म्यूच्यूअल फण्ड क्या है? – What Is Mutual Fund In Hindi

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Mutual Fund Kya Hai In Hindi? दोस्तो आजकल आपने Tv या मोबाइल के विज्ञापनों में Mutual फंड्स का नाम जरूर सुना होगा! जिनमें आपको बताया जाता है कि Mutual फंड में निवेश करने के लिए आपको हजारों लाखों रुपए की जरूरत नहीं है। आपको काफी कम पैसों में Mutual फंड में निवेश करके बाद अच्छा प्रॉफिट हो सकता है। लेकिन Mutual फंड के विषय में यदि आपको पूरी जानकारी नहीं है, तो इसमें निवेश करना थोड़ा जोखिम भरा हो सकता है।

क्योंकि आज भी कहीं ऐसे लोग हैं जिन्होंने केवल Mutual फंड का नाम सुना है, लेकिन इसके विषय पर उन्हें जानकारी नहीं है! इसलिए मैंने सोचा क्यों न आज के इस लेख में आपको म्यूच्यूअल फंड के विषय पर जानकारी दी जाए! तो यदि आप जानना चाहते हैं कि म्यूच्यूअल फंड क्या है? (What Is Mutual Fund In Hindi) इसके कितने प्रकार होते हैं? इसमें इन्वेस्ट कैसे करते हैं! इसके फायदे और नुकसान क्या है? इसकी शुरुवात कब की गई थी? कैसे काम करता है? All about mutual funds in hindi? जानने के लिए अंत तक अवश्य पढ़ें।


तो क्या आप तैयार हैं, म्यूच्यूअल फंड के बारे में जानने के लिए तो आइए शुरू करते हैं! और सबसे पहले जानते हैं की आख़िर म्यूच्यूअल फण्ड क्या है? – What Is Mutual Fund In Hindi? अगर आप ऑनलाइन घर बैठे internet से पैसे कमाना चाहते हो तो ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए – इंटरनेट से पैसे कमाने के तरीके की पूरी जानकारी यहाँ है।

म्यूच्यूअल फण्ड क्या है? – What Is Mutual Fund In Hindi

सरल शब्दों में Mutual Fund को समझें तो बहुत सारे निवेशक एक उद्देश्य से पैसा निवेश (Invest) करते हो तो उस जमा की गई राशि को मैचुअल फंड के नाम से जाना जाता है, तथा इस राशि को एक Fund में डाल दिया जाता है किसी मैचुअल फंड नाम दिया गया है। इस Market का उद्देश्य होता है, इक्विटी एवं Debt से पैसा कमाना! परंतु इन्वेस्टर्स जो Mutual फंड में निवेश करते हैं, वह मार्केट से पैसा तो कमाना चाहते हैं। परंतु इसके लिए उनके पास पर्याप्त समय तथा ज्ञान की कमी होती है।

तो इसके लिए एक Asset Management Comapny (AMC) Mutual फंड मैनेजर का सहारा लेती है। जो मार्केट रिसर्च जैसे Bonds, Stocks, ट्रेजरी बिल इत्यादि में निवेशकों का पैसा निवेश कर उन्हें अच्छे रिटर्न देने में मदद करते हैं।

तो दोस्तों आपको अक्सर mutual fund के बारे में जानकारी लेते हुए fund house, fund manager इत्यादि का नाम सुनाई देता है आइये इस बारे में जानते हैं।

वे कंपनियां जो मैचुअल फंड Scemes को Create करती हैं, उन्हें Fund House या Asset Management Companies (AMCs) के नाम से जाना जाता है। तथा वे प्रोफेशनल्स जो मार्केट पर रिसर्च एवं Study कर उपयुक्त कंपनियों का चुनाव करते हैं, उन्हें फंड मैनेजर कहा जाता है।

Mutual फंड में यदि इन्वेस्टर्स द्वारा किसी Sceme में निवेश किया जाता है, तो उस स्कीम में किए जाने वाले खर्चों को Expense Ratio के नाम से जाना जाता है।


दोस्तों मैचुअल fund को यदि हम संक्षेप में समझें तो इसमें मैचुअल फंड कंपनियां निवेशकों को बेहतर Return के लिए प्रोत्साहित कर निवेशकों से पैसा उठाती है, उसके बाद कंपनी इन पैसों को Shares में निवेश करती है, जिसके बदले में कंपनी मैचुअल फंड निवेशकों से चार्ज लेता है।

दोस्तों Mutual Fund के बारे में जानकारी लेते हुए इसके फायदे और नुकसान के बारे में ग्राहक को जानना बेहद अनिवार्य हो जाता है, तो आइए हम Mutual Fund के पहले फायदे जानते हैं, तथा बाद में नुकसान को!

म्यूच्यूअल फण्ड के फायदे? – Benefits Of Mutual Funds In Hindi

Easy

यदि आप शेयर मार्केट, Real स्टेट ,बिजनेस इत्यादि में पैसा इन्वेस्ट करते हैं! तो यहाँ हमें पूरी जानकारी ना होने की वजह से पैसे इन्वेस्ट करना जटिल (Complex) हो जाता है।

तथा जब आप मैचुअल फंड में invest करते हैं आपको एक ही स्थान पर सभी जानकारियां मिल जाती हैं! जिस वजह सेआपको इन्वेस्ट करने से पूर्व अन्य स्त्रोतों से जानकारी लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसमें रिसर्च एवं डाटा कलेक्शन Fund मैनेजर द्वारा मैनेज किया जाता है।

मैचुअल फंड में आप Shares के बेनिफिट तथा प्राइस के आधार पर Funds की तुलना भी कर सकते हैं, आपका कार्य सिर्फ Under performance को देखने होता है।

Professional Experts

दोस्तों मैचुअल फंड में इन्वेस्ट करना ज्यादातर लोग इसलिए भी बेहतर मानते हैं! क्योंकि यहां फंड से रिलेटेड Study एवं इनकी देखरेख प्रोफेशनल एक्सपर्ट द्वारा की जाती है।

यह Experts अपने कार्यों में निपुण होते हैं, जिन्हें काफी सालों का अनुभव होता है। अतः यह आपके पैसे को सही जगह पर इन्वेस्ट करते हैं तथा आप को अधिक से अधिक Profit मिले इस बात को सुनिश्चित करते हैं

परंतु दूसरी तरफ यदि आप रियल एस्टेट, शेयर मार्केट सोना-चांदी के व्यापार में निवेश करते हैं! तो यहां पर यदि आपको पूरी जानकारी नहीं है तो आप के पैसे का नुकसान होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

Minimum Payment

म्यूचुअल फंड में निवेश करने का एक मुख्य फायदा यह है, यहां अन्य Services की तुलना में कम Payment लगती है।

यदि आप दूसरी इन्वेस्टमेंट सर्विस को देखें तो यह सालाना आपके निवेश के 2 से लेकर 3% तक शुल्क लेती हैं, वहीं दूसरी तरफ Mutual Fund अन्य services की तुलना में कम खर्चीली होती है ! जिसमें विभिन्न फंड्स 1 से 2% तक की कटौती करते हैं।

Low Tax

अन्य जगह पर पैसा इन्वेस्ट करने से अच्छा मैचुअल फंड में एक बात यह भी है, कि यहां पर Tax की मात्रा बहुत कम है, तो यहां पर हमें कम टैक्स देना पड़ता है।

जिस वजह से भी मैचुअल फंड में लोग निवेश करना बेहतर समझते हैं।

Secure Invest

दोस्तों क्योंकि Mutual फंड Sebi (Securities and Exchange Board of India) के अंतर्गत कार्य करता है जो कि एक सरकारी ऑर्गनाइजेशन है। जो मैचुअल फंड की गतिविधियों पर नजर रखने का कार्य करती है।

तो आपने अपने Fund में स्टॉक्स की कीमत, मैनेजर के एक्सपीरियंस, तथा पॉइंट्स की नेट वैल्यू की जानकारी कभी-भी ले सकते हैं।

दोस्तों यह थे कुछ फायदे आइए अब हम Mutual फंड में निवेश करने के नुकसान के बारे में जानकारी लेते हैं!

म्यूच्यूअल फण्ड के नुकसान?

Low Profit

दोस्तों यदि आप Mutual फण्ड की तुलना में शेयर मार्केट, Real स्टेट इत्यादि को देखें तो यहां पर आपको अधिक मुनाफा प्राप्त होता है। इसलिए यदि आप कम समय में अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो मैचुअल फंड आपके लिए एक सही Choice नहीं होगी।

क्योंकि मैचुअल फंड में निवेश में विविधताएं होती हैं तो यहां पर short period में अधिक लाभ की संभावनाएं काफी कम हो जाती है। अतः Mutual fund में अधिक profit कमाना है तो आपको एक से अधिक मैचुअल फंड में निवेश करना चाहिए।

More Investment

कुछ मैचुअल फंड आपके Funds को मैनेज करने के कार्य के लिए अधिक चार्ज लेते हैं। जिसमें फंड मैनेजर के सैलरी तथा अन्य खर्चे शामिल होते हैं! और इसके अलावा आपको बता दें कि हम मैचुअल फंड में एक Extra Cost तब आती है, जब आप किसी मैचुअल फंड से Exit करते हैं।

आपको यह राशि Exit लोड के रूप में भी देनी होती है, तो जब भी आप किसी mutual फंड से Exit करें तो उससे पूर्व Exit लोड के बारे में जानकारी लें ले।

No Control

यदि आप म्यूचुअल फंड में निवेश करने जा रहे हैं तो उसका एक नुकसान आपको यह मिलेगा। कि यहां पर आप अपनी पोर्टफ़ोलियो मैचुअल फंड मैनेजर को दे देंगे! जो उसे चलाने का कार्य करता है।

Lock in Periods

कहीं funds में long term लॉक-इन पीरियड होता है! जो कि 5 वर्ष से लेकर 8 वर्ष तक होता है, तथा इस समय से पूर्व फण्ड से एग्जिट करना काफी महंगा साबित हो सकता है।

फंड का एक विशिष्ट भाग investor को पेमेंट करने के लिए रखा जाता है, जो फंड से exit करना चाहता है। हालाँकि आपको बता दें यह जो भाग होता है वह इन्वेस्टर्स के लिए ब्याज नहिं कमाता है। तो आग थे mutual fund में निवेश करने के कुछ नुकसान! अब जानते हैं Mutual फंड का इतिहास, india में इसकी शुरुआत कब की गई थी?


म्यूच्यूअल फण्ड का इतिहास – History Of Mutual Fund In Hindi

वह पहली कंपनी जिसने Mutual फंड में Deal की थी वह Unit Trust of India थी। RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) तथा भारतीय सरकार की यह पहल थी, जिसके जरिए डेढ़ के नागरिकों को निवेश एवं बचत को प्रोत्साहित करने तथा उनकी आय में भागीदारी को बढ़ाने हेतु इसकी शुरुआत की गई थी।

UTI का उद्देश्य उन छोटे एवं नए इन्वेस्टर्स को Guide करना था जो बड़ी फर्मों के फाइनेंसियल प्रोडक्ट तथा Shares को खरीदना चाहते थे।

म्यूच्यूअल फण्ड के प्रकार – Types Of Mutual Fund In Hindi

हमारे देश में वर्तमान समय में निम्नलिखित प्रकार के मुख्य Mutual Funds हैं!

Equity Mutual Fund

यह स्कीम उनके लिए फायदेमंद है, जो Long Period में बेहतर रिटर्न पाना चाहते हैं। जबकि Short time (छोटी अवधि) में इस स्कीम में जोखिम की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। जब आप इक्विटी म्युचुअल फंड स्कीम में निवेश करते हैं तो शेयर के परफॉर्मेंस के आधार पर आपको रिटर्न मिलता है ।

इक्विटी म्युचुअल फंड Sceme एक मुनाफे की योजना है, परंतु जितना मुनाफा होता है उसके साथ ही जोखिम की संभावनाएं भी बढ़ जाती है। अतः यदि आपका फाइनेंसियल Goal (लक्ष्य) 10 साल बाद पूरा होना है। तो यह स्कीम आपके लिए बेहतरीन हो सकती है इक्विटी Mutual फंड अलग-अलग प्रकार के हो सकते हैं।

Large Cap Funds

  • Mid-Small Cap Funds
  • Flexi-cap Funds
  • Diversified Funds
  • Thematic Funds
  • ELSS Fund
  • Index Fund

Debt Mutual Fund

यदि आप Short Term (छोटी अवधि) के लिए फंड में निवेश करना चाहते हैं! तो यह स्कीम आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

क्योंकि इस स्कीम में कम रिस्क होता है! तथा बैंक के Fixed डिपॉजिट से बेहतर रिटर्न निवेशक को प्रदान करती है। अतः आप कम समय के लिए निवेश करना चाहते हैं तो डेब्ट सिक्योरिटी में निवेश करने वाली इस स्कीम का लाभ उठा सकते हैं।

Hybrid Mutual Fund

मैचुअल फंड की इस स्कीम के तहत इक्विटी तथा Debt दोनों में निवेश किया जाता है। तथा इस तरह की स्कीम का चुनाव करते समय निवेशकों को रिस्क उठाने की अपनी क्षमता का आँकलन करना जरूरी है। इक्विटी म्युचुअल फंड स्कीम की तरह ही इस स्कीम को अनेक भागों में बांटा गया है।

  • Equity-Oriented Hybrid Mutual Funds:
  • Debt-Oriented Hybrid Mutual Funds:
  • Arbitrage Funds:

अतः मैचुअल फंड में निवेश करने वाले नए निवेशकों के लिए यह स्कीम फायदेमंद हो सकती है।

Solution Oriented Mutual Fund

दोस्तों इस तरह की स्कीम में निवेश करना उन निवेशकों के लिए फायदेमंद है! जो अपने बच्चों, फैमिली के शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं के लिए निवेश का लक्ष्य बनाते हैं। क्योंकि यह स्कीम लक्ष्य एवं समाधान के हिसाब से कार्य करती है, अतः इसमें निवेश करने के लिए कम से कम 5 साल अवधि होती है।

तो दोस्तों यह थे Mutual फंड के कुछ मुख्य प्रकार आइए अब हम आगे बढ़ते हैं, तथा जान लेते हैं कि कैसे आप मैचुअल फंड में एक Beginner (नए) निवेशक होने के नाते निवेश कर सकते हैं?

Mutual Fund Me Invest Kaise Kare?

दोस्तों यदि आप पहली बार मैचुअल फंड में निवेश करने जा रहे हैं, तो आप Mutual फंड की ऑफिशियल वेबसाइट से अधिक जानकारी लेकर निवेश करना शुरू कर सकते हैं।

इसके अलावा आप किसी दोस्त, रिश्तेदार या एडवाइजर की सहायता से भी मैचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। यदि आप डायरेक्ट मैचुअल फंड में निवेश करते हैं, तो आप मैचुअल फंड के Direct प्लान में निवेश कर सकते हैं!

दूसरी ओर यदि आप किसी Adviser की सहायता से मैचुअल फंड में निवेश करने जा रहे हैं, तो आप मैचुअल फंड Sceme के Regular प्लान में निवेश कर पाएंगे।

तो अब आपके पास निवेश के दो तरीके हैं, mutual Fund वेबसाइट या आप निवेश करने के लिए अपने नजदीकी Mutual फंड ऑफिस में डॉक्यूमेंट ले जाकर निवेश कर सकते हैं। तो इस प्रकार आप ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों तरीकों से म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं।

यहां आपको बता दें यदि आप मैचुअल फंड की किसी डायरेक्ट प्लान में निवेश करते हैं, तो यहां पर आपको किसी एडवाइजरी या किसी व्यक्ति को कमीशन देने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

और आपको Long पीरियड (लंबी अवधि) के दौरान अच्छा खासा रिटर्न भी मिलता है, परंतु ऐसा करने के लिए आपको मार्केट के अनेक पहलुओं की काफी रिसर्च करनी पड़ेगी!और जानकारी लेनी होगी तभी आपका निवेश करना फायदेमंद होगा।

अब यहां सवाल आता है कि Mutual फंड में निवेश करने के लिए क्या-क्या चीजें आवश्यक हैं?

किसी भी मैचुअल फंड में निवेश करने के लिए आपका Kyc (Know Your Customer) Complete होना चाहिए। जिसके लिए आप Kyc संबंधी फॉर्म भर सकते हैं! और इसको पूरा कर सकते हैं। इसमें फोटो, आधार कार्ड, बिजली बिल, बैंक स्टेटमेंट आवश्यक डाक्यूमेंट्स की कॉपी लगाएं।

और अब आपको इसे Mutual फंड ऑफिस या रजिस्ट्रार (पंजीयक) के पास निवेश के फॉर्म के साथ जमा करना होगा। हालांकि वर्तमान समय में कुछ Mutual Funds E-kyc की सुविधा देते हैं! जिससे आप Online kyc कंप्लीट कर निवेश करना शुरू कर सकते हैं।

तो दोस्तों आज के इस लेख में बस इतना ही आज आपने मैचुअल फंड के विषय पर विस्तार पूर्वक जानकारी ली! उम्मीद है यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। और आप जान गये होगे की म्यूच्यूअल फंड क्या है? (What Is Mutual Fund In Hindi) इसके कितने प्रकार होते हैं? इसमें इन्वेस्ट कैसे करते हैं! इसके फायदे और नुकसान क्या है? इसकी शुरुवात कब की गई थी? कैसे काम करता है? All about mutual funds in hindi?

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Hope की आपको म्यूच्यूअल फण्ड क्या है? – What Is Mutual Fund In Hindi? का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।

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