कंप्यूटर के भाग एवं उनके कार्य (Parts of Computer in Hindi)


आज Computer को समझने के लिए आपको Computer Ke Kitne Parts Hote Hai के बारे मे विस्तार पूर्वक जानकारी होनी चाहिए। आप इस बात से भलीभांति परिचित होंगे कि कंप्यूटर अकेले ही काम नहीं कर सकता है बल्कि कंप्यूटर को काम करने के लिए दूसरे डिवाइस और अन्य कई सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की आवश्यकता होती है, जिनका काम अलग अलग होता है। आजके इस पोस्ट में हम कंप्यूटर के भाग एवं उनके कार्य (Parts of Computer in Hindi) को समझिंगे।


कंप्यूटर के भाग एवं उनके कार्य (Parts of Computer in Hindi)

जैसे कि अगर हमें कंप्यूटर में कुछ टाइप करना है तो कीबोर्ड की आवश्यकता पड़ेगी, वही कंप्यूटर में अगर हमें साउंड सुनना है तो हमें स्पीकर की आवश्यकता पड़ेगी। इस प्रकार से अलग-अलग पार्ट से मिलकर के कंप्यूटर बना हुआ होता है, 


तो अगर आप यह जानने में इंटरेस्ट रखते हैं कि “कंप्यूटर के कितने पार्ट होते हैं” तो आज इस आर्टिकल में हम कंप्यूटर के भाग एवं उनके कार्य (Parts of Computer in Hindi) के नाम जानेंगे।

कंप्यूटर के भाग एवं उनके कार्य (Parts of Computer in Hindi)

कंप्यूटर हमारे लिए कितना उपयोगी है, यह बात किसी से छिपी हुई नहीं है, क्योंकि आज घर-घर कंप्यूटर का इस्तेमाल हो रहा है, परंतु क्या आप जानते हैं कि कंप्यूटर अकेले ही सब काम नहीं कर पाता है बल्कि कंप्यूटर को भी काम करने के लिए दूसरे पार्ट की दरकार होती है।

अगर आप सिर्फ कंप्यूटर ला लेते हैं और सीपीयू नहीं लाते हैं तो समझ लीजिए आपका कंप्यूटर एक डब्बा ही है, वहीं अगर आपके कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर में भी खराबी आ जाती है तो इसकी वजह से भी आपको कंप्यूटर पर काम करने में काफी दिक्कत हो सकती है।

इस प्रकार कंप्यूटर के सभी सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर कहीं ना कहीं एक दूसरे के साथ मिलकर के काम करते हैं और कंप्लीट कंप्यूटर बनाते हैं।

1: कीबोर्ड

कीबोर्ड को हिंदी भाषा में कुंजीपटल कहा जाता है। यह कंप्यूटर का बहुत ही जरूरी इनपुट पार्ट होता है।

कंप्यूटर पर काम करने के दरमियान जब हमें कंप्यूटर को किसी भी प्रकार का संकेत देना होता है तो कंप्यूटर को संकेत देने के लिए कीबोर्ड का ही इस्तेमाल किया जाता है। कीबोर्ड पर अलग-अलग प्रकार की बटन होती है, जिनका इस्तेमाल अलग-अलग इंस्ट्रक्शन को देने के लिए किया जाता है।

कीबोर्ड के द्वारा हम कंप्यूटर पर टाइपिंग करते हैं। कीबोर्ड पर टाइपिंग बटन मौजूद होती है। इसके अलावा कंट्रोल बटन, नेवीगेशन बटन, इंडिकेटर लाइट और न्यूमैरिक बटन भी मौजूद होती है।

आपको कंप्यूटर में चाहे किसी भी चीज को क्यों ना टाइप करना हो, आपको कीबोर्ड का इस्तेमाल करना ही पड़ता है। हालांकि कुछ कंप्यूटर अब टचस्क्रीन भी आने लगे हैं परंतु कीबोर्ड की उपयोगिता अभी भी कम नहीं हुई है। कीबोर्ड से टाइपिंग करना काफी सरल होता है।

2: माउस

माउस की गिनती भी कंप्यूटर के महत्वपूर्ण पार्ट में होती है। इसके द्वारा कंप्यूटर को कंट्रोल किया जाता है। कंप्यूटर को जो भी इंस्ट्रक्शन दिए जाते हैं उसे माउस के द्वारा ही दिया जाता है।

इसके अलावा कंप्यूटर की स्क्रीन पर दिखाई दे रहे किसी भी ऑप्शन पर जब हमें क्लिक करने की आवश्यकता होती है तो इसके लिए माउस का इस्तेमाल किया जाता है, साथ ही कंप्यूटर पर दिखाई देने वाले तीर के निशान यानी pointer को किसी भी जगह पर ले जाने के लिए भी माउस का इस्तेमाल होता है।

हालांकि अगर आपके कंप्यूटर में की बोर्ड लगा हुआ है तो आप बिना माउस के भी कंप्यूटर को इंस्ट्रक्शन दे सकते हैं परंतु माउस होने की वजह से आपका काम थोड़ा तेजी से हो जाता है।

3: सीपीयू

सीपीयू का फुल फॉर्म सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट होता है। कंप्यूटर के आवश्यक अंगों में इसकी गिनती होती है, क्योंकि सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट के द्वारा ही कंप्यूटर से कनेक्ट हुए सभी साधनों को कंट्रोल किया जाता है। सीपीयू को सेंट्रल प्रोसेसर, प्रोसेसर और माइक्रो प्रोसेसर भी कहा जाता है।

इसके अलावा कंप्यूटर का दिमाग भी सीपीयू को ही कहा जाता है। सीपीयू कंप्यूटर के मदरबोर्ड में स्थित होता है और यह इनपुट इंस्ट्रक्शन को लेता है और उसे प्रोसेस करके आउटपुट प्रदान करता है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि सीपीयू 1 सेकंड में ट्रिलियन कैलकुलेशन कर सकता है, क्योंकि इसके काम करने की स्पीड काफी तेज है। सीपीयू के मुख्य भाग अर्थमैटिक लॉजिक यूनिट, कंट्रोल यूनिट और मेमोरी यूनिट होते हैं।

4: मॉनिटर

कंप्यूटर का जो डिस्प्ले होता है उसे ही मॉनिटर कहा जाता है। जिस पर हमें फोटो,वीडियो और अन्य चीजें दिखाई देती है। अधिकतर मॉनिटर को कंट्रोल करने के लिए कंट्रोल बटन मौजूद होती है जिसके द्वारा हम डिस्प्ले सेटिंग को बदल सकते हैं। 


वर्तमान के समय में जो मॉनिटर आ रहे हैं वह एलसीडी या फिर एलईडी वाले मॉनिटर होते हैं। मॉनिटर की गिनती कंप्यूटर के आउटपुट डिवाइस में होती है।

5: मदरबोर्ड

मदर बोर्ड भी कंप्यूटर का बहुत ही जरूरी भाग होता है। अगर हम यह कह के मदरबोर्ड कंप्यूटर के रीड की हड्डी होती है तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं होगी। मदर बोर्ड एक प्रकार का सर्किट बोर्ड होता है जो कंप्यूटर के साथ अटैच हुए दूसरे पार्ट को फिजिकल तौर पर पकड़ कर रखता है।

माउस, कीबोर्ड और स्पीकर जैसे कई पार्ट मदरबोर्ड में ही plug किए जाते हैं। इसके अलावा ड्राइव, पावर सप्लाई, सीपीयू जैसे पार्ट भी मदरबोर्ड के साथ कनेक्टेड होते हैं।

6: जीपीयू

जीपीयू का फुल फॉर्म ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट होता है। इसके द्वारा ही कंप्यूटर में अच्छी क्वालिटी का विजुअल जनरेट किया जाता है, जो कि अलग-अलग वीडियो गेम्स में उपलब्ध होते हैं।

हम कंप्यूटर में जब वीडियो गेम खेलते हैं तो उसकी जो क्वालिटी हमें अच्छी दिखाई देती है वह जीपीयू की वजह से ही पॉसिबल हो पाती है। इसके द्वारा ही कंप्यूटर में हमें अच्छी क्वालिटी की फोटो दिखाई देती है। इसका मुख्य काम मॉनिटर के साथ कम्युनिकेट करना होता है।

7: रैम

इसका पूरा मतलब रेंडम एक्सेस मेमोरी होता है और इसकी गिनती सॉफ्टवेयर में होती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रेंडम एक्सेस मेमोरी में सिर्फ थोड़े टाइम के लिए ही कोई भी चीज स्टोर होती है और जब आप अपने लैपटॉप या फिर कंप्यूटर को पावर ऑफ कर देते हैं तो रेंडम एक्सेस मेमोरी अपने आप को खाली कर देता है या फिर रिसेट कर लेता है।

कोई भी कंप्यूटर या फिर डिवाइस तभी तेज गति के साथ काम कर सकता है जब उसमें अधिक से अधिक रेंडम एक्सेस मेमोरी हो। इसलिए जब हम कभी स्मार्टफोन लेते हैं तो उसमें यह अवश्य चेक करते हैं कि स्मार्ट फोन की रैम कितनी है। सामान्य तौर पर डिवाइस की रैम 1GB, 2GB, 3GB, 4GB और इससे अधिक हो सकती है।

8: रोम

रोम का फुल फॉर्म रीड ओनली मेमोरी होता है जिसमें हमेशा डाटा स्टोर हो करके रहता है।, भले ही आप चाहे अपने कंप्यूटर को बंद कर दे या फिर लैपटॉप को बंद कर दे। इसमें जो डाटा होता है।

वह कभी भी चेंज नहीं होता है ना ही आप इसमें मौजूद डाटा को डिलीट कर सकते हैं। आप रीड ओनली मेमोरी में उपलब्ध डाटा को सिर्फ पढ़ सकते हैं। इसीलिए इसे रीड ओनली मेमोरी कहते हैं।

9: हार्ड ड्राइव

यह एक प्रकार का मूविंग पार्ट होता है। जब भी किसी भी प्रोग्राम को चलाने के लिए प्रोसेसर को किसी फाइल की आवश्यकता होती है तब वह हार्ड ड्राइव से कॉपी करके रैम में लोड हो जाती है। हार्ड ड्राइव की क्षमता को टेराबाइट और गीगाबाइट में नापा जाता है।

10: एसएसडी

इसका फुल फॉर्म सॉलि़ड स्टेट ड्राइव होता है। यह भी हार्ड ड्राइव की तरह ही होता है परंतु आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सॉलि़ड स्टेट ड्राइव में किसी भी प्रकार का मूविंग पार्ट नहीं होता है बल्कि इसमें फ्लैश मेमोरी मौजूद होती है और उसी फ्लैश मेमोरी के अंदर डाटा स्टोर होता है।

हालांकि इसकी कमी यह है कि इसमें अधिक मात्रा में डाटास्टोर नहीं हो सकता है परंतु इसकी परफॉर्मेंस बहुत ही तगड़ी होती है साथ ही तेज होती है और यह जल्दी से खराब भी नहीं होता है।

11: स्केनर

इसे कंप्यूटर का इनपुट डिवाइस कहा जाता है। इसका इस्तेमाल करते हुए कंप्यूटर के किसी भी दस्तावेज को या फिर शब्द को स्कैन किया जा सकता है और किसी भी आर्टिकल को अथवा कंटेंट को स्कैन करने के पश्चात उसे कंप्यूटर के अंदर ही डिजिटल फॉर्मेट में स्टोर किया जा सकता है अथवा इस्तेमाल किया जा सकता है। स्केनर का इस्तेमाल करने से दस्तावेज या फिर शब्द की क्वालिटी काफी अच्छी हो जाती है।

12: स्पीकर

स्पीकर के द्वारा ध्वनि पैदा की जाती है और यह लगभग हर कंप्यूटर और लैपटॉप में होता ही है। अगर स्पीकर कंप्यूटर में ना हो तो हमें कंप्यूटर की कोई भी आवाज नहीं सुनाई देगी। स्पीकर को आउटपुट डिवाइस कहा जाता है। इसके द्वारा ध्वनि पैदा की जाती है।

कंप्यूटर में जब हम कोई वीडियो गेम चलाते हैं या फिर कोई गाना चलाते हैं अथवा वीडियो चलाते हैं तो उसका जो साउंड होता है वह स्पीकर की वजह से ही हमें सुनाई देता है। अगर स्पीकर खराब हो जाता है तो हमें साउंड नहीं सुनाई देगा।

13: प्रिंटर

कंप्यूटर के ऊपर मौजूद किसी भी प्रकार के दस्तावेज को जब हमें प्रिंट करके फिजिकल फॉर्मेट में प्राप्त करने की आवश्यकता होती है तो प्रिंटर का इस्तेमाल किया जाता है। प्रिंटर भी कंप्यूटर का आउटपुट डिवाइस होता है।

एग्जांपल के तौर पर अगर आपको कंप्यूटर की स्क्रीन पर दिखाई दे रहे किसी शब्द या फिर फोटो को प्रिंट करना है तो इसके लिए आपको अपने कंप्यूटर के साथ प्रिंटर को अटैच करने की आवश्यकता होगी।

प्रिंटर के अंदर मौजूद सफेद प्लेन कागज पर कंप्यूटर की फोटो या फिर शब्द प्रिंट हो करके आते हैं। जो भी व्यक्ति बिजनेस के उद्देश्य से कंप्यूटर रखता है उसके पास प्रिंटर अवश्य होता है।

14: फ्लॉपी डिस्क ड्राइव

इसके अंदर भी कंप्यूटर का डाटा स्टोर होता है। पहले के समय में काफी बड़ी मात्रा में इसका इस्तेमाल किया जाता था। बता दें कि फ्लॉपी डिस्क ड्राइव अलग-अलग आकार में उपलब्ध होती है। हालांकि हार्ड डिस्क ड्राइव की तुलना में इसकी क्षमता डाटा को स्टोर करने की कम होती है।

15: हार्ड डिस्क ड्राइव

हमारे पास मौजूद सभी प्रकार के डिजिटल कंटेंट को कंप्यूटर में स्टोर करने के लिए जो डिस्क काम आती है उसे ही हार्ड डिस्क ड्राइव कहा जाता है।

हार्ड डिस्क ड्राइव में हम बड़ी मात्रा में डाटा को स्टोर करके रख सकते हैं साथ ही हम जब चाहे तब इसके अंदर स्टोर डाटा को एक्सेस भी कर सकते हैं।

हालांकि बता दें वर्तमान के कंप्यूटर्स में हार्ड डिस्क ड्राइव की जगह पर एसएसडी का इस्तेमाल किया जा रहा है, क्योंकि एसएसडी के द्वारा डाटा को ज्यादा स्पीड में प्रोसेस किया जाता है।

16: सीडी अथवा डीवीडी ड्राइव

देखा जाए तो फ्लॉपी डिस्क और हार्ड डिस्क ड्राइव की तुलना में सीडी अथवा डीवीडी के डाटा को स्टोर करने की कैपेसिटी कम ही होती है। इसमें डाटा स्टोर करने की जो लिमिट है अगर वह पूरी हो जाती है तो आप और डाटा लोड नहीं कर सकते हैं।

अगर आपको और डाटा लोड करना है तो आपको पहले से ही मौजूद कुछ डाटा को डिलीट करना पड़ेगा अर्थात सीडी में स्टोरेज खाली करना पड़ेगा तभी आप दूसरे डाटा को स्टोर कर सकेंगे।

कंप्यूटर के सभी आउटपुट डिवाइस की लिस्ट

कंप्यूटर के महत्वपूर्ण डिवाइस में आउटपुट डिवाइस की गिनती होती है। आउटपुट डिवाइस कंप्यूटर से आउटपुट प्राप्त करते हैं। जब हम कंप्यूटर को कोई इंस्ट्रक्शन देते हैं तो वह इनपुट कहलाता है।

और जब वह इंस्ट्रक्शन प्रोसेस हो करके हमें रिजल्ट देता है तो उसे आउटपुट कहते हैं और जो डिवाइस आउटपुट देता है उसे आउटपुट डिवाइस कहां जाता है। कंप्यूटर के प्रमुख आउटपुट डिवाइस की लिस्ट निम्नानुसार है।

  • Monitor
  • Printer
  • Headphones
  • Computer Speakers
  • Projector
  • GPS
  • Sound card
  • Video card
  • Braille reader
  • Speech Synthesizer
  • Plotter
  • Touchscreen

कंप्यूटर के सभी इनपुट डिवाइस की लिस्ट

इनपुट डिवाइस उसे कहा जाता है जिसके द्वारा हम कंप्यूटर को इंस्ट्रक्शन देते हैं। जैसे कि हमें कंप्यूटर पर दिखाई दे रहे किसी ऑप्शन पर क्लिक करना होता है तो हमें इसके लिए माउस का इस्तेमाल करके उस ऑप्शन पर क्लिक करना होता है।

इस प्रकार से माउस इनपुट डिवाइस साबित हुआ। इसके अलावा कंप्यूटर के इनपुट डिवाइस कौन से हैं उसकी सूची निम्नानुसार है।

  • Keyboard
  • Mouse
  • Joy Stick
  • Light pen
  • Track Ball
  • Scanner
  • Graphic Tablet
  • Microphone
  • Magnetic Ink Card Reader(MICR)
  • Optical Character Reader(OCR)
  • Bar Code Reader
  • Optical Mark Reader(OMR)

FAQ:

कंप्यूटर के कुल कितने भाग होते हैं?

विभिन्न

कंप्यूटर का फादर किसे कहा जाता है?

चार्ल्स बैबेज

स्पीकर कंप्यूटर का इनपुट डिवाइस है अथवा आउटपुट?

आउटपुट डिवाइस

माउस इनपुट डिवाइस है अथवा आउटपुट?

इनपुट डिवाइस

इस लेख मे हमने आपको कंप्यूटर के भाग एवं उनके कार्य (Parts of Computer in Hindi) के बारे मे सरल शब्दों मे समझने का प्रयास किया है। इस लेख को पढ़ कर आप कंप्युटर और उसके पार्ट्स को समझ पाए होंगे।

Hope अब आपको कंप्यूटर के भाग एवं उनके कार्य (Parts of Computer in Hindi) समझ आ गया होगा, और आप जान गये होगे की कंप्युटर के अलग अलग पार्ट कैसे काम करते है। 

अगर आपके पास कोई सवाल है, तो आप नीचे कमेंट में पूछ सकते हो. और अगर आपको यह पोस्ट हेल्पफुल लगा हो तो इसको सोशल मीडिया पर अपने अपने दोस्तों के साथ शेयर भी कर सकते हो.


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