Artificial Intelligence (AI) क्या है और कैसे काम करता है?

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Artificial Intelligence (AI) क्या है?

Artificial Intelligence एक प्रकार का मशीन में विकसित किया जाने वाला बनावटी दिमाग होता है अर्थात मशीन में सोचने समझने की कृत्रिम क्षमता विकसित करने को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कहा जाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में मशीन को मनुष्य के भांति सोचने समझने का क्षमता डाला जाता है।


स्वतंत्र रूप से सोच समझकर काम करने के तकनीक को मशीनों में डाला जाता है ताकि वे निर्देश दिए गए कार्य को स्वयं करें। किसी भी मशीन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल करने से पहले कई प्रकार की एक्सपेरिमेंट करनी होती है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का पूर्ण रूप कृत्रिम उद्यमिता होता है। इसका पूर्ण अर्थ मानव निर्मित बुद्धिमता बनावटी समझ। कृत्रिम बुद्धिमता की मदद से मशीनों को समझदार और बुद्धिमान बनाया जा सकता है, ताकि वे निर्देश किए गए कार्यों को स्वचालित रूप से बिना मनुष्य की निर्भरता पर काम कर सके।

किसी भी मशीन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा बुद्धिमान बनाने के लिए मुख्य था तीन प्रकार के प्रोसेस से गुजरना होता है जिसमें से पहला है लर्निंग (Learning)। इसमें मशीनों को बुद्धिमान बनाया जाता है मतलब वह सारी इंफॉर्मेशन (Information) दी जाती है जिस प्रकार के कार्य को मशीन से करवाना है।

मशीनों के लर्निंग प्रोसेस में कुछ नियम होते हैं। इसका पालन करना इसी प्रोसेस में मशीन को सिखाया जाता है। इसके बाद दूसरा तर्क (Reasoning) इसमें मशीनों को बताए गए नियमों का पालन करने और दिए गए कार्यों को पूरा करने के लिए अग्रसर किया जाता है, ताकि परिणाम सटीक प्राप्त हो। अंत में तीसरा है सेल्फ करेक्शन इसे समझने के लिए पहले मनुष्य के दिमाग को समझना होगा।


जैसे मनुष्य का दिमाग सर्वप्रथम किसी भी समस्या को सुलझ आने से पहले उसकी प्रोसेस को समझता है और समय से से जुड़ी डिसीजन निर्णय लेने की प्रयास करता है उसी प्रकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी इस प्रकार से इंसानी दिमाग के अनुसार सोचने के लिए अग्रसर किया जाता है। जिसमें आप मुख्य रूप से इन उदाहरण से समझ सकते हैं। जैसे Machine Vision Speech Recognition Expert System.

types of AI

AI कैसे काम करता है?

AI मुख्य रूप से मनुष्य के अंदर की स्वर्ण शक्ति और सुनने के आधार पर कार्य करता है। इसका अर्थ है कि जैसा हम सोचते हैं और AI को कमांड देते हैं उसी आधार पर यह कार्य करता है। क्योंकि AI के अंदर की डेवलपमेंट और कोडिंग कुछ इसी तरीके से की जाती है कि वह कमांड से संबंधित कार्य करने में सक्षम है। इसके साथ ही AI के काम करने के सिद्धांत निम्नलिखित है:


1. मशीन लर्निंग

मुख्य रूप से मशीन लर्निंग द्वारा विश्लेषणात्मक मॉडल का निर्माण किया जाता है। जोकि विशेष रूप से कुछ कमांड को उसके एक निष्कर्ष को बिना किसी प्रोग्राम डाटा के निकालता है।

2. कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क

जैसा की इसके नाम से ही पता चलता है कि यह एक प्रकार की कृत्रिक या आर्टिफिशियल तंत्रिका है। यह मस्तिष्क के साथ जुड़े हुए न्यूरोन की श्रंखला की नकल करते हैं। इसके साथ ही फिर उसके बाद Data से अर्थ को निकालने के लिए अनेक प्रकार की Information को शेयर करते हैं।

3. डीप लर्निंग

यह मुख्य रूप से डाटा की पहचान करने का कार्य करता है। इसके साथ ही डाटा में मोजूद जटिल पैटर्न को खोजता है। इसके साथ ही प्रसंस्करण इकाइयों में मोजूद मल्टीपल परतों के साथ कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क का प्रयोग करता है।


4. संज्ञानात्मक कंप्यूटिंग

संज्ञानात्मक कंप्यूटिंग मानव जैसी बातचीत के बारे में है। जोकि भाषण की व्याख्या करके प्रतिक्रिया देता है।

5. NLP

यह मुख्य रूप से कंप्यूटर तथा Humans की बातचीत के बीच की एक प्रभावी प्रणाली है। जोकि मशीनों को उनके आसपास की चीजों को समझने के लिए चित्र का इस्तेमाल करता है।

Artificial Intelligence (AI) के प्रकार (Types Of AI)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य रूप से हम चार प्रकार में बांट सकते हैं।


1. पूर्णता प्रति क्रियात्मक (Purely Reactive AI)

इस प्रकार के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्रिया के जवाब पर कार्य करती है अर्थात प्रतिक्रियात्मक होती है। इसका उदाहरण 1990 के दशक में IBM के द्वारा Chess Match Garry Casparow के साथ आयोजित किया गया था जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने Garry Casparow को chess में हरा दिया था। इस बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में प्रोग्राम किए हुए में प्रोग्राम की मदद से किसी भी कार्य को किया जा सकता है।

2. सीमित स्मृति (Limited Memory AI)

इस प्रकार के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कैटेगरी में वैसे मशीनों को रखा जाता है जिसमें थोड़ी बहुत मेमोरी (memory) होती है एवं इन एवं इस प्रकार का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पुराने घटना पर आधारित भविष्य में इस्तेमाल किए जाने वाले कार्यो पर भी निर्भर करती है। उदाहरण के लिए भीड़-भाड़ इलाके में अपने आप को सही तरीके से चलाना (Self Driving Cars)

इसके अलावा इसमें कुछ खामियां भी है, जैसे कि इसमें मेमोरी कम होने की वजह से AI ज्यादा पुराने घटनाओं को याद नहीं रखती हाल ही में घटित घटनाओं पर कार्य कर सकती है इसके साथ ही है आवश्यकतानुसार बहुत पुराने डाटा को डिलीट भी कर सकती है।

3. मस्तिष्क सिद्धांत (Brain Theory AI)

इस प्रकार के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव मस्तिष्क पर आधारित होती है। जैसे कि मानव की तरह सोचने समझने और सूचनाओं को प्रोसेस (process) करने का कार्य करती है। हालांकि AI पूरी तरीके से मानव जैसा नहीं सोच पाते परंतु इसका इस्तेमाल सोचने समझने की तर्कों पर की जाती है।

असल में वर्तमान समय तक को AI इतना सक्षम नहीं बना है, जो मानव मस्तिक से भी आगे सोच सके या फिर यूं कहें मानव की तरह सोच सके। वैज्ञानिकों द्वारा ब्रेन थ्योरी (Brain Theory) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम किया जा रहा है बताया जाता है कि भविष्य और भी सफल साबित हो सकती है।

4. आत्मा चेतन (Self Conscious AI)

Self Awareness आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को Brain Consciousness आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एडवांस रूप कह सकते हैं, क्योंकि इस प्रकार के याई द्वारा इंसानों के दुख सुख कृषि आय जलन आदि बखूबी महसूस करती है। इसके अलावा इंसानों की भांति सोच भी सकती है और पिछले दिनों घटे घटनाओं पर के आधार पर सोचने की शक्ति रखती है।

वर्तमान समय तक वैज्ञानिकों द्वारा ऐसा कोई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित मशीन नहीं बनाया गया, जो खुद की Consciousness दे सके और आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि इस दिशा में बहुत तेजी से काम चल रहा है। वैज्ञानिकों द्वारा कहना है कि भविष्य में इस प्रकार के मशीनों को बनाया जा सकता है जो इंसान की भांति ना केवल सोच सके बल्कि महसूस कर सके।

Artificial Intelligence (AI) का उपयोग:

वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भरपूर उपयोग किया जा रहा है चाहे आप किसी कंपनी की बात करें या फिर किसी ऑर्गेनाइजेशन की। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (Manufacturing Company), शेयर मार्केट (Share Market),  होटल (Hotel), रेस्टोरेंट्स (Resturant), पार्क (park), इत्यादि जगहों पर खर्च को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। कुछ प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग है जो आप निम्नलिखित देख सकते हैं।

  • मशीन दृष्टि (Machine Vision)
  • प्राकृतिक भाषा प्रकरण (Natural Language Processing)
  • मशीन लर्निंग (Machine Learning)
  • महासंगणक (Super Computers)
  • कंप्यूटर गेम्स (Computer Games)
  • एक्सपर्ट सिस्टम्स (Expert Systems)
  • सर्विलांस (Surveiillance)
  • वाक पहचान (Speech recoganization)
  • बुद्धिमान रोबोट्स (Intelligent Robots)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से क्या-क्या फायदे हैं?

  • तुरंत निर्णय की क्षमता
  • आविष्कारों में मदद
  • कार्य क्षमता बढ़ाने में सहायता
  • बिजनेस डाटा को विश्लेषण करने में
  • दैनिक जीवन के कार्य में मदद
  • 24 घंटे कार्य करने की क्षमता
  • जोखिम भरे कार्यों को पूरा करना
  • इंसानों की गलतियों को सुधारने में
  • दैनिक कार्यो में सहायता
  • कृषि क्षेत्र में AI की भूमिका
  • समय का बचत करना
  • खर्च में बचत करना
  • नुकसान को कम करता है
  • स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना
  • संचार में सहायता

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से होने वाले नुकसान

  • बेरोजगारी
  • मनुष्य का आलसीपन
  • बेहतर से बेहतरीन कार्य
  • सही गलत की पहचान
  • स्किल में कमी
  • नौकरियों का खतरा
  • चोरी का खतरा
  • भावनात्मक फैसले की समस्या
  • कामों की हानि

मानव इंटेलिजेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बीच क्या अंतर है?

मानव अपने पिछले अनुभव परिस्थिति विचारों और प्राप्त जानकारियों के आधार पर निर्णय लेने की क्षमता रखता है। वही AI मशीन लर्निंग पर कार्य करती है अर्थात AI रोबोट मानव के दिए गए निर्देशों के आधार पर कार्य करती है। AI मानव की भांति कैद करने की कोशिश करता है जो कुछ रिसर्च टूल और इनसाइट्स को इस्तेमाल में लाता है।

मानव इंटेलिजेंस की ऊर्जा दक्षता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऊर्जा दक्षता से अधिक होती है। मानव इंटेलिजेंस के 25 वाट तो वही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उच्च दक्षता 2 वर्ड्स होती है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ऊर्जा दक्षता कम होने के कारण किसी भी कह रही है जिम्मेदारी को सिखाने के लिए बहुत अधिक समय व्यतीत होता है। वही मानव इंटेलिजेंस की ओर जाते तथा अधिक होने की वजह से जिम्मेदारी या किसी भी प्रकार की कार्यों को सिखाने में कम समय लगता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मौजूद डाटा का विश्लेषण करके परिणाम देता है वही मानव अपने पिछले घटनाओं विचारों अनुभवों आदि के आधार पर परिणाम देता है।

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तो दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आपको Artificial Intelligence (AI) से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी मिल गई होगी।

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Ankur Singh
हेलो दोस्तों, मेरा नाम अंकुर सिंह है और में New Delhi से हूँ। मैंने B.Tech (Computer Science) से ग्रेजुएशन किया है। और में इस ब्लॉग पर टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट से जुड़े लेख लिखता हूँ।

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