मदरबोर्ड क्या है – What Is Motherboard In Hindi

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अगर आप जानना चाहते हो की मदरबोर्ड क्या है? (What Is Motherboard In Hindi?) तो यह पोस्ट आप ही के लिए है, क्यूँकि आज इस पोस्ट में हम जानिंगे की motherboard kya hai? कैसे काम करता है? types of motherboard, components of Motherboard and all information of motherboard in hindi?

दोस्तों यदि आप एक डेस्कटॉप कंप्यूटर यूजर हैं तो आपने मदरबोर्ड का नाम जरूर सुना होगा! क्योंकि मदरबोर्ड में मौजूद component से हम माउस, कीबोर्ड आदि डिवाइस को कनेक्ट कर कंप्यूटर में आसानी से कार्य कर पाते हैं। अतः किसी भी कंप्यूटर या लैपटॉप में मदर बोर्ड बेहद आवश्यक भाग होता है।


दोस्तों क्या आप जानना चाहते हैं कि यह मदरबोर्ड क्या है? तथा इसमें जुड़े components (तत्वों) का क्या काम होता है तथा किस तरह यह किसी सिस्टम का सबसे जरूरी भाग होता है। तो आज के इस लेख को अंत तक पढ़ना आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है क्योंकि इस लेख में आप मदर बोर्ड से जुड़ी अनेक जानकारियां प्राप्त करने जा रहे हैं।

मदरबोर्ड क्या है – What Is Motherboard In Hindi

मदरबोर्ड को प्रिंटेड सर्किट बोर्ड तथा Mainboard के नाम से भी जाना जाता है। दोस्तो एक कंप्यूटर के motherboard से सभी जरूरी parts कनेक्ट किये जाते है। जिसमें Ram (Random access memory), C.P.U (central processing unit) माउस, कीबोर्ड, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, समेत सभी usb डिवाइस तथा अन्य प्रकार के हार्डवेयर component को motherboard से अटैच किया जाता है।

तथा motherboard आपस मे जुड़े सभी कॉम्पोनेन्ट को पॉवर सप्लाई प्रदान करता है जिससे सिस्टम हमारी दी गयी कमांड पर कार्य करता है। बिना हार्डवेयर के सिस्टम को run करना नामुमकिन होता है अतः किसी भी कंप्यूटर के लिए motherboard बेहद जरूरी भाग होता है। Motherboard प्लास्टिक शीट से बना होता है।

अतः अब हम जान चुके हैं कि किस तरह motherboard किसी सिस्टम का एक अभिन्न अंग होता है। विभिन्न कंप्यूटरों की कैपेसिटी तथा उनकी दक्षता के आधार पर motherboard भी भिन्न प्रकार के होते हैं।

मदरबोर्ड के प्रकार – Types of Motherboard In Hindi 

motherboard मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं।

Integrated Motherboard

आधुनिक कम्प्यूटरों में integrated motherboard का इस्तेमाल अधिक किया जाता है। क्योंकि integrated
motherboard में बाहरी उपकरणों को जोड़ने के लिये ports बनाये गए हैं। उदाहरण के लिए इन motherboard में


CPU, वीडियो कार्ड, साउंड कार्ड, तथा अन्य कंट्रोलर कार्ड मौजूद होते हैं तथा हम आवश्यकतानुसार उपकरणों को जोड़
सकते हैं। integrated motherboard को भविष्य में बदलाव कर अपग्रेड किया जा सकता है।

Non-Integrated Motherboard

इस प्रकार के मदरबोर्ड में हमें बाहरी कंपोनेंट को जोड़ने की अनुमति नहीं होती । इसलिए इन motherboard की मरम्मत काफी खर्चीली होती है क्योंकि इस प्रकार के मदरबोर्ड में सीपीयू, रैम आदि को सोल्डर किया जाता है।

जिससे हम आसानी से motherboard से जुड़े कॉम्पोनेन्ट में बदलाव नही कर सकते। उदाहरण के तौर पर स्मार्टफोन, टेबलेट आदि में integrated motherboard का इस्तेमाल किया जाता है।

मदरबोर्ड के मुख्य तत्व – Components of Motherboard In Hindi

यदि आप अपने कंप्यूटर के मदरबोर्ड को देखेंगे! तो उसमें अलग-अलग कई पार्ट्स मौजूद होंगे अतः एक कंप्यूटर उपयोगकर्ता होने के कारण आपके लिए मदरबोर्ड से जुड़े इन कॉम्पोनेंट के बारे में जानकारी प्राप्त करना जरूरी हो जाता है। इसलिए यहां कुछ मुख्य के component के नाम तथा उनके कार्य दिए गए हैं।

CPU

एक cpu सॉकेट डायरेक्ट सॉकेट से जुड़ा होता है। तथा हाई-स्पीड सीपीयू से निकलने वाली heat को कम करने के लिए CPU के सामने की तरफ fan लगाए जाते हैं।

Power Connector

मदर बोर्ड में मौजूद पावर कनेक्टर का कार्य सीपीयू को पावर सप्लाई देने के साथ ही अन्य कॉम्पोनेन्ट को भी पावर सप्लाई प्रदान करना होता है।

USB Port

मदर बोर्ड से अटैच यूएसबी बोर्ड में हम अपने किसी यूएसबी माउस, पेनड्राइव, प्रिंटर, हार्ड डिस्क आदि को कनेक्ट कर सकते हैं। तथा वर्तमान समय में उपलब्ध अनेक यूएसबी डिवाइस की सहायता से हम usb डिवाइस को अपने कंप्यूटर से कनेक्ट कर run कर सकते हैं।

Modem Port

वैसे तो कंप्यूटर में इंटरनेट चलाने के कई तरीके हैं, परंतु मदरबोर्ड एक विशेष स्थान होता है। जिसे मॉडम पोर्ट के नाम से जाना जाता है। किसी कंप्यूटर में इंटरनेट केबल को मॉडेम पोर्ट से अटैच किया जाता है।

ps/2 Board

PS2 बोर्ड का उपयोग वर्तमान समय में काफी कम हो चुका है। तथा इनका स्थान यूएसबी पोर्ट ने ले लिया है मुख्यतः PS/2 बोर्ड का कार्य कीबोर्ड माउस को कंप्यूटर से कनेक्ट करना होता है।

CMOS Battery

motherboard में मौजूद cmos बैटरी डिसप्ले में time & date को show करता है। इसके साथ ही कंप्यूटर शटडाउन होने के दौरान cmos बैटरी की bios में उपलब्ध जानकारी स्टोर करने में सहायता प्राप्त करती है।

Rom

मदर बोर्ड में Rom (read only memory) जुड़ी होती है। जिसका कार्य कंप्यूटर के स्टार्ट होने पर निर्देश देना होता है तथा इसे bios भी कहा जाता है।

इस तरह अनेक कॉम्पोनेंट किसी मदरबोर्ड से जुड़े रहते हैं। जिस वजह से कंप्यूटर की कार्य प्रणाली सुचारू रूप से
चलती है।

यह भी पढ़े: कंप्यूटर चलाना कैसे सीखे – कंप्यूटर कैसे चलाये?

मदरबोर्ड के मुख्य कार्य?

मदरबोर्ड का मुख्य कार्य कंप्यूटर से जुड़े सभी कंपोनेंट को पावर सप्लाई प्रदान करना होता है

कंप्यूटर को बूट करने के लिए bios की आवश्यकता पड़ती है। अतः मदरबोर्ड में मौजूद bios का कार्य अंत्यत महत्वपूर्ण होता है 

मदरबोर्ड में एक्सटर्नल peripheral की मदद से हम किसी बाहरी उपकरण को कंप्यूटर में आसानी से इंस्टॉल या अटैच कर अपना कार्य कर सकते हैं। उदाहरण के लिए कंप्यूटर में कई सारे एक्सपेंशन स्लॉट्स मौजूद होते हैं।

मदर बोर्ड सभी component के बीच कम्युनिकेशन (संचार) का कार्य करता है। तथा सभी component की देखभाल करता है। जिससे सभी कॉम्पोनेन्ट में पावर सप्लाई देने तथा उन्हें सही ढंग से कार्य करने में मदद करता है।

दोस्तों जब भी हम Customized PC खरीदते हैं या PC को असेंबल करते हैं तो Motherboard ही ऐसा part होता है जिसे हम अपने कंप्यूटर के लिए Select करते हैं! इसलिए एक अच्छे मदरबोर्ड पर पैसा invest करना हमेशा ही लाभदाई होता है, क्योंकि कंप्यूटर के अच्छे प्रदर्शन में भी एक मदरबोर्ड जिम्मेदार होता है! तो चलिए हम जानते हैं

मदरबोर्ड के उपयोग – Use of Motherboard in Hindi

बिना मदरबोर्ड के एक कंप्यूटर कार्य नहीं कर सकता! क्योंकि सिस्टम के सभी महत्वपूर्ण उपकरण जैसे कि CPU, RAM, Memory, Video Card, साउंड कार्ड इत्यादि Motherboard से जुड़े होते हैं। जिनसे एक कंप्यूटर कार्य करता है।

हम जो भी instruction कंप्यूटर को देते हैं, वे सभी मदर बोर्ड से होते हुए मॉनिटर स्क्रीन पर रिजल्ट देखने को मिलते हैं। तो इस प्रकार देखा जाए तो यह एक Component से दूसरे Component के बीच कम्युनिकेशन का भी कार्य करता है।

किसी भी सिस्टम में मदरबोर्ड को Backbone भी कहा जाता है! क्योंकि सभी आवश्यक कंपोनेंट्स को चलाने में मदद करता है.

मदर बोर्ड से Connect किए गए सभी कंपोनेंट जैसे कि माउस, कीबोर्ड इत्यादि उपकरणों को मदरबोर्ड पावर सप्लाई करने का भी कार्य करता है! जिससे वे सुचारू रूप से कार्य करते हैं।

तो जब भी आप नया कंप्यूटर ले या फिर कंप्यूटर को असेंबल करवाएं तो फिर एक सही कंपनी के मदरबोर्ड का चुनाव करना बेहद आवश्यक हो जाता है। यहां टॉप 10 मदरबोर्ड कंपनी की लिस्ट दी गई है, आप इनमें से किसी मी कंपनी के मदर बोर्ड के फीचर्स एवं प्राइस को Compare कर अपने कंप्यूटर के लिए अच्छा मदरबोर्ड Select कर सकते हैं.

Top 10 मदरबोर्ड निर्माता कंपनियों के नाम।

  • Intel
  • ASUS
  • AMD
  • Acer
  • Gigabyte
  • Biostar
  • AOpen
  • ABIT
  • MSI

मदरबोर्ड कैसे कार्य करता है?

दोस्तों हमारे लिए यह जानना रोचक होगा कि आखिर कंप्यूटर कैसे कार्य करता है? क्योंकि Motherboard क्या है इसके पार्ट्स के बारे में हम सभी जानते हैं। परंतु यह काम कैसे करता है काफी कम लोग यह जानने में दिलचस्पी रखते हैं।

मदर बोर्ड के कार्य करने की प्रक्रिया शुरू होती है जब आप अपने कंप्यूटर को ON करते हैं! पावर on करते ही पावर Supply board से मदर बोर्ड की ओर पावर ट्रांसफर होती है।

जो आपके कंप्यूटर का डाटा है वह Data Buses के माध्यम से चिपसेट के दो भागो northbridge and southbridge मैं जाता है। जिसके बाद नॉर्थ ब्रिज में जो डाटा होता है उस डाटा को नॉर्थ ब्रिज से CPU, RAM तथा PCI slot में भेजा जाता है.

उसके बाद Ram का कार्य सीपीयू को इनपुट send करना होता है और वह अपने इस काम को करते हुए जब सीपीयू के पास इनपुट पहुंचता है, तो सीपीयू उसे आउटपुट में बदल देता है।

तथा जो डाटा PCI स्लॉट में जाता है उसे आपके सिस्टम में मौजूद एक्सपेंशन कार्ड में ट्रांसफर कर दिया जाता है। उसके बाद बारी आती है साउथ ब्रिज की साउथ ब्रिज भाग डाटा को BIOS, USB sata और PCI तक पहुंचाता है!

तथा जब यह डाटा bios तक पहुंचता है तो यह कंप्यूटर को बूट करने की इजाजत देता है जबकि sata के पास जो डाटा होता है वह डाटा हार्ड डिस्क एवं Solid स्टेट ड्राइव के पास पहुंच जाता है। Sata का कार्य इस डाटा का इस्तेमाल साउंड नेटवर्क तथा Display की जाने वाली वीडियो तक पावर भेजना होता है।

तो दोस्तों इस प्रकार मदर बोर्ड की यह फंक्शनैलिटी सेकंड समय होती है! और हम तेजी से अपने कंप्यूटर ऑपरेट कर पाते हैं। अतः इस प्रकार हम मदर बोर्ड को देखें तो यह कंप्यूटर के हेड क्वार्टर के रूप में कार्य करता है जो डाटा को डाटा buses के माध्यम से ट्रांसमिट करता है।

और जब यह डाटा नॉर्थ ब्रिज एवं साउथ ब्रिज के पास पहुंचता है तो फिर यह डाटा Pci Ram CPu etc तक पहुंच जाता है। इस प्रकार यह सभी कॉम्पोनेंट्स आपस में मिलकर अपना सहयोग देते हैं और हम एक कंप्यूटर मशीन को ऑपरेट कर पाते हैं.

मदरबोर्ड का इतिहास – History Of Motherboard In Hindi

दोस्तों अंत में जानते हैं मदर बोर्ड History के बारे में! हम सभी जानते हैं कंप्यूटर का इतिहास काफी पुराना है हालांकि हमारे देश में कंप्यूटर काफी समय बाद लोगों तक पहुंचा!

लेकिन पहली बार वर्ष 1981 में पहले मदरबोर्ड का इस्तेमाल  कंप्यूटर्स में किया गया और इस प्रथम मदर बोर्ड का नाम planar रखा गया! आपको बता दें इस मदर बोर्ड का इस्तेमाल उस समय IBM के पर्सनल कंप्यूटर के लिए किया जाता था।

उसके बाद मदरबोर्ड को बेहतर बनाने की रिसर्च चलती रही तथा 3 वर्ष पश्चात AT मदर बोर्ड के फॉर्म फैक्टर को वर्ष 1984 में आईबीएम कंपनी द्वारा लांच किया गया।

(आईबीएम कंपनी आज दुनिया में सक्सेसफुल कंप्यूटर कंपनी के रूप में जानी जाती है)

इसी प्रकार वर्ष 1995 में intel द्वारा मदर बोर्ड के ATX (advanced technology extended) स्पेसिफिकेशन को रिलीज किया। तथा वर्ष 1998 में intel द्वारा WTX मदर बोर्ड फॉर्म फैक्टर को introduce किया।

और इस तरह समय के साथ आधुनिक कंप्यूटर के बेहतर परफॉर्मेंस की मांग को देखते हुए मदरबोर्ड की फंक्शनैलिटी को कई बार अपग्रेड किया गया। आइए हम जानते हैं कि

मदर बोर्ड का पहली बार कब इस्तेमाल किया गया?

जैसा की अभी हमने जाना वर्ष 1981 में पहली बार IBM के पर्सनल कंप्यूटर में मदरबोर्ड का इस्तेमाल किया गया लेकिन उससे पूर्व ऐसा नहीं है कि कंप्यूटर का इस्तेमाल नहीं होता था।

बिल्कुल होता था परंतु मदरबोर्ड आने से पूर्व कंप्यूटर्स को Case की सहायता से बनाया ज्यादा था। तथा उसमें कंप्यूटर के सभी कॉम्पोनेंट्स backplane की सहायता से जुड़े होते दे। अर्थात यह Set of slots होता था जिसमें वायर एक दूसरे से जुड़े होते दे।

तो इस प्रकार बैकप्लेन और मदरबोर्ड के बीच जो मुख्य अंतर था on board Power की कमी जी हां जिस तरह हम मदरबोर्ड डिवाइस के अंदर ही सीपीयू का इस्तेमाल कर सकते हैं! लेकिन backplane को एक plugin card में अलग से सेट किया जाता था।

हालांकि उस समय आज के मदर बोर्ड की तुलना में Motherboard का आकार काफी अधिक था! परंतु जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी Advance होती गई खासकर 21वी सेंचुरी के बाद से मदर बोर्ड का साइज काफी छोटा हो गया।


दोस्तों इस तरह आज के इस आर्टिकल में आपने मदर बोर्ड तथा मदरबोर्ड के इतिहास से संबंधित जानकारियां प्राप्त की.

Hope अब आपको मदरबोर्ड से related पूरी जानकारी मिल चुकी होगी, ओर अब आप जान गये होगे की मदरबोर्ड क्या है – What Is Motherboard In Hindi कैसे काम करता है? types of motherboard, components of Motherboard and all information of motherboard in hindi?

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उम्मीद है की आपको मदरबोर्ड क्या है – What Is Motherboard In Hindi? का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।


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