कंप्यूटर ऑपरेटर क्या होता है और कैसे बने? (पूरी जानकारी)


Computer operator course 3 महीने से लेकर के 6 महीने का होता है। अगर कोई व्यक्ति आसानी से कम्प्यूटर के क्षेत्र में नौकरी प्राप्त करना चाहता है, तो उसे कंप्यूटर ऑपरेटर का कोर्स करना चाहिए, लेकिन उससे पहले आपको पता होना चाहिये कि कंप्यूटर ऑपरेटर क्या होता है और कैसे बने? (पूरी जानकारी)

कंप्यूटर ऑपरेटर क्या है

इस कोर्स को करने के बाद आप आसानी से किसी भी ऑफिस या फिर कंपनी में डाटा एंट्री ऑपरेटर का काम प्राप्त कर सकता है, साथ ही कुछ गवर्नमेंट नौकरी में भी वह अप्लाई कर सकता है।


Computer operator बनने के लिए आपको दसवीं क्लास पास करना पड़ेगा। इसके बाद आप कंप्यूटर ऑपरेटर का कोर्स कर सकते हैं। कंप्यूटर ऑपरेटर कोर्स के अंतर्गत आपको कंप्यूटर की सामान्य बातें सिखाई जाती है। आइए इस आर्टिकल में “कंप्यूटर ऑपरेटर क्या होता है?” या “कंप्यूटर ऑपरेटर कैसे बना जाता है” के बारे में जानकारी हासिल करें।

कंप्यूटर ऑपरेटर क्या होता है? (What is Computer Operator in Hindi)

कम्प्यूटर को कंट्रोल करने एवम उसकी देखभाल के लिए जो व्यक्ति जिम्मेदार होता है, उसे कंप्यूटर ऑपरेटर कहा जाता है। विशेषकर एक कंप्यूटर ऑपरेटर बड़े कंप्यूटर्स को ऑपरेट करता है जैसे मेनफ्रेम कम्प्यूटर जिनका उपयोग किसी संस्था या कम्पनी में होता है वह कंप्यूटर ऑपरेटर कहलाता है।

जो काम एक डाटा एंट्री ऑपरेटर करता है, वही काम Computer operator के द्वारा भी किया जा सकता है। एक प्रकार से कंप्यूटर ऑपरेटर को इस बात की अच्छी जानकारी होती है कि कंप्यूटर में डाटा की फिटिंग कैसे की जाती है, कंप्यूटर में एक्सेल शीट कैसे तैयार की जाती है, एमएस वर्ड में डॉक्यूमेंट कैसे बनाया जाता है इत्यादि।

कंप्यूटर ऑपरेटर को यह भी पता होता है कि कंप्यूटर के जितने भी आउटपुट डिवाइस हैं, उन्हें ऑपरेट कैसे करना है। जैसे कि सीपीयू, कीबोर्ड, माउस, प्रिंटर इत्यादि।

एक Computer operator को आसानी से प्राइवेट नौकरी भी मिल जाती है, साथ ही अगर वह प्रयास करता है तो वह गवर्नमेंट नौकरी भी प्राप्त कर सकता है। देखा जाए तो मुख्य तौर पर कंप्यूटर ऑपरेटर को कंप्यूटर में डाटा की feeding करनी होती है।

हालांकि कंप्यूटर ऑपरेटर ऐसे ही लोगों को रखा जाता है जिनकी टाइपिंग स्पीड अच्छी होती है। सामान्य तौर पर जिन कंप्यूटर ऑपरेटर की टाइपिंग की स्पीड 35 शब्द प्रति मिनट की होती है उन्हें नौकरी में ज्यादा तवज्जो दी जाती है।

जो भी व्यक्ति कंप्यूटर ऑपरेटर बनना चाहते हैं, उन्हें मुख्य तौर पर कंप्यूटर की सामान्य जानकारी होनी चाहिए, साथ ही उन्हें अपनी टाइपिंग स्पीड पर भी फोकस करना चाहिए, क्योंकि कंप्यूटर पर अधिक मात्रा में डाटा को डालना होता है।

ऐसे में अगर typing speed सही नहीं होगी तो लोगों के लिए यह काम कर पाना काफी मुश्किल होगा। इसके साथ ही एक कंप्यूटर ऑपरेटर की एक्यूरेसी क्षमता भी अच्छी होनी चाहिए, वरना इसकी वजह से उसके काम पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।

कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए क्या जरूरी है?

कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए आपको कंप्यूटर की सामान्य जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा भी कुछ ऐसी बातें हैं जिस पर आपको फोकस करना चाहिए। नीचे उन सभी बातों के बारे में आपको बताया जा रहा है।

  • शैक्षिक योग्यता: कंप्यूटर ऑपरेटर की जो पोस्ट होती है उसकी डिमांड हर जगह पर अलग-अलग होती है। कहीं-कहीं पर जिन विद्यार्थियों ने 10th या फिर 12th क्लास को पास किया हुआ है और कंप्यूटर ऑपरेटर का काम सीखा हुआ है उन्हें नौकरी पर रखा जाता है तो कहीं-कहीं ग्रेजुएशन की भी डिमांड होती है। इसलिए आपकी जो भी प्रोफाइल होगी उसी के हिसाब से एजुकेशन क्वालीफिकेशन की डिमांड होगी।
  • भाषा: आपको hindi या फिर english भाषा की जानकारी होनी चाहिए, क्योंकि यही वह दो भाषाएं हैं जिसमें सबसे ज्यादा कंप्यूटर ऑपरेटर को काम करना पड़ता है। इसमें भी अंग्रेजी भाषा में कंप्यूटर ऑपरेटर को ज्यादा काम करना पड़ता है। इसलिए यह आवश्यक है कि व्यक्ति को हिंदी और अंग्रेजी भाषा की अच्छी समझ हो।
  • टाइपिंग स्पीड: कंप्यूटर ऑपरेटर को सबसे अधिक डाटा एंट्री का काम करना पड़ता है और इसके लिए सबसे आवश्यक यह है कि उसकी टाइपिंग स्पीड अच्छी होनी चाहिए। अधिकतर जगह पर जिन कंप्यूटर ऑपरेटर की टाइपिंग स्पीड 35 शब्द प्रति मिनट की होती है, उन्हें ज्यादा तवज्जो दी जाती है। इसलिए अपने टाइपिंग स्पीड को अधिक से अधिक फास्ट बना करके रखें। इसके लिए रोजाना कंप्यूटर पर टाइपिंग करने का प्रयास करें।
  • कंप्यूटर नॉलेज: कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए आपको ms office की पूरी जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा आपको एम एस एक्सेल, एम एस पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन की भी जानकारी होनी चाहिए।
  • उम्र: अधिकतर जगह पर किसी भी काम को करने के लिए कम से कम 18 साल की उम्र मांगी जाती है। इस प्रकार कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए भी आपकी उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए और आप की अधिक से अधिक उम्र 27 साल होनी चाहिए। हालांकि जब आप कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी करते हैं, तो इसमें उम्र की कोई भी बाध्यता नहीं होती है।

कंप्यूटर ऑपरेटर कैसे बने?

कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए आपको अपनी प्रिपरेशन अच्छे से करनी पड़ेगी, साथ ही आपको मुख्य तौर पर अपनी टाइपिंग पर भी फोकस करना पड़ेगा और आपको यह प्रयास करना पड़ेगा कि आप की हर मिनट में अधिक से अधिक शब्दों को टाइप करने की स्पीड में सुधार आए।

कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए देखा जाए तो कोई स्पेशल चयन प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाता है। कुछ जगह ऐसी होती है जहां पर आप को एग्जाम देनी पड़ती है और उसके बाद इंटरव्यू देना पड़ता है। हालांकि कुछ जगह ऐसी भी है जहां पर आप सिर्फ कंप्यूटर ऑपरेटर का कोर्स करके ही डायरेक्ट नौकरी पाने का प्रयास कर सकते हैं।


अगर आप गवर्नमेंट सेक्टर में नौकरी पाना चाहते हैं तो आपको संबंधित सेक्टर के हिसाब से एग्जाम देनी होती है। उसके पश्चात आपकी परफॉर्मेंस के आधार पर आपका सिलेक्शन होता है, वहीं प्राइवेट सेक्टर में आप कंप्यूटर ऑपरेटर का कोर्स करने के बाद नौकरी पाने के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

कंप्यूटर ऑपरेटर का क्या काम होता है?

जो डाटा कंप्यूटर ऑपरेटर को प्राप्त होते हैं, उन डाटा को कंप्यूटर ऑपरेटर को कंप्यूटर में डालना होता है और यही इनका मुख्य काम भी होता है। डाटा की फिडिंग करने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर कंप्यूटर, स्कैनर, माउस और कीबोर्ड का इस्तेमाल करते हैं। 

इन्हें जो डाटा प्राप्त होता है उसे माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल में भरना होता है, साथ ही एमएस वर्ड में इन्हें डॉक्यूमेंट क्रिएट करने होते हैं। इसके अलावा इन्हें आवश्यकता पड़ने पर ईमेल भी भेजना होता है।

कंप्यूटर ऑपरेटर की सैलेरी कितनी है?

चाहे गवर्नमेंट सेक्टर हो या फिर प्राइवेट सेक्टर हो, Computer Operator Salary 10000 से लेकर के 25000 के आसपास में होती है। अगर कोई व्यक्ति कंप्यूटर ऑपरेटर के अंतर्गत प्राइवेट सेक्टर में नौकरी कर रहा है, 


तो उसकी महीने की तनख्वाह 12000 से लेकर के 15000 के आसपास में होगी और अगर व्यक्ति गवर्नमेंट सेक्टर में नौकरी कर रहा है तो उसकी महीने की तनख्वाह 19000 से लेकर के 25000 के आसपास में हो सकती है। हालांकि यह तनख्वाह कंपनी या फिर ऑफिस के हिसाब से अलग-अलग भी हो सकती है।

कंप्यूटर ऑपरेटर की जिम्मेदारी क्या है?

नीचे आपको कंप्यूटर ऑपरेटर की जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई है।

  • कंप्यूटर ऑपरेटर, कंप्यूटर के जरिए डाटा निकालकर के देता है।
  • कंपनी की प्रोसेस के हिसाब से अलग-अलग task को पूरा करता है।
  • सिस्टम के द्वारा डिटरमाइंड किए गए डेली टास्क को मॉनिटर करता है।
  • आवश्यकता पड़ने पर किसी भी डॉक्यूमेंट में बदलाव करता है साथ ही उसकी एडिटिंग भी करता है।
  • कंपनी के द्वारा दिए गए डाटा को कंप्यूटर में फीड करता है।
  • एक कंप्यूटर ऑपरेटर इसके अलावा भी टेक्निकल कार्य करता है।

कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के फायदे?

कंप्यूटर ऑपरेटर का कोर्स जब आप पूरा कर लेते हैं तो उसके बाद अगर आप तुरंत नौकरी पाने की इच्छा रखते है तो आप किसी प्राइवेट इंस्टिट्यूट में नौकरी के लिए अप्लाई कर सकते हैं या फिर आप चाहे तो किसी दुकान में भी नौकरी के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

इसके अलावा गवर्नमेंट के द्वारा जब कोई ऐसी वैकेंसी निकाली जाए, जिसमें कंप्यूटर ऑपरेटर की आवश्यकता हो, तो आप उस नौकरी में अप्लाई कर सकते हैं।

अप्लाई करने के पश्चात अगर आपका सिलेक्शन होता है, तो आपको काफी बढ़िया सैलरी महीने में प्राप्त होगी। कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के पश्चात आप चाहे तो घर बैठे भी काम कर सकते हैं।

इसके लिए आपको इंटरनेट पर मौजूद अलग-अलग फ्रीलांसर वेबसाइट पर जा करके अपना अकाउंट बनाना है और वहां पर काम प्राप्त करने का प्रयास करना है। अगर आपको काम प्राप्त हो जाता है तो आप घर बैठे कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करके पैसे कमा सकते हैं।

कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए कौशल

  • जो भी व्यक्ति कंप्यूटर ऑपरेटर बनना चाहता है उसे कंप्यूटर में सबसे पहले तो इंटरेस्ट लेना होगा।
  • कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए आपको 3 महीने का अथवा 6 महीने का कंप्यूटर का कोर्स भी करना पड़ेगा।
  • कंप्यूटर ऑपरेटर बनने वाले व्यक्ति को एक्सेल, कोरल्ड्रॉ, डाटा एंट्री, एमएस ऑफिस और पावर पॉइंट के बारे में भी अच्छी जानकारी होनी चाहिए।
  • व्यक्ति को अंग्रेजी भाषा की भी जानकारी होनी चाहिए और उसकी टाइपिंग की स्पीड भी अच्छी होनी चाहिए।

कंप्यूटर ऑपरेटर का करियर और स्कोप

कंप्यूटर ऑपरेटर बन जाने के पश्चात आप तुरंत ही नौकरी पाने के लिए प्रयास कर सकते हैं, साथ ही अगर आप घर बैठे पैसा कमाना चाहते हैं तो आप फ्रीलांसिंग वेबसाइट पर अपना अकाउंट बना करके वहां से काम प्राप्त करने का प्रयास कर सकते हैं। 

इसके अलावा गवर्नमेंट भी जब कंप्यूटर ऑपरेटर बनने की नौकरी निकाले तब आप उसमें अप्लाई कर सकते हैं। इस प्रकार से आप गवर्नमेंट नौकरी भी पाने के लिए एलिजिबल होते हैं।

FAQ:

कंप्यूटर ऑपरेटर बनने के लिए कौन सा कोर्स करें?

कंप्यूटर ऑपरेटर कोर्स अथवा डाटा एंट्री कोर्स

कंप्यूटर ऑपरेटर की सैलरी कितनी है?

अनुभव पर निर्भर करता है।

कंप्यूटर ऑपरेटर का मतलब क्या है?

कंप्यूटर ऑपरेट करने वाला

हमने इस आर्टिकल के द्वारा आपको कंप्यूटर ऑपरेटर क्या है (What Is Computer Operator In Hindi) के बारे में जानकारी दी है

Hope आपको कंप्यूटर ऑपरेटर क्या होता है और कैसे बने? (पूरी जानकारी) का यह पोस्ट पसंद आया होगा, ओर हेल्पफ़ुल लगा होगा।


दोस्तो! हमें उम्मीद है आज का यह लेख आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ होगा। आप इस लेख से जुड़े अपने विचारों को कमेंट की मदद से हमें बता सकते हैं।

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