कंप्यूटर फंडामेंटल्स (Computer Fundamentals in Hindi)

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दोस्तों, क्या आप कंप्यूटर सीखना चाहते हैं? अगर हां तो मैं आपको बता दूं कि Computer fundamentals in hindi सर्च करके आप ने कंप्यूटर सीखने की तरफ पहला step ले लिया है। क्योंकि कंप्यूटर सीखने के लिए कंप्यूटर के फंडामेंटल्स को समझना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है।

कंप्यूटर फंडामेंटल्स (Computer Fundamentals in Hindi)


अगर कोई आपसे कहता है की उसे कंप्यूटर आता है पर उसे कंप्यूटर के basic fundamentals के बारे में कोई जानकारी नहीं है। तो यकीनन उस व्यक्ति को कंप्यूटर नहीं आता है क्योंकि कंप्यूटर सीखने के लिए basic fundamentals पता होना बहुत जरूरी है। 

इस आर्टिकल में मैंने Computer Fundamentals in Hindi के बारे में विस्तार पूर्वक बताया है। ऐसे में अगर आप सच में कंप्यूटर सीखना चाहते हैं, तो आप को इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ना चाहिए। पर कंप्यूटर के fundamentals के बारे में जाने से पहले आपके लिए ये जानना बहुत हैं कि क्यों fundamentals कंप्यूटर सीखने के लिए इतने जरूरी है ! 

अनुक्रम

कंप्यूटर के फंडामेंटल्स जरूरी क्यों है? 

कंप्यूटर सीखने के लिए या फिर कंप्यूटर चलाने के लिए कंप्यूटर के basic fundamentals को समझना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। क्योंकि ये कंप्यूटर साइंस और प्रोग्रामिंग को समझने के लिए foundation create करता है। 


कंप्यूटर के fundamentals आपको कंप्यूटर के काम को समझने में भी मदद करते हैं, जिससे आप कंप्यूटर से जुड़े कामों को आसानी से कर सकते हैं। कंप्यूटर को चलाने के लिए कंप्यूटर कैसे काम करता है, ये समझना बहुत जरूरी होता है। 

इसके अलावा कंप्यूटर में Advance चीजें करने के लिए भी आपको Hard disk से खेलना आना चाहिए। जब एक user के पास कंप्यूटर की अच्छी समझ होती है तभी वो कंप्यूटर से जुड़े कामों को कर पाता है। अगर आपका कंप्यूटर का fundamentals अच्छा है तो आप कंप्यूटर के एक pro user बन सकते हैं। 

कंप्यूटर के basic fundamentals को सीखने के लिए आपको नीचे बताई गई, सारी चीजें आनी चाहिए। जैसे – 


  • सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करना 
  • Common Application को run करना
  • spreadsheet में काम करना
  • word का इस्तेमाल करना
  • कंप्यूटर से इंटरनेट कनेक्ट करके उसका इस्तेमाल करना
  • कंप्यूटर से सोशल मीडिया चलाना
  • MS office के सभी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करना इत्यादि।

कंप्यूटर के बेसिक फंडामेंटल को समझने से आप अपनी कम्प्यूटिंग skills और knowledge को बढ़ा सकते हैं। जो आपको एडवांस यूजर बनने में और कंप्यूटर मास्टर बनने में मदद करता है। 

कंप्यूटर क्या है? 

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो user से input लेकर, data को memory में store करता हैं और उसे process करके मनचाहा output user को देता हैं। Computer के पास डाटा को डाटा को store, retrieve और process करने की ability होती हैं। 

Computer शब्द computes से बना हैं, जिसका मतलब होता है calculation करना! Computer hardware और software का combination होता हैं। आप उससे document type करने से लेकर email send करने जैसे काम के अलावा गेम खेल सकते है। और spreadsheets, presentations, व videos को edit कर सकते हैं। 


कंप्यूटर क्या है? उसकी पूरी जानकारी यहाँ है।

कंप्यूटर के कितने फंडामेंटल्स होते है? (Computer Fundamentals in Hindi)

कंप्यूटर के तीन fundamentals होते हैं  – 

  1. Arithmetic and Logic Unit 
  2. Control Unit 
  3. Central Processing Unit ( CPU ) 

कंप्यूटर कैसे काम करता है? 

कंप्यूटर के चार basic functions होते है और इसी के आधार पर कंप्यूटर काम करता है। 


i) lnput – Input device के माध्यम से जो डाटा computer में आता है उसे input कहते हैं। दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की तरह कंप्यूटर भी डाटा को raw यानी कि binary form में लेता हैं। 

User कंप्यूटर में अलग-अलग फॉर्मेट में डाटा enter कर सकते हैं जैसे letters, numbers, images आदि। यूजर कंप्यूटर में जो data enter करता है, input device उस data को binary form में बदल देता हैं। ताकि कंप्यूटर data को read कर सके। 

कंप्यूटर का input unit, user से डाटा और instruction लेने के काम में आता हैं। जैसे – keyboard, scanner, mouse इत्यादि।‌ 

ii) Processing – कंप्यूटर के processing unit में cu(control unit) और ALU (arithmetic and logical unit) आते हैं। जिनका main काम program execute करना होता है। Processing computer का मुख्य काम होता हैं।

Computer के data process करने की स्पीड अलग-अलग होती है क्योंकि कंप्यूटर की data processing speed अलग-अलग factors पर निर्भर करती है जैसे – motherboard, CPU ( Central Processing Unit ), Ram ( Random Access Memory ). इसमें microprocessor आते हैं। 

iii) Output – यूजर द्वारा दिए गए input को process करने के बाद कंप्यूटर user को जो information देता है उसे Output कहते हैं। आउटपुट को रिजल्ट भी कहते हैं, output को स्टोरेज में आगे use के लिए स्टोर किया जा सकता है। 

कंप्यूटर डाटा को binary form में प्रोसेस करता है लेकिन जब यूजर को output लेने की बारी आती है तब कंप्यूटर डाटा को binary form से वापस raw format में ले आता है ताकि user उस information को पढ़कर समझ सके। कंप्यूटर के इस कार्य में आउटपुट डिवाइस काम आता है जैसे monitor, printer, projector, speaker. 

iv) Storage – Storage कंप्यूटर का बहुत ही जरूरी part होता है क्योंकि इसमें कंप्यूटर द्वारा process किए क्या हुआ data instructions store होता है। ‌storage मुख्य रूप से 2 तरीके से काम करता है – 

Primary storage 

Primary storage के अंदर मुख्य रूप से उन सभी data को store किया जाता है जिन्हें input से तुरंत output में convert किया जाता है। कंप्यूटर के प्राइमरी स्टोरेज में जो data store होता है, वो temporary होता है। जो power connection off होते ही कभी भी हट सकता है। इस तरह के स्टोरेज में Random Access Memory यानी RAM आती है। 

Secondary storage 

Secondary storage डिवाइस का इस्तेमाल डाटा को भविष्य में इस्तेमाल करने हेतु permanent store करने के लिए किया जाता हैं। सेकेंडरी स्टोरेज में store होने वाला data power cut off होने के बाद भी सुरक्षित रहता है। इस तरह के स्टोरेज डिवाइस में Hard Disk Drive आता है। 

Computer के कितने Generation हैं? 

कंप्यूटर के हर जनरेशन में कंप्यूटर के टेक्नोलॉजी में नया बदलाव आया हैं। ” कंप्यूटर का जनरेशन ” शब्द मुख्य रूप से कंप्यूटर के हार्डवेयर में आने वाले बदलाव को दर्शाता है। ‌ पर आज के समय में कंप्यूटर की जनरेशन में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों की ही बातें की जाती है। 

आसान शब्दों में कहूं तो generation शब्द उस development को दर्शाता है जिससे की कंप्यूटर operate किया जाता है। कंप्यूटर के  5 generation हैं! जिसके बारे में मैंने आपको नीचे बताया है। 

First Generation (1946 – 1959)

कंप्यूटर का पहला जनरेशन काफी पुराना है। और ये जनरेशन Electronic Valves (Vacuum Tubes) के ऊपर निर्भर करता था। इस तरह के कंप्यूटर में ENIAC, EDVAC और UNIVAC जैसे कंप्यूटर आते हैं। 

Second Generation (1959 – 1965)

इस जनरेशन में कंप्यूटर के Transistors के ऊपर फोकस किया गया था। जिसके उदाहरण है – IBM 1620, IBM 1400 and 7000 series, CDC 3600. 

Third Generation (1965 – 1971)

कंप्यूटर का तीसरा जनरेशन भी काफी पुराना है, कंप्यूटर के इस जनरेशन में Integrated Circuits (ICs)‌ पर काम किया गया था। जिसके उदाहरण है – IBM 360, IBM 370, PDP इत्यादि। 

Fourth Generation (1971 – 1980)

कंप्यटर के इस जनरेशन में बहुत ही बड़े पैमाने पर Very Large Scale Integrated (VLSI) Circuits पर काम किया गया था। इस तरह के कंप्यूटर में DEC 10, STAR 1000, CRAY-1 and CRAY-X-MP इत्यादि। 

Fifth Generation (1980 – Present)

आजकल हम जिस तरह के कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहे हैं वो Fifth Generation में ही आते हैं। इस जनरेशन में बड़े पैमाने पर Ultra Large Scale Integration (ULSI), Artificial Intelligence (AI) और Parallel Processing Hardware पर काम किया गया है। इस तरह के कंप्यूटर में Desktop, Laptop, NoteBook, ChromeBook, और UltraBook आते हैं। 

कंप्यूटर के कितने Components होते हैं? 

कंप्यूटर के दो components होते हैं – 

  1. Internal components 
  2. External components. 

1. Internal components  

कंप्यूटर के वो components जो cabinet के अंदर मौजूद होते हैं उसे internal components कहते हैं। कंप्यूटर के internal components में hardware parts आते हैं। कंप्यूटर के internal components में ज्यादातर hardware आते हैं। 

जो data को process करने और processor को दूसरे devices जैसे secondary storage, display screens और printers से communicate करने में मदद करता है। ‌कंप्यूटर के internal components में ये सारी चीजें आती हैं – Processor (CPU), Main memory, Input/output (I/O) controllers.

2. External components 

कंप्यूटर के वो components जो cabinet के बाहर  मौजूद होते हैं, उसे external components कहते हैं। कंप्यूटर के इस part में भी hardware parts आते हैं, पर इनमें वो hardware आते हैं, जिसे कंप्यूटर में अलग से plug in किया जाता है। 

External components में मुख्य रूप से monitors, keyboards, speakers, printers, scanners आते हैं। 

कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं? 

कंप्यूटर चार प्रकार के होते हैं – 

1. Supercomputer

Supercomputer size में बहुत बड़े होते हैं, और इन्हें इंस्टॉल करने के लिए काफी बड़ी जगह की जरूरत पड़ती है। सुपर कंप्यूटर सभी कंप्यूटर में सबसे फास्ट काम करता है। Supercomputer कठिन से कठिन calculation को भी आसानी से perform कर देता है। सुपर कंप्यूटर के परफॉर्मेंस को आप इस चीज से समझ सकते हैं की इसमें मिलियंस में मौजूद डाटा को seconds में execute कर देता है। 

इस तरह के कंप्यूटर का इस्तेमाल ज्यादातर scientific और engineering के कामों में किया जाता है जिसे प्रोसेस करना काफी मुश्किल होता है। इस तरह के कंप्यूटर बहुत महंगे होते हैं और इनका इस्तेमाल करना मुश्किल होता है। 

2. Microcomputer or personal computer 

Micro computer छोटे single user computer system होते हैं जिसे मुख्य रूप से एक individual user के लिए डिज़ाइन किया जाता है। इस तरह के जो कंप्यूटर होते हैं, वो सस्ते होते हैं और ये किसी भी multi user platform को सपोर्ट करते हैं। 

माइक्रो कंप्यूटर सुपर कंप्यूटर और mainframe computer की तुलना में थोड़े slow होते हैं। इस तरह के कंप्यूटर को पर्सनल कंप्यूटर कहा जाता है। इन कम्प्यूटर्स को आसानी से एक जगह से दूसरी जगह में move किया जा सकता है। 

3. Mini computer aur mid sized server

Mini computer वो कंप्यूटर हैं, जो दिखने में नोटबुक की तरह होते हैं। ये कंप्यूटर सुपर कंप्यूटर से सस्ते पर माइक्रो कंप्यूटर से महंगे होते हैं। इस तरह के कंप्यूटर को एक साथ बहुत सारे लोग इस्तेमाल कर सकते हैं। 

4. Mainframe computer or enterprise server 

Mainframe computer, सुपर कंप्यूटर से छोटे होते हैं लेकिन ये बाकी सभी कंप्यूटर से बड़े होते हैं। इस तरह के कंप्यूटर सुपर कंप्यूटर के जैसे तेज नहीं होते हैं। पर इस तरह के कंप्यूटर की कीमत भी सुपर कंप्यूटर की तरह बहुत ज्यादा होती है और इससे set करने के लिए काफी बड़ी जगह की जरूरत पड़ती। इस तरह के कंप्यूटर को बैंक और शिक्षा के क्षेत्र में ज्यादा देखा जाता है।

Function और Usage के आधार पर कंप्यूटर कितने प्रकार का होता है? 

Function और Usage के आधार पर कंप्यूटर निम्नलिखित प्रकार का होते हैं, जिसके बारे में मैंने नीचे बताया है – 

Analog computer – Analog computer वो कंप्यूटर होता है, जिसका इस्तेमाल लगातार चेंज हो रहे data को process करने के लिए किया जाता है। इस तरह के कंप्यूटर का इस्तेमाल scientific और industrial जगहों पर electrical current और frequency को मापने के लिए किया जाता है। इस तरह का कंप्यूटर airthmatic calculation करके machine के movements, gear के rotation को measure कर सकते हैं। ये बहुत ही एडवांस तरीके का कंप्यूटर होता है। 

Digital computer – Digital computer वो computer होते हैं, जिसका इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है। इस तरह के कंप्यूटर का इस्तेमाल ज्यादातर data को binary form में बदलने और कंप्यूटर द्वारा दिए जाने वाले binary output को वापस से डाटा में convert करने के लिए किया जाता है। 

Hybrid computer – Hybrid computer, Analog और digital दोनो से मिलकर बनते हैं। ये कंप्यूटर Analog computer की तरह बहुत ही तेजी से डाटा process कर सकता हैं और इसमें digital कंप्यूटर की मेमोरी होती हैं। 

कंप्यूटर में हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर क्या होता है?

एक कंप्यूटर में hardware और software दोनों मिलकर काम करते हैं। अगर कंप्यूटर में हार्डवेयर ना रहे तो सॉफ्टवेयर किसी काम का नहीं है और हार्डवेयर के बिना सॉफ्टवेयर काम नहीं कर सकता है। 

कंप्यूटर को चलने के लिए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का एक साथ काम करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। 

1. Hardware 

कंप्यूटर के physical components को हार्डवेयर कहते हैं। एक computer system अलग-अलग hardware parts से मिलकर बनता हैं। Computer system के structure के आधार पर उसमें hardware part को लगाया और remove किया जाता हैं। कंप्यूटर के hardware parts में निम्नलिखित चीजें आती है। जैसे – 

2. Software 

Software instructions, data और programs का set हैं जिसका इस्तेमाल कंप्यूटर को चलाने के लिए या फिर किसी particular task को perform करने के लिए किया जाता है। ‌ये hardware से बिल्कुल उल्टा होता है जो hardware से information लेकर user द्वारा दिए गए task को पूरा करता है।

Software दो तरह के होते हैं – 

1. System software

System software, यूजर और कंप्यूटर को कनेक्ट करके एक दूसरे से कम्युनिकेट करने में मदद करता है। System software computer को कंप्यूटर को चालू करने में मदद करता है। अगर System software  न हो तो कंप्यूटर काम तो क्या, चालू भी नहीं हो सकता है। ये सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के background में काम करता है। 

इस तरह के सॉफ्टवेयर में कंप्यूटर का operating system आता है जैसे – Windows, Linux, Android. 

2. Application Software

Application Software वो सॉफ्टवेयर होते हैं जिसे खास मकसद के लिए बनाया जाता है। इस तरह के जो सॉफ्टवेयर होते हैं उनका इस्तेमाल basic task को परफॉर्म करने के लिए किया जाता है। इस तरह के task में online research, alarm set करने, designing करने और games खेलने के लिए किया जाता है। 

इस तरह का सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल मुख्य रूप से end-users के द्वारा किया जाता है, इसलिए इस तरह के सॉफ्टवेयर को end-user program कहते हैं। Word Processors, Multimedia Software, Web Browsers, Graphics Software, Photoshop Software सभी Application Software में आते हैं। ‌

कंप्यूटर नेटवर्क क्या होता है? 

जब बहुत सारे कंप्यूटर सिस्टम को एक ही communication channel के द्वारा इंफॉर्मेशन और resources शेयर करने के लिए कनेक्ट किया जाता है तो उसे Computer network कहा जाता है। कंप्यूटर नेटवर्क चार प्रकार के होते हैं – 

WAN – वो नेटवर्क जो बड़े geographical area जैसे state, country या फिर दुनिया भर के कंप्यूटर के साथ कनेक्टेड होता है उसे WAN यहां पर Wide Area Network कहते हैं। इस तरह के नेटवर्क में कंप्यूटर को एक साथ जोड़ने के लिए airwaves और telephone lines जैसे communication channels का इस्तेमाल किया जाता है। 

LAN – वो नेटवर्क जो एक restricted area के कंप्यूटर को आपस में जोड़ता है उसे LAN यानी कि Local Area Network कहते हैं। इस तरह का नेटवर्क आपको ज्यादातर office building, University, schools में ज्यादा देखने को मिलता है। एक तरह से आप ये समझ सकते हैं की 10km के radius में जो कंप्यूटर एक नेटवर्क में कनेक्टेड होते हैं, उस नेटवर्क को LAN कहां जाता है। 

MAN – एक शहर या फिर campus के कंप्यूटर को एक communication channel में जोड़ने वाले network को MAN यानी Metropolitan area network कहा जाता है। 

PAN – PAN का फुल फॉर्म personal area network होता हैं। वो नेटवर्क जो एक सिंगल यूजर के कंप्यूटर से जुड़ा होता है उसे personal area network कहते हैं। Fax machine का computer से connected होना, printer का computer से connected होना, video game console का computer से connected होना PAN network के अंदर आता हैं। 

कंप्यूटर का उपयोग कहां किया जाता हैं? 

टेक्नोलॉजी से भरी इस दुनिया में आज कोई ऐसा क्षेत्र नहीं बचा, जिसमें कंप्यूटर का उपयोग ना होता हो। आसान भाषा में आप ये समझ सकते हैं कि कंप्यूटर का इस्तेमाल कई क्षेत्रों में किया जाता हैं। कंप्यूटर के उपयोग के बारे में मैंने आपको नीचे विस्तारपूर्वक जानकारी दी हैं – 

  1. शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग

आज कंप्यूटर का सबसे ज्यादा इस्तेमाल पढ़ाई करने के लिए किया जाता है। क्योंकि कंप्यूटर students के लिए शिक्षा प्राप्त करने का एक अच्छा साधन है। क्योंकि कंप्यूटर में इंटरनेट का इस्तेमाल करके वो सभी जानकारियों को एक ही जगह पर प्राप्त कर सकते हैं। 

COVID के बाद से कंप्यूटर का इस्तेमाल ज्यादातर online classes देने, कंप्यूटर में पढ़ाने और परीक्षा लेने के लिए किया जाता है। विद्यार्थी कंप्यूटर का इस्तेमाल अपने प्रोजेक्ट और असाइनमेंट बनाने के लिए करते हैं। कंप्यूटर ने education system को काफी आसान बना दिया है। 

  1. विज्ञान के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग

Science, research, engineering के क्षेत्र में scientist  को data collect, store, analyze, classify और extract करने की जरूरत पड़ती है। इस तरह के task को perform करने के लिए कंप्यूटर उनके बहुत काम आता है। कंप्यूटर साइंटिस्ट को अपने रिसर्च और data को दूसरों के साथ शेयर करने में भी मदद करता है। ‌

कंप्यूटर की वजह से अब साइंटिस्ट अलग-अलग जगह पर होने के बाद भी एक साथ एक प्रोजेक्ट पर काम कर सकते हैं। साइंटिस्ट के रिसर्च में कभी-कभी लाखों करोड़ों की संख्या में डाटा को एक साथ calculate करना पड़ता हैं और ये सारा काम सुपर कंप्यूटर की मदद से होता है। Research and development के क्षेत्र में मुख्य रूप से सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है।  

साइंटिस्ट कंप्यूटर का इस्तेमाल करके डाटा की मदद से अलग-अलग चीजों के बारे में पहले से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वो आसानी से भूकंप और दूसरे प्राकृतिक आपदाओं के बारे में भी जान सकते हैं। ये कंप्यूटर का ही कमाल है की आज इंसान सिर्फ चांद पर नहीं बल्कि मंगल पर भी पहुंच गया है।

  1. सरकारी क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग

आज के समय में सरकारी क्षेत्र में भी अब कंप्यूटर का बहुत ज्यादा इस्तेमाल देखने को मिलता है। सरकार ने आजकल सभी चीजों को ऑनलाइन कर दिया है। चाहे आपको ड्राइविंग लाइसेंस लेना हो या फिर किसी योजना का भागीदार बनना हो। आपको योजना का लाभ उठाने के लिए कंप्यूटर का इस्तेमाल करना पड़ता है। 

इसके अलावा सरकारी क्षेत्र में कंप्यूटर का इस्तेमाल शहर की प्लानिंग करने, infrastructure design करने, शामिल करने और बाकी सभी चीजों में भी होता है। इतना ही नहीं defense में भी कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है। क्योंकि वहां कंप्यूटर का इस्तेमाल missiles, rockets, satellites मनाने और लांच करने के लिए किया जाता है। ‌

  1. चिकित्सा के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग 

कंप्यूटर का इस्तेमाल सबसे ज्यादा चिकित्सा के क्षेत्र में ही देखने को मिलता है। चाहे नई दवाइयों पर रिसर्च करना हो या फिर patients का अपॉइंटमेंट लेना, उनका रिकॉर्ड रखना या फिर दवाइयों का बिल बनाना हो सारे काम कंप्यूटर के द्वारा किए जाते हैं।

  1. बैंकिंग क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग   

कंप्यूटर की वजह से बैंकिंग सेक्टर काफी एडवांस हो गया है। कंप्यूटर के कारण ही अब यूजर अपने बैंक अकाउंट को ऑनलाइन एक्सेस कर सकते हैं, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर सकते हैं, बैंक से जुड़े दूसरे काम कर सकते हैं।

 जबकि बैंक कंप्यूटर का इस्तेमाल करके अपने कस्टमर के डाटा को store करके रखता हैं, कस्टमर के transaction को रिकॉर्ड करता है, कार्ड और लोन issue करता हैं। 

  1. Entertainment में कंप्यूटर का उपयोग 

कंप्यूटर की वजह से अब Entertainment बहुत ही ज्यादा आसान हो गया है। कंप्यूटर का इस्तेमाल करके user गाने सुन सकते है, गेम खेल सकते हैं, film देख सकते हैं। आजकल कंप्यूटर से यूट्यूब, Netflix सब कुछ देखा जा सकता है, तो आप कंप्यूटर का इस्तेमाल करने के लिए भी कर सकते हैं। 

कंप्यूटर के क्या फायदे हैं? 

आज के समय में कंप्यूटर हर किसी की जरूरत बन चुकी है। कंप्यूटर का इस्तेमाल करके दुनिया भर के लोगों के साथ कम्युनिकेट करना बहुत ही आसान होता है। कंप्यूटर के द्वारा कहीं भी कभी भी information को access करना आसान होता है।

 इंटरनेट की वजह से कंप्यूटर अब ऐसी मशीन बन चुका है, जो लोगों की हर जरूरत को पूरा कर सकता है। कंप्यूटर के फायदे के बारे में मैंने आपको नीचे बताया है, तो उसे ध्यान से पढ़ें – 

  • कंप्यूटर की स्पीड बहुत ही तेज होती है तो आप कुछ सेकेंड के अंदर बड़े से बड़े task को पूरा कर सकते हैं। 
  • Calculation करने में इंसानों से गलती हो सकती है पर अगर आप कंप्यूटर का इस्तेमाल करके calculation करते हैं, तो कंप्यूटर आपको बहुत ही accurate काम करके देगा। कंप्यूटर हर काम को सही तरीके से करते हैं इसीलिए इसके ऊपर इंसानों से ज्यादा भरोसा किया जाता है। 
  • कंप्यूटर की स्टोरेज कैपेसिटी बहुत ज्यादा होती हैं, आप इसमें फोटो, वीडियो, गेम्स, सॉफ्टवेयर जो चाहे वो स्टोर करके रख सकते हैं। 
  • कंप्यूटर के माध्यम से कुछ भी access करना बहुत ही आसान हो गया है। मान लीजिए आप किसी लाइब्रेरी में गए हैं और वहां आपको कोई किताब चाहिए। पर आपको सिर्फ उस किताब का नाम पता है! ऐसे में इतने बड़े लाइब्रेरी में एक किताब खोजना साधारण इंसान के लिए बहुत ही मुश्किल है। पर कंप्यूटर इसी काम को 30 सेकेंड से कम समय में कर देगा। 
  •  इंसानों की सबसे बड़ी परेशानी ये होती है कि वो लंबे समय तक काम नहीं कर सकता है पर कंप्यूटर के साथ ऐसा नहीं है। कंप्यूटर लंबे समय तक काम कर सकता है और 
  • कंप्यूटर के द्वारा multitasking करना भी बहुत ही ज्यादा आसान होता है। कंप्यूटर में आप पढ़ते पढ़ते, कुछ भी लिख सकते हैं यानि एक साथ दो दो काम।
  • कंप्यूटर में बहुत सारे ऐसे tools होते हैं जिसका इस्तेमाल करके data analysis आसानी से किया जा सकता है। 
  • कंप्यूटर की वजह से टेक्नोलॉजी इतनी तेजी से विकसित हो रही है कि अब वो समय दूर नहीं जब इंसानों के सारे काम कंप्यूटर करने लगेंगे। 
  • कंप्यूटर के द्वारा बड़े से बड़े काम को कम समय में खत्म किया जा सकता है। 
  • कंप्यूटर के द्वारा आप इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं और दुनिया भर के लोगों के साथ कनेक्ट कर सकते हैं। 

कंप्यूटर के नुकसान क्या है? 

जहां कंप्यूटर के इतने सारे फायदे हैं, वहीं से कुछ नुकसान भी है। कंप्यूटर इतने उपयोगी होने के बाद भी unrealistic हो सकते हैं, slow हो सकते हैं और उनसे भी गलती हो सकती है। 

इसके अलावा कंप्यूटर बहुत महंगे होते हैं और उन्हें लगातार देखरेख करने की जरूरत पड़ती है। 

  • सबसे ज्यादा cyber crime कंप्यूटर के द्वारा किया जाता है। कंप्यूटर से डाटा चोरी होने का खतरा हमेशा बना रहता है।‌ कंप्यूटर के जरिए डाटा को ऑनलाइन ओर ऑफलाइन दोनों माध्यम से चुराया जा सकता है। ‌
  • अपने कामों को करने के लिए बहुत ज्यादा कंप्यूटर का इस्तेमाल करने से कई तरह की शारीरिक समस्याएं देखने को मिल सकती हैं जैसे – आंखों का खराब होना, पीठ में दर्द होना, सर दर्द होना इत्यादि। ‌
  • कंप्यूटर के माध्यम से भर भर के दुनिया में fake news फैलाया जाता हैं। 
  • • कंप्यूटर के माध्यम से आसानी से मल्टीटास्किंग किया जा सकता है जिस वजह से लोगों में बहुत ज्यादा distraction की समस्या देखने को मिलती है। 
  • कंप्यूटर में गेम खेलना बहुत fascinating होता है इसलिए इसकी जल्दी आदत लग जाती हैं। 
  •  कंप्यूटर प्रोग्रामर के निर्देशों के अनुसार काम करता हैं। यही कारण है की कंप्यूटर पूरी तरह से मनुष्य के ऊपर निर्भर करता है। 
  • कंप्यूटर के पास decision लेने की कोई शक्ति नहीं होती है और ना ही ये इंसानों की भावनाओं को समझ पाता है। 

FAQs

कंप्यूटर फंडामेंटल में क्या क्या होता है?

कंप्यूटर फंडामेंटल में कंप्यूटर से संबंधित हर छोटी बड़ी चीज आती है जैसे कंप्यूटर की परिभाषा,  कंप्यूटर के प्रकार, कंप्यूटर कैसे काम करता है ! 

कंप्यूटर फंडामेंटल में क्या क्या होता है?

कंप्यूटर फंडामेंटल में कंप्यूटर से संबंधित हर छोटी बड़ी चीज आती है जैसे कंप्यूटर की परिभाषा,  कंप्यूटर के प्रकार, कंप्यूटर कैसे काम करता है ! 

सीपीयू में कुलकितने बटन होते हैं?

सीपीयू में दो बटन होते हैं‌। जिसमें से एक बटन पावर बटन होता है, जिसका इस्तेमाल करके कंप्यूटर को बंद और चालू किया जाता है। 

कंप्यूटर में कितनी चाबियां होती हैं?

कंप्यूटर की कुल 104 चाबियां हैं। 

सीपीयू के 3 मुख्य भाग क्या है?

Memory, Central Unit, Airthmatic Logical Unit सीपीयू के तीन मुख्य भाग हैं। 

कीबोर्ड में कितने फंक्शन की होते हैं?

कीबोर्ड में कुल 12 function key होते हैं और उन्हें कीबोर्ड पर F1, F2, F3, F4, F5….. F12 के रूप में दिखाया गया हैं। 

कंप्यूटर के आविष्कारककौन है? 

कंप्यूटर का आविष्कार Charles Babbage ने किया है। 

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है?

Computer का फुल फॉर्म Common Operating Machine Purposely used for Technological and Educational research हैं। 

दोस्तों, मुझे उम्मीद है की इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको computer के fundamentals (Computer Fundamentals in Hindi) के बारे में सीखने को मिल गया होगा। इस आर्टिकल में मैंने आपको कंप्यूटर के बारे में हर एक बात बहुत ही विस्तार में बताने की कोशिश की है। ताकि आप का कंप्यूटर को लेकर basic clear हो और आप को कंप्यूटर सीखने में किसी भी तरह की कोई परेशानी ना हो।

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इस आर्टिकल में बताई गई बातें अगर आपको अच्छी लगी हो, तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर कीजिए। आर्टिकल को पढ़ने के बाद भी अगर आपके मन में कोई सवाल है, तो आप हमसे comment करके पूछ सकते हैं।

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Ankur Singh
हेलो दोस्तों, मेरा नाम अंकुर सिंह है और में New Delhi से हूँ। मैंने B.Tech (Computer Science) से ग्रेजुएशन किया है। और में इस ब्लॉग पर टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट से जुड़े लेख लिखता हूँ।

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