बिटकॉइन (Bitcoin) क्या है? – What Is Bitcoin In Hindi

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Bitcoin Kya Hai? – What Is Bitcoin In Hindi? दोस्तों बिटकॉइन का नाम तो आपने पक्का कहीं ना कहीं सुना ही होगा, और हो सकता है की Bitcoin को ख़रीदा और बेचा भी हो! लेकिन अगर आप बिटकॉइन के बारे में डिटेल से जानना चाहते हो तो आज इस पोस्ट में हम जानिंगे की बिटकॉइन क्या है? कब बना और किसने बनाया? कैसे काम करता है? उपयोग और फ़ायदे? & All about bitcoin in hindi?

दोस्तो आपने अक्सर मोबाइल या टीवी में ख़बरों को सुनते समय आपने bitcoin के बारे में जरूर सुना होगा! लेकिन कभी आपने बिटकॉइन बटुए के बारे में पूरी जानकारी लेने की कोशिश की! दोस्तों बिटकॉइन पिछले कुछ सालों में दुनिया भर में एक प्रसिद्ध मुद्रा बन चुकी है! जिस वजह से कई लोग bitcoin में निवेश भी रहे हैं!


परन्तु क्या आपको bitcoin के बारे में पूरी जानकारी है! क्या bitcoin आपके लिए फायदेमंद है? तो यदि आप bitcoin के बारे में पूरी जानकारी सरल एवं स्पस्ट शब्दों में पाना चाहते हैं! तो खुशखबरी यह है कि आजकल एक आपके लिए ही है!

जिसमें आप जानेंगे कि बिटकॉइन क्या होता है? cryptocurrency क्या होती है? बिटकॉइन के फायदे तथा नुकसान क्या है? तथा इसका इतिहास क्या है? चलिये बिना समय गवाये सबसे पहले जानते हैं कि बिटकॉइन (Bitcoin) क्या है? – What Is Bitcoin In Hindi

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बिटकॉइन (Bitcoin) क्या है? – What Is Bitcoin In Hindi

बिटकॉइन एक डिजिटल मुद्रा है जिसमें लेन-देन का रिकॉर्ड रखा जाता है! अर्थात यह एक virtual currency है जिसे हम छू नहीं सकते हैं परन्तु खर्च कर सकते हैं! अतः यह बाकी की मुद्राओं से अलग होती है! इस मुद्रा का इस्तेमाल अंतराष्ट्रीय लेन-देन के लिए भी किया जाता है! दोस्तों जैसा की आप जानते हैं भारत में रुपये तथा अमेरिका में डॉलर मुद्रा चलती है! ठीक उसी तरह इंटरनेट की मुद्रा को बिटकॉइन कहा जाता है!!

तो दोस्तों अब यहाँ आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर इस मुद्रा को कौन नियंत्रित करता है? जैसा कि हमने जाना यह बाकी मुद्राओं से भिन्न है अतः यह Decentralized मुद्रा होती है मतलब इसे न तो कोई बैंक ऑथॉरिटी और न ही कोई प्राइवेट संस्था कंट्रोल करती है!

बिटकॉइन का इस्तेमाल यूज़र्स द्वारा किया जाता है जी हाँ दोस्तों इसे आप इस तरह समझ सकते हैं कि जिस तरह इंटरनेट का कोई विशेष व्यक्ति मालिक नहीं है ठीक उसी तरह बिटकॉइन का भी कोई ऑफिशियल मालिक नहीं है जो इसे कंट्रोल करता है!

बिटकॉइन का उपयोग हम किसी भी ऑनलाइन लेनदेन या पेमेंट के लिए कर सकते हैं! इसे ऑनलाइन लेन-देन के लिए सबसे फास्ट तथा कुशल जरिया माना जाता है! क्योंकि बाकी ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम की तुलना में इसमें ना तो हमें किसी क्रेडिट कार्ड की जरूरत होती है ना ही किसी बैंक के नियम शर्तों का पालन करना होता है अतः आप सीधे अपने बिटकॉइन वॉलेट से ट्रांजैक्शन कर सकते हैं!

आजकल दुनिया में बड़े-बड़े डेवलपर्स बिटकॉइन का इस्तेमाल कर रहे हैं तथा कंपनियां बिटकॉइन मुद्रा को लेनदेन के लिए स्वीकार कर रही हैं! दोस्तों bitcoin के अलावा जब हम ऑनलाइन वॉलेट से पेमेंट तथा ट्रांजैक्शन करते हैं तो उसके लिए हमें बैंक के नियम एवं शर्तों का पालन करना पड़ता है और पेमेंट करने के बाद हमारे लेन-देन की सारी जानकारी हमारे बैंक अकाउंट statement में होती है !

परंतु यदि हम बात करें बिटकॉइन की तो जैसा कि हमने जाना कि इसका कोई मालिक नहीं है तो इसमें आपके द्वारा किये गई लेन-देन तथा अन्य रिकॉर्ड पब्लिक खाते में दर्ज होते हैं जिसे blockchain कहा जाता है! ब्लॉकचेन प्रमाणित करता है कि ट्रांजैक्शन कंप्लीट हुआ है या नहीं!

दोस्तों शुरुआत में बिटकॉइन की कीमत लगभग ₹65000 के आसपास थी परंतु अभी आप आज बिटकॉइन के प्राइज को इंटरनेट पर चेक करें तो आप पाएंगे कि 1 बिटकॉइन लगभग ₹70,0000 से भी अधिक के बराबर है मतलब यदि आपको एक बिटकॉइन खरीदना है तो आपको ₹700000 चुकाने होंगे.

आप गूगल पर bitcoin price टाइप कर पता कर सकते हैं कि अभी एक bitcoin कितने rupees या doller का है!! दोस्तों हालांकि बिटकॉइन की कीमत समयानुसार कम यहां बढ़ती रहती है तथा यह इसके मार्केट डिमांड के आधार पर कम या अधिक होती है!

बिटकॉइन को हम सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक रूप से लिस्ट कर सकते हैं! जिसका मतलब है कि आप आप बिटकॉइन wallet में coins को स्टोर कर सकते हैं! यह कुछ इस तरह से होता है जैसे हम हमारे पास कागजी मुद्रा होती है तो हम उसे एक बटुए में रखते हैं तथा जरूरत पड़ने पर दुकानदार को देते हैं! ठीक उसी तरह बिटकॉइन वॉलेट में बिटकॉइन करंसी रखी जाती है! Bitcoin वॉलेट बनाने के लिए हमें अकाउंट create करना होता है जिसमें आपको एक यूनिक id प्राप्त होती है!

और जब आप एक बिटकॉइन मुद्रा कमाते हैं तो आपको उस अकाउंट आईडी की जरूरत पड़ती है उस मुद्रा को अपने अकाउंट में डालने के लिए!

खास बात यह है कि जब आप बिटकॉइन को किसी व्यक्ति को बेचते हैं तो आप अपनी भारतीय मुद्रा में उन पैसों को डायरेक्ट बैंक में प्राप्त कर सकते हैं!

दो दोस्तों इस तरह आप समझ चुके होंगे कि बिटकॉइन क्या होता है! आपने अक्सर क्रिप्टोकरंसी का नाम सुना होगा चलिये अब हम जानते हैं कि क्रिप्टोकरंसी क्या होती है?

क्रिप्टोकरंसी क्या होती है? – What Is Cryptocurrency In Hindi

दोस्तों यदि क्रिप्टोकरंसी को सरल शब्दों में समझें तो क्रिप्टोकरंसी को डिजिटल मुद्रा भी कहा जाता है! यह डिजिटल संपत्ति होती है जिसका इस्तेमाल प्रोडक्ट तथा सर्विसिस को खरीदते समय भुगतान के रूप में किया जाता है.

दोस्तों यदि हम ऑफलाइन दुनिया की बात करें तो हमें यदि किसी प्रोडक्ट या सर्विस को खरीदना होता है तो हम उस व्यक्ति को पेमेंट करते हैं वहीं दूसरी तरफ इस ऑनलाइन दुनिया में क्रिप्टोकरंसी pear-to-pear इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के रूप में कार्य करती है! और इसमें सरकार, संस्था या कोई अन्य कंपनी हस्तक्षेप नहीं कर सकती! इसलिए आमतौर पर कहा जाता है कि क्रिप्टोकरंसी का इस्तेमाल गलत उद्देश्य के लिए भी किया जा सकता है!

तो दोस्तों इस प्रकार आप समझ चुके होंगे कि क्रिप्टोकरंसी होती क्या है?यदि हम क्रिप्टोकरंसी के उदाहरण को लें तो सबसे अच्छा उदाहरण बिटकॉइन है!


तो दोस्तों इस प्रकार हम बिटकॉइन के बारे में अनेक चीजें सीख चुके हैं! अब हम जानते हैं कि बिटकॉइन के फायदे क्या क्या हैं?

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बिटकॉइन के फायदे – Benefits Of Bitcoin In Hindi

No Tax

जैसे कि हम जानते हैं कि bitcoin में एक यूजर दूसरे यूजर के वॉलेट में पेमेंट करता है! तथा उसमें किसी तीसरे थर्ड पार्टी का कोई हस्तक्षेप नहीं होता! इस वजह से जब भी आप बिटकॉइन के जरिए खरीदारी करते हैं तो उस पर किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं लगता!

Min Trass Fee

Bitcoin से विदेशी खरीदारी में या पैसों के लेन-देन के दौरान यह शुल्क या विनिमय लागत शामिल होती है! परंतु बिटकॉइन लेन-देंन में कोई मध्यस्थ संस्था या सरकार की भागीदारी नहीं होती! जिस वजह से यह शुल्क लागत काफी कम होती है। जो यूज़र्स के लिए काफी फायदेमंद होता है और इससे ट्रांजैक्शन भी अधिक तेजी से पूरी होती है!

Mobile Payment

अन्य पेमेंट सिस्टम की तरह बिटकॉइन यूज़र्स इंटरनेट का इस्तेमाल कर अपने coins का इस्तेमाल कहीं भी कभी भी कर सकते हैं! जिसका मतलब आप जब चाहे तब किसी प्रोडक्ट या सर्विस की bitcoin के माध्यम से पेमेंट कर सकते हैं!

No Third Party Interruption

जब आप bitcoin के माध्यम से ट्रांजैक्शन या पेमेंट सेंड तथा रिसीव करते हैं! इस स्थिति में सरकार, बैंक का किसी संस्था यूजर्स को अपने नियम तथा कानून नहीं थोप सकते! यह पीयर टू पीयर होता है तथा यूजर का बेहतर अनुभव ही इस सिस्टम की प्राथमिकता है! इस प्रकार मुद्रा के लेन-देन में थर्ड पार्टी का कोई हस्तक्षेप नहीं होता

इस इस तरह बिटकॉइन क्रिप्टोकरंसी के अनेक सारे फायदे हैं चलिए अब हम bitcoin का इस्तेमाल करने से होने वाले नुकसान के बारे में जान लेते हैं?

बिटकॉइन के नुकसान?

◆ बिटकॉइन मुद्रा में निवेश करना जोखिम भरा इसलिए है क्योंकि समय में परिवर्तन के साथ मुद्रा में भी परिवर्तन आता रहता है! कुछ समय पहले एक बिटकॉइन लगभग ₹10 लाख तक हो गया था परंतु वर्तमान समय में ₹700000 है! इस तरह बिटकॉइन बाजार समय-समय पर बदलता रहता है!

अतः लंबे समय/भविष्य में बिटकॉइन मुद्रा के नुकसान से बचने के लिए इस मार्केट पर निगरानी रखना अत्यंत आवश्यक है! तथा कम निवेश के साथ इसे शुरू करना फायदेमंद रहता है!

◆ सीमित उपयोग। जी हां कई ऐसे ऑनलाइन stores हैं जहाँ खरीदारी करने के बाद वर्तमान समय पर बिटकॉइन मुद्रा स्वीकार नहीं की जाती! तो हम कह सकते हैं इस मुद्रा का इस्तेमाल सीमित मात्रा में होता है!

◆ दोस्तों सरल शब्दों में कहें तो क्रिप्टोकरंसी एक तकनीकी आधारित मुद्रा है! अतः इसमें साइबर अटैक्स होने की संभावनाएं बनी रहती हैं! जिसके लिए हैकिंग का इस्तेमाल होता है तथा एक बार यदि आपकी बिटकॉइन मुद्रा दूसरे व्यक्ति के पास चली जाती है तो कोई उसको वापस नहीं कर सकता।

क्योंकि जैसा कि हम जानते हैं बिटकॉइन मुद्रा किसी सरकारी या संस्था द्वारा नहीं कंट्रोल नियंत्रित की जाती इसलिए बिटकॉइन मुद्रा के खोने की जिम्मेदारी स्वयं की होती हैं। बिटकॉइन को ponze स्कीम भी कहा जाता है

◆ इस टेक्नोलॉजी को आये लगभग 10 ही साल ही हुए हैं अतः भारत जैसे कई विकासशील देशों में कहीं ऐसे लोग हैं जिन्हें बिटकॉइन के बारे में अभी तक जानकारी नहीं है! तो यह भी मुख्य कारण है कि इसका इस्तेमाल आज भी limited users द्वारा किया जाता है!

साथ ही पिछले कुछ सालों में bitcoin currency सिस्टम में सुधार हेतु परिवर्तन किए गए हैं! तथा संभावना है कि आने वाले समय में इस तकनीक में सुधार हेतु अधिक परिवर्तन होंगे! जिससे अधिक यूज़र्स इस करेंसी का इस्तेमाल कर सके!

अतः अंत में bitcoin यूज़र्स के लिए यही कहा जा सकता है कि वर्तमान समय बिटकॉइन मुद्रा को अपनाने उसमें सावधानीपूर्वक निवेश करने का है!

बिटकॉइन का इतिहास – History Of Bitcoin In Hindi

वर्ष 2008 में दुनिया वित्तीय संकट से गुजर रही थी जब बैंक और सरकारी प्रणाली के लिए कागजी मुद्रा कार्य नहीं कर रही थी! तथा लोग सिस्टम से सवाल पूछ रहे थे.

इस स्थिति में वर्ष 2008 में 18 अगस्त 2008 को एक डोमेन नेम www.bitcoin.org (वेबसाइट का नाम) रजिस्टर किया गया! और तब से लेकर अब तक किसी भी व्यक्ति को यह पता नहीं चला कि यह डोमेन आखिर किस व्यक्ति ने रजिस्टर किया!

तथा 2 हफ्ते बाद Satoshi Nakamoto नामक एक व्यक्ति या ग्रुप के लोगों ने 9 पेज के डॉक्यूमेंट को पब्लिश किया जिसमें Nakamoto ने pear-to-pear इलेक्ट्रॉनिक कैश सिस्टम के बारे में बताया! उसके बाद Nakamoto कौन था यह कोई व्यक्ति था या कंपनी थी! इसके बारे में अब तक लोगों को पता नहीं चला है! तो दोस्तों इस तरह बिटकॉइन का इतिहास रहस्यमई है!

तो दोस्तों उम्मीद है की अब आपको बिटकॉइन से जुड़ी पूरी जानकारी मिल चुकी होगी, और आपको आपके बिटकॉइन से जुड़े सारे सवालों के जवाब मिल चुके होंगे।

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Hope की अब आप जान गये होगे की बिटकॉइन क्या है? कब बना और किसने बनाया? कैसे काम करता है? उपयोग और फ़ायदे? & All about bitcoin in hindi?

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