नेटवर्क टोपोलॉजी क्या है? – What Is Network Topology In Hindi

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दोस्तों एक बार स्वागत है, आपका फिर से FutureTricks साइट पर पिछले कुछ आर्टिकल्स में हमने अनेक टेक्निकल Terms जैसे Url, प्रोटोकॉल के बारे में जाना था और आज हम एक ऐसे ही टेक्निकल टर्म के बारे में बात करने जा रहे हैं जिसे नेटवर्क टोपोलॉजी कहा जाता है। और आज हम जानिंगे की नेटवर्क टोपोलॉजी क्या है? (What Is Network Topology In Hindi) कैसे काम करती है? इसके प्रकार? फ़ायदे और उपयोग? & all about network topology in hindi?

दोस्तों नेटवर्क से जुड़े किसी भी कंप्यूटर कि जब बात आती है तो अक्सर हमें नेटवर्क टोपोलॉजी शब्द सुनने को मिलते हैं! परंतु हम अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन यदि आप उन यूजर्स में से हैं जो बारीकी से टेक्नोलॉजी से जुड़ी जानकारियां रखना पसंद करते हैं तो यह लेख आपके लिए ही है।


क्योंकि इस लेख में हम नेटवर्क टोपोलॉजी क्या है? इसका क्या क्या उपयोग होता है, यह कितने प्रकार के होते हैं, उनके फायदे तथा नुकसान! इस विषय पर विस्तार पूर्वक जानेंगे! तो यदि आप तैयार हैं कुछ नया सीखने के लिए तो समय को नष्ट किए बगैर शुरू करते हैं और जानते हैं सबसे पहले की यह नेटवर्क टोपोलॉजी क्या होती है?

नेटवर्क टोपोलॉजी क्या है? – What Is Network Topology In Hindi

नेटवर्क टोपोलॉजी से मतलब किसी नेटवर्क की फिजिकल या Logical Layout होता है, दोस्तों नेटवर्क टोपोलॉजी के विषय पर अधिक जानने से पूर्व हमारा यहां पहले नेटवर्किंग को समझना जरूरी हो जाता है! दो या दो से अधिक कंप्यूटर का समूह आपस में किसी resources को शेयर करने के लिए जुड़े होते है तो उसे कंप्यूटर नेटवर्किंग कहा जाता है. तो इस जटिल शब्द नेटवर्क टोपोलॉजी को सरल शब्दों में समझें तो आप अपने कंप्यूटर्स को किस प्रकार आपस मे कनेक्ट करते हैं, अर्थात उनके बीच के कनेक्शन की संरचना को दर्शाने का कार्य ही नेटवर्क टोपोलॉजी होता है।

दोस्तों जब हमें जानना हो कि किसी नेटवर्क में एक Server, कंप्यूटर या फिर सभी Cables का Arrangement कैसे किया है? इसी प्रक्रिया को हम दूसरे शब्दों में नेटवर्क टोपोलॉजी के नाम से जानते हैं।

तो यदि हम संक्षेप में कहें तो नेटवर्क टोपोलॉजी किसी भी नेटवर्क के लेआउट को संदर्भित करता है यह बताता है कि किसी नेटवर्क में अलग-अलग Nodes एक दूसरे से किस प्रकार जुड़े रहते हैं! तथा यह आपस में किस तरह कम्युनिकेशन कर पाते हैं, यह कार्य नेटवर्क के टोपोलॉजी द्वारा निर्धारित किया जाता है।

तो दोस्तों जब भी कोई यूजर नेटवर्किंग सीखना चाहता है या फिर सीख चुका है उसे नेटवर्क टोपोलॉजी का ज्ञान होता है।

मुझे उम्मीद है इस प्रकार आप समझ गए होंगे कि असल में यह नेटवर्क टोपोलॉजी क्या है? दोस्तों अब यहां पर सवाल आता है कि नेटवर्क टोपोलॉजी आखिर क्यों महत्वपूर्ण होती है अर्थात असल मे नेटवर्क टोपोलॉजी का क्या उपयोग होता है?

नेटवर्क टोपोलॉजी का उपयोग?

नेटवर्क की कार्यप्रणाली (Functioning) में नेटवर्क टोपोलॉजी की मुख्य भूमिका होती है! यही वजह है कि जब भी एक इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क Create होता है तो उसमें नेटवर्क टोपोलॉजी के बारे में भी जानकारी दी होती है। इसके निम्नलिखित उपयोग हैं।

◆ दोस्तों नेटवर्क टोपोलॉजी हमें असल में नेटवर्किंग के Concept को समझने में सहायता करती है।

◆ बेहतर परफॉर्मेंस के लिए नेटवर्क टोपोलॉजी मुख्य जिम्मेदारी निभाती है।

◆ यदि नेटवर्क में कोई समस्या है, या होती है तो नेटवर्क टोपोलॉजी इस बात की जानकारी देती है! तथा उस समस्या को हल करने में भी नेटवर्क टोपोलॉजी सहायक होती है

◆ नेटवर्क टोपोलॉजी नेटवर्किंग के सभी Equipments तथा Resources को बेहतर तरीके से Utilize करने का कार्य
करती है।

आइए हम आगे बढ़ते हैं, तथा जानते हैं कि यह नेटवर्क टोपोलॉजी कितने प्रकार की होती है।

नेटवर्क टोपोलॉजी के प्रकार – Types Of Network Topology In Hindi

Bus Topology

बस टोपोलॉजी नेटवर्किंग का एक प्रकार है, जिसमें प्रत्येक कंप्यूटर या नेटवर्क डिवाइस एक Single केबल के जरिए कनेक्टेड रहता है, लेकिन जब इसमें दो End Points होते हैं। तो इसे liner bus Topology के नाम से जाना जाता है।

चलिए बस टोपोलॉजी की विशेषताओं को जानते हैं;

  • दोस्तों बस टोपोलॉजी केवल एक ही डायरेक्शन में डाटा को ट्रांसमिट करता है।
  • इसमें प्रत्येक डिवाइस एक सिंगल Cable से ही कनेक्ट होता है।
  • यह Cost Effective होता है।
  • बस टोपोलॉजी का उपयोग Small नेटवर्क के लिए किया जाता है।

Bus Topology के फायदे

  • इस टोपोलॉजी की कार्यप्रणाली को समझना आसान है जिस वजह से इसका इस्तेमाल आसानी से किया जा सकता है।
  • इसके अलावा इसमें नेटवर्क टोपोलॉजी के अन्य प्रकारों की तुलना में कम केबल की आवश्यकता पड़ती है।
  • दोस्तों इस टोपोलॉजी के कुछ नुकसान भी होते हैं आइये इसकी जानकारी भी ले लेते है।
  • इस टोपोलॉजी का सबसे बड़ा घाटा यह है कि इसका इस्तेमाल केवल Small नेटवर्किंग के सेटअप के लिए किया जा सकता है।
  • दोस्तों चूँकि यह एक प्राइमरी केबल होती है, जो की रीड की हड्डी भी कहा जाती है! अतः यह टोपोलॉजी किसी कारणवश fail हो जाती है, तो पूरा नेटवर्क फेल हो जाता है।

बस टोपोलॉजी में Nodes की संख्या बढ़ने के साथ ही इसकी ट्रांसमिशन स्पीड में भी कमी आने लगती है।

Ring Topology

रिंग टोपोलॉजी को रिंग इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यह एक रिंग बनाता है जब एक कंप्यूटर दूसरे कंप्यूटर से कनेक्ट होता है, इसमें Dual ring टोपोलॉजी भी शामिल होती है।

Ring Topology की विशेषताए?

बड़ी संख्या में Nodes के साथ रिंग टोपोलॉजी के लिए अनेक रिपीटर्स का इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि यदि आप रिंग टोपोलॉजी में Total 100 Nodes में से Last नोड में कुछ भेजना चाहता हैं, तो डाटा को उस सौवें Nodes तक पहुंचने के लिए 99 से गुजरना होगा।

इसलिए डाटा की हानि से बचने के लिए रिपीटर्स का इस्तेमाल नेटवर्क में होता है। इसमें ट्रांसमिशन unidirectional होता है लेकिन प्रत्येक नेटवर्क Node के बीच दो कनेक्शन होने पर इसे bidirectional (द्विदिश) बनाया जाता है जिसे हम Dual रिंग टोपोलॉजी कहते है।


Dual रिंग टोपोलॉजी में 2 Ring नेटवर्क बनाते हैं, तथा इस दौरान डाटा परवाह (Data flow) पोजीशन विपरीत डायरेक्शन में होता है, और इस दौरान यदि एक रिंग विफल (Unsuccessful) हो जाती है! तो दूसरी रिंग नेटवर्क को बनाए रखने के लिए बैकअप का कार्य करती है।

रिंग टोपोलॉजी के फायदे?

रिंग टोपोलॉजी में High Traffic होने से या फिर अधिक Nodes को Add करने से ट्रांसमिटिंग नेटवर्क पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता! क्योंकि इसमें केवल वही Nodes डाटा संचालित कर सकते हैं जिनके पास Token होता है।

नेटवर्क टोपोलॉजी की तुलना में इसे इंस्टॉल करना सस्ता एवं Explain करना भी सस्ता होता है।

रिंग टोपोलॉजी के नुकसान?

  • रिंग टोपोलॉजी में यदि ट्रांसमिशन लाइन Clear हो जाती है तो इसमें पूरी नेटवर्क डाउन हो जाता है।
  • एक malfunctioning Node पूरे नेटवर्क को Collapse (गिरावट) कर सकता है।
  • इस टोपोलोजी में किसी नेटवर्क से जुड़े सभी डिवाइस द्वारा बैंडविथ का उपयोग किया जाता है।

Star Topology

इस प्रकार की टोपोलॉजी मैं सभी कंप्यूटर केवल के माध्यम से एक ही Hub से जुड़े रहते हैं, यह Hub एक सेंट्रल Node होता है तथा अन्य सभी नोट्स भी इसी सेंट्रल नोट से जुड़े रहते हैं।

Features of Star Topology

  • Star टोपोलॉजी में Hub के लिए प्रत्येक Node का अपना डेडीकेशन कनेक्शन होता है।
  • यह Data flow के लिए एक रिपीटर के रूम में एक्ट करता है
  • इसका उपयोग ऑप्टिकल फाइबर या केबल के साथ किया जा सकता है।

स्टार टोपोलॉजी के फायदे?

  • Low नेटवर्क ट्रेफिक तथा कुछ ही Nodes के साथ यह फास्ट परफॉर्मेंस प्रदान करता है।
  • दोस्तों Star टोपोलॉजी मैं इसे आसानी से अपग्रेड किया जा सकता है। समस्या आने पर स्टार टोपोलॉजी को Easily Troubleshoot किया जा सकता है।
  • स्टार टोपोलॉजी को सेट अप करना सरल है तथा इसे आसानी से मॉडिफाई किया जा सकता है।
  • इसमें केवल वही Node प्रभावित होता है, जो कि fail हो जाता है अन्यथा सभी Nodes इसमें Smoothly अपना कार्य करते रहते हैं।

स्टार टोपोलॉजी के नुकसान?

  • Star टोपोलॉजी में पूरा नेटवर्क Central Hub पर डिपेंडेंट रहता है, यदि सेंट्रल हब Fail हो जाता है, तो पूरा नेटवर्क डाउन हो जाएगा।
  • स्टार टोपोलॉजी को इंस्टॉल करना एवं उपयोग करने में बहुत खर्चा आता है।

MESH Topology

यह टोपोलॉजी अन्य Nodes या डिवाइस में point-to-point कनेक्शन प्रदान करती है! इसमें सभी नेटवर्क Nodes एक दूसरे से कनेक्टेड रहते हैं। दोस्तों Mesh टोपोलॉजी के जरिए डाटा को Transmit करने के लिए दो Techniques का इस्तेमाल होता है।

  1. Routing
  2. Flooding

Mesh Topology दो प्रकार की होती है

1. Partial Mesh Topology

इस टोपोलॉजी में कुछ सिस्टम एक ही फैशन में Mash टेक्नोलॉजी के रूप में जुड़े होते हैं! लेकिन इसमें भी कुछ डिवाइस केवल दो या तीन उपकरणों से जुड़े रहते हैं।

2. Full Mesh Topology 

इसमें प्रत्येक Nodes या डिवाइस एक दूसरे से कनेक्टेड रहते हैं।

Features of Mash Topology

  • Fully connected
  • Robust.
  • Not flexible.

आइए Mash टेक्नोलॉजी के फायदों के बारे में जान लेते हैं!

  • इसमें प्रत्येक कनेक्शन स्वयं के डाटा को लोड कर सकता है
  • यह Robust होता है।
  • यह User को सिक्योरिटी तथा प्राइवेसी प्रदान करता है, ट्री टोपोलॉजी इसमें एक रोड Note होती है और इसमें बाकी सभी नोट्स पदानुक्रम (hierarchical) बनाने में जुड़े रहते हैं! यही वजह है कि इसे hierarchical topology कहा जाता है, इसमें कम से कम hierarchy के 3 लेवल होते हैं।

Mash Topology के नुकसान?

  • इम्प्लीमेंट करने तथा Cable का कॉस्ट काफी अधिक होता है।
  • दोस्तों इस टोपोलॉजी में इंस्टॉलेशन प्रक्रिया काफी कठिन होती है, तथा इसे Reconfigure करना कठिन होता है।
  • इसे समझना कठिन होता है।

Tree Topology

दोस्तों ट्री टोपोलॉजी एक विशेष प्रकार की संरचना होती है जिसमें कई प्रकार के Elements पेड़ की शाखाओं की तरह व्यवस्थित होते हैं, उदाहरण के लिए ट्री टोपोलॉजी का उपयोग अक्सर कॉरपोरेट्स नेटवर्क द्वारा अपने कंप्यूटर को ऑर्गेनाइज करने के लिए किया जाता है, या इसका उपयोग डेटाबेस में जानकारी प्राप्त करने के लिए होता है।

Features of Tree Topology

  • यह उस समय बेहतरीन होता है जब Work स्टेशन कम ग्रुप में जुड़े होते हैं।
  • इस टोपोलॉजी का इस्तेमाल वाइड एरिया नेटवर्क (WAN) में किया जाता है।

Tree Topology के फायदे?

  • यह टोपोलॉजी बस टोपोलॉजी तथा Star टोपोलॉजी के एक्सटेंशन के रूप में कार्य करती है।
  • इसमें Nodes का एक्सपेंशन करना पॉसिबल तथा सरल होता है।
  • Tree टोपोलॉजी को मेंटेन करना तथा मैनेज करना सरल होता है।
  • इस ट्री टोपोलॉजी की खासियत यही है कि जब Error होता है तो उस Error का पता आसानी से पता लगाया जा सकता है क्योंकि इससे टोपोलॉजी में Error डिटेक्शन करना Easy होता है।

Tree Topology के नुकसान?

  • ट्री टोपोलॉजी का सबसे मुख्य नेगेटिव प्वाइंट यह है कि यह Costly होता है।
  • इसके अलावा टोपोलॉजी को डिजाइन करना कॉन्प्लेक्स होता है तथा मेंटेन करने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

HYBRID Topology

यह दो विभिन्न प्रकार की टोपोलॉजी होती हैं, जो कि दो या दो से अधिक टोपोलॉजी की Mixture होती है!

इसे एक उदाहरण की सहायता से समझे तो मान लीजिए एक ऑफिस के डिपार्टमेंट में रिंग टोपोलॉजी का उपयोग किया जाता है तथा दूसरे डिपार्टमेंट में Star टोपोलॉजी का उपयोग किया जाता है, तो यदि हम इन दोनों टोपोलॉजी को आपस में कनेक्ट कर दें तो यह हाइब्रिड टोपोलॉजी का निर्माण करती हैं।

अतः आप समझ चुके होंगे कि रिंग टोपोलॉजी तथा स्टार टोपोलॉजी मिलकर हाइब्रिड टोपोलॉजी बनाती हैं।

Hybrid Topology की विशेषताएं?

  • यह दो या दो से अधिक टोपोलॉजी का एक कॉन्बिनेशन होता है।
  • hybrid टोपोलॉजी के अंतर्गत फायदे तथा नुकसान दोनों शामिल होते हैं।

हाइब्रिड टोपोलॉजी के फायदे?

  • इस टोपोलॉजी का विशेष फायदा यह है कि यह Error को तेजी से डिटेक्ट करने में मदद करता है साथ ही इसको troubleshoot करना आसान है।
  • यह इसके लिए बना होता है अर्थात इसका साइज आसानी से Increase किया जा सकता है।
  • इसके अलावा यह टोपोलॉजी Flaxible होती है।

तो दोस्तों चलिए अब हम जानते हैं कि इन सभी में से सबसे Simple टोपोलॉजी कौन सी होती है?

Bus Topology

Bus टोपोलॉजी! दोस्तों यह टोपोलॉजी आमतौर पर नेटवर्क में इस्तेमाल की जाती है!

तथा एक Bus टोपोलॉजी (फिजिकल, लॉजिकल कुछ भी हो सकती है) दोस्तों सभी टोपोलॉजी में से Bus टोपोलॉजी को सबसे Simplest टोपोलॉजी कहा जाता है।

क्योंकि इसे सेट अप करना न सिर्फ आसान है बल्कि यह टोपोलोजी सबसे Cheapest नेटवर्क टाइप भी होती है, क्योंकि इसमें इंस्टालेशन के लिए केवल एक Cable का इस्तेमाल होता है, जिसे Easily सेट अप किया जा सकता है।

दोस्तों इस प्रकार आपने आज के इस लेख में नेटवर्क टोपोलॉजी क्या है? (What Is Network Topology In Hindi) कैसे काम करती है? इसके प्रकार? फ़ायदे और उपयोग? & all about network topology in hindi?, उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी।

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Hope की आपको नेटवर्क टोपोलॉजी क्या है? – What Is Network Topology In Hindi? का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।

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