साइकिल का आविष्कार किसने किया और कब हुआ?


साइकिल का आविष्कार किसने किया और कब हुआ? आज हमारे पास कई प्रकार के परिवहन के साधन उपलब्ध है जिसके माध्यम से हम एक स्थान से दूसरे स्थान में आसानी के साथ आना जाना कर सकते हैं। इनमें से कुछ ऐसे साधन होते हैं, जो हमारी शारीरिक क्षमता को बढ़ाते हैं और हमारे अंदर उर्जा का भी संचार करते हैं। 

साइकिल का आविष्कार किसने किया और कब हुआ?

इन परिवहन के माध्यम से लंबी दूरी को छोटी बनाया जा सकता है और अपने सफर को भी रोमांचक किया जा सकता है। ऐसे में आज हम आपको एक मुख्य परिवहन के साधन के बारे में जानकारी देने वाले हैं और वह है साइकिल। साइकिल को मुख्य रूप से परिवहन का माध्यम इसलिए माना जाता है क्योंकि यह शुरुआती समय से ही हमारे साथ जुड़ी हुई है और आज भी ग्रामीण हो या शहरी दोनों स्थानों पर इसका उपयोग देखा जाता है।


आज हम आपको साइकिल के आविष्कार और इससे जुड़ी कई सारी महत्वपूर्ण जानकारी देने वाले हैं जिसके माध्यम से आप अपने ज्ञान में इजाफा कर सकेंगे. तो चलिए देखते हैं की आख़िर साइकिल क्या है? और साइकिल का आविष्कार किसने किया और कब हुआ?

साइकिल क्या है? 

साइकिल को हम मुख्य रूप से आवागमन के साधन के रूप में देखते हैं, जिन्हें सामान्य रूप से एक निश्चित दूरी के लिए उपयोग किया जाता है। वर्तमान समय में साइकिल चलाना एक मनोरंजक के रूप में देखा जाता है, जहां इसके माध्यम से लोग अब खुद को फिट रखने का काम करते हैं और साथ ही साथ खुद को स्वस्थ भी बना सकते हैं।

साइकिल का आविष्कार किसने किया?

साइकिल को अंग्रेजी में ‘’बाइसिकल’’ कहा जाता है और यह एक फ्रांसीसी शब्द है जिसे 1860 के बाद से ही उपयोग किया जाने लगा था। यह मुख्य रूप से दो पहियों वाली होती है साइकिल का आविष्कार इंग्लैंड के निवासी Hans Ronald ने किया था। यह वह समय था, जब ज्यादा से ज्यादा  लोग साईकिल का इस्तेमाल करते थे और ऐसा माना जाता है कि इसके अविष्कार के पहले ही इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई थी जिसे 1817 में जर्मनी के वैज्ञानिक बैरल कार ने किया था। 

भारत में साइकिल का आविष्कार कब हुआ?

भारत में कई लोग ऐसे थे, जो साइकिल के माध्यम से ही अपना काम पूरा करते थे और एक जगह से दूसरी जगह जाकर नया काम हासिल कर पाते थे। ऐसे में भारत की आजादी के बाद से ही लोग ज्यादा से ज्यादा साइकिल का इस्तेमाल करते थे और वह समय था जब भारत के परिवार में एक या दो साईकिल अनिवार्य रूप से पाई जाती थी। 

प्राचीन समय में साइकिल का इस्तेमाल भी ज्यादा अच्छा माना गया क्योंकि यह काफी किफायती था और इसके माध्यम से कम खर्च में ही आसानी के साथ कार्य पूरा कर लिया जाता था। 

ऐसे में 90 के दशक के बाद साइकिल की बिक्री में बहुत बदलाव आना शुरू हो गया क्योंकि युवा पीढ़ी साइकिल से ज्यादा मोटरसाइकिल पर भरोसा करने लगी थी लेकिन फिर भी साइकिल गांव और सुदूर क्षेत्रों में उपयोग किया जाने लगा था। इसके बाद से ही साइकिल का ज्यादा से ज्यादा उपयोग ना करते हुए इसकी जगह मोटरबाइक और मोपेड ने ले ली थी। 

साइकिल का इतिहास 

शुरुआत में साइकिल के बारे में ज्यादा जानकारी हासिल नहीं थी और इसका उपयोग लोग नहीं कर पाते थे लेकिन जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता चला गया वैसे ही लोगों को इसके बारे में जानकारी मिलती गई और वे नित नए तरीकों से  साइकिल  का इस्तेमाल करने लगे।

19 वी सदी के अंत तक लगभग साइकिल का ज्यादा से ज्यादा विकास किया जा चुका था और इसका लोग ज्यादा से ज्यादा उपयोग करते हुए अपने काम को करते थे। 

एक अनुमान के अनुसार  यूरोप के देशों में साईकिल का ज्यादा से ज्यादा उपयोग 18वीं शताब्दी में किया गया था जहां इसे अनेक प्रकार के नाम से बुलाया जाने लगा था। शुरुआत में इसे लकड़ी से बनाया गया था लेकिन वहां पर इसे चलाने में दिक्कत  महसूस  होती थी और लगातार इसकी मांग बढ़ती जा रही थी ऐसे में  कुछ सालों के बाद ही  साइकिल को  लोहे की  संरचना दी गई, जो पहियों के माध्यम से चलती थी।

साइकिल के मुख्य भाग:

साइकिल में मुख्य रूप से निम्न भाग होते हैं–

1] पहिया — मुख्य रूप से पहिए को  साइकिल का मुख्य भाग माना जाता है क्योंकि इसके माध्यम से साइकिल चलने में समर्थ होती है।  अगर  साइकिल  में पहिया नहीं होगा तो ऐसी हालत में साइकिल  आगे  ही नहीं सकती है। हर साइकिल में दो पहिए लगते हैं जिनमें तार से बने हुए  छर्रे  होते हैं, जो  साइकिल को चला पाने में समर्थ होते हैं और यह मुख्य रूप से 30 से ज्यादा होते हैं।  ऐसे में ध्यान रखना चाहिए साइकिल के पहिए में हवा सही तरीके से भरी हुई हो, ना ही ज्यादा हो और ना ही कम हो। 

2] हवाई टायर — साइकिल में किसी भी टायर को पहिए के साथ जमा कर रखने के लिए हवाई टायर का मुख्य योगदान होता है। यह मुख्य रूप से रबर  का बना होता है।  चक्के के अंदर एक ट्यूब  होती है जिसमें हवा भरी जाती है और ऐसे में हवा के दबाव का भी ध्यान रखना होता है। हवाई टायर में इतनी हवा भरी होनी चाहिए जिससे ज्यादा दाब ना बन सके और  पहिए का घेरा  मैं  भी सड़क में किसी भी प्रकार के पत्थर, कंकड़ से  नुकसान ना हो पाए और आसानी के साथ साइकिल चलाया जा सके।

3] ब्रेक — जब भी साइकिल स्पीड में होती है, ऐसे में ब्रेक लगाकर ही साइकिल का रोकने का काम किया जाता है। साइकिल के पहियों में दबाव डालने के लिए हाथों के पास ही ब्रेक बने होते हैं। ऐसे में ब्रेक को सुरक्षा का कारण माना जाता है जिसके माध्यम से होने वाली दुर्घटना से बचा जा सकता है।

4] जंजीर — यह जंजीर मुख्य रूप से साइकल में पैरों के पास बनी होती है, जो पत्ती की तरह बनाई जाती है। हमेशा इन जंजीरों में तेल डालकर साफ रखने की बात की जाती है जिसके माध्यम से आसानी से ही साइकिल को चलाया जा सके।

5] फ्रेम — किसी भी साइकिल का यह सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है जिसके द्वारा साइकिल को चला पाना आसान होता है। साईकिल का तिकोना  फ्रेम आगे पीछे के खोखली गोलियों से बनाया जाता है और उसके बाद प्रेम के कोणों पर उचित प्रकार के  छर्रे  में फंसा दिया जाता है। इस बात का ध्यान रखा जाता है कि फ्रेम में लगा स्टेरिंग हैंडल एक ही दिशा में होती है।  इसके माध्यम से भी साइकिल को चलाना आसान हो जाता है।

साइकिल के प्रकार 

आज के समय में कई प्रकार की साइकिल उपलब्ध है जिनके माध्यम से उनका उपयोग करते हुए खुद को स्वस्थ फिट बनाया जा सकता है और नई नई सुविधाएं प्राप्त की जा सकती है।  आज हम आपको विभिन्न प्रकार के साइकिल के बारे में जानकारी देंगे—


Road cycle — इस प्रकार की साईकिल का उपयोग ज्यादा से ज्यादा चिकनी सड़कों के लिए किया जाता है। यह वजन में बहुत ज्यादा हल्की होती हैं जिसमें पतले पतले टायर लगे होते हैं और इनका उपयोग ऐसी जगह पर किया जा सकता है जहां पर  चिकनी  सड़क स्थित हो।  इस साइकिल में बहुत ज्यादा उछाल होता है और इसीलिए इसका इस्तेमाल ऊंची नीची सड़कों पर नहीं किया जा सकता है। इस  साइकिल  की एक खासियत यह है कि इसमें सिर्फ एक व्यक्ति ही सवारी कर सकता है।  इसमें कई प्रकार के रंग मिल जाते हैं और यह थोड़ी महंगी भी होती है।

Touring cycle — यह ऐसी मुख्य प्रकार की साइकिल होती है जिसका उपयोग फुटपाथ पर किया जाता है। यह बहुत ही आरामदायक होती है और इसे आप चाहें तो थोड़ी लंबी दूरी के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें अपेक्षाकृत मोटे टायर होते हैं और इस वजह से ही इसका उपयोग सामान उठाने में भी किया जा सकता है। इसमें कई प्रकार की सुविधाएं होती हैं जिसमें आप आसानी के साथ ही  बॉटल  या  बैग को टांग सकते हैं। यह हल्की होती है और इसके माध्यम से ही सड़क रेसिंग में इस्तेमाल किया जाता है।

Adventure road cycle — यह ऐसी साइकिल होती है जिसका उपयोग किसी एडवेंचर वाले काम में किया जाता है साथ ही साथ इनका उपयोग ऐसी जगह पर भी होता है जहां पर  उबड़ खाबड़ हो।  इनके टायर मोटे होते हैं और इसमें डिस्क ब्रेक का उपयोग किया जाता है ताकि जल्दी से ही ब्रेक लगाया जा सके।

Cyclocross cycle —- यह एक ऐसी साइकिल  है जिसको आप किसी  भी  कीचड़ की जगह या उबड़ खाबड़ पर चला सकते हैं क्योंकि इसके टायरों को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है ताकि वे किसी भी स्थिति में खुद को ढाल सकें। इसमें सिर्फ एक ही सीट बनी होती है जिसमें बैठकर साइकिलिंग का मजा लिया जा सकता है। इसे क्रॉस बाइक के नाम से भी जाना जाता है। 

Fitness cycle — यह एक ऐसी साइकिल है जिसके माध्यम से आसानी से ही एक्सरसाइज किया  जा सकता है और आप इसे रोड में भी चला सकते हैं। एक  बात  इस साइकिल में  खास है कि इसका वजन बहुत ज्यादा होता है और इसके लिए आपकी अधिक ऊर्जा खपत होती है और इस वजह से ही आप सही तरीके से एक्सरसाइज करते हुए साइकिल चला सकते हैं। अगर आप चाहें तो इसका इस्तेमाल अपनी सुविधा के अनुसार किया जा सकता है और सही तरीके से आगे बढ़ा जा सकता है।


Mountain cycles — हमेशा ऐसे बहुत लोग होते हैं जो पर्वत पर साइकिलिंग करना पसंद करते हैं। ऐसे में इस साइकिल का इस्तेमाल किया जाता है। इन साइकिलों को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है ताकि यह पहाड़ी इलाकों में भी चलने में सक्षम हो सके।  इसके लिए आपको पहाड़ों में भी ऐसी  साइकिल  उपलब्ध होती है जिसका आप आसानी से उपयोग करके मनोरंजन ले सकते हैं।

Fixed gear cycle — यह एक विशेष प्रकार की साईकिल है जिसमें सिर्फ एक  गियर होता है। जिसके माध्यम से आसानी के साथ ही साइकिल चलाया जा सकता है। आज के समय में कई घरों में यह साइकिल दिखाई दे जाती है। अन्य   साइकिल  की अपेक्षा इनकी कीमत कम होती है।

साइकिल के बारे में रोचक तथ्य

  1. ऐसा माना जाता है कि अगर आप रोजाना 30 मिनट साइकिल चलाते हैं, तो इसके माध्यम से आप अपने जीवन को 14 महीनों तक लंबा कर सकते हैं।
  2. साइकिल चलाने से कई प्रकार के रोगों को दूर किया जा सकता है।
  3. साइकिल का नाम मुख्य रूप से 1860 में फ्रांस के माध्यम से लोगों के सामने आया था।
  4. एक अनुमान के अनुसार चाइना ऐसा देश है, जहां ज्यादा लोग साइकिल का इस्तेमाल करते हैं।
  5. आज के समय में दुनिया भर में लगभग 1 बिलियन से भी ज्यादा लोग साइकिल का इस्तेमाल करते हैं जिसमें कई बार  इसका  उपयोग खेलों में भी किया जाता है।
  6. अगर ज्यादा से ज्यादा साइकिल का इस्तेमाल किया जाए तो इसके माध्यम से हर साल 238 मिलीयन  गैलन गैस  बचाया जा सकता है।
  7. साइकिल के माध्यम से खुद को फिट किया जा सकता है और जल्दी बुढ़ापा नहीं आता है।

तो साथियों इस तरह युवा पीढ़ी साइकिल को ज्यादा उपयोग में  नहीं लाती है और अब उन्हें कोई दूसरी चीज ज्यादा आकर्षित करने लगती हैं। ऐसे में हम आपको बताना चाहेंगे कि अगर आप साइकिल का इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपके लिए बहुत ही अच्छा साबित होता है।

ऐसे में आज हमने जाना की साइकिल एक ऐसा माध्यम है जिसका उपयोग आज भी बेहतरी के लिए किया जा सकता है और जिसके माध्यम से हम खुद को फिट रख सकते है। आज हमने आपको साइकिल से संबंधित जानकारी दे दी है, जिससे आप  भी इसके बारे में उचित जानकारी हासिल कर सके। उम्मीद करते हैं हमारे द्वारा दी गई जानकारी साइकिल का आविष्कार किसने किया और कब हुआ? आपको अच्छी लगी होगी इसे अंत तक पढ़ने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। 

Hope की आपको साइकिल का आविष्कार किसने किया और कब हुआ? का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।


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