बैकलिंक क्या है? Backlink Kya Hai In Hindi? पूरी जानकारी 2022


हर वेबसाइट और ब्लॉग का मालिक यही चाहता है कि उन्होंने अपना जो ब्लॉग या फिर अपनी जो वेबसाइट बनाई हुई है, उसे गूगल जल्दी से सर्च इंजन में लाए और उनकी वेबसाइट अथवा ब्लॉग की पोस्ट को गूगल फटाफट इंडेक्स करना चालू कर दें! तो दोस्तों आजके इस पोस्ट में हम जनिगे की आख़िर बैकलिंक क्या है? Backlink Kya Hai In Hindi? पूरी जानकारी 2022!

बैकलिंक क्या है? Backlink Kya Hai In Hindi? पूरी जानकारी 2022

ताकि वेबसाइट/ब्लॉग पर विजिटर की संख्या में तेजी के साथ इजाफा हो और गूगल ऐडसेंस का ऐड लगा कर के वह अच्छी खासी कमाई करने लगे परंतु यह सब इतना आसान नहीं होता है। अगर यह सब आसान होता तो इंडिया में हर दूसरा बंदा आज एक सक्सेसफुल ब्लॉगर होता है।


सक्सेसफुल ब्लॉगर बनने के लिए ब्लॉग बनाने के पश्चात कई महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखना होता है, उन्हीं में से एक बात है बैकलिंक बनाना। कई एक्सपर्ट ब्लॉगर इस बात को स्वीकार कर चुके हैं कि वेबसाइट को गूगल में अच्छी रैंकिंग दिलाने में बैकलिंक की काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। 

इसलिए हमें हाई अथॉरिटी वाली वेबसाइट से Backlink बनाना चाहिए, तो आइए जानते हैं कि “बैकलिंक क्या है? Backlink Kya Hai In Hindi?” और “बैकलिंक के प्रकार क्या है।”

बैकलिंक क्या है?

Backlink लिंक बिल्डिंग की एक प्रक्रिया है जिसके तहत एक website से दूसरी वेबसाइट या एक वेब पेज को दूसरे पेज से लिंक किया जाता है।

इसे उदाहरण दे करके समझाएं तो मान लीजिए कि आपकी वेबसाइट का लिंक किसी टॉप वेबसाइट पर कहीं पर भी मौजूद है फिर चाहे वह पोस्ट के बीच में हो या फिर कमेंट बॉक्स में ही क्यों ना हो! तो यह बैकलिंक कहलाती है और जब उस टॉप वेबसाइट पर कोई विजिटर आता है तो किसी ना किसी प्रकार से अगर उसकी नजर में आपके वेबसाइट की बैकलिंक आती है तो वह उस पर क्लिक करके आपकी वेबसाइट पर भी चला आता है।

इस प्रकार आपकी वेबसाइट के विजिटर में बढ़ोतरी होती है। ठीक यही काम उस वेबसाइट पर भी होता है जिस वेबसाइट का लिंक आपकी वेबसाइट पर उपलब्ध होता है। आप बैकलिंक बनाने के लिए कई तरीके का इस्तेमाल कर सकते हैं जिनमें से कुछ तरीके पेड होते हैं और कुछ तरीके फ्री होते हैं।

फ्री वाले तरीके में आपको दूसरे टॉप वेबसाइट के लिए आर्टिकल लिखना पड़ता है और बदले में आपको एक बैंकलिंक मिलती है। आपकी वेबसाइट की जितनी अच्छी बैकलिंक होगी, आपकी वेबसाइट को गूगल उतना ही भरोसेमंद मानेगा और इसकी वजह से आपकी वेबसाइट को सर्च रिजल्ट में काफी फायदा होगा और आपकी वेबसाइट के विजिटर की संख्या भी बढ़ेगी।


बैंकलिंक के प्रकार क्या हैं?

आपको टोटल दो प्रकार के बैकलिंक के बारे में इंटरनेट पर सुनने को मिलेगा, जिसमें पहला है डू फॉलो बैकलिंक्स और दूसरा है नो फॉलो बैक लिंक। इन दोनों की ही सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन में काफी महत्वपूर्ण भूमिका होती है परंतु इसमें से एक बैकलिंक का काफी फायदा मिलता है वहीं दूसरे बैकलिंक का बेनिफिट सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन में काफी कम ही मिलता है परंतु इन दोनों की ही आवश्यकता ब्लॉग के लिए पड़ती है।

Dofollow बैकलिंक्स क्या होता हैं?

SEO की दुनिया में Do follow backlin सबसे महत्वपूर्ण और उपयोगी माना जाता है। क्योंकि do follow backlink बेहद शक्तिशाली बैक लिंक माना जाता है जिसके तहत एक Site की अथॉरिटी दूसरी साइट में पास की जाती है। एग्जांपल के लिए आपका एक नया ब्लॉग है और आपके niche में आपकी अथॉरिटी काफी कम है।

तो ऐसी स्तिथि में अगर आपको आपकी niche में किसी बड़े अथॉरिटी वाले ब्लॉग से Do follow backlink मिल जाता है। तो इससे आपके ब्लॉग की अथॉरिटी बढ़ जाती है।

इसलिए डू फॉलो बैकलिंक को प्राप्त करना आसान नहीं होता, बड़े-बड़े ब्लॉगर एक do follow Link प्राप्त करने की बड़ी कोशिश करते है। बता दें dofollow लिंक के अंदर किसी भी प्रकार के अटरीब्यूट का इस्तेमाल नहीं होता है और इसका कोड निम्नानुसार होता है।

“<a href=”yourwebsite.com”>Link Text</a>”

अगर किसी ब्लॉग या फिर वेबसाइट के पास अच्छी क्वालिटी के डूफॉलो बैकलिंक है, तो यह गूगल सर्च में उसकी वेबसाइट को अच्छी पोजीशन दिलाने में काफी सहायक साबित होती हैं।

और आपको हम यह भी बता दें कि अगर आप सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन करते हैं, तो इसके लिए भी डू फॉलो लिंक बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है और जिन वेबसाइट के डू फॉलो लिंक कम होते हैं या फिर होते ही नहीं हैं उन वेबसाइट को गूगल ज्यादा अहमियत नहीं देता है।

Dofollow बैकलिंक का इस्तेमाल कहाँ करें?

आप डूफॉलो बैकलिंक्स का इस्तेमाल नीचे दी जगह पर कर सकते हैं।

• आप चाहे तो हाई अथॉरिटी वेबसाइट या फिर ब्लॉग के कमेंट बॉक्स में जाकर के कमेंट कर सकते हैं और अपनी वेबसाइट का लिंक दे सकते हैं। ऐसा करने पर डू फॉलो लिंक बन जाएगा जिसकी वजह से आपकी वेबसाइट को गूगल अच्छी रैंकिंग देगा।


• आपने अपनी वेबसाइट को जिस टॉपिक पर बनाया है, आपको उसी टॉपिक से संबंधित दूसरी वेबसाइट को ढूंढना है और उस वेबसाइट के मालिक के साथ गेस्ट पोस्ट करने से संबंधित बातचीत करनी है। अगर वह मान जाता है तो आपको एक हाई क्वालिटी आर्टिकल लिख करके उस वेबसाइट पर गेस्ट पोस्ट कर देना है। ऐसा करने पर भी आपको एक बढ़िया सी डूफॉलो बैकलिंक्स प्राप्त हो जाएगी जिससे आपकी वेबसाइट की रैंकिंग इनक्रीस होगी।

• आप चाहे तो रिलेटेड पोस्ट के जरिए भी डू फॉलो बैक लिंक प्राप्त कर सकते हैं।

Dofollow बैकलिंक के फायदे

• अगर आपकी ब्लॉग या फिर आपके वेबसाइट की अच्छी मात्रा में डू फॉलो बैक लिंक है तो ऐसा होने से आपके ब्लॉग या फिर आपकी वेबसाइट की पेज रैंकिंग में काफी तेजी से इजाफा होता है।

• इसकी वजह से आपकी वेबसाइट या फिर आपके ब्लॉग की क्वालिटी में भी काफी तेजी के साथ इजाफा होता है और आपके ब्लॉग या फिर आपकी वेबसाइट की डोमेन अथॉरिटी भी बढ़ती है।

• इस बैकलिंक की वजह से आपकी वेबसाइट पर ओरिजिनल ट्रैफिक काफी तेजी के साथ बढ़ता है जिससे अगर आपने गूगल ऐडसेंस का विज्ञापन लगाया हुआ है, तो आपकी कमाई भी ज्यादा होती है।

Nofollow बैकलिंक क्या होता हैं?

देखा जाए तो सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन में इसकी जरा भी जरूरत नहीं पड़ती है, क्योंकि इस प्रकार का बैकलिंक लिंक juice यानी अथॉरिटी को पास भी नहीं करता है परंतु अगर आपको अपने ब्लॉग या फिर अपनी वेबसाइट की इमेज बनानी है तो यह बहुत ही महत्वपूर्ण है तो ऐसे ब्लॉगर जो अपनी प्रोफाइल, वेबसाइट या फिर अपने ब्लॉग को बढ़िया बनाना चाहते हैं उन्हें इसका इस्तेमाल करना चाहिए। इस प्रकार के बैकलिंक का कोड नीचे बताए अनुसार होता है।

<a href=”yourwebsite.com” rel=”nofollow”>Link Text</a>

आप विभिन्न सोशल मीडिया जैसे कि फेसबुक, व्हाट्सएप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम पर जो बैकलिंक बनाते हैं, उन्हें ही Nofollow बैक लिंक कहा जाता है और उन सभी सोशल मीडिया पर बनाए हुए लिंक को Nofollow बैकलिंक की कैटेगरी में रखा जाता है। इसके जरिए आप की वेबसाइट या फिर आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक तो आता है परंतु गूगल की नजर में ऐसे ट्रैफिक की ज्यादा अहमियत नहीं होती है।

इसीलिए आपने देखा होगा कि हर वेबसाइट का मालिक यही चाहता है कि उसकी वेबसाइट पर या फिर उसके ब्लॉग पर ऑर्गेनिक ट्राफिक ही आए यानी कि गूगल से सर्च करके लोग उनकी वेबसाइट पर पहुंचे। हालांकि इसका मतलब यह भी नहीं है कि आपको अपनी वेबसाइट की पोस्ट को सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करना है। अगर आप अपनी वेबसाइट की पोस्ट को सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं तो ऐसा करने से आप की वेबसाइट के बारे में अधिक से अधिक लोग जानते हैं।

Nofollow बैकलिंक का इस्तेमाल कहाँ करें

आप नोफॉलो बैकलिंक्स का इस्तेमाल नीचे दी जगह पर कर सकते हैं।

• इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको किसी भी हाई अथॉरिटी या फिर हाई ट्रैफिक वाली वेबसाइट के कमेंट बॉक्स में जाना है और वहां पर इसका इस्तेमाल करना है। ऐसा करने से आपकी वेबसाइट या फिर आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक इनक्रीस होगा।

• इसका इस्तेमाल आप चाहे तो सोशल मीडिया पर भी कर सकते हैं, ताकि लोग आपकी वेबसाइट अथवा आपके ब्लॉग के बारे में जाने और सोशल मीडिया का ट्रैफिक भी आपकी वेबसाइट पर आए।

• अगर आप इसका इस्तेमाल एफिलिएट प्रोडक्ट के तौर पर करते हैं तो इससे आपकी वेबसाइट पर कोई भी फर्क नहीं पड़ेगा। आप इसका इस्तेमाल कहीं पर भी कर सकते हैं और गूगल आपकी वेबसाइट को ट्रैक भी नहीं कर सकेगा।

• जो वेबसाइट या फिर ब्लॉग आपकी वेबसाइट से रिलेटेड नहीं है आप वहां पर भी इसे बना सकते हैं और खुद की वेबसाइट की ट्रैफिक को इनक्रीस कर सकते हैं।

Nofollow बैकलिंक्स के फायदे

• आपकी वेबसाइट को गूगल Spam नहीं मानेगा।

• आपकी वेबसाइट पर आने वाले विजिटर की संख्या में बढ़ोतरी होगी।

• किसी दूसरी वेबसाइट को भी आप अपनी खुद की वेबसाइट के जरिए प्रमोट कर सकते हैं।

• यह आपको गूगल बोट सिस्टम से बचाने का काम करता है और यह भी चेक करता है कि आपकी वेबसाइट का स्पैम स्कोर कितना है।

• इसका इस्तेमाल करने पर आपकी वेबसाइट का Spam Score कम होगा।

बैंक लिंक बनाना क्यों जरूरी है?

ऑफ पेज सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के अंतर्गत बैकलिंक को बनाना बहुत ही आवश्यक होता है। अगर आप की वेबसाइट की अच्छी खासी बैकलिंक उपलब्ध है, तो इसकी वजह से गूगल के सर्च इंजन रैंकिंग में आपकी वेबसाइट को अच्छा स्थान प्राप्त होगा और यह बात तो आप जानते ही हैं कि जब किसी वेबसाइट की रैंकिंग अच्छी होती है, तो उस पर जो भी पोस्ट किए जाते हैं, गूगल उसे फटाफट इंडेक्स कर लेता है और उसे गूगल सर्च इंजन के पहले पेज पर दिखाने का प्रयास करता है।

अधिक बैकलिंक होने से आपकी वेबसाइट की डोमेन अथॉरिटी भी बढ़ती है और हम आपको यहां पर यह बात स्पष्ट तौर पर कह देना चाहते हैं कि जिस वेबसाइट या फिर ब्लॉग की डोमेन अथॉरिटी जितनी अधिक होती है, गूगल उस वेबसाइट या फिर उस ब्लॉग पर पोस्ट किए जाने वाले आर्टिकल को सर्च रिजल्ट में काफी अच्छी रैंक देता है।

जिसकी वजह से आपकी वेबसाइट या फिर आपके ब्लॉग पर भर भर कर ट्रैफिक आता है और इसकी वजह से अगर आप की वेबसाइट या फिर आपके ब्लॉग पर विज्ञापन लगा हुआ है, तो क्लिक भी ज्यादा होते हैं, जिससे आपकी रोजाना की इनकम भी अधिक होना चालू हो जाती है।

डोमेन अथॉरिटी को शार्ट में डीए कहा जाता है और जिन वेबसाइट की डोमेन अथॉरिटी अधिक होती है, गूगल उन्हें एक ट्रस्टेबल वेबसाइट मानता है। इसलिए यह आवश्यक है कि अगर आपने बनाया ब्लॉग या फिर वेबसाइट बनाई है तो उसकी डोमेन अथॉरिटी यानी की डीए को बढ़िया करें और इसके लिए डूफॉलो बैकलिंक को अधिक से अधिक बनाने का प्रयास करें।

यहां पर हम आपकी जानकारी के लिए यह भी बता देना चाहते हैं कि, जब आप अपनी वेबसाइट या फिर अपना ब्लॉग बनाए तो उसके तुरंत बाद ही आपको डूफॉलो बैकलिंक्स बनाना भी चालू कर देना है, ताकि आप जल्दी से ब्लॉगिंग की फील्ड में सफलता हासिल कर सके।

इसके साथ ही साथ आपको अच्छे कंटेंट के साथ साथ लगातार बैकलिंक बनाने की प्रक्रिया जारी रखनी है, क्योंकि जितनी अधिक मात्रा में डूफॉलो बैकलिंक होगी, आपकी वेबसाइट को और आपको उतना ही फायदा होगा। इस प्रकार अब आप समझ गए होंगे कि बैकलिंक बनाना क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है।

आपने इस आर्टिकल में जाना कि “बैकलिंक क्या है? Backlink Kya Hai In Hindi?” और “बैकलिंक कितने प्रकार की होती है” साथ ही हमने आपको आर्टिकल में “डूफॉलो बैकलिंक क्या है” और “नोफॉलो बैकलिंक क्या है” इसके बारे में भी जानकारी दी।

अगर आपको आर्टिकल से संबंधित कोई सवाल पूछना है तो आप नीचे दिए हुए कमेंट बॉक्स के माध्यम से अपना सवाल हमसे पूछ सकते हैं। हम जल्द से जल्द आपके सभी सवालों का जवाब देने का प्रयास करेंगे।

Hope की आपको बैकलिंक क्या है? Backlink Kya Hai In Hindi? पूरी जानकारी 2022! का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।


अगर आपके पास इस पोस्ट से रिलेटेड कोई सवाल है तो नीचे कमेंट करे. और अगर पोस्ट पसंद आया हो तो सोशल मीडिया पर शेयर भी कर दे.

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