HTML क्या है और कैसे सीखें? (What is HTML in Hindi)

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अगर आप एक ऐसे व्यक्ति हैं जो कोडिंग अथवा प्रोग्रामिंग में या फिर दोनों में ही इंटरेस्ट रखते हैं, तो आपने अवश्य ही एसटीएमएल का नाम सुना होगा। हालांकि अभी तक एचटीएमएल के बारे में आप सिर्फ इतना ही जानते होंगे कि यह एक ऐसी लैंग्वेज है जिसके द्वारा वेब पेज का निर्माण किया जाता है। इस प्रकार से एचटीएमएल के बारे में जानने के लिए आप उत्सुक है तो आइए जानते हैं कि “HTML क्या है” और “एचटीएमएल का फुल फॉर्म क्या है” तथा “एचटीएमएल की विशेषताएं क्या है।”

HTML क्या है और कैसे सीखें? (What is HTML in Hindi)


परंतु एचटीएमएल का परिचय सिर्फ यही तक ही सीमित नहीं है, ना ही एचटीएमएल की परिभाषा यहां तक सीमित है, बल्कि एचटीएमएल इससे भी कई बढ़कर है। इसलिए आज हम इस आर्टिकल में एचटीएमएल के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे।

अनुक्रम

एचटीएमएल का फुल फॉर्म क्या है?

HTML: Hypertext Markup Language ]

एचटीएमएल का पूरा फुल फॉर्म हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज (Hyper Markup Language) होता है। हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज एक स्टैंडर्ड लैंग्वेज है। इस लैंग्वेज का इस्तेमाल ब्राउज़र में जो वेबपेज होता है उसमें दस्तावेज को दिखाने के लिए किया जाता है। हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का इस्तेमाल कैस्केडिंग स्टाइल शीट्स और जावास्क्रिप्ट के साथ किया जा सकता है।


HTML क्या है? (What is HTM in Hindi)

एचटीएमएल जिसे की हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज कहा जाता है, इसे आप कंप्यूटर की एक भाषा समझ सकते हैं। हम और आप अपने डिवाइस में जो वेब पेज ओपन करते हैं, उसका निर्माण करने के लिए दुनिया भर में सबसे ज्यादा एचटीएमएल लैंग्वेज का ही इस्तेमाल किया जाता है। 

अगर सरल भाषा में आपको समझाया जाए तो एचटीएमएल एक प्रकार की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज होती है, इसी का इस्तेमाल करके सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर वेब पेज का निर्माण करते हैं। 

आप अपने कंप्यूटर या फिर लैपटॉप अथवा मोबाइल के ब्राउजर में जितने भी वेबपेज देखते हैं वह सभी हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के द्वारा ही क्रिएट किए गए होते हैं। यहां पर यह जानना  भी अति आवश्यक है कि एचटीएमएल में विभिन्न प्रकार के टैग अवेलेबल रहते हैं।


नीचे आपको एचटीएमएल के फुल फॉर्म मे से हाइपर टेक्स्ट और मार्कआप लैंग्वेज को अलग-अलग करके भी समझाया गया है।

हाइपर टेक्स्ट

हाइपर टेक्स्ट में एक ऐसा टेक्स्ट अवेलेबल होता है, जिसमें टेक्स्ट पर लिंक उपलब्ध रहते हैं। अगर आपने नोटिस किया होगा तो किसी भी वेबपेज को जब आप देखते हैं, तब उसमें किसी एक शब्द में लिंक शामिल रहता है और जब आप उस पर क्लिक करते हैं तो आप तुरंत ही दूसरे वेबपेज पर चले जाते हैं। इसे ही हाइपरटेक्स्ट कहा जाता है।

मार्कअप लैंग्वेज

यह एक ऐसी कंप्यूटर की लैंग्वेज होती है, जिसका इस्तेमाल करके वेबपेज के स्ट्रक्चर को डिवेलप किया जाता है। इसमें एचटीएमएल टैग का भी इस्तेमाल किया जाता है। हर टैग में बीच में कुछ ना कुछ टेक्स्ट आते हैं जिसमें कुछ ना कुछ मार्क अवश्य उपलब्ध होते हैं। जैसे कि टेबल, पैराग्राफ, हेडिंग, इटैलिक इत्यादि इसे ही मार्कअप कहा जाता है।


HTML की विशेषताएं 

HTML की कुछ शानदार विशेषताएं निम्नानुसार है।

  • हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज एक ऐसी लैंग्वेज है जो बहुत ही आसान और सरल लैंग्वेज है। इसे समझना भी काफी आसान है और इसे मॉडिफाइड करना भी बहुत ही सरल है।
  • हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का इस्तेमाल करके एक प्रभावशाली प्रेजेंटेशन का निर्माण करना बहुत ही आसान है, क्योंकि आपको एचटीएमएल में बहुत सारे फॉर्मेटिंग टैग हासिल हो जाते हैं।
  • एचटीएमएल एक मार्क अप लैंग्वेज है। इसलिए यह आपको शब्दों के साथ वेब पेज को फ्लैक्सिबल तरीके से डिजाइन करने का मौका अथवा सुविधा देती है।
  • एचटीएमएल प्रोग्रामर को वेब पेज में एचटीएमएल एंकर टैग का इस्तेमाल करके लिंक शामिल करने की सुविधा भी देती है, जिसकी वजह से ब्राउज़र को और भी इंटरेस्टिंग बनाया जाता है।
  • हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज एक स्वतंत्र अर्थात इंडिपेंडेंट प्लेटफार्म है क्योंकि हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज को किसी भी प्लेटफार्म जैसे कि लिनक्स, विंडोज और मैकिनटोश इत्यादि पर डिस्प्ले किया जा सकता है।
  • एचटीएमएल प्रोग्रामर को वेब पेज में ग्राफिक, वीडियो और साउंड जोड़ने की सुविधा देता है जो इसे और भी ज्यादा अट्रैक्टिव और इंटरएक्टिव बनाता है।
  • हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज एक केस इनसेंसेटिव लैंग्वेज है, जिसका मतलब यह होता है कि आप टैग का उपयोग लोअर-केस या अपर-केस में कर सकते हैं।

HTML के वर्जन 

जबसे हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज की खोज हुई है तब से लेकर के अभी तक इसके कई वर्जन मार्केट में आ चुके हैं। नीचे आपको हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के लगभग सभी वर्जन की जानकारी प्रदान की जा रही है, ताकि आप यह जान सके कि एचटीएमएल का कौन सा वर्जन कब लांच हुआ था।

HTML 1.0

एचटीएमएल का जो पहला वर्जन था उसे HTML 1.0 कहा जाता है। यह साल 1991 में रिलीज हुआ था। इसे हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का बैकबोन वर्जन कहा जाता है।


HTML 2.0

एचटीएमएल का जो दूसरा वर्जन लांच किया गया था, उसे एचटीएमएल 2.0 का नाम दिया गया था। इस साल 1995 में रिलीज किया गया था। यह वेबसाइट डिजाइनिंग के लिए एक स्टैंडर्ड लैंग्वेज का वर्जन था। एचटीएमएल का यह वर्जन कुछ शानदार फीचर को सपोर्ट करता था। जैसे कि फार्म पर आधारित फाइल अपलोड ,फॉर्म एलिमेंट जैसे कि टेक्स्ट बॉक्स, ऑप्शन, बटन इत्यादि।

 HTML 3.2

एचटीएमएल का जो तीसरा वर्जन लांच हुआ था उसे एचटीएमएल 3.2 कहा जाता है। w3c के द्वारा इसे साल 1997 में रिलीज किया गया था। एचटीएमएल के इस वर्जन की सहायता से टेबल का निर्माण किया जा सकता था और फॉर्म एलिमेंट के लिए एक्स्ट्रा ऑप्शन भी यह वर्जन प्रदान करता था।

इसके अलावा यह वर्जन कॉन्प्लेक्स मैथमेटिकल इक्वेशन के साथ वेबपेज को सपोर्ट करता था। हालांकि साल 1997 में यह आधिकारिक तौर पर ब्राउज़र में इस्तेमाल किया जाने लगा।

HTML 4.01

एचटीएमएल का जो चौथा वर्जन लॉन्च हुआ था, उसे एचटीएमएल 4.01 कहा जाता है। इसे दिसंबर के महीने में साल 1999 में रिलीज किया गया था। यह एचटीएमएल लैंग्वेज का एक स्थाई वर्जन था। एचटीएमएल का यह वर्जन अलग-अलग मल्टीमीडिया एलिमेंट के लिए स्टाइलशीट और स्क्रिप्टिंग कैपेसिटी के लिए एक्स्ट्रा सपोर्ट प्रदान करता है।

HTML5 

Html5 हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का सबसे नया वर्जन है। इस वर्जन का पहला ड्राफ्ट साल 2008 में जनवरी के महीने में अनाउंस किया गया था। मुख्य तौर पर दो प्रकार के ऑर्गेनाइजेशन है जिसमें पहली है w3c जिसे वर्ल्ड वाइड वेब कंसोर्सियम कहा जाता है और दूसरी है वेब हाइपरटेक्स्ट एप्लीकेशन टेक्नोलॉजी वर्किंग ग्रुप जोकि html5 वर्जन के डेवलपमेंट में शामिल थी।

HTML के एलिमेंट 

आपको अवगत करवा दें कि हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज में बहुत सारे एलिमेंट उपलब्ध होते हैं। इनमें से आपको प्रमुख एलिमेंट की जानकारी आगे प्रदान की जा रही है।

<!DOCTYPE>

जितने भी हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के पेज होते हैं वह उपरोक्त एलिमेंट से ही स्टार्ट होते हैं। उपरोक्त एलिमेंट ब्राउज़र को हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के संस्करण अर्थात वर्जन के बारे में इंफॉर्मेशन प्रोवाइड कर आता है।

<html >

इस एलिमेंट को आप एचटीएमएल पेज का रूट एलिमेंट भी समझ सकते हैं। इस एलिमेंट के द्वारा पूरे पेज को परिभाषित करने का काम किया जाता है।

 <head>

हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का यह एलिमेंट एक कंटेनर होता है। इसका इस्तेमाल वेब पेज में एक्स्ट्रा इंफॉर्मेशन को सुरक्षित और संग्रहित करने के लिए किया जाता है। हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के इस एलिमेंट में दस्तावेज और मेटा डाटा के बारे में इनफार्मेशन अवेलेबल होती है।

<title>

नाम से ही प्रतीत हो रहा है कि वेबपेज के टाइटल को लिखने के लिए एचटीएमएल के इस एलिमेंट का इस्तेमाल किया जाता है। यह आपको ब्राउज़र में आसानी से दिखाई पड़ जाता है। बता दे कि इस एलिमेंट को टैग के अंदर रखते हैं।

<body>

हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के इस एलिमेंट के द्वारा वेब पेज पर उपलब्ध सभी कंटेंट को ब्राउज़र में दिखाने का कम किया जाता है। इसके अंतर्गत बॉडी के तहत सभी सामग्री आती है जैसे कि पैराग्राफ, फोटो, वीडियो इत्यादि।

<h1>

हेडिंग का निर्माण करने के लिए उपरोक्त एलिमेंट का इस्तेमाल होता है।

 <p>

पैराग्राफ राइटिंग करने के लिए उपरोक्त एलिमेंट को इस्तेमाल में लेते हैं।

HTML का उपयोग 

हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का इस्तेमाल निम्न जगह पर किया जाता है।

  • एक शानदार वेबपेज का निर्माण करने के लिए हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का इस्तेमाल प्रोग्रामर के द्वारा किया जाता है।
  • प्रोग्रामर के द्वारा हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का इस्तेमाल करके किसी एक पेज को किसी दूसरे पेज के साथ कनेक्ट किया जाता है अर्थात जोड़ा जाता है।
  • वेबसाइट डेवलपर के द्वारा अपने हिसाब से वेबसाइट को डिजाइन करने के लिए हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जाता है।
  • वेब पर आधारित दस्तावेज का निर्माण करने के लिए भी हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जाता है।
  • डाटा एंट्री से रिलेटेड कामों को करने में हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज बहुत ही काम की साबित होती है।
  • विभिन्न प्रकार की शानदार ग्राफिक वाली गेम का निर्माण करने के लिए भी हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जाता है।

HTML के फायदे 

आइए आगे इस बात की भी जानकारी हासिल करते हैं कि हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के एडवांटेज क्या है अथवा हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के लाभ क्या है।

  • हमने आर्टिकल की शुरुआत में ही बताया कि हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज बहुत ही आसान होती है। इसलिए कोई भी प्रोग्रामर आसानी से हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का इस्तेमाल कर सकता है। यह एक सरल भाषा होती है। इसीलिए इसे सीखना भी बहुत ही आसान होता है और जल्दी से इसे सीखा जा सकता है।
  • हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज को फ्री ऑफ कॉस्ट लैंग्वेज कहां जाता है, जिसका मतलब यह होता है कि इस लैंग्वेज का इस्तेमाल करने के लिए आपको किसी भी प्रकार के सॉफ्टवेयर की खरीदारी करने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं होती है।
  • हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के द्वारा लगभग तमाम प्रकार के ब्राउज़र को सपोर्ट किया जाता है।
  • हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज को एडिट करना बहुत ही आसान है और साथ ही इसे अपने हिसाब से जब चाहे तब आप मॉडिफाइड भी कर सकते हैं।
  • हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप इस लैंग्वेज का इस्तेमाल पीएचपी, जावास्क्रिप्ट और सीएसएस जैसी लैंग्वेज के साथ भी कर सकते हैं।
  • आसानी से इसे zip file में कंप्रेस कर सकते हैं जिसकी वजह से इसके कोड को डाउनलोड करना बहुत ही आसान हो जाता है।
  • हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज एक यूजर फ्रेंडली लैंग्वेज है।
  • हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज लाइटवेट लैंग्वेज है जिसका आकार बहुत ही कम होता है।
  • अपनी वेबसाइट के सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन में सुधार करने के लिए हम हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का यूज कर सकते हैं।

HTML के नुकसान

जिस प्रकार से एचटीएमएल के लाभ के बारे में जानना आवश्यक है, उसी प्रकार से एचटीएमएल के नुकसान के बारे में जानना भी आवश्यक है।

  • अगर आप डायनेमिक वेब पेज का निर्माण करना चाहते हैं तो आप हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के द्वारा ऐसा नहीं कर सकेंगे, क्योंकि हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के द्वारा सिर्फ स्टैटिक वेबसाइट का ही निर्माण किया जा सकता है।
  • हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का जो स्ट्रक्चर है उसे समझना आम इंसान के बस की बात नहीं होती है। काफी दिमाग लगाने के बाद ही आप इसके स्ट्रक्चर को समझ पाने में कामयाब होते हैं।
  • हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज को मेंटेन करना भी थोड़ा सा मुश्किल होता है।
  • हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के द्वारा सिंपल पेज का निर्माण करने के लिए प्रोग्रामर को बहुत सारे कोड को लिखने की आवश्यकता होती है।
  • हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज में सिक्योरिटी की कमी होती है, जिसकी वजह से हैकर आसानी से इसे हैक कर पाते हैं।

HTML और HTML5 में अंतर

हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का जो पहला वर्जन था उसमें 18 टैग शामिल थे, उसके बाद से हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के जो वर्जन लॉन्च हुए, वह नए टैग और अटरीब्यूट के साथ आए। हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज में सबसे शानदार अपग्रेडेशन साल 2014 में तब हुआ जब html5 आया।

एचटीएमएल और html5 के बीच मुख्य डिफरेंस यह है कि हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज 5 के द्वारा नए प्रकार के फॉर्म कंट्रोल को सपोर्ट किया जाता है साथ ही हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज 5 के द्वारा कई शब्दार्थ टैग को भी पेस किया गया जो साफ तौर पर कंटेंट के बारे में बताते हैं जैसे कि <article>, <header>, and <footer>.

एचटीएमएल, सीएसएस और जावास्क्रिप्ट कैसे संबंधित हैं?

हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का इस्तेमाल टेक्स्ट एलिमेंट को जोड़ने और कंटेंट स्ट्रक्चर का निर्माण करने के लिए किया जाता है। हालांकि एक प्रोफेशनल और पूरी तरह से रेस्पॉन्सिव वेबसाइट का निर्माण करने के लिए सिर्फ हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज ही काफी नहीं होती है।

इसलिए हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज को कैस्केडिंग स्टाइल शीट्स और जावास्क्रिप्ट की आवश्यकता होती है, ताकि वेबसाइट में बड़े पैमाने पर कंटेंट को शामिल किया जा सके।

कैस्केडिंग स्टाइल शीट्स बैकग्राउंड, कलर, लेआउट, स्पेस और एनिमेशन जैसे स्टाइल के लिए जिम्मेदार होता है। दूसरी तरफ जावास्क्रिप्ट डायनेमिक फंक्शनैलिटी जैसे कि स्लाइडर, पॉपअप और फोटो गैलरी को जोड़ने का काम करता है। इस प्रकार से यह तीनों लैंग्वेज फ्रंट एंड डेवलपमेंट की नीव मानी जाती है

एचटीएमएल कैसी लैंग्वेज है?

एचटीएमएल अर्थात हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज एक मार्कअप कोडिंग लैंग्वेज है। हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज डाटा की सहायता से शार्ट करता है जिसे एचटीएमएल टैग के साथ अलग-अलग डिवाइड किया जाता है। 

हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के द्वारा वेवब्राउजर को इस बात की जानकारी प्रदान की जाती है कि वेब पेज को लोड करने के दरमियान अलग अलग पेज एलिमेंट क्या है और वेब पेज को किस जगह पर जाना है।

HTML कैसे सीखें?

अगर आप अपना पूरा ध्यान इस भाषा को सीखने के पीछे लगा देते हैं तो बहुत ही कम समय में आप हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज को सीखने में सफल हो जाएंगे। आप हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज को घर बैठे भी कंप्यूटर और इंटरनेट की सहायता से सीख सकते हैं या फिर आप किसी कोचिंग क्लास की सहायता ले सकते हैं। नीचे हम आपको हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज सीखने के कुछ रास्ते बता रहे हैं।

1: ऑनलाइन एचटीएमएल सीखें

अगर आप घर बैठे हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज को सीखना चाहते हैं तो इसके लिए आपको ऑनलाइन एचटीएमएल सीखने के तरीके के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। आप चाहे तो अपने हिसाब से किसी ऑनलाइन सोर्स के माध्यम से फ्री एचटीएमएल ट्रेनिंग हासिल कर सकते हैं।

इंटरनेट पर आपको ऐसी बहुत सारी वेबसाइट उपलब्ध मिल जाएंगी, जहां पर हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज की बिल्कुल मुफ्त में ट्रेनिंग दी जाती है। नीचे हमने आपको कुछ लोकप्रिय वेबसाइट के नाम भी दिए हुए हैं जहां पर आप अकाउंट बना सकते हैं और इन वेबसाइट की सहायता से हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज को सीखना आज से ही शुरु कर सकते हैं।

  • W3Schools.com
  • TutorialsPoint.com
  • TutorialPandit.com
  • Html.com
  • Htmldog.com
  • Codecademy.com
  • Learn-html.org
  • Javatpoint.com
  • Tutorialrepublic.com
  • Udemy.com

2: वेब डिजाइनिंग कोर्स करें

अगर आप ऑफलाइन हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज को सीखना चाहते हैं तो इसके लिए आपको नजदीक में मौजूद ऐसे किसी इंस्टिट्यूट के बारे में पता करना है जहां पर वेब डिजाइनिंग का कोर्स करवाया जाता है और वहां पर आपको जाकर के इस कोर्स में एडमिशन प्राप्त कर लेना है।

वेब डिजाइनिंग के कोर्स में आपको हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के साथ ही साथ दूसरी वेब टेक्नोलॉजी जैसे कि कैस्केडिंग स्टाइल शीट्स और जावास्क्रिप्ट की ट्रेनिंग भी दी जाती है। 

हालांकि याद रखें कि किसी भी संस्थान में एडमिशन लेने से पहले कोर्स की फीस के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर लें और उसके बाद ही संस्थान में एडमिशन ले। संस्थान से कोर्स पूरा करने के बाद आपको वहां से सर्टिफिकेट अवश्य प्राप्त करना है जो आगे आपके काफी काम आएगा।

3: किताबों से एचटीएमएल सीखें

ऑनलाइन और ऑफलाइन आपको ऐसी कई किताबें मिल जाएंगी, जिनमें हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दी गई होती है। 

इस प्रकार से अगर आप किताबों के माध्यम से प्रैक्टिकल करके हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज को सीखना चाहते हैं तो आपको हिंदी/अंग्रेजी भाषा में किताबों की खरीदारी करनी है और उसमें जो बताया गया है उसका प्रैक्टिकल अपने कंप्यूटर अथवा डेस्कटॉप के माध्यम से करना है। ऐसा करने से भी आप धीरे-धीरे हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के बारे में बहुत ही अच्छी जानकारी प्राप्त करने में सफल हो जाएंगे।

4: ऑफलाइन ट्यूटोरिंग लें

यह भी कोर्स को ज्वाइन करने जैसा ही है। हालांकि यहां पर आपको एडमिशन लेने की आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि आपको अपने आसपास रहने वाले ऐसे किसी व्यक्ति से हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज की ट्रेनिंग लेनी होती है जो इस लैंग्वेज को सीख चुका है। जो व्यक्ति पहले से ही इस लैंग्वेज को सीख चुका है उसके द्वारा विस्तार से आपको हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज की जानकारी दी जाएगी।

5: यूट्यूब से सीखें

अगर आपके पास लैपटॉप अथवा कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्शन मौजूद है तो आप फ्री में एचटीएमएल सीखने के लिए यूट्यूब का इस्तेमाल कर सकते हैं। यूट्यूब पर ऐसे कई चैनल है जहां पर फ्री में एचटीएमएल से संबंधित वीडियो अपलोड किए गए होते हैं। 

आप ऐसे वीडियो को देख सकते हैं और वीडियो में जो बताया जा रहा है उसका प्रैक्टिकल अपने डेस्कटॉप अथवा कंप्यूटर या फिर लैपटॉप के माध्यम से कर सकते हैं। यूट्यूब पर ऐसे कई चैनल भी उपलब्ध है जहां पर सीरीज बाय सीरीज एचटीएमएल सिखाया जाता है।

एचटीएमएल का इतिहास (History of HTML in Hindi)

साल 1989 में Tim Berners-Lee के द्वारा डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू की खोज की गई थी। Tim Berners-Lee के द्वारा साल 1991 में हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज की खोज की गई थी जिसे संक्षेप में एचटीएमएल कहा जाता है।

Dave Raggett नाम के व्यक्ति के द्वारा साल 1993 में html5 प्लस को ड्राफ्ट किया गया। साल 1995 में हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के वर्किंग ग्रुप के द्वारा एचटीएमएल 2.0 को डिफाइन किया गया। Tim Berners-Lee को ही हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का फादर कहा जाता है।

एचटीएमएल का सामान्य स्ट्रक्चर

हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का जो बेसिक स्ट्रक्चर होता है, वह सभी वेबपेज में एक प्रकार का ही होता है। इसलिए कोडिंग को सीखने से पहले हमें इसे सीखने की आवश्यकता होती है।

हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज दस्तावेज में 3 भाग होते हैं।

Main Container : <Html>
Head Section : <Head>

Body Section : <Body>

एचटीएमएल दस्तावेज की सामान्य संरचना

<!DOCTYPE Html >

<Html>

            <Head>

            <Title> Title Of The Webpage </Title>

            </Head>

            </Body>

            Content Of The Webpage

            </Body>

</Html>

DTD ( DOCTYPE ) से दस्तावेज एचटीएमएल में है इस बात की जानकारी ब्राउज़र को प्रदान की जाती है। DTD के पश्चात एक कंटेनर का निर्माण करना होता है। इसी में सारे एलिमेंट होते हैं। इसे < Html > के द्वारा दर्शाया जाता है।

< Head > का इस्तेमाल हेड सेक्शन क्रिएट करने के लिए किया जाता है। इसमें वेबपेज के बारे में इंफॉर्मेशन को लिखना होता है। जैसे कि वेब पेज के टाइटल, मेटा एलिमेंट और लिंक एलिमेंट की जानकारी यहां पर लिखी जाती है।

इसके पश्चात आता Body Section <Body > है। यहीं पर हमारा मुख्य कंटेंट उपलब्ध रहता है, जो हमें यूजर को दिखाने की इच्छा होती है। जैसे कि पैराग्राफ, फोटो, हेडिंग इत्यादि।

Closing Tags </Html > सबसे अंत में आता है। इसकी सहायता से पूरे दस्तावेज को बंद कर दिया जाता है अर्थात क्लोज कर दिया जाता है।

जो लोग हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज सीखना चाहते हैं उन्हें इसके लिए एचटीएमएल के बेसिक टैग की इंफॉर्मेशन होनी चाहिए। एचटीएमएल 5.0 में तकरीबन 120 टैग अवेलेबल है। हालांकि इनमें से जो सामान्य टैग है वह इस प्रकार है।

  • DTD ( DOCTYPE ) < !DOCTYPE >
  • HTML Tag < Html > < /Html >
  • Head Tag < Head > < /Head >
  • Title Tag < Title > < /Title >
  • Body Tag < Body > </Body >
  • Heading Tag < H1 > < /H1 >
  • Paragraph Tag < P > < /P >
  • Link Tag < Link> < /Link >
  • Image Tag < Img > < / Img >
  • DTD ( DOCTYPE ) <!DOCTYPE Html >

उपरोक्त जो टैग है उसके द्वारा ब्राउज़र को बताया जाता है कि जो दस्तावेज है वह हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज में है।

1. HTML Tag < Html > </Html >

उपरोक्त टैग हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का मुख्य टैग माना जाता है। इसलिए इसे मेन कंटेनर भी कहा जाता है। दस्तावेज का निर्माण करने की शुरुआत इसी जगह से होती है। मुख्य कंटेनर में ही दूसरे एलिमेंट भी अवेलेबल होते हैं और सबसे आखरी में वेब पेज को बंद करने के Html Closing Tag < /Html > का इस्तेमाल किया जाता है।

2. Head Tag < Head > < /Head >

ऊपर आपको जो टैग दिखाई दे रहा है, उसका इस्तेमाल वेब पेज में हैडर को क्रिएट करने के लिए किया जाता है। इसके अंदर दूसरे टैग भी उपलब्ध होते हैं, जिनकी सहायता से वेब पेज को इंफॉर्मेशन प्रदान की जाती है। जैसे कि,  < Style >, < Script >, < Title > Etc.

3. Title Tag < Title > < /Title >

हमें जब वेब पेज को टाइटल देने की आवश्यकता होती है, तो टाइटल टैग का इस्तेमाल होता है।

4. Body Tag < Body > </Body >

मुख्य कंटेंट को जनरेट करने के लिए बॉडी टैग का इस्तेमाल होता है।

5. Heading Tag < H1 > < /H1 >

हेडिंग टैग का इस्तेमाल करने की आवश्यकता तब होती है जब हमें वेब पेज में हेडिंग देने की जरूरत होती है।

6. Paragraph Tag < P > < /P >

पैराग्राफ को क्रिएट करने के लिए पैराग्राफ टैग का इस्तेमाल होता है।

7. Link Tag < Link > < / Link >

किसी वेबपेज में दूसरे वेबपेज के लिंक को शामिल करने के लिए लिंक टैग इस्तेमाल में लिया जाता है।

8. Image Tag < Img > < /Img >

फोटो को एड करने के लिए वेब पेज में इमेज टैग का इस्तेमाल होता है। हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के टैग को दो प्रकारों में बांटा गया है जिनकी जानकारी निम्नानुसार है।

9. Paired Tag 

ऐसे टैग को Paired Tag कहा जाता है, जिन्हें हमेशा पैयर के रूप में इस्तेमाल में लिया जाता है। पैयर टैग में ओपनिंग टैग उपलब्ध होता है और साथ ही क्लोजिंग टैग भी होता है अर्थात इसमें एक ओपनिंग और एक क्लोजिंग टैग उपलब्ध होता है।

जैसे – < Html > < /Html >, < Body > < /Body >

10. Unpaired Tag 

जिस टैग में कोई भी क्लोजिंग टैग नहीं होता है उसे Paired Tag  कहते हैं।

जैसे – Link Break Tag < Br/ >

HTML कैसे काम करता है?

हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के द्वारा टॉप डाउन अप्रोच को फॉलो किया जाता है। इसका मतलब यह होता है कि हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज में सबसे पहले जो ऊपर वाला पोरशन होता है वह लोडिंग लेने का काम करता है और उसके बाद लोडिंग नीचे की तरफ होना चालू हो जाती है। 

हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के द्वारा सिर्फ वेब पेज डिजाइन करने का काम किया जाता है और इसी में वेबपेज का जो पूरा का पूरा स्ट्रक्चर होता है उसे डिवेलप किया जाता है। ‌बता दें कि एचटीएमएल कोड को लिखने के लिए फाइल को .Html अथवा. Html File एक्सटेंशन के द्वारा सेव किया जाता है। 

किसी भी फाइल को जब एचटीएमएल के एक्सटेंशन के साथ सेव किया जाता है तो हम उसे वेब सर्वर अथवा कंप्यूटर पर अपलोड करके ब्राउज़र के माध्यम से देख सकते हैं।

HTML कोडिंग कहां इस्तेमाल होती है?

वेब पेज का निर्माण करने में एचटीएमएल कोडिंग का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा एप्लीकेशन का डेवलपमेंट करने में भी इसका इस्तेमाल होता है और इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज को क्रिएट करने के लिए भी हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज कोडिंग का इस्तेमाल किया जाता है। 

एचटीएमएल कोडिंग इसके अलावा ग्राफिक का निर्माण करने में और वेबसाइट का निर्माण करने में भी इस्तेमाल में ली जाती है। इन सबके अलावा भी हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज के अन्य कई शानदार इस्तेमाल भी है।

HTML के उदाहरण

एचटीएमएल का उदाहरण निम्नानुसार है।

<!DOCTYPE>  

<html>  

<head>  

<title>Web page title</title>  

</head>  

<body>  

<h1>Write Your First Heading</h1>  

<p>Write Your First Paragraph.</p>  

</body>  

</html>

HTML Tag क्या है?

‌हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज टैग एक प्रकार का छुपा हुआ कीवर्ड होता है, जो इस बात को परिभाषित करने का काम करता है कि वेब ब्राउजर कंटेंट को किस प्रकार से प्रेजेंट करना है अर्थात कैसे प्रदर्शित करना है। 

अधिकतर टैग में मुख्य तौर पर 3 भाग होते हैं। पहला होता है ओपन टैग, दूसरा कंटेंट और तीसरा समापन। एग्जांपल के लिए <body> शुरुआत टैग, कंटेंट यहां पर जाता है और </body> समापन टैग। हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज टैग की सहायता से, वेब ब्राउज़र एक HTML कंटेंट और एक नॉर्मल कंटेंट के बीच का डिफरेंस करता है।

HTML का आविष्कार किसने किया था?

Tim Berners Lee नाम के व्यक्ति के द्वारा साल 1991 में जिनेवा देश में हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज की खोज की गई थी। इसके पहले इन्ही के द्वारा वर्ल्ड वाइड वेब अर्थात डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू की खोज भी की गई थी। 

हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज की खोज करने की वजह से ही इन्हें टाइम मैगज़ीन के द्वारा बीसवीं शताब्दी के 100 सबसे अधिक महत्वपूर्ण लोगों में से एक कहा गया था। वर्तमान के समय में हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज डेवलपमेंट की जिम्मेदारी World Wide Web Consortium के पास मौजूद है।

HTML की कोडिंग कैसे करें?

हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज की कोडिंग करने के लिए आप इंटरनेट पर अलग-अलग वेबसाइट को सर्च कर सकते हैं और वेबसाइट में जैसे बताया गया है, उसी तरीके को फॉलो करके आप इसकी कोडिंग कर सकते हैं। 

इसके अलावा आप बेहतरीन तरीके से हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज की कोडिंग सेटअप को समझना चाहते हैं तो इसके लिए आपको यूट्यूब का इस्तेमाल करना चाहिए। यूट्यूब पर ऐसे कई वीडियो है जो स्टेप बाय स्टेप आपको हाई क्वालिटी में यह बताते हैं कि कैसे हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज की कोडिंग को करा जा सकता है।

FAQs:

कंप्यूटर में HTML क्या है?

कंप्यूटर में एचटीएमएल एक मार्कअप लैंग्वेज है। इसका इस्तेमाल वेब पेज बनाने में, वेबसाइट बनाने में और वेब एप्लीकेशन बनाने में होता है।

HTML क्या है और इसका उपयोग करता है?

एचटीएमएल का मतलब क्या है और इसका इस्तेमाल क्या है, इसकी पूरी जानकारी आर्टिकल में दी गई है।

एचटीएमएल को किसने बनाया?

एचटीएमएल को टीम बरनर ली ने बनाया।

HTML क्या है और यह कैसे काम करता है?

एचटीएमएल कोडिंग मार्क अप लैंग्वेज है। यह किस प्रकार से काम करती है, इसकी जानकारी आर्टिकल में दी गई है।

एचटीएमएल कितने प्रकार के होते हैं?

एचटीएमएल एक ही प्रकार का होता है। इसके टैग दो प्रकार के होते हैं! कंटेनर और एंप्टी टैग।

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हेलो दोस्तों, मेरा नाम अंकुर सिंह है और में New Delhi से हूँ। मैंने B.Tech (Computer Science) से ग्रेजुएशन किया है। और में इस ब्लॉग पर टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट से जुड़े लेख लिखता हूँ।

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