कार का आविष्कार किसने किया और कब किया?


कार का आविष्कार किसने किया और कब किया? आज के इस आधुनिक युग में कार लोगों की जरूरतों का अहम हिस्सा बन चुकी है, यह एक ऐसा वाहन है जिसमें हर कोई सफर करना चाहता है। हम सड़कों पर रोज एक से एक शानदार कार देखते है, जिसमें सफर करना लोगों के लिए बहुत ही फायदेमंद और आरामदायक है। 

कार का आविष्कार किसने किया और कब किया?

कार में आपको अन्य वाहनों की तुलना में कई प्रकार की सुविधाएं मिलती है, इसमें एक बार में भले ही 4 से 6 लोग सफर कर पाए लेकिन इस वाहन से कहीं भी सफर करना बहुत ही ज्यादा आरामदायक होता है इसलिए हर व्यक्ति की ख्वाहिश होती है कि उसके पास अपनी खुद की एक कार हो,


आपने ध्यान दिया होगा कि जब भी आप कड़ी धूप या तेज बारिश में किसी काम से या घूमने के लिए बाहर निकलते है तो दिक्कतों का सामना करना पड़ता है लेकिन यदि आप कार से बाहर जाते है तो गर्मी में आपको एयर कंडीशन की सुविधा मिल जाती है वहीं बारिश में भी कार आपको बचाता है जो कि हमें दूसरे अन्य वाहनों में ऐसी सुविधा नहीं मिलती है।

ऐसे में आपके मन में सवाल आया होगा कि कार का आविष्कार किसने किया? तो चलिए आज के अपने इस लेख में जानते है कि इस आरामदायक वाहन का आविष्कार किसने किया? 

कार का आविष्कार किसने किया?

विश्व में सर्वप्रथम पहली कार का आविष्कार जर्मन के इंजन इंजीनियर कार्ल फ्रेड्रिच बेंज ने वर्ष 1855 में किया था। इनका पूरा नाम कार्ल फ्रेडरिक माइकल बेंजथा और इनका जन्म 25 नवंबर वर्ष 1844 को जर्मनी देश में हुआ था, कार्ल बेंज पेशे से इंजन इंजीनियर व ऑटोमोबाइल इंजीनियर थे और इन्होंने सर्वप्रथम तीन पहिए वाली गाड़ी का आविष्कार किया था और उसका नाम मोटर वैगन रखा था।

कार का इतिहास

सन् 1763 के दशक में फ्रांस के एक वैज्ञानिक ने यात्रा में लगने वाले लंबे समय और परेशानी को देखते हुए यह निश्चय किया कि वह एक ऐसी गाड़ी का आविष्कार करेंगे जो यात्रा को सरल बना दे। वर्ष 1763 में अगस्त निकोलस ने ऐसी गाड़ी का आविष्कार किया जिसका इंजन भाप से चलता था।

लेकिन गाड़ी की गति सामान्य मनुष्य के चाल के बराबर थी और इस गाड़ी का वजन भी काफी ज्यादा था, गाड़ी मोटर भाप से चलती थी जिस वजह से इसमें पानी डालना पड़ता था और जब पानी भाप बनकर उड़ जाए तो बार-बार इसमें पानी डालने की आवश्यकता पड़ती थी इसलिए यह गाड़ी केवल ढाई मिल प्रति घंटा चलती थी, और इस प्रकार इस गाड़ी को सफलता नहीं मिल पाई, लेकिन इस अविष्कार से कई वैज्ञानिक प्रेरित हुए और कई प्रकार की मोटर गाड़ी बनाना शुरू किया और वर्ष 1770 में एक गाड़ी का आविष्कार किया जो कि पेट्रोल से चलती थी और देखने में टांगा गाड़ी जैसी थी।

इसके बाद वर्ष 1830 में एक गाड़ी का अविष्कार हुआ जो करंट से चलती थी, इसे बिजली से चार्ज करके चलाया जाता था इसलिए यह गाड़ी बहुत ही महंगी साबित हुई और इस गाड़ी से आवाज निकलती थी जिससे चालू करते टाइम तो डर जाते थे इसलिए इस गाड़ी को भी सफलता नहीं मिली।

इसके बाद जर्मनी के इंजीनियर ने 1855 में तीन पहियों वाली मोटर गाड़ी का आविष्कार किया, और अपनी खुद की कंपनी की स्थापना की जिसका नाम इन्होंने बेंज़ एंड कंपनी रखा था। यही मोटर गाड़ी पहली सफल इंजन मोटर गाड़ी बनी और यही से मोटर गाड़ी की शुरुआत हुई।

इसके कुछ साल बाद लगभग वर्ष 1888 में अमेरिका के एक वैज्ञानिक ने मोटर गाड़ी के पहियों में कुछ बदलाव किया, जॉन दुनलॉपने मोटर गाड़ी के पहियों में रबर ट्यूब का इस्तेमाल किया, रबर ट्यूब में हवा भरी जाती थी, इसी से पहला रबर ट्यूब टायर वाला टायर मोटर गाड़ी में लगाया गया।

इसके बाद वर्ष 1890 में बेल्ल फ़ास्ट नमक आदमी के द्वारा टायर कंपनी की स्थापना की गई, इसके बाद से मार्केट में टायर वाली गाड़ी आने लगी।

उसी साल अमेरिका के एक उद्योगपति ने टी टायर वाली गाड़ी का आविष्कार किया लेकिन यह गाड़ी ज्यादा टिक नहीं पाई क्योंकि काफी ज्यादा महंगी थी, यह देखकर फोर्ड कंपनी ने इस बात का अंदाजा लगा लिया था कि उन्हें ऐसी गाड़ी का आविष्कार करना होगा जो आप लोगों के इस्तेमाल में आ सके और इसी तरह से वर्ष 1915 में फोर्ड ने अपने नाम से मार्केट में एक गाड़ी लांच की जो की बहुत ही सफल हुई और फिर इस कंपनी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज फोर्ड कंपनी की कई गाड़ियां सड़कों पर दौड़ रही है।


कार्ल बेन्ज़ और उनकी गाड़ी से जुड़ी कुछ रोचक बातें

  • बेन्ज़ द्वारा बनाई गई मोटर गाड़ी में 954 cc का हल्का इंटरनल कंबशन इंजन लगा था।
  • बेन्ज़ मोटर गाड़ी का आविष्कार तो 1855 में ही किया था लेकिन उन्हें अविष्कार के लिए पेटेंट वर्ष 1886 जनवरी को मिला था।
  • पहेली मोटर गाड़ी का प्रदर्शन 3 जुलाई, 1886 को जर्मनी देश के मान हाइम शहर में किया गया था।
  • कार्ल मोटर गाड़ी का आविष्कार करने से पहले लोहे की ढलाई का कारखाना शुरू किया था लेकिन उसमें उन्हें काफी हानि हुई, जिसके बाद उनकी पत्नी ने उन्हें मोटरवैगन गाड़ी को बनाने के लिए आर्थिक रूप से मदद की थी।
  • 5 अगस्त 1888 में कार्ल बेन्ज़ अपनी बीबी और दोनों बच्चों के साथ 105 किलोमीटर लंबी यात्रा अपनी मोटर वैगन से पूरी की थी।
  • वर्ष 1894 में‌कार्ल बेन्ज़ ने चार पहिए वाली गाड़ी का आविष्कार किया था और उसका नाम Benz Velo रखा था, इस गाड़ी में 3 हॉर्स पावर का इंजन लगा था और इस गाड़ी की अधिकतम रफ्तार 20 Km/hr थी।
  • Benz Velo पहली मोटर गाड़ी की जिसे आम लोगों के लिए मार्केट में लांच किया गया, वर्ष 1884 से 1902 के बीच कुल 1200‌ Benz Velo का अविष्कार किया गया था।

भारत की पहली स्वदेशी कार कौन सी थी?

“टाटा इंडिका” भारत की पहली स्वदेशी कार है जिसे वर्ष 1998 मे जिनेवा मे लांच किया गया था। इस कार को टाटा मोटर्स ने डिजाईन किया था। इस कार को बना कर टाटा मोटर्स ने इतिहास रचा था जिसे लोगो के द्वारा बहुत ही अधिक पसंद किया गया। यह कार पेट्रोल और डीज़ल दोनों से चलती थी। इस कार की लोकप्रियता के बारे मे बात करे तो इस कार को लांच करने के एक हफ्ते के अन्दर 115000 कारो का आर्डर मिला।

भारत में पहली कार कब चली

भारत देश में सबसे पहली कार वर्ष 1897 कोलकाता शहर के मिस्टर फोस्टर के मल्लिक क्रोपटन ग्रिवेर ने पहली कार खरीदी और सड़क पर चलाई। इसके बाद 1898 में भारत देश में फिर 4 कार खरीदी गई जिसमें से एक कार टाटा कंपनी के संस्थापक जमशेद टाटा ने खरीदी थी।

कार से पहले सफर करने के लिए किसका प्रयोग किया जाता था

कार से पहले लोग यातायात के लिए बैलगाड़ी या घोड़ागाड़ी का इस्तेमाल करते थे, इसमें गाड़ी के पहियों को जानवरों के पांव से बांधा जाता था और बैठने के लिए पीछे जगह बनाई जाती थी, इन गाड़ियों का इस्तेमाल लगभग कई सालों तक के लिए किया गया लेकिन बैलगाड़ी से सफर करने में काफी ज्यादा वक्त लगता था और सफर असुरक्षित भी रहता था।

दुनिया की सबसे महंगी कार 

दुनिया की सबसे महंगी कार “रोल्स रॉयस बोट टेल” है जिसे मशहूर ऑटोमोबाइल कंपनी रोल्स रॉयस ने वर्ष 2021 मे लांच किया है। इस कार को बनाने मे पूरे 4 साल का समय लगा और इसकी कीमत 28 मिलियन डॉलर है जो भारतीय रुपयों मे 206 करोड़ रूपये है।


सबसे सस्ती भारतीय कार कौन सी है?

भारत मे टाटा मोटर्स कंपनी के द्वारा छोटी कार “टाटा नैनो” का निर्माण किया गया। जिसकी कीमत 1 लाख रूपये रखी गयी थी ताकि माध्यम वर्ग के लोग भी अपने लिए कार ले पाए।

आज के समय मे कार हमारी जिन्दगी का हिस्सा बन गयी है क्योकि यह बहुत सुविधाजनक है आप बड़ी ही आसानी से इसमे यात्रा कर सकते है। जिस समय से कार का निर्माण हुआ है तब से अब तक इसमे कई प्रकार के परिवर्तन किये गए है। तो दोस्तों उम्मीद है की अब आपको कार से जुड़ी जानकारी मिल चुकी होगी और आप जान गये होगे की कार का आविष्कार किसने किया? 

FAQs

कार का अविष्कार किसने किया?

कार्ल फ्रेड्रिच बेंजने

कार का अविष्कार कब हुआ था?

वर्ष 1855

भारत की सबसे पहली कार कौन सी है?

टाटा इंडिका

भारत मे पहली कार कब खरीदी गयी थी?

वर्ष 1897 कोलकाता शहर के मिस्टर फोस्टर के मल्लिक क्रोपटन ग्रिवेर ने पहली कार खरीदी थी।

आज के इस लेख के जरिए हमने आपको बताया कि कार का आविष्कार किसने किया? और इससे जुडी अन्य बातो की जानकारी भी दी है। हम आशा करते है कि आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। इसे अपने दोस्तों व सोशल मीडिया पर भी जरुर शेयर करे तथा इससे जुड़े प्रश्न आप हमसे कमेंट बॉक्स में पूछे।

Hope की आपको कार का आविष्कार किसने किया और कब किया? का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।


अगर आपके पास इस पोस्ट से रिलेटेड कोई सवाल है तो नीचे कमेंट करे. और अगर पोस्ट पसंद आया हो तो सोशल मीडिया पर शेयर भी कर दे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here