ट, यूट्यूब पर वीडियो अपलोडिंग और थर्ड पार्टी वर्चुअल कीबोर्ड जैसे सुविधाएं दी गई थी।


एंड्राइड के प्रसिद्ध होने के साथ ही साल 2013 में मार्च महीने में एंडी रुबिन ने कंपनी को छोड़ दिया और किसी और प्रोजेक्ट में जुड़ने का निर्णय लिया। हालाँकि इस फैसले से एंड्राइड की स्थिति में कुछ बुरा असर नहीं पड़ा। इसी के साथ फिर एंडी रुबिन की जगह पर सूंदर पिचाई को एंड्राइड का हेड बना दिया।

एंड्राइड के वर्जन (All Android Versions in Hindi)

बता दें एंड्राइड ने 2007 में पहला एंड्राइड बीटा वर्जन को लांच किया और इसके बाद से वह लगातार नए वर्शन लांच करता आ रहा है।


एंड्राइड अपने हर एक वर्जन को अलग अलग नाम से लांच करता है, एंड्राइड वर्शन के नाम दुनियाभर के प्रसिद्ध डेस्सेर्ट्स और अल्फान्यूमेरिक के नाम से रखे गए हैं जो की लोगो को काफी पसंद आता है और उनको बोलने में आसानी होती है। जैसे की एंड्राइड के प्रमुख वर्जन का नाम हनीकांब, डोनट, आइसक्रीम, किटकैट, लोलीपोप इत्यादि है।

● एंड्राइड 1.0 अल्फा

यह सबसे पहला एंड्राइड कमर्शियल वर्जन था जिसको गूगल ने 23 सितम्बर 2008 को लॉन्च किया गया था। इस एंड्राइड वर्शन में मार्किट एप्लीकेशन, ज़ूम, गगोल कॉन्टेक्ट्स, गूगल सर्च, गूगल टॉक, यूट्यूब और wifi, वेब ब्राउज़र, वेब ईमेल सर्वर जैसी सुविधाएं दी गई थी। लेकिन इस वर्जन को और बेहतर बनाने के लिए गूगल ने अगले वर्ष नया एंड्राइड version मार्किट में लॉन्च किया।

● एंड्राइड 1.1 बीटा

यह एंड्राइड का दूसरा वर्जन था जिसे गूगल ने 9 फरवरी 2009 को लांच किया था और इसका दूसरा एक और नाम है पेटिट फोर इसमें मैसेजिंग की सुविधा को बेहतर बनाया गया था साथ ही इसमें bydefault लम्बी कॉल की सुविधा यूज़र्स को दी गई थी।

● एंड्राइड 1.5 कपकेक

गूगल के तीसरे एंड्राइड version को 27 अप्रैल 2009 को लांच किया गया था और यह पहला ऐसा एंड्राइड वर्जन था जिसका नाम डेजर्ट के नाम पर रखा गया था। एंड्राइड 1.5 कपकेक वर्जन में नेविगेशन और टेक्स्ट जैसी सुविधाओं को अपग्रेड किया गया और इसके साथ ही इसमें लार्ज स्क्रीन का ऑप्शन भी डाला गया।

● एंड्राइड 1.6 डोनट

गूगल ने इस वर्जन को 15 सितम्बर 2009 को लांच किया था यह वर्जन बाकई में बहुत अच्छा था क्योकि इसमें स्पीक टेक्स्ट का ओप्रशन दिया था। आप इसमें बोलकर अपनी बातो को लोगो तक भेज सकते थे और इसके साथ ही इसमें आपको कैमरा और गैलरी जैसे ऑप्शन मिलते थे। HTC कंपनी ने अपने मोबाइल फ़ोन की शुरुवात इसी वर्जन से की थी।

● एंड्राइड 2.0

2.1 अक्लेर इस वर्जन को 26 अक्टूबर 2009 को लांच किया गया था। इस फीचर की खास बात यह थी की इसमें नेविगेशन पर खासा जोर दिया गया था और इसके साथ ही इसमें और भी बहुत से फीचर दिए गए थे इसमें आप कांटेक्ट के फोटो पर क्लिक करके दूसरे को कॉल व मैसेज कर सकते थे और साथ ही इस वर्शन में कैमरे पर भी काम किया गया था जिससे की आप फ़्लैश और ज़ूमिंग भी कर सकते थे। इसके साथ ही गूगल मैप्स और टाइपिंग स्पीड पर भी काम किया गया था।

● एंड्राइड 2.2 फ्रोयो

इस वर्जन में आपको क्लीनिंग का ऑप्शन मिलता था जिसकी मदद से आप अपने मोबाइल फ़ोन में जो भी जंक फाइल होती थी उसको आसानी से डिलीट कर सकते थे और अपने मोबाइल फ़ोन के स्पेस को कण्ट्रोल कर सकते थे और इसके साथ ही इसमें wifi हॉटस्पॉट जैसी सुबिधा का भी लाभ उठा सकते थे यह वर्जन 20 मई 2010 में लांच हुआ था।

● एंड्राइड 2.3 जिंजरब्रेड

यह वर्जन 6 दिसंबर 2010 को लांच किया गया था और इसमें आपको स्क्रीन साइज को बड़ा करके दिया था और इसमें डाउनलोड मैनेजर, फास्टर वर्चुअल कीबोर्ड भी दिया था इसके साथ ही इसमें स्काइप जैसे App भी दिए जाने लगे इसकी मदद से आप किसी से भी चैट और कालिंग भी कर सकते हैं, साथ ही इस वर्शन में कैमरा के फीचर्स को भी बड़ा दिया था।

● एंड्राइड 3.0 हनीकांब

इस वर्जन को 22 फेब्रुअरी 2011 में लांच किया गया था। इस वर्जन का होलोग्राफिक इंटरफ़ेस था जिसमे आपको एक्शन बार, सिस्टम बार और redesigned कीबोर्ड भी जोड़कर दिया गया था। एंड्राइड 3.0 हनीकांब को सबसे पहले टेबलेट में जारी किया गया था। उसके बाद यह मोबाइल फ़ोन में आया।

● एंड्राइड 4.0 आइसक्रीम सैंडविच

यह गूगल एंड्राइड का नौंवा वर्जन था जिसे 19 अक्टूबर 2011 को लांच किया गया था। इस वर्जन से आसानी से फ़ोल्डर्स बना सकते थे साथ ही इसमें स्क्रीन शॉट जैसी सुविधा और फेस अनलॉक पर काम किया गया था इसमें एक सोर्स कोड को डाला गया था जिसे 14 नवंबर 2011 रिलीज किया गया था जिसकी मदद से इसमें काफी ज्यादा इम्प्रूवमेंट आयी थी।

● एंड्राइड 4.1 जैली बीन

इस वर्जन को 9 जुलाई 2012 को लांच किया गया था इस वर्जन में यूजर इंटरफ़ेस पर काफी जोर दिया गया और इसके साथ ही इसमें आपको bi-directional text, ऑफलाइन वौइस् डिटेक्शन, गूगल वॉलेट जैसी सुविधाओं के साथ अन्य सुविधाएं भी मिलती है। इसमे टच की क्वालिटी भी बेहतर कर दी गई थी और गूगल ने स्पीक टेक्स्ट में भी काफी सुधार किये।

● एंड्रॉयड 4.4 KitKat

इस वर्जन में गूगल ने एंड्रॉयड वर्जन को लॉन्च करने के साथ साथ इसमें ब्रांड प्रमोशन भी किया इसी कारण गूगल ने Nestlé जैसे ब्रांड के साथ पार्टनरशिप की। गूगल ने फ्यूचर को देखते हुई इस version में HD क्वालिटी, इमोजी जैसे फंक्शन्स पर कार्य किया। और साथ ही इसमें न्यू dialer जैसे फीचर्स दिए। एंड्राइड 4.4 किटकैट वर्जन को 31 अक्टूबर 2013 को लांच किया गया था।

● एंड्राइड 5.0 – 5.1 लॉलीपोप

इसका नाम रखने से पहले लोगो ने बहुत विचार विमर्श भी किया था हर कोई इसका नाम अलग रखना चाहता था कोई इसका नाम लिकोरिस तो कोई इसका नाम लेमोनहेड रखने का सुझाव दे रहा था अंत में इसका नाम गूगल द्वारा लोलीपोप रखा गया। इस वर्जन को 15 अक्टूबर 2014 को लांच किया गया था। 

समें नोटिफेक्शन के फक्शन पर काम किया गया जिसके कारण आप नोटिफिकेशन को अपनी होम स्क्रीन पर ही देख सकते है। इसमें मल्टीटास्किंग को भी redefined किया गया जिससे वह और अच्छे तरीके से काम कर सके। इसमें बैटरी लाइफ पर भी जोर दिया गया जिससे की वह ज्यादा समय तक चलती रहे। इसमें अच्छे अच्छे डिज़ाइन और रंज बिरंगे इंटरफ़ेस की सुविधा दी गई।

● एंड्राइड 6.0 – 6.1 मार्शमेल्लो

इस वर्जन को 5 अक्टूबर 2015 को लांच किया गया था। यह वर्जन भी पिछले वर्जन जैसा ही था लेकिन इसमें थोड़े बहुत बदलाव किये गए थे। मार्शमैलौ वर्जन में लॉक स्क्रीन से पहले कैमरा और इमरजेंसी कॉल का ऑप्शन दिया जाता था लेकिन इस वर्जन के आने के बाद इसमें Voice सर्च की सुविधा को भी जोड़ा गया था।

सिक्योरिटी देखने को मिलती थी जिससे की आपका मोबाइल फ़ोन पूरी तरीके से सिक्योर हो चूका था। साथ ही इसमें स्मार्ट लॉक पासवर्ड का भी ऑप्शन दिया था। इसमें आपको क्विक सेटिंग मेनू को भी आसानी से बदलने का ऑप्शन दिया गया था।

● एंड्राइड 7.0 नौगाट

नौगात वर्जन को 22 अगस्त 2016 को लांच किया गया था। और फिर बाद में इसके और एंड्राइड वर्जन 7.1 और 7.2 को भी 4 अक्टूबर 2016 को लांच कर दिया गया था। इस वर्जन को सबसे पहले गूगल पिक्सेल के XL फ़ोन में साथ ही लांच किया गया। इसमें बहुत से बेहरतीन फीचर्स थे जो पहले आपको किसी दूसरे वर्जन में देखने को नहीं मिले थे।

● एंड्राइड 8.0 oreo

इस वर्जन को 21 अगस्त 2017 को लांच किया गया था। इसमें भी बहुत से बेहतरीन फंक्शन को जोड़ा गया था। इस वर्जन को शुरू में हम पिक्सेल और नेक्सस जैसे Devices में इस्तेमाल कर सकते थे , जैसे : पिक्सेल, पिक्सेल XL, नेक्सस 5X, नेक्सस 6P, नेक्सस प्लेयर और इसके साथ the pixel C और फिर इसके बाद बाकि के सभी एंड्राइड फ़ोन के लिए भी इसे उपलब्ध कर दिया गया था। इसके साथ ही इसमें भी आपको बहुत से फीचर देखने को मिलते थे जैसे :

इसमें आप किसी को भी आसानी से ईमेल भेज सकते थे और इसमें आपको notification भी ऊपर देखने को मिल जाती है। एंड्राइड oreo सिक्योर और सेफ था और साथ ही इसमें गूगल असिस्टेंट पर भी अच्छा काम किया गया था। और इसके साथ ही इसमें और भी फीचर्स को जोड़ा गया था।

● एंड्राइड 9.0 पाई

एंड्राइड पाई में भी बहुत से बेहरतीन फीचर्स को जोड़ा गया था इसमें ऐसे अनेक फीचर्स को जोड़ा गया था जो इससे पहले किसी दूसरे एंड्राइड वर्जन में नहीं डाले गए थे। एंड्राइड पाई को 6 अगस्त 2018 क लांच किया गया था। शुरू में पिक्सेल के मोबाइल फ़ोन में इसके सभी फीचर्स का आप बड़ी आसानी से इस्तेमाल कर सकते थे परन्तु बाद में अन्य फ़ोन में भी इन सभी फीचर्स का उपयोग कर सकते है।

● एंड्राइड 10.0 क्यू

इस एंड्राइड वर्जन को 3 सितम्बर 2019 को लांच किया गया था। इसे शुरू में कुछ स्मार्टफोन के लिए लांच किया गया था, हालांकि इस वर्शन में भी आपको बहुत से शानदार फीचर देखने को मिलते है।

इसमें आपको शेयरिंग फंक्शन तेजी से कार्य करता दिखेगा और इसके साथ ही इसमें स्क्रीन रिकॉर्डिंग जैसे फीचर पर भी कार्य किया गया है।  इसमें वाइड डार्क मोड का ऑप्शन भी देखने को मिलता है और इसमें आपको थीम वाले ऑप्शन पर भी जोर दिया गया है जिससे की यूजर आसानी से अपनी पसंद की थीम लगा सके और उसका सही से प्रयोग कर सके. इस वर्जन को फोल्डेबल फ़ोन को ध्यान में रखकर भी बनाया गया है जिससे की यह वर्जन उन सभी फ़ोन में भी आसानी से कार्य कर सके। जैसे सैमसंग के फोल्डेबल फ़ोन है, जैसे सैमसंग फोल्डेबल गैलेक्सी Z फ्लिप 4, सैमसंग फोल्डेबल गैलेक्सी Z फोल्ड 4 आदि।

Android 11

यूँ तो एंड्राइड के हर नए version के साथ इसमें ढेर सारे आप्शन दिए गये हैं, लेकिन इस वर्शन की सबसे खास बात यह है की इसमें आप बातचीत को टॉप पर पिन कर सकते हैं।

Android 12

Android के इस नए version में सभी जरूरी सेफ्टी फीचर्स के साथ स्क्रीनशॉट स्क्रॉलिंग, बेहतर गेमिंग अनुभव पर काम किया गया, वाकई नया एंड्राइड अपडेट कई लोगों को बेहद अच्छा लगा।

Android 13

Android के इस ताजा version में यूज़र्स को लॉन्चर के तौर पर ऐसा इंटरफेस दिया गया जिससे वह youtube, गूगल, प्ले स्टोर के सर्च बार में सीधा होम स्क्रीन से सर्च कर सकते हैं।

Android 14

इस साल यानी वर्ष 2023 में एंड्राइड का यह लेटेस्ट अपडेट सभी नए smartphone में देखें को मिल जायेगा, हालाँकि इस version के शुरुवाती अपडेट आपको पिक्सेल स्मार्टफोन में देखने को मिलेंगे!

एंड्राइड की विशेषताएं?

एंड्राइड की बहुत से विशेषताएं है जिसके कारण यह एक बहुत ही लोकप्रिय नाम बन चुका है, एंड्राइड अपने आपको को समय के अनुसार बदलता रहता है, एंड्राइड की कुछ खासियतों के बारे में आपको पूरी जानकारी होने चाहिए वह जानकारी कुछ इस प्रकार है :

1. मल्टी टास्किंग – एंड्राइड में आप अलग अलग चीजों का इस्तेमाल कर सकते है आप एक साथ इसमें बहुत से कार्य कर सकते है जैसे आप गाने सुन सकते है और उसी के साथ गूगल पर भी कुछ सर्च कर सकते है। यही नहीं गैलरी में पिक्चर देख सकते है और आप गूगल के मदद से या अन्य किसी App से कुछ भी डाउनलोडिंग कर सकते हैं।

2. यूजर इंटरफ़ेस – एंड्राइड का इंटरफ़ेस इतना आसान होता है की इसको कोई भी बड़ी ही आसानी से इस्तेमाल कर सकता है। इसको समझने में ज्यादा समस्या उत्पन्न नहीं होती है कोई नया आदमी भी इसको एक दो बार इस्तेमाल करके इसके सारे फंक्शन्स के बारे में आसानी से जानकार एंड्राइड मोबाइल फ़ोन को इस्तेमाल कर सकता है।

3. कनेक्टिविटी सुबिधा – एंड्राइड मोबाइल फ़ोन व टेबलेट में आपको कनेक्टिविटी सुविधा बहुत अच्छी मिलती है इसमें आपको wifi, हॉटस्पॉट और साथ ही इसमें ब्लूटूथ जैसी सुविधा मिलती है ,जिसकी मदद से आसानी से किसी भी दूसरे फ़ोन को कनेक्ट करके आप कुछ भेज व ले सकते है। इसमें आपको gsm, 3g , 4g और 5g जैसी कनेक्टिविटी सुबिधा मिल जाती है।

4. मल्टीप्ल लैंग्वेज – एंड्राइड आपको अलग अलग भाषाओ का सपोर्ट देता है। इसमें आपको एंड्राइड हिंदी, इंग्लिश, बंगाली, मराठी, कन्नड़ आदि भाषाओ का सपोर्ट होता है इसमें से आप अपनी पसंद की किसी भी भाषा का चुनाव करके अपने एंड्राइड फ़ोन को इस्तेमाल कर सकते है।

5. गूगल प्ले स्टोर – एंड्राइड आपको प्ले स्टोर के रूप में एक एप्लीकेशन देता है। जिसकी मदद से आप बहुत से एप्लीकेशन को भी डाउनलोड करके उसका इस्तेमाल कर सकते है। इसमें जो भी App होते है वह सब सिक्योर होते है उन Apps का इस्तेमाल आप आसानी से और बेझिझक कर सकते है।

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Ankur Singh
हेलो दोस्तों, मेरा नाम अंकुर सिंह है और में New Delhi से हूँ। मैंने B.Tech (Computer Science) से ग्रेजुएशन किया है। और में इस ब्लॉग पर टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट से जुड़े लेख लिखता हूँ।

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