बिटकॉइन क्या है और कैसे ख़रीदे? (What is Bitcoin in Hindi)

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बिटकॉइन क्या है और कैसे ख़रीदे? (What is Bitcoin in Hindi) आज देश और दुनिया में क्रिप्टोकरंसी की काफी चर्चा हो रही है, जिसके तहत सबसे अधिक बिटकॉइन के बारे में बताया जा रहा है। इससे संबंधित कई आर्टिकल भी इंटरनेट पर लिखे जा चुके हैं।


बिटकॉइन के बारे में लोग इसलिए भी जानने के लिए उत्सुक है क्योंकि कई लोग बिटकॉइन की खरीदारी करके और उसे बेचकर आज अरबपति की लिस्ट में शामिल हो चुके हैं और इसीलिए हर कोई अमीर बनने के लिए अब बिटकॉइन के बारे में अवश्य ही जानना चाहता है।

अगर आप भी ऐसे लोगों में शामिल हैं जो बिटकॉइन में इन्वेस्ट करना चाहते है, परंतु उसके पहले बिटकॉइन की पूरी जानकारी हासिल करना चाहते हैं, तो आज इस पेज पर हम आपको बताएंगे कि “बिटकॉइन क्या है” और “बिटकॉइन का मालिक कौन है।” और बिटकॉइन कैसे ख़रीदे?

अनुक्रम

बिटकॉइन क्या है? (What is Bitcoin in Hindi)

बिटकॉइन एक डिजिटल और ग्लोबल मनी सिस्टम क्रिप्टोकरंसी है। बिटकॉइन के द्वारा लोगों को ऑनलाइन इंटरनेट पर पैसे प्राप्त करने की और पैसे भेजने की सुविधा दी जाती है, फिर चाहे वह सामने वाले व्यक्ति को जानते हो या फिर नहीं या फिर उन्हें सामने वाले व्यक्ति पर भरोसा हो अथवा नहीं।


बिटकॉइन की गिनती डिसेंट्रलाइज डिजिटल करेंसी में होती है। यह एक ऐसी करेंसी है जिसे किसी भी सेंट्रल बैंक के द्वारा संचालित नहीं किया जाता है ना ही किसी भी देश की गवर्नमेंट का इस पर कोई भी अधिकार है। कंप्यूटर नेटवर्किंग पर आधारित पेमेंट के लिए इसे तैयार किया गया है।

बिटकॉइन का पहली बार निर्माण करने वाले व्यक्ति का नाम सतोशी नाकामोतो है, जो कि जापान देश के रहने वाले हैं। यह एक इंजीनियर है। बिटकॉइन को साल 2009 में 9 जनवरी के दिन रिलीज किया गया था। आखरी बार में बिटकॉइन क्रिप्टो करेंसी की रिलीजिंग साल 2021 में 13 सितंबर के दिन की गई थी। बिटकॉइन की आधिकारिक वेबसाइट bitcoin.org है।

बिटकॉइन करेंसी के बारे में एक इंटरेस्टिंग बात यह है कि इस करेंसी को ना तो आप देख सकते हैं ना ही इसे आप टच कर सकते हैं क्योंकि इसका निर्माण वर्चुअल प्रारूप में किया गया है और इसे इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में सुरक्षित रखा जाता है।


पिछले कुछ सालों से लगातार बिटकॉइन की डिमांड मार्केट में बढ़ रही है और इसके दाम आज आसमान छू रहे हैं। दूसरी किसी करेंसी की तरह ही आप इसे ऑनलाइन खरीद सकते हैं। ऑनलाइन खरीदारी करने के लिए कई बिटकॉइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म मौजूद है। बिटकॉइन जिस वॉलेट में सुरक्षित होता है उसे बिटकॉइन वॉलेट कहते हैं। बिटकॉइन क्या है? यह जानने के बाद चलिए अब बिटकॉइन और क्रिप्टो से जुड़ी अन्य जानकारिया देखते हैं।

क्रिप्टो करेंसी क्या है?

डिजिटल करेंसी और क्रिप्टोकरंसी दोनों को एक ही समझना चाहिए जो कि ऑनलाइन लेनदेन का एक जरिया होता है। हालांकि यहां पर आपको बता देना चाहते हैं कि डिजिटल करेंसी अर्थात क्रिप्टो करेंसी को ना तो किसी भी व्यक्ति के द्वारा देखा जा सकता है ना ही किसी भी व्यक्ति के द्वारा इसे टच किया जा सकता है, क्योंकि यह दिखाई नहीं देती है।


इसलिए इसे क्रिप्टो करेंसी के साथ ही साथ डिजिटल करेंसी भी कहते हैं। इसमें जो बिजनेस होते हैं वह ऑनलाइन होते हैं। क्रिप्टो करेंसी की एक अन्य बात यह भी है कि जहां किसी भी देश में करेंसी के ट्रांजैक्शन के बीच में एक मेडिएटर होता है जैसे कि हमारे द्वारा देश में सेंट्रल गवर्नमेंट वैसा क्रिप्टो बिजनेस मे नहीं होता है।

इसमें बीच में कोई भी मेडिएटर नहीं होता है, क्योंकि इसे एक नेटवर्क के द्वारा ऑनलाइन ऑपरेट किया जाता है। यही वजह है कि क्रिप्टो करेंसी को अनियमित मार्केट के तौर पर भी जाना जाता है, क्योंकि यह किसी को भी पल भर में अमीरों की लिस्ट में शामिल कर सकता है और किसी भी व्यक्ति का दिवाला भी निकल सकता है। हालांकि इसके अंदर होने वाले उतार-चढ़ाव के बावजूद भी लोग इसमें इन्वेस्ट करना पसंद कर रहे हैं।

क्रिप्टोकरेंसी क्या है? उसकी पूरी जानकारी यहाँ है।


ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी क्या है?

इसे अगर हम आपको टेक्निकल भाषा में समझाएंगे तो आपको कुछ भी समझ नहीं आएगा। इसलिए सरल भाषा में कहा जाए तो यह इंफॉर्मेशन को रिकॉर्ड करने की एक बहुत ही सिक्योर टेक्नोलॉजी है।

इसी टेक्नोलॉजी की वजह से किसी भी सूचना के साथ छेड़छाड़ करना थोड़ा सा मुश्किल या फिर असंभव सा हो जाता है, क्योंकि इस टेक्नोलॉजी में जो सूचना होती है उसे ब्लॉक के तौर पर रखा जाता है और जितने भी ब्लॉक होते हैं, वह सभी एक क्रिप्टोग्राफिक हैश के द्वारा सुरक्षित होते है।

इस प्रकार से जब यह देखने की आवश्यकता होती है कि कौन से ब्लॉक के अंदर कौन सी इंफॉर्मेशन छुपाई गई है, तो इसके लिए उस ब्लॉक को ओपन करने की आवश्यकता होती है और ब्लॉक को ओपन करने के लिए एक क्रिप्टोग्राफिक कोड की जरूरत होती है। इसी के द्वारा ब्लॉक ओपन किया जाता है।

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के द्वारा ही विक्रेता और खरीददार के बीच डायरेक्ट ट्रांजैक्शन को प्रोत्साहित किया जाता है, क्योंकि ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी बिचौलिए की आवश्यकता को खत्म कर देती है और इसीलिए इसे क्रिप्टोकरंसी के लिए एक बेहतरीन टेक्नोलॉजी माना जा रहा है। इसमें जितने भी ब्लॉक होते हैं, वह सभी क्रोनोलॉजिकली सीरीज में अरेंज होते हैं।

बिटकॉइन का मालिक कौन है?

सतोशी नाकामोतो के द्वारा साल 2008 में बिटकॉइन का निर्माण किया गया था परंतु अगले साल अर्थात साल 2009 में इसे ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के तौर पर लांच कर दिया गया। बिटकॉइन की जो सबसे छोटी यूनिट होती है, उसे सातोशी कहा जाता है।

1 बिटकॉइन का मतलब 10 करोड़ सातोषी होता है और सतोशी नाकामोतो को ही इसका Founder कहा जाता है। बिटकॉइन को माइक्रोसॉफ्ट, टेस्ला जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियों के द्वारा एक्सचेंज के तौर पर अपनाया गया है।

साल 2011 में बिटकॉइन में ट्रेड करने की स्टार्टिंग हुई थी। इसके लिए सबसे पहले यूजर को अपना अकाउंट बनाना होता था और उसके बाद ईमेल का वेरिफिकेशन तथा अकाउंट का वेरिफिकेशन करवाने के बाद अपने बिजनेस मेथड का सिलेक्शन करना होता था। इसके बाद उन्हें बिटकॉइन ट्रेडिंग कार्ट मिलता था, जिसमें बिटकॉइन की कीमत रिकॉर्ड होती थी।

बिटकॉइन कैसे काम करता है?

बिटकॉइन का आदान-प्रदान पीयर टू पीयर टेक्नोलॉजी के द्वारा होता है। इस टेक्नोलॉजी के तहत डायरेक्ट किसी एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में ट्रांसफर हो जाता है। यहां पर जितने भी बिटकॉइन का ट्रांजैक्शन हुआ है उसका हिसाब रखने के लिए ब्लॉकचेन काम करता है अर्थात अगर आप अपनी जगह पर बैठे बैठे किसी दूसरी जगह पर बिटकॉइन ट्रांसफर कर रहे हैं तो उसका सारा हिसाब किताब ब्लॉकचेन में ही होता है।

बिटकॉइन के द्वारा जो भी ट्रांजैक्शन होते हैं, उसका वेरिफिकेशन किया जाता है और नेटवर्क उसका रिकॉर्ड रखता है। इसलिए बिटकॉइन के ट्रांजैक्शन में धोखाधड़ी होने की संभावना बिल्कुल भी नहीं होती है। बिटकॉइन के ट्रांजैक्शन पर नजर रखने के लिए माइनर के पास हाई क्वालिटी वाले कंप्यूटर उपलब्ध होते हैं।

बिटकॉइन कैसे प्रोड्यूस होता है?

बिटकॉइन को प्रोड्यूस करना आसान नहीं होता है, बल्कि इस प्रक्रिया में काफी मेहनत लगती है, क्योंकि बिटकॉइन माइनिंग मेथड के द्वारा निकाली गई एक इलेक्ट्रॉनिक करेंसी होती है। इसलिए इस प्रक्रिया से जब बिटकॉइन बाहर आती है तो इससे कीमत काफी अधिक हो जाती है।

बता दें कि माइनर के द्वारा गणित और क्रिप्टोग्राफिक से संबंधित प्रॉब्लम को सॉल्व किया जाता है और इस प्रॉब्लम को सुलझाने के पश्चात माइनर को बिटकॉइन ब्लॉक के तौर पर रिकॉर्ड कर लिया जाता है। यह प्रक्रिया काफी लंबी होती है। इसलिए जब बिटकॉइन का निर्माण माइनर प्रक्रिया के द्वारा किया जाता है तब इसे सिर्फ लिमिटेड संख्या में ही बनाया जाता है।

इसलिए मार्केट में इसकी डिमांड तो अधिक है, परंतु इसकी उपलब्धता काफी कम ही है। यही वजह है कि हर कोई बिटकॉइन में इन्वेस्ट करने के बारे में सोचता है, क्योंकि इसकी कीमत लगातार बढ़ती ही जा रही है जिससे आगे चलकर के इन्वेस्टर को ज्यादा फायदा होता है।

बिटकॉइन का उपयोग?

ऑनलाइन अलग-अलग प्रकार के ट्रांजैक्शन करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि बिटकॉइन p2p नेटवर्क पर काम करता है। वर्तमान के समय में ऑनलाइन डेवलपर, एनजीओ इसका इस्तेमाल ऑनलाइन पैसे का आदान प्रदान करने के लिए बड़े पैमाने पर कर रहे हैं।

परंतु यहां पर खास बात यह है कि जब हम बैंक के द्वारा ऑनलाइन पैसे का आदान प्रदान करते हैं तब हमें यह पता चल जाता है कि हमने किसे पैसा भेजा हुआ है या फिर किस व्यक्ति के द्वारा हमें पैसा भेजा गया हैं।

परंतु बिटकॉइन में ऐसा नहीं होता है। इसके पीछे वजह होती है कि बिटकॉइन का रिकॉर्ड पब्लिक लेजर में नहीं होता है। इसलिए इसे ट्रैक करना लगभग असंभव हो जाता है।

इसके अलावा जब किसी दो कंपनी या फिर दो व्यक्ति के बीच बिटकॉइन एक्सचेंज होता है तो उसके रिकॉर्ड को सिर्फ दो ही बार देखा जा सकता है, जिसमें से एक बार जब इसकी खरीदारी की जाती है तब इसे देखा जा सकता है और दूसरी बार जब इसे बेचा जा रहा है तब देखा जा सकता है।

बिटकॉइन में बिजनेस कैसे करते हैं?

बता दें कि बिटकॉइन की कीमत हर जगह एक समान नहीं रहती है और इसकी कीमत कभी ज्यादा होती रहती है तो कभी इसकी कीमत कम भी हो जाती है। इसके पीछे वजह होती है दुनियाभर में हो रही अलग-अलग आर्थिक गतिविधियां।

इसके साथ ही क्रिप्टो ट्रेडिंग का कोई भी समय निश्चित नहीं होता है। इसीलिए बिटकॉइन में बिजनेस करना थोड़ा सा मुश्किल हो जाता है, क्योंकि आपको यह पता ही नहीं चल पाता है कि आखिर बिटकॉइन की जो कीमत है वह कब कम हो जाए फिर कब ज्यादा हो जाए। इसलिए इसमें पैसे इन्वेस्ट करना काफी जोखिम भरा माना जाता है। हालांकि जो प्रो इन्वेस्टर है वह इसमें काफी सोच विचार कर और रणनीति बनाकर अवश्य पैसे इन्वेस्ट करते हैं।

बिटकॉइन के लाभ?

बिटकॉइन क्या है, के बारे में जानने के साथ ही साथ हमें यह भी पता होना चाहिए कि आखिर बिटकॉइन के फायदे क्या है अथवा बिटकॉइन के एडवांटेज क्या है। नीचे इसकी जानकारी प्रस्तुत की जा रही है।

  • घर बैठे बैठे ही आप 1 से 2 मिनट के अंदर ही दुनिया भर के किसी भी इलाके में आसानी से बिटकॉइन को ट्रांसफर कर सकते हैं साथ ही दुनिया भर के किसी भी इलाके से खुद भी बिटकॉइन प्राप्त कर सकते हैं।
  • बिटकॉइन के जो अकाउंट होते हैं उसे ब्लॉक नहीं किया जाता है, जैसा कि अक्सर बैंक अकाउंट में किया जाता है।
  • अगर आप ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं तो आप इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए आपको ट्रांजैक्शन फीस देनी होगी।
  • बिटकॉइन में बीच में कोई भी बिचौलिया नहीं होता है। इसलिए कम खर्च में ट्रांजैक्शन किया जा सकता है।
  • दुनिया के किसी भी देश के द्वारा अभी तक बिटकॉइन को मान्यता नहीं दी गई है। इसलिए आप इसका इस्तेमाल बिना किसी एक्स्ट्रा कीमत को अदा किए हुए कर सकते हैं।

बिटकॉइन के नुकसान?

बिटकॉइन के फायदे के बारे में जानने के बाद इसका दूसरा पक्ष देखना भी अति आवश्यक होता है। इसलिए आइए अब जानते हैं कि बिटकॉइन के नुकसान क्या है अथवा बिटकॉइन के डिसएडवांटेज क्या है।

हमने बिटकॉइन का सबसे बड़ा डिसएडवांटेजेस जो नोटिस किया वह यह है कि अगर आपका डाटा किसी के द्वारा हैक कर लिया जाता है और आप उसे रिकवर करने में असफल हो जाते हैं अथवा आप अपना पासवर्ड भूल जाते हैं तो ऐसी अवस्था में आपने जितने पैसे इन्वेस्ट करके बिटकॉइन की खरीदारी की थी वह सभी आप गवा देते हैं।

बिटकॉइन पर किसी भी संस्था का नियंत्रण नहीं होता है। इसके लिए इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर लोगों के द्वारा अवैध चीजों की खरीदारी करने के लिए किया जा रहा है।

दुनिया के ऐसे कई देश है, जहां पर इसे मान्यता नहीं दी गई है। ऐसे में अगर आप उन देशों में रहते हैं और आपने बिटकॉइन की खरीदारी कर ली है और उस देश के द्वारा बिटकॉइन पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है तो आपको नुकसान हो सकता है।

बिटकॉइन कैसे खरीदें?

बिटकॉइन की खरीदारी करने के लिए इंटरनेट पर अब तो कई वेबसाइट और बिटकॉइन खरीदने वाला प्लेटफार्म मौजूद हो गया है। हालांकि नीचे हम आपको 3 ऐसी वेबसाइट/एप के बारे में बता रहे हैं जिसका इस्तेमाल आप बिटकॉइन की खरीदारी करने के लिए कर सकते हैं।

यह हमारे भारत देश का एक बहुत ही लोकप्रिय क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म है और इसकी आधिकारिक एप्लीकेशन भी मौजूद है जिसे आप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इस प्लेटफार्म पर आपको p2p ट्रांजैक्शन के साथ ही साथ काफी तगड़ी सिक्योरिटी और 24 घंटे डेडीकेटेड कस्टमर सपोर्ट की सुविधा भी मिलती है।

यही वजह है कि क्रिप्टोकरंसी में ट्रेडिंग करने के लिए अधिकतर ट्रेडर के द्वारा इसी प्लेटफार्म पर भरोसा किया जाता है। इस प्लेटफार्म का इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है। इसलिए यहां पर ट्रेडिंग सरलता से की जा सकती है।

Wazirx App‌ से बिटकॉइन कैसे खरीदें?

1: इस प्लेटफार्म के द्वारा बिटकॉइन की खरीदारी करने के लिए सबसे पहले आपको एप्पल एप्लीकेशन स्टोर यां फिर गूगल प्ले स्टोर ओपन करना है और वहां से इस एप्लीकेशन को इंस्टॉल कर लेना है। इसके बाद आपको एप्लीकेशन ओपन करना है। ओपन करने के बाद आपको जो प्रोफाइल वाला आइकन दिखाई दे रहा है उस पर क्लिक करना है। ऐसा करने पर आपको साइन अप वाली बटन दिखाई देगी, इस पर क्लिक करें।

2: अब आपकी स्क्रीन पर आपको निर्धारित जगह में अपनी ईमेल आईडी दर्ज करना है और उसके पश्चात पासवर्ड दर्ज करना है।

3: ईमेल आईडी और पासवर्ड दर्ज करने के बाद आपको टर्म एंड कंडीशन वाले बॉक्स को चेक मार्क करना है और उसके बाद नीचे दिखाई दे रही साइन अप वाली बटन पर क्लिक कर देना है।

4: अब इस एप्लीकेशन के द्वारा आपके द्वारा दर्ज की गई ईमेल आईडी पर एक ईमेल सेंड किया गया होगा। आपको ईमेल को ओपन करके उस लिंक पर क्लिक कर देना है। ऐसा करने पर आपको वेरीफाई ईमेल वाला जो बटन दिखाई दे रहा है उस पर क्लिक करना है। ऐसा करने से आपके ईमेल का वेरिफिकेशन हो जाएगा।

5: अब आपको टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन सेट करने की आवश्यकता होगी। इसके लिए आपको ऑथेंटिकेटर एप, मोबाइल एसएमएस और नॉन इस प्रकार के तीन ऑप्शन मिलते हैं। आपको इनमें से पहले दो ऑप्शन में से किसी भी एक ऑप्शन का सिलेक्शन करना है।

6: हम यहां पर मोबाइल s.m.s. वाले ऑप्शन पर क्लिक कर रहे हैं। ऐसा करने पर हमें अपना 10 अंकों का फोन नंबर स्क्रीन पर दिखाई दे रहे निश्चित बॉक्स में डालना होता है और सेंड ओटीपी बटन पर क्लिक करना होता है। और फिर otp को स्क्रीन पर दिखाई दे रहे बॉक्स में डालकर हमें नेक्स्ट बटन पर क्लिक करना होता है।

7: अब आपकी स्क्रीन पर कंट्री का सिलेक्शन करने वाला ऑप्शन आएगा, वहां पर आपको अपनी कंट्री इंडिया का सिलेक्शन करना है।‌इसके बाद आपको टाइप ऑफ केवाईसी में पर्सनल या फिर कंपनी में से किसी भी एक ऑप्शन का सिलेक्शन करना है। व्यक्तिगत काम के लिए पर्सनल वाले और कंपनी के काम के लिए कंपनी वाले ऑप्शन का सिलेक्शन कर सकते हैं। अब आपको कंपलीट केवाईसी बटन पर क्लिक करना है।

8: अब आपकी स्क्रीन पर एक लंबा सा केवाईसी फॉर्म ओपन होगा, जिसमें आपको निश्चित जगह में अपना नाम, पता, जन्मतिथि, स्टेट, सिटी, पिन कोड इत्यादि जानकारियों को दर्ज करना है और उसके बाद आपको अपने दस्तावेज भी अपलोड करना है।

दस्तावेज के अंतर्गत आपको 2 बार अपने पैन कार्ड नंबर को दर्ज करने की आवश्यकता होती है और उसके बाद आपको एड्रेस प्रूफ के तौर पर आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस में से किसी भी एक दस्तावेज का सिलेक्शन करना होता है।

 जैसे कि अगर आप आधार कार्ड का सिलेक्शन करते हैं तो आपको 2 बार आधार नंबर को दर्ज करना होता है और अपने आधार कार्ड की आगे और पीछे की साइड की फोटो को अपलोड करना होता है।

अब आपको सेल्फी विद आईडी प्रूफ वाला जो ऑप्शन दिखाई देता है, उसके अंतर्गत आपको तुरंत ही अपनी एक सेल्फी को कैप्चर करके अपलोड करना होता है। याद रखें कि आपने जो फोटो और एड्रेस प्रूफ अपलोड किया है, उसे आपको अपने हाथ में पकड़ कर सेल्फी लेनी होती है और उसे अपलोड करना होता है।

इस प्रकार से पूरी तरह से केवाईसी फॉर्म को भरकर और सभी आवश्यक दस्तावेज को अपलोड करने के बाद आपको सबमिट बटन पर क्लिक कर देना होता है, जिसके बाद आपको 1 से 2 दिन इंतजार करना होता है। इसके बाद इस प्लेटफार्म के द्वारा आपकी ईमेल आईडी पर एक ईमेल सेंड किया जाता है और इस प्रकार से आपका अकाउंट एप्रूव्ड हो जाता है।

9: अकाउंट अप्रूव्ड हो जाने के बाद आपको वजीरएक्स एप्लीकेशन को ओपन करना है और फंड वाले ऑप्शन पर जाना है, वहां पर आपको केवाईसी फॉर्म में इंडियन करेंसी का सिलेक्शन करना है। ऐसा करने पर आपको डिपॉजिट और विड्रोल इस प्रकार के ऑप्शन मिलेंगे।

10: डिपॉजिट और विड्रोल ऑप्शन में से आपको डिपॉजिट वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है और अपना फेवरेट पेमेंट मेथड चुन लेना है और उसके जरिए आपको अपने वजीरएक्स अकाउंट में पैसे डिपाजिट कर लेने हैं।

11: अब आपको एप्लीकेशन के एक्सचेंज वाले सेक्शन में जाना है, वहां पर आपको टॉप मैेनू मे से इंडियन करेंसी का सिलेक्शन करना है। अब आपको अपने पसंदीदा क्रिप्टोकरंसी का सिलेक्शन कर लेना है और उसके पश्चात आपको बाय/सेल वाले बटन पर क्लिक करना है।

12: अब आपको बाय ओर सेल इस प्रकार के दो ऑप्शन दिखाई देते हैं। इनमें से आपको बाय वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है‌।

13: अब आपको जो अमाउंट वाला बॉक्स दिखाई दे रहा है उसमें आपको जितने पैसे का बिटकॉइन आप खरीदना चाहते हैं उतने पैसे इंटर करने हैं। इसके बाद आपको बाय बटन पर क्लिक करना है और उसके बाद एरो बटन को राइट साइड में स्लाइड कर देना है।

इस प्रकार से आप वजीर एक्स एप्लीकेशन का इस्तेमाल करके घर बैठे ही ऑनलाइन बिटकॉइन की खरीदारी कर सकते हैं और जब बिटकॉइन का दाम बढ़ जाए तब आप उसे इसी एप्लीकेशन के द्वारा ऑनलाइन बेच भी सकते हैं।

Unocoin

हमने इस वेबसाइट का नाम आपको इसलिए बताया हुआ है क्योंकि यहां पर आपसे बिटकॉन की खरीदारी करने के लिए कोई भी एक्स्ट्रा फीस वसूल नहीं की जाती है। इसके अलावा आप यहां से खरीदे गए बिटकॉइन को जब चाहे तब बेच सकते हैं।

अगर आपको लगता है कि बिटकॉइन की कीमत अधिक हो गई है तो आप उसे बेचकर फायदा कमा सकते हैं और अगर आपको लगता है कि बिटकॉइन की कीमत कम होने वाली है तो भी आप उसे बेच कर अपने पैसे की बचत कर सकते हैं। यहां पर बिटकॉइन को ऑटोमेटिक सेल करने का ऑप्शन भी आप को दिया जाता है।

 Zebpay

आप इस प्लेटफार्म के द्वारा 150 से भी अधिक क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्ट कर सकते हैं, जिसमें बिटकॉइन क्रिप्टो करेंसी भी शामिल है। इसकी आधिकारिक वेबसाइट तो इंटरनेट पर है ही, इसके अलावा आप चाहे तो इनकी एप्लीकेशन को गूगल प्ले स्टोर से अपने एंड्रॉयड डिवाइस में और एप्पल एप्लीकेशन स्टोर से अपने आईओएस डिवाइस में डाउनलोड करके भी बिटकॉइन क्रिप्टो करेंसी की खरीदारी करना स्टार्ट कर सकते हैं।

बिटकॉइन वॉलेट क्या है?

बिटकॉइन वॉलेट को आप बिटकॉइन पर्स भी कह सकते हैं, क्योंकि इसी वॉलेट में डिजिटल तौर पर बिटकॉइन क्रिप्टो करेंसी को रखा जाता है। बिटकॉइन वॉलेट के कई प्रकार होते हैं। जैसे कि डेस्कटॉप वॉलेट, मोबाइल वॉलेट, ऑनलाइन वेब आधारित वॉलेट, हार्डवेयर वॉलेट इत्यादि।

इनमें से किसी भी एक वॉलेट का इस्तेमाल करके हमें उस पर अकाउंट क्रिएट करना होता है, जिसके बाद हमें एक यूनिक आईडी प्राप्त होती है। यही आईडी तब आपके काम आती है जब आप किसी जगह पर बिटकॉइन की खरीदारी करते हैं और उसे अपने पास प्राप्त करने के लिए आपको इसी वॉलेट आईडी को इंटर करना होता है।

बिटकॉइन माइनर क्या है?

दुनिया के जितने भी देश लोकतांत्रिक व्यवस्था का पालन करते हैं वहां पर करेंसी नोट छापने की एक लिमिट तय होती है। ठीक उसी प्रकार से बिटकॉइन भी कितनी मात्रा में बनाया जा सकता है, इसकी लिमिट तय की गई है, जिसेकी बिटकॉइन परिसीमन कहा जाता है।

बिटकॉइन परिसीमन के आंकड़े के अनुसार मार्केट में बिटकॉइन की उपलब्धता 21 मिलियन अर्थात 2 अरब 10 करोड़ से ज्यादा नहीं हो सकती है और वर्तमान के समय में 13 से लेकर के 14 मिलियन बिटकॉइन मार्केट में उपलब्ध हो चुके हैं और आगे भी माइनिंग के जरिए बिटकॉइन प्रोड्यूस किया जा रहा है।

अब यहां पर मान लेते हैं कि आपको किसी कंपनी या फिर व्यक्ति को बिटकॉइन ट्रांसफर करना है। इसके लिए आपको ट्रांसफरिंग की प्रक्रिया को वेरीफाई करवाने की आवश्यकता होती है।

इस प्रकार से वेरीफाई करने वालों को माइनर कहा जाता है। माइनर के पास एक हाई क्वालिटी का कंप्यूटर मौजूद होता है, जिसके द्वारा बिटकॉइन ट्रांजैक्शन को अंजाम देने के लिए उसे वेरीफाई किया जाता है।

भारत में बिटकॉइन का भविष्य क्या है?

हमारे भारत देश में बिटकॉइन को लेकर के काफी कशमकश चल रही है और हमेशा लोगों को यह डर सता रहा है कि कहीं अगर गवर्नमेंट के द्वारा बिटकॉइन को प्रतिबंधित कर दिया गया तो ऐसे में उन्होंने जो पैसे बिटकॉइन में इन्वेस्ट किए हैं उसका क्या होगा।

सरकार ने इसकी समीक्षा के लिए एक मीटिंग का आयोजन किया था परंतु इस मीटिंग में इस बात पर कोई भी चर्चा नहीं हो पाई कि आखिर बिटकॉइन को भारत में मान्यता देनी है अथवा इस पर प्रतिबंध लगाना है। एक्सपर्ट के अनुसार ऐसी प्राइवेट क्रिप्टोकरंसी उपलब्ध है जो अवैध एक्टिविटी में लिप्त पाई गई है।

ऐसे में भारत में इस पर प्रतिबंध लगाने की बात चल रही है। हालांकि सरकार के लिए यह भी दुविधा की बात है कि जिन लोगों ने क्रिप्टोकरंसी में अपने पैसे इन्वेस्ट कर दिए हैं उन लोगों का क्या होगा, अगर बिटकॉइन पर इंडिया में प्रतिबंध लगाया जाता है। इसीलिए अभी ना तो इस पर प्रतिबंध लगाया गया है ना ही इसे पूरी तरह से मान्यता दी गई है। ऐसे में भारत में बिटकॉइन का भविष्य क्या होगा, यह समय के साथ ही पता चलेगा।

क्या बिटकॉइन में निवेश करना सुरक्षित है?

बिटकॉइन में पैसे इन्वेस्ट करना सुरक्षित भी है और नहीं भी, क्योंकि हमने जब इंटरनेट खंगाला तो हमें यह पता चला कि अभी तक दुनिया के ऐसे कई देश मौजूद है जिन्होंने इसे पूरी तरह से मान्यता नहीं दी हुई है। यहां तक कि हमारे भारत देश में भी इसे मान्यता देनी है अथवा नहीं, इस पर काफी लंबे समय से चर्चा चल रही है।

इसलिए फिलहाल के समय में बिटकॉइन में इन्वेस्ट करना व्यक्ति के अपने बुद्धि विवेक पर निर्भर करता है, क्योंकि भविष्य किसी ने भी नहीं देखा है। अगर इसे प्रतिबंधित कर दिया जाता है तो इससे इन्वेस्टर को नुकसान हो सकता है। हालांकि ऐसा होने की संभावना कम ही है क्योंकि अभी तक कई लोगों ने इसमें अपने अरबों रुपए इन्वेस्ट कर दिए हैं।

दूसरी तरफ बिटकॉइन में पैसे इन्वेस्ट करना जोखिम भरा भी माना जाता है, क्योंकि इसका मार्केट स्थिर नहीं होता है। कभी मार्केट ऊपर जाता है तो कभी मार्केट नीचे आता है। ऐसे में जो लोग अनाड़ी है वह अगर इसमें इन्वेस्ट करते हैं तो 100 परसेंट गारंटी है कि उनका पैसा डूब ही जाएगा। इसलिए कहा जाता है कि आपको बिटकॉइन में उतना ही इन्वेस्ट करना चाहिए, जितना कि डूब जाने पर भी आपको कोई गम ना हो।

सबसे ज्यादा पॉपुलर क्रिप्टोकोर्रेंसी कौन सी हैं?

वर्चुअल क्रिप्टो करेंसी के मामले में सबसे पहले स्थान पर बिटकॉइन क्रिप्टोकरंसी का नाम ही आता है और इसीलिए जब क्रिप्टो करेंसी की चर्चा होती है तो सबसे अधिक क्रिप्टो करेंसी की ही बात होती है।

हालांकि इसके अलावा भी अन्य कई क्रिप्टोकरंसी है जिसमें लोग इन्वेस्ट कर रहे हैं और इसलिए वह भी लोकप्रिय हो रही है। नीचे अन्य क्रिप्टोकरंसी के नाम बिटकॉइन सहित दिए गए हैं।

  • Bitcoin (BTC)
  • Bitcoin Cash
  • Ethereum (ETH)
  • Tether (USDT)
  • Cardano (ADA)
  • Binance Coin (BNB)
  • XRP (XRP)
  • Solana (SOL)
  • USD Coin (USDC)
  • Ripple

ऊपर हमने आपको जिन क्रिप्टोकरंसी के नाम बताए हुए हैं वह इन्वेस्टिंग के मामले में टॉप टेन क्रिप्टोकरंसी में शामिल है।

बिटकॉइन की शुरुआत?

बिटकॉइन के फाउंडर सतोशी नाकामोतो के द्वारा साल 2009 में इसे ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के तौर पर जारी कर दिया गया था। हालांकि सतोशी नाकामोतो कौन है, इनके बारे में अभी भी काफी कम ही जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध है।

दुनिया में ऐसे भी कई लोग हैं जो अपने आप को ही सातोंसी नाकामोतो कहते है, परंतु बिटकॉइन के असली प्रोग्रामर के बारे में अभी भी कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई है।

वर्तमान के समय में कई प्रोग्रामर विटकॉन को और भी अधिक सुरक्षित बनाने के पीछे काम कर रहे हैं जिसका मूल उद्देश्य है बिना किसी थर्ड पार्टी का इस्तेमाल किए हुए पैसा एक स्थान से दूसरे स्थान पर सुरक्षित तौर पर भेजना। दुनिया भर में बिटकॉइन से संबंधित कई सॉफ्टवेयर तैयार किए जा रहे हैं।

साल 2010 में 12 मई के दिन पहली बार 10000 बिटकॉइन में एक पिज़्ज़ा की खरीदारी की गई थी, क्योंकि उस समय बिटकॉइन की कीमत काफी कम थी‌। हालांकि वर्तमान के समय में बिटकॉइन की कीमत काफी अधिक बढ़ चुकी है क्योंकि अधिक से अधिक लोग बिटकॉइन की खरीदारी कर रहे हैं। एक सामान्य आदमी तो बिटकॉइन की खरीदारी करने के बारे में सोच ही नहीं पाता है क्योंकि इसकी कीमत उसकी इनकम से काफी ज्यादा होती है।

क्रिप्टोकॉइन के प्रकार?

वर्तमान समय में 1000 से भी अधिक क्रिप्टोकरंसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आ चुकी है जिनमें से कुछ ही ऐसी क्रिप्टोकरंसी है जिनका इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। नीचे आपको क्रिप्टो कॉइन के कुछ प्रकार बताए जा रहे हैं।

जेड कैश

जेड कैश मार्केट में तो पहले ही लॉन्च हो गया था परंतु इसने मार्केट में अपनी पकड़ साल 2016 के अक्टूबर महीने से बनाना शुरू की और धीरे-धीरे काफी लोगों ने इस क्रिप्टोकरंसी में इन्वेस्ट किया। इसका जब प्रयोग किया जाता है तब काफी इंफॉर्मेशन इंक्रिप्ट हो जाती है।

ईथर और ईथरम

ईथर और ईथरम क्रिप्टो करेंसी का इस्तेमाल इंटरचेंज करेंसी के तौर पर किया जाता है। इसमें से बता दे कि इथर एक प्रकार का टोकन होता है जिसका इस्तेमाल ईथरम ब्लॉक चैन के अंतर्गत जो ट्रांजैक्शन होते हैं उनके लिए किया जाता है।

लाइटकॉइन

साल 2011 में आविष्कार हुई यह एक डिसेंट्रलाइज टेक्नोलॉजी पर काम करने वाली क्रिप्टोकरंसी है जिसके द्वारा बिटकॉइन से भी तेज गति से काम किया जाता है।

 डैश

इसका आविष्कार साल 2014 में हुआ था और शुरुआत में इसे डार्क कोईन कहा जाता था। इसके द्वारा काम करने के लिए मास्टर नोड नाम के नेटवर्क की सहायता ली जाती है। यह नेटवर्क भी बिटकॉइन से काफी तेज गति के साथ और बिल्कुल प्रभावशीलता के साथ वर्क करता है।

बिटकॉइन क्या है और कैसे ख़रीदे? यह सब जानने के बाद चलिए अब फ्री बिटकॉइन कमाने के तरीक़े देखते हैं।

फ्री बिटकॉइन कैसे कमाए?

बिटकॉइन के बारे में इतनी सब बातें जानने के पश्चात हो सकता है कि आपके मन में भी बिटकॉइन में इन्वेस्ट करने की भावना पैदा हो रही हो। ऐसे में हम आपको बता देना चाहते हैं कि आप बिल्कुल मुफ्त में बिटकॉइन प्राप्त कर सकते है।

क्योंकि इंटरनेट पर ऐसे कई प्लेटफार्म मौजूद है जो आपको बिल्कुल मुफ्त में फ्री बिटकॉइन उपलब्ध करवाते हैं। नीचे कुछ ऐसे तरीके आपके साथ हम शेयर कर रहे हैं जहां से आप फ्री बिटकॉइन कमा सकते हैं।

1: GoStas पर ऑनलाइन शॉपिंग करके फ्री बिटकॉइन कैसे कमाए

यहां पर जब आप 30000 सतोसी कमाने में कामयाब हो जाते हैं तो उसके पश्चात आप उसे अपने बिटकॉइन वॉलेट में पाने की रिक्वेस्ट डाल सकते हैं। ऐसा करने पर वह आपके बिटकॉइन वॉलेट में आकर जमा हो जाता है।

इसके अलावा इस प्लेटफार्म की सबसे खास बात यह है कि यहां पर आपको पैसे निकालने के लिए किसी भी प्रकार की फीस जमा करने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं होती है, क्योंकि नेटवर्क फीस की पेमेंट स्वयं इस प्लेटफार्म के द्वारा की जाती है।

इस प्लेटफार्म के द्वारा इंडिया में ऑनलाइन खरीदारी करने पर बिल्कुल फ्री में बिटकॉइन प्रदान किया जाता है। इसके लिए आपको इस प्लेटफार्म पर जा करके अपना अकाउंट बनाना होता है और इसके पार्टनर वेबसाइट से आइटम की खरीदारी करनी होती है जिसके बाद आपको बिटकॉइन मिलता है।

GoStas की पार्टनर Flipkart, Swiggy, Zomato, Myntra, Uber, Big Basket, BookMyShow जैसे कई ट्रस्टेबल ब्रांड है। इस प्लेटफार्म के रेफरल प्रोग्राम के द्वारा अगर किसी व्यक्ति को आप सही प्रकार से रेफर कर लेते हैं तो सामने वाले व्यक्ति के द्वारा पहली खरीदारी करने पर आपको 5,000 Stas मिलता है, जिसकी कीमत 1 सतोशी के बराबर होती है।

2: Freebitco.in वेबसाइट से फ्री बिटकॉइन कैसे प्राप्त करें

जो लोग फ्री में बिटकॉइन कमाना चाहते हैं, उन लोगों को इस वेबसाइट के बारे में अवश्य ही पता होना चाहिए, क्योंकि साल 2013 से यह वेबसाइट काम कर रही है और अपने यूजर को बिल्कुल मुफ्त में फ्री में बिटकॉइन कमाने का मौका दे रही है।

 इस वेबसाइट पर आपको गेम खेलने के बदले में भी बिटकॉइन प्राप्त होता है, वही अगर आप वेबसाइट को रेफर करते हैं तो उसके बदले में भी आप पैसे भी कमाते हैं, साथ ही आपको वेबसाइट के द्वारा बिटकॉइन दिया जाता है।

Freebitco.in में खेलने लायक बहुत सारे गेम आपको मिल जाता है, जिसकी सहायता से आप सरलता से फ्री बिटकॉइन के अलावा अन्य कई प्रकार के इनाम भी प्राप्त कर सकते हैं, साथ ही अगर वेबसाइट के रेफरल प्रोग्राम के द्वारा आप किसी यूज़र को इस वेबसाइट पर लाने में सफल होते हैं।

और यूजर के द्वारा वेबसाइट पर अकाउंट बनाया जाता है, तो उसके द्वारा जितना भी सिक्का इस वेबसाइट से कमाया जाता है उसका तकरीबन 50% कमीशन के तौर पर आपको हासिल होता है।

इस वेबसाइट पर जब आप एक बार 30,000 बिटकॉइन कमाने में कामयाब हो जाते हैं तो उसके पश्चात आप उसे विभिन्न बिटकॉइन वॉलेट जैसे की जेबपे या फिर कॉइनस्विच में निकाल सकते हैं।

3: Cointiply से फ्री बिटकॉइन ऑनलाइन कमाने का तरीका

यह भी एक बहुत ही बेहतरीन ऑनलाइन फ्री में बिटकॉइन कमाने वाला प्लेटफार्म है। इस प्लेटफार्म पर आपको अलग-अलग प्रकार से फ्री बिटकॉइन कमाने का मौका दिया जाता है। जैसे कि आप यहां पर इंटरेस्टिंग गेम खेल कर बिटकॉइन कमा सकते हैं, छोटे-छोटे काम को पूरा करके या फिर ऑफर को कंप्लीट करके भी बिटकॉइन कमा सकते हैं।

इसके अलावा यहां पर आपको अलग-अलग प्रकार के सर्वे भी दिए जाते हैं जिसे पूरा करने पर भी आपको बिटकॉइन की प्राप्ति होती है। यही नहीं यहां पर अगर आप वीडियो देखते हैं तो उसके बदले में भी आपको बिटकॉइन मिलता है।

साथ ही इस प्लेटफार्म के रेफरल प्रोग्राम का इस्तेमाल करके अगर आप किसी व्यक्ति को इस प्लेटफार्म पर लाने में सफल होते हैं तो उसके बदले में भी आपको पैसा मिलता है।

यहां से पैसा कमाने के लिए Cointiply पर सबसे पहले आपको अकाउंट बनाना होता है। अकाउंट बनाने के बाद आपको फ्री बिटकॉइन कमाने के जो तरीके मिलते हैं, उन पर अमल करना होता है। ऐसा करने से आपकी कमाई होती है।

यहां पर किसी व्यक्ति को सक्सेसफुल रेफरल करने पर आपको उसके द्वारा कमाए गए सिक्के का तकरीबन 25% प्राप्त होता है और जब आपके अकाउंट में 3 जितने बिटकॉइन हो जाते हैं तो उसके पश्चात आप उसे विड्रोल कर सकते हैं।

4: CryptoTab Browser के द्वारा फ्री बिटकॉइन कैसे कमाते हैं

दुनिया भर में काफी बड़े पैमाने पर इस ब्राउजर का इस्तेमाल सर्चिंग करने के लिए तो किया ही जा रहा है, इसके अलावा इस ब्राउज़र के द्वारा बिटकॉइन भी कमाया जा सकता है, क्योंकि इस ब्राउज़र में पहले से ही माइनिंग सुविधा दी गई है।

इस ब्राउजर के द्वारा अगर आप पैसा कमाना चाहते हैं तो सबसे पहले इस ब्राउज़र को अपने मोबाइल में इंस्टॉल करे, उसके बाद समय-समय पर आपको ब्राउज़र ओपन करना है और उसमें दिखाई दे रहे माइनिंग टैब पर क्लिक करना है।

इतना करने पर ही आपको कुछ सतोशी प्राप्त हो जाता है। CryptoTab Browser के द्वारा एफिलिएट प्रोग्राम भी चलाया जाता है, जिसका इस्तेमाल करके आप सरलता पूर्वक कमाई कर सकते हैं।

यहां पर आपकी जो रेफरल कमाई होती है, वह लेवल के तौर पर होती है। अपने दोस्तों को रेफर करके अगर आप लेवल 1 नेटवर्क बना लेते हैं तो आप रेफरल कमीशन प्राप्त कर सकते हैं।

5: CoinSwitch Kuber App से फ्री में बिटकॉइन कमाने का तरीका

यह एक बहुत ही शानदार क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफार्म है। इस प्लेटफार्म पर आप 80 से भी अधिक क्रिप्टो करेंसी में ऑनलाइन ट्रेडिंग करना शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा इसी प्लेटफार्म के द्वारा अपने यूजर को बिल्कुल मुफ्त में बिटकॉइन कमाने का मौका भी दिया जाता है‌।

इसके तहत आपको इस प्लेटफार्म के रेफरल प्रोग्राम का इस्तेमाल करना होता है। इस एप्लीकेशन को आप एप्पल एप्लीकेशन स्टोर से अथवा गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं, उसके बाद आपको इस पर अकाउंट बनाना होता है और अपनी केवाईसी भी पूरी करनी होती है।

ऐसा करने पर आपको ₹150 के बिटकॉइन बोनस के तौर पर प्राप्त हो जाते हैं। इसके साथ ही ज्यादा पैसा कमाने के लिए आपको इसके रेफरल लिंक को हर जगह शेयर करना होता है।

अगर कोई रेफरल लिंक पर क्लिक करके इस एप्लीकेशन को डाउनलोड करता है तो आपको ₹150 के बिटकॉइन तो मिलते ही हैं, साथ ही आपके दोस्त को भी ₹150 का बिटकॉइन हासिल होता है।

बिटकॉइन से क्या क्या खरीद सकते हैं?

क्रिप्टोकरंसी का इस्तेमाल करके जुलाई के महीने में दुनिया के सबसे महंगे हीरे की खरीदारी की गई थी, जिससे यह बात स्पष्ट तौर पर कही जा सकती है कि क्रिप्टोकरंसी का इस्तेमाल करके भौतिक सुख-सुविधाओं वाली चीजों को भी भविष्य में खरीदा जा सकेगा।

हालांकि क्रिप्टोकरंसी को ना तो नोट के प्रारूप में प्रिंट किया जा सकता है ना ही इसे सिक्के के तौर पर चलाया जा सकता है।

परंतु इसकी खुद की वैल्यू अवश्य है। क्रिप्टोकरंसी के द्वारा आप सामान की खरीदारी कर सकते हैं, क्रिप्टो करेंसी में ट्रेडिंग कर सकते हैं और क्रिप्टोकरंसी में इन्वेस्ट भी कर सकते हैं, परंतु आप इसे ना तो अपनी तिजोरी में रख सकते हैं ना ही इसे आप अपने बैंक के लॉकर में रख सकते हैं।

इसे वर्चुअल मनी, इलेक्ट्रॉनिक मनी और डिजिटल मनी भी कहा जाता है। इसे ऑनलाइन स्टोर करने के लिए आपके पास एक इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट होना चाहिए। 

तो दोस्तों आशा करते है की अब बिटकॉइन और उससे जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी मिल चुकी होगी। और आप जान गये होगे की बिटकॉइन क्या है? (what is bitcoin in hindi)

FAQ:

बिटकॉइन किस देश की करेंसी है?

बिटकॉइन पर किसी भी देश का कोई भी नियंत्रण नहीं है। इसलिए यह किसी भी देश की करेंसी नहीं है। हालांकि इसका निर्माण जापान के रहने वाले सतोशी नाकामोतो के द्वारा किया गया था परंतु यह जापान की भी करेंसी नहीं है।

1 बिटकॉइन की कीमत कितनी होती है?

इसके बारे में सटीक तौर पर नहीं बताया जा सकता है क्योंकि बिटकॉइन का मार्केट रोजाना ऊपर चढ़ता है अथवा नीचे जाता है।

बिटकॉइन से क्या फायदा है?

बिटकॉइन से जो फायदे आपको प्राप्त होते हैं, वह सभी हमने आर्टिकल में शेयर किए हुए हैं।

बिटकॉइन कैसे बनता है?

बिटकॉइन का निर्माण माइनिंग प्रक्रिया के द्वारा होता है और जो इस प्रक्रिया को करते हैं उन्हें माइनर कहा जाता है जिनके पास एक सुपरकंप्यूटर होता है।

2009 में बिटकॉइन की कीमत क्या थी?

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आज के हमारे इस आर्टिकल में हमने आपको बिटकॉइन के बारे में संपूर्ण जानकारी दी है, हमने आपको बिटकॉइन खरीदने के तरीके बताए हैं तथा क्रिप्टोकरंसी के बारे में भी जानकारी दी है, हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा आज का यह लेख पसंद आया होगा और आपका कुछ महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई होगी। और आप जान गये होगे की बिटकॉइन क्या है? और कैसे ख़रीदे? (All about bitcoin in hindi)

यह भी पढ़े:

यदि आपने आज का हमारा यह लेख पूरी तरह से अच्छी तरह पढ़ लिया है तो अब आपको बिटकॉइन तथा क्रिप्टोकरंसी के बारे में जानकारी प्राप्त हो चुकी है, यदि आपको हमारे यहां आर्टिकल आप अच्छा लगा है तो इसे अपने दोस्तों को सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें।

यदि आपका कोई सुझाव है इस आर्टिकल को लेकर तो आप से नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके हमें बता सकते हैं।

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Ankur Singh
हेलो दोस्तों, मेरा नाम अंकुर सिंह है और में New Delhi से हूँ। मैंने B.Tech (Computer Science) से ग्रेजुएशन किया है। और में इस ब्लॉग पर टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट से जुड़े लेख लिखता हूँ।

4 COMMENTS

  1. आपका आर्टिकल पढ़कर मुझे बहुत अच्छा लगा. में अक्सर आपके ब्लॉग के न्यू आर्टिकल्स पढ़ता हूं जिससे मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला. आपके सभी आर्टिकल से टॉपिक को पूरी तरह से समझने की पूर्ण क्षमता होती है. आप इसी तरह से हमें अपना ज्ञान देते रहे इसके लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद

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