Computer Ke Janak Kaun Hai? कंप्यूटर के जनक कौन है?


क्या आप जानते हैं कि हमारे घरों में और बड़े-बड़े ऑफिस में जो यह कंप्यूटर का इस्तेमाल होता है आखिर इस कंप्यूटर को तैयार करने की शुरुआत कहां से हुई थी और किस व्यक्ति के द्वारा कंप्यूटर की खोज की गई थी और कौन सा व्यक्ति कंप्यूटर की खोज करने के लिए जिम्मेदार है। आजके इस पोस्ट में हम जनिंगे की Computer Ke Janak Kaun Hai? कंप्यूटर के जनक कौन है?

Computer Ke Janak Kaun Hai

ऐसे ही कुछ सवाल अगर आपको यहां वहां दिखाई देते हैं तो इस आर्टिकल में आपको इन सवालों के जवाब मिलने वाले हैं।


इस पोस्ट में हम जानेंगे कि “कंप्यूटर का जनक कौन है” अथवा “फादर ऑफ कंप्यूटर किसे कहते हैं?”


Computer Ke Janak Kaun Hai? कंप्यूटर के जनक कौन है?

इंग्लैंड के लंदन शहर में पैदा हुए चार्ल्स बैबेज के द्वारा ही एनालिटिकल इंजन बनाने की योजना की शुरुआत की गई थी और इसीलिए चार्ल्स बैबेज को ही कंप्यूटर के जनक के तौर पर जानते हैं। इनका जन्म साल 1791 में हुआ था। इनके द्वारा जो एनालिटिकल इंजन बनाया गया था उसका आकार काफी अधिक बड़ा था जिसे भाप के द्वारा संचालित किया जाता था।

इनके द्वारा जो एनालिटिकल इंजन बनाया गया था उसमें प्रोग्राम को स्टोर किया जा सकता था साथ ही साथ एनालिटिकल मशीन कैलकुलेशन और रिजल्ट को प्रिंट करने में भी पूरी तरह से सक्षम थी।

चार्ल्स बैबेज को ही कंप्यूटर का फादर भी कहा जाता है। वर्तमान के समय में हम जो कंप्यूटर देख रहे हैं उसके पीछे चार्ल्स बैबेज के द्वारा काफी अधिक योगदान दिया गया है और उनके नेतृत्व में पहले एनालिटिकल कंप्यूटर की खोज हुई थी। इसलिए चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर का आविष्कारक भी कहा जाता है।

चार्ल्स बैबेज कौन थे?

चार्ल्स बैबेज बहुत ही अच्छे मैथमेटिशियन, अविष्कारक, एनालिटिकल इंजीनियर और दार्शनिक थे। इनके द्वारा ही कंप्यूटर की फील्ड में सबसे पहली बार काम करना प्रारंभ किया गया था और सबसे पहली बार एनालिटिकल इंजन के द्वारा कंप्यूटर के बेसिक डिजाइन को इनके द्वारा ही तैयार किया गया था। इसलिए कंप्यूटर के जनक के तौर पर चार्ल्स बैबेज का नाम हम इतिहास की किताबों में पढ़ते हैं।

चार्ल्स बैबेज का जन्म इंग्लैंड देश के लंदन शहर में साल 1791 में 26 दिसंबर के दिन हुआ था और इनकी मृत्यु इंग्लैंड देश के लंदन शहर में मारलीबोन नाम के इलाके में साल 1871 में 18 अक्टूबर के दिन हुई थी।

इन्होंने इंजीनियरिंग, अर्थव्यवस्था, गणित, राजनीतिक और कंप्यूटर साइंस जैसी फील्ड में अपने जिंदा रहने के दरमियान काम किया था। चार्ल्स बैबेज ने त्रिनिटी कॉलेज से अपनी एजुकेशन पूरी की थी।

चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर के जनक क्यों कहते हैं?

चार्ल्स बैबेज को इसलिए कंप्यूटर का जनक कहा जाता है क्योंकि इन्होंने मशीन में अपनी रिसर्च के कारण कैलकुलेशन की थी। इन्होंने एनालिटिकल इंजन नाम की एक मशीन को बना करके तैयार किया था जो वर्तमान के कंप्यूटर का मॉडल कहां जाता है।

चार्ल्स बैबेज ही वह पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने पहली बार कंप्यूटर के बेसिक विचार के बारे में जानकारी दी। इसीलिए इन्हें कंप्यूटर के जनक और कंप्यूटर का फादर कहते हैं।

चार्ल्स बैबेज ने कंप्यूटर की खोज कब की?

चार्ल्स बैबेज के द्वारा साल 1830 में ही कंप्यूटर को तैयार करने की शुरुआत कर दी गई थी। इनके द्वारा एनालिटिकल इंजन को तैयार करने के लिए पूरी प्लानिंग की गई थी और इन्होंने अपने एनालिटिकल इंजन पर काम करना स्टार्ट भी कर दिया तथा साल 1822 में चार्ल्स बैबेज के द्वारा डिफरेंस इंजन नाम का एक आविष्कार किया गया जिसे दुनिया का पहला प्रोग्रामेबल कंप्यूटर कहा जाता है।

चार्ल्स बैबेज के द्वारा साल 1833 में एनालिटिकल इंजन की खोज की गई थी। यह एक प्रकार का जनरल उद्देश्य कंप्यूटर था परंतु अधिक पैसे उपलब्ध ना होने की वजह से चार्ज बेबेज के द्वारा इसका काम पूरा नहीं किया जा सका और साल 1871 में चार्ल्स बैबेज ने दुनिया को अलविदा कह दिया।

चार्ल्स बैबेज की मौत हो जाने के तकरीबन 40 सालों के बाद चार्ल्स बैबेज के बेटे हेनरी बैबेज ने एनालिटिकल इंजन पर साल 1888 में काम करना स्टार्ट किया। बता दें कि एनालिटिकल इंजन सभी प्रकार की कैलकुलेशन को करने की कैपेसिटी रखता था।

साल 1937 में जॉन विंसेंट और क्लिफोर्ड बेरी के द्वारा एबीसी कंप्यूटर की खोज की गई। इस कंप्यूटर का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार की बड़ी-बड़ी कैलकुलेशन करने के लिए किया जाता था। इसके बाद आगे बढ़ते हुए साल 1938 में जेड वन नाम का पहला प्रोग्रामेबल कंप्यूटर बना करके तैयार किया गया। इसे डिजाइन करने का काम कोनराड जूस के द्वारा किया गया था।

साल 1945 में जे प्रेसपर और जॉन मौचली के द्वारा इलेक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल इंटीग्रेटर एंड कंप्यूटर की खोज की गई जिसे दुनिया का पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर कहां गया। इसके बाद आगे बढ़ते हुए साल 1947 में 23 दिसंबर के दिन William Shockley, John Bardeen, और Walter Houser Brattain नाम के लोगों के द्वारा ट्रांजिस्टर की खोज की गई, जो कंप्यूटर की फील्ड में काफी उपयोगी साबित हुआ।‌ट्रांजिस्टर की खोज हो जाने के पश्चात कंप्यूटर के आकार में काफी परिवर्तन होने लगा।


पहले जहां किसी कंप्यूटर को रखने के लिए एक बड़े से कमरे की आवश्यकता पड़ती थी वही ट्रांजिस्टर की खोज हो जाने के पश्चात कंप्यूटर का आकार काफी छोटा हो गया जिसकी वजह से कंप्यूटर को रखने के लिए बहुत ही कम जगह की आवश्यकता पड़ने लगी।

साल 1975 में दुनिया का पहला पर्सनल कंप्यूटर बनाया गया, जिसे रॉबर्ट के द्वारा इंटरडयूस किया गया। इस कंप्यूटर का नाम अल्टर 8800 था परंतु कुछ लोग ऐसा भी मानते हैं कि साल 1971 में कैनबैंक-आई नाम का जो कंप्यूटर लांच हुआ था वही दुनिया का पहला पर्सनल कंप्यूटर है।

इस पर्सनल कंप्यूटर के लांच हो जाने के साथ‌ ही कंप्यूटर की फील्ड में एक नया टर्म पर्सनल कंप्यूटर को लांच किया गया जिसे वर्तमान के समय में हम संक्षेप में पीसी कहते हैं।

कंप्यूटर का आकार बड़ा था। इसीलिए उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा था और इसी बात को देखते हुए साल 1981 में कंप्यूटर की फील्ड में एक बहुत ही शानदार खोज हुई। साल 1981 में एडम नाम के व्यक्ति के द्वारा लैपटॉप की खोज की गई।

लैपटॉप के लिए किसी अलग से डिवाइस को इस्तेमाल करने की आवश्यकता नहीं थी क्योंकि लैपटॉप में पहले से ही टचपैड, कीबोर्ड, माउस, स्पीकर, माइक्रोफोन इत्यादि सभी फीचर्स इन बिल्ड थे।

इसलिए जब लैपटॉप को मार्केट में लांच किया गया तो देखते ही देखते यह लोगों को काफी अधिक पसंद आने लगा और लोग बड़ी मात्रा में लैपटॉप की खरीदारी करने लगे।

लैपटॉप पोर्टेबल होने की वजह से इसे एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाना भी काफी सरल हो गया। मार्केट में जब लैपटॉप को लांच किया गया था तब इसकी कीमत 795 डॉलर रखी गई थी परंतु अधिक कीमत होने के बावजूद भी लोगों ने जमकर लैपटॉप की खरीदारी की।

कंप्यूटर की माता कौन हैं?

कंप्यूटर की माता के तौर पर एडा लवलेस नाम की महिला को जानते हैं। एडा लवलेस एक अंग्रेजी मैथमेटिशियन और लेखिका थी। 

चार्ल्स बैबेज के द्वारा जिस एनालिटिकल इंजन का निर्माण किया गया था उसी एनालिटिकल इंजन पर एडा लवलेस के द्वारा काम किया गया था और एडा लवलेस के द्वारा ही सबसे पहली बार इस बात को समझा गया था कि एनालिटिकल इंजन सही कैलकुलेशन करने के साथ ही साथ अन्य कई काम करने की भी कैपेसिटी रखता है।

पर्सनल कंप्यूटर के जनक कौन है?

पर्सनल कंप्यूटर के जनक के तौर पर हेनरी एडवर्ड रोबोट का नाम लिया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पर्सनल कंप्यूटर को माइक्रोप्रोसेसर के द्वारा बनाया गया है जिसका इस्तेमाल आजकल बड़े पैमाने पर देश और दुनिया भर में हो रहा है।

आधुनिक कंप्यूटर के जनक कौन है?

आधुनिक कंप्यूटर के जनक के तौर पर एलन टयूरिंग का नाम लिया जाता है। इनका जन्म इंग्लैंड देश में हुआ था और यह इंग्लैंड देश के बहुत ही प्रसिद्ध गणितज्ञ और तर्कशास्त्र थे।

साल 1912 में 23 जून के दिन इंग्लैंड देश के लंदन शहर में इनका जन्म हुआ था। इनके द्वारा ही टयूरिंग नाम की मशीन की खोज की गई थी। टयूरिंग मशीन एल्गोरिदम और अभिकलन की अवधारणा के लिए जिम्मेदार है।

आज के इस आर्टिकल में आपने कंप्यूटर के जनक कौन है आशा करता हूं कि आपको जानकारी पसंद आई होगी।

FAQ:

Q: भारतीय सुपर कंप्यूटर के जनक कौन हैं?

ANS: विजय भाटकर

Q: फादर ऑफ कंप्यूटर किसे कहा जाता है?

ANS: चार्ल्स बैबेज

Q: कंप्यूटर की माता किसे कहते हैं?

ANS: एडा लवलेस

Q: चार्ल्स बैबेज के द्वारा खोजी गई मशीन का नाम क्या था?

ANS: एनालिटिकल इंजन

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आपको कंप्यूटर के बारे में पूरा पता चल गया होगा अगर आर्टिकल पसंद आया है तो इसे अपने दोस्तों को सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें।


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