मॉनिटर क्या है और इसके प्रकार – What Is Monitor In Hindi

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Monitor Kya Hai? – What Is Monitor In Hindi? दोस्तों मॉनिटर को तो आपने बहुत बार देखा और इस्तेमाल किया होगा, लेकिन क्या आपको पता है की आख़िर मॉनिटर क्या होता है? और कितने प्रकार का होता है? अगर नही। तो आज इस पोस्ट में हम Monitor के बारे में डिटेल से जानिंगे की मॉनिटर क्या है और इसके प्रकार? उपयोग, फ़ायदे? कैसे काम करता है? All About Monitor In Hindi?

दोस्तों भारत में पर्सनल कंप्यूटर का इस्तेमाल सामान्यतः घर-घर में किया जाता है। ऐसे में पर्सनल कंप्यूटर के लिए market में अलग अलग किस्म (साइज, shape, फ़ीचर्स ) के कई सारे मॉनिटर उपलब्ध है।


दोस्तों यदि आप एक कंप्यूटर उपयोगकर्ता हैं तो आपने मॉनिटर का नाम जरूर सुना होगा। परंतु कंप्यूटर के महत्वपूर्ण भागों में से एक Monitor की क्या आपको पूरी जानकारी है?

दोस्तों जैसा कि आप जानते होंगे मॉनिटर के जरिए ही हम अपने कंप्यूटर में videos, images या किसी भी तरह के visual एलिमेंट को देख पाते हैं। अतः मॉनिटर खरीदते समय एक सही मॉनिटर का चुनाव करना किसी भी कंप्यूटर यूजर के लिए बेहद जरूरी हो जाता है। इसलिए आज के इस लेख में हम मॉनिटर के बारे में आपको पूरी जानकारी देंगे जैसे कि मॉनिटर क्या है? (What is Monitor in Hindi) मॉनिटर कैसे काम करता है? मॉनिटर कितने प्रकार के होते हैं। मॉनिटर को पहली बार किसने और कब बनाया?

माउस क्या है और इसके प्रकार – What Is Mouse In Hindi और कीबोर्ड (Keyboard) क्या है? – What Is Keyboard In Hindi उसके बारे में मैंने पहेले से ही डिटेल से बताया हुआ है, और आज इस पोस्ट में हम जानिंगे की मॉनिटर क्या है और इसके प्रकार – What Is Monitor In Hindi?

अतः वह computer उपयोगकर्ता जो मॉनिटर के बारे में नहीं जानते उन्हें पूरी जानकारी इस लेख में मिल जाएगी। अतः शुरू से लेकर अंत तक इस लेख को अवश्य पढ़ें। चलिये दोस्तों बिना समय गवाए सबसे पहले जानते हैं कि मॉनिटर क्या है और इसके प्रकार – What Is Monitor In Hindi?

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मॉनिटर क्या है – What Is Monitor In Hindi

दोस्तों कंप्यूटर मॉनिटर एक आउटपुट डिवाइस है जो tv के समान ही सूचनाओं एवं pictures को प्रदर्शित करती है। मॉनिटर कंप्यूटर का एक हार्डवेयर होता है और आमतौर पर monitor TV की तरह ही दिखाई देता है. परंतु टीवी की तुलना में मॉनिटर में सूचनाएं अधिक resolution में दिखाई देती है। कंप्यूटर में monitorVGA, डिजिटल विसुअल इंटरफ़ेस (Dvi), HDMI, display port की मदद से कनेक्ट होता हैं।

दोस्तों यहां आपका जानना जरूरी है कि मॉनिटर को अक्सर screen, display, video display, video display terminal, video display unit, or video screen आदि नामों से भी जाना जाता है।

तो अब आप जान गये होगे की मॉनिटर क्या है? (What is Monitor in Hindi) चलिए अब देखते है की मॉनिटर कितने प्रकार के होते है?

मॉनिटर के प्रकार – Types of Monitor in Hindi

1. CRT Monitors

Crt की फुल फॉर्म cathode ray tube होती है। इनमें crt तकनीक कार्य करती थी। इन monitors का इस्तेमाल वर्तमान समय में काफी कम होने लगा है। आज भी कुछ संस्थाओं में इसका उपयोग देखा जा सकता है। परन्तु कई कंपनियों द्वारा कार्यालयों में इनका इस्तेमाल करना बंद कर दिया है।

Crt मॉनिटर के look की बात करें तो यह पुराने टीवी की तरह दिखाई देते हैं अतः इनका आकार काफी बड़ा होता है। जिस वजह से इन monitors को एक जगह से दूसरे स्थान पर मॉनिटर को shift करने में परेशानी होती थी। आज crt के स्थान पर सस्ते, हल्के तथा low पावर use करने वाले मॉनिटर का इस्तेमाल होने लगा है। जिन्हें lcd मॉनिटर के नाम से जाना जाता है।।

CRT मॉनिटर इस्तेमाल करने के फायदे?

सीआरटी मॉनिटर विश्वसनीय तथा एफिशिएंट होते हैं यह मॉनिटर्स 2048 x 1536 pixels,  तक के डिजॉल्वेशन प्रदान करते हैं जिसमें पिक्चर क्वालिटी शानदार होती है.


और वर्तमान समय में सीआरटी मॉनिटर उपलब्ध हैं जो हजारों कलर्स प्रोड्यूस करने की क्षमता रखते हैं. सीआरटी मॉनिटर का इस्तेमाल करने का दूसरा मुख्य फायदा यह है कि यह मॉनिटर्स अफॉर्डेबल एवं कॉस्ट इफेक्टिव होते हैं. सी आई डी मॉनिटर्स की दूरी बिल्टी अधिक होती है औरत आती है कई सालों तक सुचारू रूप से कार्य करते हैं.

पारंपरिक साड़ी मॉनिटर के विपरीत आधुनिक तकनीक पर आधारित सीआरटी मॉनिटर स्क्रीन फ्लैट होती है स्क्रीन की चकाचौंध को कम करता है तथा आंखों के लिए आरामदायक होता है.

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2. LCD Monitor

crystal स्क्रीन की वजह से LCD को liquid Crystal display भी कहा जाता है। वर्तमान समय में lcd का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। बात करें एलसीडी मॉनिटर की तो यह लाइटवेट होने के साथ ही कम एनर्जी खर्च करते हैं तथा बेहतर ग्राफिक्स क्वालिटी यूजर्स के लिए प्रदान करते हैं।

एलसीडी तकनीक ने पुराने कंप्यूटर्स का स्थान दे दिया है लअर्थात आरसीआईटी कंप्यूटर के स्थान पर एलसीडी कंप्यूटर का इस्तेमाल अधिक देख सकते हैं

LCD इस्तेमाल करने के फायदे?

एलसीडी मॉनिटर कंपैक्ट लाइटवेट होते हैं जिस वजह से ही इन्हें अधिक बैकस्पेस की आवश्यकता नहीं होती. एलसीडी मॉनिटर सीआरटी मॉनिटर की तुलना में काफी कम पावर कंज्यूम करते हैं जिस वजह से नहीं मॉनिटर्स का इस्तेमाल से इलेक्ट्रिसिटी की बचत होती है इसे आप कुछ इस तरह समझ सकते हैं कि एक नार्मल साइज काएलसीडी मॉनिटर जहां 25 से लेकर 50 वाट बिजली पंजूम करता है.

21 सीआरटी मॉनिटर 15 इंच का 60 से लेकर 80 वाट से निकली वह करता है. कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हुए ब्राइटनेस काफी महत्वपूर्ण रोल प्ले करती है एनसीआरटी मॉनिटर्स की तुलना में एलसीडी मॉनिटर ब्राइडल इमेज सो करते हैं अदा एलसीडी कंप्यूटर की ब्राइटनेस अधिक होना भी इसके इस्तेमाल लोग अधिक करना पसंद करते हैं.

एलसीडी मॉनिटर की स्क्रीन फ्लिकर होती है अर्थात आवश्यकता पड़ने पर इन्हें घुमाकर एडजेस्ट किया जा सकता है.

LCD मॉनिटर के नुकसान?

यदि तापमान अधिक हो तो एलसीडी मॉनिटर के contrast कम होने के काफी ज्यादा चांसेस हो जाते हैं. इसमें कलर्स की depth फिक्स होती है साथ ही पिक्सेल dead हो चुके होते हैं।

एलसीडी मॉनिटर की स्क्रीन को प्रत्येक एंगल से देखने पर स्क्रीन का कलर एवं कॉन्टेस्ट सेम नहीं रहता। अर्थात अलग-अलग एंगल से आपको view देखने को मिलता है जो प्रॉब्लम led में नहीं होती। मार्केट में मौजूद LED मॉनिटर की तुलना में यह अधिक इलेक्ट्रिसिटी का उपयोग करते हैं, जिससे हिट प्रॉब्लम उत्पन्न  नहीं होती ।

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3. LED Monitor

एलईडी मॉनिटर्स बाजार में नए तकनीके पर आधारित मॉनिटर हैं तथा इनके आकार तथा इनकी बनावट एलसीडी मॉनिटर की तरह ही होती है परंतु यह सीआईडी तथा एलसीडी मॉनिटर्स की तुलना में कम पावर उपभोग करते हैं शानति इन एनवायरमेंटल फ्रेंडली मॉनिटर भी कहा जाता है एलईडी मॉनिटर के कुछ मुख्य फायदे निम्नलिखित हैं.

LED इस्तेमाल करने के फायदे?

एलईडी मॉनिटर इमेजेस को हाई कंट्रास्ट में सेड्यूस करते हैं. लाइफ स्पेन तथा ड्युरेबिलिटी सीआरटी ओम एलसीडी मॉनिटर की तुलना में एलईडी मॉनिटर की अधिक होती है अन्य मॉनिटर्स की तुलना में जो कि यह नई तकनीक पर आधारित होते हैं तो मॉनिटर पैनल काफी दिन होते हैं साथ ही है काफी कम ही टो उत्पन्न करते हैं.

लेडी मॉनिटर्स के नुकसान को देखें तो पता चलता है कि एलईडी मॉनिटर से अन्य मॉनिटर्स की तुलना में काफी अधिक महंगे होते हैं और शायद यही वजह अधिकतर दुनिया में कंप्यूटर उपयोगकर्ता सीआईडी तथा मॉनिटर का प्रयोग करते हैं.

LED के नुकसान?

LED टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाया तो है। परंतु इसकी कीमत भी अधिक है मार्केट में आपको एलईडी मॉनिटर अधिक प्राइस में देखने को मिलते हैं।

समयानुसार टेंपरेचर बढ़ने की स्थिति में LED मॉनिटर कलर चेंज हो सकता है। LED का आकार & डिजाइन स्लिम होता ह,  इसके डैमेज होने की भी चांसेस काफी होते हैं।

4. TFT Monitor

TFT का पूरा नाम thin-film transistor है, इसका उपयोग LCD कंप्यूटर के साथ किया जाता है। ताकि पुरानी डिस्पले टेक्नोलॉजी की तुलना में बेहतर क्वालिटी प्रदान की जा सके। इसलिए LCD TFT मॉनिटर की डिस्प्ले काफी अच्छी मानी जाती है, TFT LCD में जो प्रत्येक पिक्सेल होता है स्वयं का  ट्रांजिस्टर होता है। परिणामस्वरप  स्क्रीन पर show होने वाली image video अधिक Brighter और बेहतर दिखती हैं।

क्योंकि TFT एलसीडी मॉनिटर में ट्रांजिस्टर भी Small होते हैं इसीलिए इस टेक्नॉलजी का इस्तेमाल low इलेक्ट्रिसिटी consume के लिए होता है। एक बात और आपको यहां ध्यान में रखनी चाहिए कि भले ही TFT स्क्रीन पर Render की गई इमेजेस काफी अच्छी दिखने में प्रतीत होती है परंतु viewing angle सही नहीं होता।

इसका मतलब है कि आप TFT एलसीडी स्क्रीन को यदि सामने से देखें तो आपको  स्क्रीन best दिखती है, परंतु यदि आप किसी साइड एंगल से इसको देखें तो आपका एक्सपीरियंस बेहतर नहीं होता। इसके अलावा बता दे TFT स्क्रीन का इस्तेमाल low end  स्मार्टफोंस में भी किया जाता है साथ ही बेसिक फोन में भी आज भी इसका इस्तेमाल होता है। और इस स्क्रीन का इस्तेमाल TV, GPS नेविगेशन सिस्टम handheld, Video गामिंग सिस्टम में भी होता है।

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4. OLED Monitor

और ओलेड मॉनिटर्स की बात करें तो यह एलसीडी मॉनिटर उसके इंप्रूव्ड वर्जन है अर्थात इसके कई ज़ारे लाभ एलसीडी से बेहतर कलर्स तथा व्यूइंग एंगल प्रदान करते है। परन्तु इनकी कीमल काफी अधिक हिती है ततः वर्तमान समय में oled मॉनिटर में का इस्तेमाल स्मार्टफोन तथा टेबलेट डिवाइसेज में अधिक होता है l

तो दोस्तों इन सारी बातो से निष्कर्ष निकलता है कि सीआईटी कंप्यूटर से का पर चैनल खत्म हो चुका है और इनका स्थान एलईडी मॉनिटर ने ले लिया है क्योंकि लेडी कंप्यूटर का साइज कम होता है जिस वजह से इन्हें किसी भी डेस्क में फिट करना सरल होता है।

साथी है मार्केट में सस्ते दामों में उपलब्ध हो जाते हैं ओए अब बात करें वह oled तो अभी यह नई तकनीक है मॉनिटर महंगे भी होते हैं इस वजह से इस तकनीक का इस्तेमाल आज के समय में सामान्य तो कम होता है. इन बातों से स्पष्ट होता है कि कंप्यूटर की दुनिया में एलईडी मॉनिटर आज ऑफिस तथा घरों में सामान्य तो लोगों की पहली पसंद बन चुके हैं.

कंप्यूटर मॉनिटर्स का स्क्रीन साइज अलग अलग हो सकता है कसाई है कंप्यूटर के पार्ट के रूप में बने होते हैं जैसे कि लैपटॉप टेबलेट नोटबुक आदि में मॉनिटर का इस्तेमाल होता है हालांकि आप अलग से एक दूसरा मॉनिटर भी अपने कंप्यूटर डिवाइस के लिए सेट कर सकते हैं यदि आप पर मॉनिटर खराब हो जाता है या फिर आप मल्टी मॉनिटर सेट अप करना चाहते हैं.

दोस्तों यहां आपका जाना जरूरी है कि मॉनिटर को आउटपुट डिवाइस के रूप में गिना जाता है क्योंकि इन कार्य सूचनाओं को स्क्रीन पर डिस्प्ले करना होता है और आजकल कई सारे मॉनिटर्स टचस्क्रीन भी उपलब्ध होते हैं. जो इस स्मार्टफोन की तरह ही मनुष्य की उंगलियों के इशारे में रन होते हैं इस रेकी मॉनिटर्स को इनपुट तथा आउटपुट डिवाइसेज दोनों के रूप में गिना जाता है इसलिए इन डिवाइस को इनपुट आउटपुट डिवाइस आयु डिवाइस कहां जाता है। तथा कुछ मॉनिटर्स में स्पीकर्स कैमरा, माइक्रोफोन यूएसबी आप जैसे फीचर्स होते हैं।

दोस्तों अब हम आगे बढ़ते हैं तथा जानते हैं मॉनिटर को कब और किसने बनाया?


मॉनिटर को कब और किसने बनाया?

दुनिया का पहला कंप्यूटर मॉनिटर कैथोड रे मॉनिटर 1997 में Karl Ferdinand Braun  द्वारा विकसित किया गया उस समय उन्होंने cathode ray tube की रचना की थीं।

कंप्यूटर मॉनिटर कैसे कार्य करता है?

दोस्तों जैसा कि आप जान चुके हैं मॉनिटर कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण भाग होता है जिसके बिना हम कंप्यूटर किसी टास्क को पूरा नहीं कर सकते यह एक विजुअल आउटपुट डिवाइस होता है जो हमारे द्वारा टाइप किए गए words तथा को इमेजेस एवं पिक्चर्स को स्क्रीन पर जो करता है.

दोस्तों संक्षेप में जाए तो मॉनिटर का मुख्य कार्य डिस्प्ले करना होता है कम तथा मॉनिटर किसी भी सूचना को डिस्प्ले तभी करने के लिए सीट मदरबोर्ड में लगे वीडियो ग्राफिक कार्ड का इस्तेमाल करता है यह ग्राफी का कार्ड इंफॉर्मेशन को कन्वर्ट करके मॉनिटर में विजुअल के रूप में उपयोगकर्ताओं को दिखाता है.

दोस्तों कंप्यूटर में जो इनपुट डिवाइस जैसे की मदद से इनपुट करते हैं तो वह डाटा सीपीयू के पास जाता है उसके बाद सीपीयू उस डाटा को प्रोसेस करने के बाद आउटपुट डिवाइस के रूप में मॉनिटर में डिस्प्ले करता है.

अपने लिए अच्छा मॉनिटर कैसे चुने?

दोस्तों एक अच्छे मॉनिटर का चयन आप की आवश्यकता और बजट पर निर्भर करता है। example के लिए आप गेमिंग मूवीस इत्यादि के लिए मॉनिटर खरीदना चाहते हैं तो आप चाहेंगे स्क्रीन में images, वीडियोस बेहतर दिखे इसके लिए आप अपने लिए LED अमोलेड मॉनिटर ले सकते हैं।

वहीं दूसरी तरफ आपको मॉनिटर इस्तेमाल सिर्फ ऐसे कार्यों जैसे ऑफिस का इस्तेमाल करने के लिए करना है तो आप इसके लिए कोई सामान्य मॉनिटरी स्क्रीन से भी काम चला सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें मॉनिटर eye फ्रेंडली जरूर होना चाहिए जिससे इसका इस्तेमाल करते समय आपकी आंखों को कोई नुकसान ना पहुंचे.

Size Selection

मॉनिटर खरीदते समय स्क्रीन साइज का चुनाव करना भी बेहद महत्वपर्ण हो जाता है, हालांकि आप अधिक स्क्रीन साइज के मॉनिटर का चुनाव कर सकते हैं। क्योंकि शायद ही आपको बड़ी स्क्रीन के मॉनिटर में दिक्कत हो परन्तु यदि आपने छोटी स्क्रीन का मॉनिटर एक बार खरीद लिया तो आपको इसके लिए बार-बार पछताना पड़ सकता है।

मार्केट में आपको विभिन्न स्क्रीन साइज के मॉनिटर देखने को मिल जाएंगे आप 15 इंच से लेकर 30 इंच तक के किसी भी मॉनिटर को अपने home use कर लिए purchase कर सकते हैं। और दोस्तों जितना ज्यादा यहां पर आपके मॉनिटर का स्क्रीन साइज होगा उतना उसका resolution भी अधिक होगा जिससे आप बड़ी स्क्रीन पर HD वीडियो, गेम्स इत्यादि भी खेल सकते हैं।

LCD & LED

स्क्रीन साइज के अलावा यहां पर मॉनिटर खरीदते समय आपको मॉनिटर के सही टाइप को सुनना जरूरी है। क्या आप एलसीडी मॉनिटर से अपना काम चला सकते हैं या LED कंप्यूटर आपको कार्य करने में अधिक सुविधा प्रदान करेंग? यह आपको सोचना जरूरी है और उसी हिसाब से आप मार्केट से अपने एलसीडी एलईडी या OLED मॉनिटर खरीद सकते हैं।

यहां तक यदि आपने इस आर्टिकल को पढ़ा है तो आप ऊपर LCD, LED इन दोनों की क्वालिटी और इनकी कमियां जान चुके होंगे।

Input/Output Ports

दोस्तो आज मार्केट में आपको विभिन्न वैरायटी के मॉनिटर्स देखने को मिल जाते हैं। इसलिए जिस भी मॉनिटर का आप चयन करें उसमें पर्याप्त ports है या नहीं। यह जरूर चेक कर लें क्योंकि मार्केट में विभिन्न ब्रांड्स के विभिन्न साइज में मॉनिटर देखने को मिलते हैं तो आप अपनी आवश्यकता के मुताबिक इन इनपुट आउटपुट ports को जरूर मॉनिटर में चेक कर लें।

तो साथियों हमें आशा है मॉनिटर खरीदते समय आप इन चीजों का ख्याल रखते हैं तो आप एक अच्छा मॉनिटर अपने लिए खरीद पाएंगे। तो दोस्तों उम्मीद है की अब आपको मॉनिटर से जुड़ी पूरी जानकारी मिल चुकी होगी, और अब आप जान गये होगे की मॉनिटर क्या है? (What is Monitor in Hindi) और इसके प्रकार? उपयोग, फ़ायदे? कैसे काम करता है? All About Monitor In Hindi?

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Hope की आपको मॉनिटर क्या है और इसके प्रकार – What Is Monitor In Hindi? का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।


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5 COMMENTS

  1. Sir, your artical it’s very helpful I like your tutorials sir i want a queery sir asa koi tarika h jisse mobile me apn koi app use karte h but ram clean karne par ya deep clean karne pr vo app bhi remove ho jata h to kya us ap ko always pin karke ya lock kar sakte h jisse ke vo clean karne pr remove n ho. Sir please reply

  2. अपने बहुत ही अच्छी जानकारी साँझा की है आपके इस पोस्ट को पढ़कर बहुत अच्छा लगा और इस ब्लॉग की यह खास बात है कि जो भी लिखा जाता है वो बहुत ही understandable होता है.

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