पर्सनल लोन ना चुकाने पर क्या होता है?


दोस्त क्या आपने कभी सोचा है एक आम आदमी यदि अपने पर्सनल लोन को नहीं चुका पाता है तो क्या होगा? यदि नहीं, तो आज हम जानेंगे पर्सनल लोन ना चुकाने पर क्या होता है?

पर्सनल लोन ना चुकाने पर क्या होता है?

व्यक्ति द्वारा पर्सनल लोन लेने के पीछे का मकसद कुछ भी हो सकता है। वह चाहे तो इस लोन का इस्तेमाल घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकता है या फिर अपने सपनों को पूरा करने के लिए।


इसलिए बैंक भी अक्सर बिना ज्यादा सवाल-जवाब के पर्सनल लोन ग्राहकों को दे देती हैं। लेकिन सवाल यह है कि अगर यह पर्सनल लोन न चुका है जाए तो फिर क्या हो सकता है, आइए जानने का प्रयास करते हैं

पर्सनल लोन क्या होता है? और कितना मिल सकता है?

ऐसा लोन जो व्यक्ति द्वारा किसी बैंक या वित्तीय संस्था से निजी इच्छाओं की पूर्ति हेतु लिया जाता है वह पर्सनल लोन कहलाता है। एक पर्सनल लोन में लिए गए पैसे का इस्तेमाल इंसान अपनी मर्जी के मुताबिक किसी भी कार्य के लिए कर सकता है।

सामान्यतः बैंक या फाइनेंसियल संस्था 50,000 से लेकर 20 लाख तक का पर्सनल लोन अपने ग्राहकों को ऑफर करती हैं। अगर आप भी कभी फ्यूचर में पर्सनल लोन ले लेते हैं या आपने ले लिया है तो अगर आप इसे चुका नहीं पाते हैं तो क्या होगा!

पर्सनल लोन न चुका पाने पर क्या होगा?

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर कोई व्यक्ति पर्सनल लोन नहीं चुका पाता है तो बैंक ऐसी स्थिति में उस लोन को वसूलने के लिए रिकवरी एजेंट की मदद ले सकती है। Recovery agent लोन लेने वाले व्यक्ति के घर पर सुबह 7:00 से शाम के 7:00 बजे तक जा सकते है।

और लोन के लिए उसे बार-बार कह सकते हैं लेकिन किसी भी तरह वे बदसलूकी पर नहीं उतर सकते। यह एजेंट किसी भी तरह से व्यक्ति का शोषण नहीं कर सकते उसे लोन चुकाने के लिए धमका नहीं सकते! अगर ऐसा करते हैं तो व्यक्ति के पास कुछ ऐसे अधिकार हैं जिनसे वह उनकी हरकतों पर लगाम लगा सकते हैं।

सबसे पहले वह व्यक्ति एजेंट की इन हरकतों की शिकायत के लिए बैंक को फोन कर सकते हैं। लेकिन बैंक द्वारा उस मामले पर सुनवाई नहीं की जाती है तो ऐसी स्थिति मैं वे बैंकिंग लोकपाल से मदद की गुहार लगा सकते हैं। बैंकिंग लोकपाल की नियुक्ति आरबीआई करता है ताकि वे बैंक से संबंधित किसी समस्या के लिए ग्राहकों की समस्या का समाधान कर सके।

लेकिन अगर काफी कोशिशों के बावजूद भी व्यक्ति पर्सनल लोन नहीं चुका पता है या नहीं चुका पा रहा है और उसने बैंक से सिक्योर्ड लोन लिया हुआ है उसकी कोई संपत्ति बैंक के पास गिरवी है तो ऐसी स्थिति में बैंक क्या कर सकता है? आइए जान लेते हैं।


पर्सनल लोन न चुका पाने पर बैंक के पास अधिकार

विशेषज्ञ मानते हैं कि लोन चुकाने के लिए बैंक द्वारा सही कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। पर्सनल लोन न चुका पाने पर व्यक्ति द्वारा लोन के लिए गिरवी रखी संपत्ति को ज़ब्त किया जा सकता है। लेकिन पहले व्यक्ति को नोटिस देना बेहद जरूरी होता है, नोटिस के बावजूद अगर लोन नहीं चुकाया जाता ऐसी स्थिति में बैंक के पास यह पावर होती है वे सरफेसी कानून के तहत गिरवी रखी संपत्ति को जप्त कर लें

सूचना देने का अधिकार:- किसी भी संपत्ति को जप्त करने से पहले आपको बैंक लोन चुकाने का समय देता है। इसलिए पर्सनल लोन चुकाने के लिए आपको पहले नोटिस भेजा जाता है, ध्यान रखें अगर आप पर्सनल लोन नहीं चुकाते, तो बिना नोटिस भेजे बैंक आपके Asset को जप्त नहीं कर सकता।

नोटिस देने के बावजूद भी लोन की किस्तें अदा नहीं की जाती हैं तो फिर पर्सनल लोन लेने वाले व्यक्ति द्वारा जमा की गई asset की बिक्री के लिए आगे बढ़ा जाता है। और बिक्री के ब्योरे की जानकारी देकर सम्पत्ति को बेचने की प्रक्रिया शुरू की जाती है।


इसके अलावा इसमें एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर एसेट की नीलामी के बाद वह संपत्ति लोन को चुकाने हेतु बेच दी जाती है। तब अगर उस संपत्ति की कीमत लोन से अधिक होती है और उसका अधिक दाम मिलता है तो बकाया राशि बैंक को लेने वाले व्यक्ति को लौटानी होगी।

लोन लेने पर विदेश जाया जा सकता है?

हां लोन न चुकाने की स्थिति में विदेश जाया जा सकता है। इसके जीते जागते उदाहरण भारत के विजय माल्या, नीरव मोदी है जो बड़ी मात्रा में बैंक से लोन लेकर भारत से भाग चुके हैं।

लेकिन लोन लेकर भागना अपने लिए ही समस्या है, अतः सही समय पर लिए गए लोन को चुका देना स्वयं के लिए तथा बैंक और देश के लिए हितकारी होता है।

पर्सनल लोन न चुकाने के नुकसान

इसका सबसे बड़ा नुकसान आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ेगा जब आप पर्सनल लोन नहीं चुका पाते हैं तो आप का क्रेडिट स्कोर बहुत कम हो जाता है। और ऐसी स्थिति में भविष्य में आप को चाह कर भी बैंक से लोन मिलने में दिक्कत आती है।

इसके अलावा अगर लोन न चुकाने के कारण NPA हो जाता है,तो ऐसी स्थिति में आगे से लोन बेहद मुश्किल हो जाता है। बता दें एनपीए तब माना जाता है जब लोन लेने के बाद 90 दिनों तक ऋणी द्वारा किस्त की कोई भी राशि नहीं चुकाई जाए। तो इसे non performing asset मान लिया जाता है और फिर अपने लोन को वसूलने के लिए बैंक कानूनी कार्रवाई करना शुरू करता है।

तो साथियों इस लेख को पढ़ने के बाद पर्सनल लोन ना चुकाने पर क्या होता है? अब आप जान गए होंगे! अगर आपको यह उपयोगी पोस्ट पसंद आई तो इसको ज्यादा से ज्यादा अपने मित्रों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करना ना भूलें।

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Hope की आपको पर्सनल लोन ना चुकाने पर क्या होता है? का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।


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