PPT क्या है? (PPT Full Form in Hindi)

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स्कूल, कॉलेज, कंपनी तथा अन्य संस्थानों में किसी भी प्रोजेक्ट के बारे में बताने के लिए हमें Presentation देना होता है। यह Presentation हम PPT के माध्यम से बनाते हैं, जोकि माइक्रोसॉफ्ट के माध्यम से बनाया जा सकता है। अगर आपको नहीं पता की पीपीटी क्या होता है? तो आजके इस पोस्ट में हम आपको बताइंगे की आख़िर PPT क्या है? इसके फ़ायदे और कैसे बनाये? (PPT Full Form in Hindi)

PPT क्या है? (PPT Full Form in Hindi)


इसका महत्व समझते हुए आज हम इस लेख में आपको PPT क्या है के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान करेंगे तथा यह भी बताएंगे कि इसे कैसे बनाए जाते हैं।

इसमें कौन-कौन से Features होते हैं, जिससे कि आप अपने Presentation को आकर्षक बना सके तो आइए शुरू करते हैं:

PPT क्या है? (PPT Full Form in Hindi)

PPT एक प्रकार का सॉफ्टवेयर है जिसके माध्यम से हम Presentation तैयार करते हैं। PPT का पूरा नाम PowerPoint Presentation है। इसे हिंदी में पावरप्वाइंट प्रस्तुति कहा जाता है।


यह माइक्रोसॉफ्ट का एक महत्वपूर्ण भाग है यह सॉफ्टवेयर अलग-अलग फाइल को इमेज टेक्स्ट तथा आकार में बदलता है इसमें किसी भी विषय या वस्तु की जानकारी साझा करने पर उसे आसानी से प्रस्तुत करने का मौका देता है।

यदि सरल भाषा में कहा जाए तो यह प्रस्तुति करने का सरल तथा आसान तरीका है। उदाहरण के लिए यदि आप किसी कंपनी में काम कर रहे हैं और उसके लिए किसी वस्तु पर प्रेजेंटेशन देना है ताकि उसका अच्छे से Marketing हो सके। तो उसके लिए आप PowerPoint Presentation का इस्तेमाल करते हैं।

इसमें आप अलग-अलग आकार के शब्द तथा उनकी Design देकर उसे आकर्षक बनाते हैं। इस तरह से इसमें आप Graph का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।


PPT का इतिहास (History of PPT in Hindi)

जैसा कि हम सब जानते हैं किसी भी सॉफ्टवेयर को बनाने के लिए कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है तथा उसका अपना अलग ही इतिहास होता है। उसी तरह से ppt का भी अपना एक इतिहास है, जिसको जानना आवश्यक है।

यह एक प्रकार का (Word Processing Out Lining Graphic (वर्ड प्रोसेसिंग आउट लाइनिंग ग्राफिक) तथा प्रेजेंटेशन मैनेजमेंट Tool की सेवा प्रदान करता है। जिस इस्तेमाल करके आप बेहतरीन डिजाइन का प्रेजेंटेशन बना सकते हैं।

प्रेजेंटेशन की शुरुआत उन्नीस सौ के दशक में शुरू हो गई थी पहले लोग कागज के माध्यम से अपना प्रेजेंटेशन देते थे परंतु जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी बढ़ते गई वैसे वैसे इसमें बदलाव भी आते हैं।


20 अप्रैल 1987 में Robert Gaskins और Dennis Austin ने एक Forethought, Inc. सॉफ्टवेयर कंपनी बनाया। इसमें पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन भी डाला गया था। बाद में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने इसे 14 मिलियन डॉलर में खरीद लिया। तब से यह माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का एक हिस्सा बन गया है।

PPT के भाग?

PPT को मुख्य रूप से निम्नलिखित भागों में बांटा गया है जो इस प्रकार से है:

Customize Slide:- यह सबसे अच्छी विशेषता तथा इसका महत्वपूर्ण अंग है। इसके बिना Slide को Customize करना मुमकिन नहीं है। इसमें आपको अलग-अलग प्रकार के Template मिल जाते हैं।


जिनमें आप अपनी आवश्यकता तथा उपयोगिता के आधार पर उसे अपने Slide में जोड़ सकते हैं। उस Slide में अपनी इस्टाइल के Animation, Sound, Recording या Video जोड़कर आकर्षित बनाया जाता है। इस प्रक्रिया को Customize कहा जाता है।

Mobile Friendly:- जैसा कि हम सब जानते हैं, डिजिटल  तथा स्मार्टफोन की उपयोगिता बढ़ते जा रही है इसलिए कंपनी मोबाइल फोन में भी कई ऐसे फीचर्स देती है।

जिससे आप मोबाइल में ही PPT बना सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति के पास कंप्यूटर या लैपटॉप नहीं है तो वह मोबाइल में ही PPT बनाकर प्रस्तुत कर सकता है। इसमें आपको एक सॉफ्टवेयर मिल जाता है। यह सॉफ्टवेयर पोर्टेबल तथा समान रूप से कार्यात्मक चीजों मोबाइल के अनुसार बनाने की कोशिश करता है।

जिस वजह से जब हम किसी मोबाइल में PPT देखते हैं तो वह अच्छे से दिखाई देती है। यदि इस PPT को कंप्यूटर या लैपटॉप में देखना चाहते हैं तो वह भी अच्छे से दिखाई देती है।

Focused Presentation:- यह प्रेजेंटेशन की सबसे अच्छी विशेषताओं में से एक है। इसमें आपको प्रेजेंटेशन देते समय अगली Slide के बारे में जानकारी मिल जाती है। इसमें स्क्रीन में अलग से ही आने वाली Slide का विकल्प दिखाई देता है। उस पर क्लिक करने पर अगली Slide लग जाती है।

Important Point:- जब हम प्रेजेंटेशन प्रस्तुत करते हैं तब अलग-अलग बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसे आकर्षित बनाने के लिए उसे Zoom करके भी देखा जाता है इसलिए यहां पर आपको Zoom in और Zoom out की सुविधा मिल जाती है

Share Project:- जाहिर सी बात है कि जब हम कोई प्रेजेंटेशन बनाते हैं तो उसे Save करके रखते हैं। जब उसकी उपयोगिता खत्म हो जाती है तो उसे हम क्लाउड के माध्यम से शेयर करके लंबे समय तक रख सकते हैं।

इस प्रक्रिया को आसान  बनाने के लिए एक लिंक मिल जाती है। उस लिंक को हम क्लाउड में शेयर करके रख सकते हैं।

PPT के उपयोग?

Creative Animation:- वर्तमान समय में जैसे-जैसे डिजिटल चीजों का उपयोग बढ़ते जा रहा है। वैसे वैसे एनिमेशन बनाने का तरीका तथा उसमें सुधार भी किया जा रहा है। पहले के समय में एनिमेशन वीडियो 2D हुआ करते थे।

अब 3D एनीमेशन के मदद से हम कई प्रकार की चीजों को अच्छे से दिखा सकते हैं इसमें हम पीपीटी के माध्यम से एनिमेशन भी बना सकते हैं और इसमें अलग-अलग संगीत ध्वनि तथा अन्य महत्वपूर्ण फोटो डालकर इसे आकर्षक बनाते हैं।

Slide Show:- इसमें आप फोटो को एक Slide Show के माध्यम से दिखा सकते हैं। यहां पर कई सारी फोटो को एक साथ जोड़ कर रखा जाता है। बाद में इसे Slide Show के माध्यम से अलग अलग करके दिखाया जाता है। इससे समय की बहुत बचत हो जाती है।

Making Tutorial:- कर्मचारी, छात्र तथा अन्य प्रशिक्षण केंद्रों में PPT के माध्यम से कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती है। इसमें आप वर्कशीट तैयार करके प्रेजेंटेशन देते हैं। इसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं।

Digital Portfolio:- लोग अपने कामों को ग्राफिक्स तथा इमेज के माध्यम से प्रदर्शित करने के लिए पीपीटी का इस्तेमाल करते हैं। इसमें डिजिटल पोर्टफोलियो अपने ग्राहकों के साथ ईमेल के माध्यम से जानकारी साझा करते हैं। जिससे यह पीपीटी उनके पास पहुंचकर बिना किसी गड़बड़ी के दिखाई देती है।

Education Purpose:- आज कल ऑनलाइन एजुकेशन बड़े तेजी से बढ़ रहा है लोग घर में बैठे पढ़ाई करना पसंद करते हैं इसीलिए बहुत से ऐसे प्लेटफार्म है।

जहां पर ऑनलाइन कोर्स चला कर लोगों को शिक्षित बनाया जा रहा है परंतु यह ऑनलाइन क्लास प्रेजेंटेशन के बिना अधूरा है इसलिए पीपीटी बनाकर लोग लोगों को शिक्षित कर रहे हैं।

PPT के फीचर्स?

पीपीटी के Features को निम्न श्रेणियों में बांटा गया है जो इस प्रकार है:-

Slide:- यह पीपीटी का एक महत्वपूर्ण Feature है। इसमें आप अलग-अलग Slide बना सकते हैं। इसमें स्लाइड की संख्या आप अपने जानकारी तथा कार्य के आधार पर रखते हैं। इसमें आवश्यकता अनुसार फेरबदल भी किया जाता है। जिसे की Slide को ऊपर या नीचे लाने में किसी प्रकार की समस्या नहीं होती है।

Design Template:- जैसा कि हम सब जानते हैं किसी भी स्लाइड को आकर्षक बनाने के लिए उस Slide का डिजाइन टेंपलेट महत्वपूर्ण होता है इसलिए माइक्रोसॉफ्ट पावरप्वाइंट में आपको यह सुविधा मिल जाती है कि कई प्रकार के टेंप्लेट के माध्यम से आप अपनी स्लाइड को आकर्षित बना सकते हैं।

Slide Customization:- कभी-कभी PPT को अच्छा दिखाने के लिए Photo का इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि बहुत सी ऐसी चीजें होती है जिन्हें शब्दों के माध्यम से नहीं बताया जाता है। उन्हें केवल Picture के माध्यम से ही बताया जा सकता है इसीलिए स्लाइड में Picture Add करने का भी फीचर दीया होता है।

यदि किसी स्लाइड को बड़ा या छोटा करना है या उसमें अलग-अलग चीजें जोड़ना है तो इस प्रक्रिया को Slide Customization कहा जाता है। इसमें आप अपनी आवश्यकता अनुसार स्लाइड में अलग-अलग आकार यह चीजों को जोड़कर आकर्षित बना सकते हैं।

Animation:- जब कोई प्रेजेंटेशन शुरू होता है तो उसे स्क्रीन पर कैसे दिखाना है। इस प्रक्रिया में एनिमेशन का इस्तेमाल किया जाता है यदि कोई स्लाइड घूमते हुए स्क्रीन पर दिखाई दे रही है तो उसमें एनिमेशन का उपयोग किया जाता है।

वीडियो हम अपने स्लाइड में पिक्चर के साथ साथ वीडियो का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह वीडियो अच्छे Quality का होना चाहिए, जिससे पूरा अच्छे से दिखाई दे।

Transition:- पूरे पीपीटी को व्यवस्थित रूप से जमाना तथा उसे प्रस्तुत करने के लिए जिस प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाता है, उसे हम ट्रांजिशन कहते हैं। इसमें आप अलग-अलग टेंपलेट, एनिमेशन तथा अन्य चीजों का इस्तेमाल करके पीपीटी को आकर्षित बनाते हैं।

पीपीटी फाइल कैसे बनाते हैं?

आपको स्टेप्स फॉलो करने होंगे जो इस प्रकार है:-

1. सबसे पहले आपको अपना कंप्यूटर में माइक्रोसॉफ्ट पावरप्वाइंट Open करना होगा। इसके बाद एक नया पेज खुल जाएगा। इस पेज में आपको कुछ Tools दिखाई देंगे इसमें आपको Black Presentation का विकल्प दिखाई देगा उस पर क्लिक करें।

2. अब आपके सामने Design Template दिखाई देगा, इस टेंपलेट में से आप किसी एक को Select करके क्लिक करें।

3. Slide का डिजाइन Select होने के बाद New Slide अपनी पसंद का रंग तथा अन्य चीजों को टेंपलेट के आधार पर बदल सकते हैं इसके बाद एक फ्लाइट दिखाई देंगी इसमें क्लिक टू ऐड Subtitle का विकल्प दिखाई देगा।

इसमें आप अपनी आवश्यकता अनुसार Text Add कर सकते हैं। अब इमेज तथा अन्य चीजों को Slide में जोड़ सकते हैं। यदि आप न्यू स्लाइड बनाना चाहते हैं तो Blank Slide पर क्लिक करें वह नई स्लाइड खुल जाएंगी।

4. इस तरह से धीरे-धीरे करके आप अपनी आवश्यकता अनुसार Slide बढ़ाते जाएंगे और आपका पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन तैयार हो जाएगा। तैयार होने के बाद आप ऊपर ctrl और s key दबाकर Save के बटन पर क्लिक कर दें।

Save के बटन पर क्लिक करने के बाद फाइल का नाम लिखने का विकल्प दिखाई देगा फ़ाइल का नाम लिखने के बाद नीचे दिए गए Ok के बटन पर क्लिक कर दें। इस तरह से आप पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन तैयार कर सकते हैं।

PPT Toolbar in Hindi

PPT को उनके कार्य तथा क्षमता के आधार पर अलग-अलग भागों में बांटा गया है जो इस प्रकार है:-

Upper Toolbar (अप्पर टूल बार)

Toolbar के अंतर्गत आपको सात प्रकार के टूल दिखाई देंगे।

Home: इसमें आपको Cut, Copy, Format, Painter, New Slide, Layout and Delete का विकल्प दिखाई देता है इसी के साथ इसमें आपको  आकार बदलने के लिए अलग-अलग आकृति भी होती है।

Insert: यदि आप अपने प्रेजेंटेशन को आकर्षक बनाना चाहते हैं तो Insert का इस्तेमाल अवश्य करें, इसमें आपको पिक्चर, वीडियो क्लिप, फोटो एल्बम, स्मार्ट आर्ट, चार्ट, टेबल, हेडर एंड फूटर आदि महत्वपूर्ण Tool दिखाई देते हैं, इनका इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका सबसे अच्छा  टूल स्मार्ट आर्ट और चार्ट है।

यह प्रेजेंटेशन में अलग-अलग प्रकार के चार्ट बनाकर कम शब्दों में आपको सारी जानकारी बता देता है। स्मार्ट आर्ट में आपको कुछ ऐसे टूल मिल जाते हैं जिसका इस्तेमाल करके एक प्रक्रिया को कम शब्दों में दिखाने का मौका मिल जाता है।

उदाहरण के लिए इसके अंतर्गत आपको किसी चक्र को दिखाने के लिए साइकल फॉर्मेट दिखाई देता है इसी के साथ प्रोसेस, लिस्ट, मेट्रिक आदि इसी के अंतर्गत आते हैं।

Design: यह भी एक महत्वपूर्ण Tool है इसके अंतर्गत आपको Paper Set up स्लाइड और कलर, पेंट, इफेक्ट, बैकग्राउंड दिखाई देते हैं। इसमें अलग-अलग थीम का इस्तेमाल करके अपने स्लाइड को आकर्षक बना सकते हैं। इसमें आपको ऐसी थी मिल जाती है। जिसमें Slide के अलग-अलग भागों को दिखाने के लिए विभिन्न प्रकार के कलर का इस्तेमाल किया जाता है। जिससे कि स्लाइड आकर्षक दिखाई देती है।

Animation: इसके अंतर्गत आपको कस्टम, एनिमेशन, साउंड, स्पीड आदि की सुविधा मिल जाती है। Tool Bar का इस्तेमाल हम किसी भी स्लाइड के आने या जाने पर एनिमेशन डाल कर असरदार बनाते हैं।

उदाहरण के लिए यदि आपके पास Welcome की Slide है तो वह प्रोजेक्टर के माध्यम से किस तरह से लोगों को दिखाई देंगे, यह सब एनिमेशन के माध्यम से ही होता है।

Slide Show: इसमें आप From Beginning, From Current Slide, कस्टम, Slide Show आदि के विकल्प दिखाई देते हैं। इसमें आप स्लाइड को बड़ा या छोटा दिखा सकते हैं तथा किसी प्रकार की बटन दबाने की जरूरत नहीं होती है। Tool का इस्तेमाल करके स्लाइड अपने आप बदलते रहेगी।

Review: इसमें न्यू कमेंट, प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन, स्पेलिंग, रिसर्च आदि का विकल्प मिल जाता है। यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी है तो रिव्यु के माध्यम से सुधारा जाता है।

View: इसमें आपको स्लाइड मास्टर, स्लाइड शो, हैंग आउट मास्टर, नोट मास्टर आदि का विकल्प दिखाई देता है। इसमें स्लाइड को जूम इन तथा जूम आउट की भी सुविधा मिल जाती है।

Mini Toolbar

ऐसा टूल बार है जब हम किसी वाक्य या शब्द को सिलेक्ट करते हैं तो राइट क्लिक करने पर हमें यह मिनी टूल बार दिखाई देता है। इसमें आपको Font, Size, Color, Text की स्थिति आदि विकल्प में जाते हैं।

Shortcut ToolBar (शॉर्टकट टूल बार)

यह भी एक महत्वपूर्ण ToolBar है जब हम किसी वाक्य शब्द को सेलेक्ट करते हैं तो उस समय राइट क्लिक क्लिक करने पर टूल बार प्राप्त होता है। इसमें आपको Cut, Copy, Paste आदि का विकल्प दिखाई देता है।

PPT के कार्य?

वैसे तो PPT का व्यापक उपयोग हो रहा है हम दिन प्रतिदिन अलग-अलग क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल करते हैं परंतु मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में इसका कार्य बहुत अधिक बढ़ चुका है जो इस प्रकार है:-

  • शैक्षणिक संस्थानों में पीपीटी के माध्यम से ही बच्चों को महत्वपूर्ण जानकारी तथा पढ़ाई करवाई जा रही है ताकि कम समय में उन्हें अधिक ज्ञान प्राप्त हो सके। लोग ऑनलाइन क्लास तथा ऑनलाइन कोर्स बेचकर पीपीटी का बेहतरीन इस्तेमाल कर रहे हैं।
  • व्यापार के क्षेत्र में भी इसकी उपयोगिता उतनी ही है जितना शिक्षा के क्षेत्र में है क्योंकि व्यापार में भी ग्राहक को अपने प्रोडक्ट के बारे में बताने के लिए पीपीटी का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि उन्हें सारी जानकारी कम शब्दों में प्राप्त हो सके।
  • पीपीटी आपको इमेज या ग्राफ जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान करती है। जिससे आप महत्वपूर्ण डाटा को ग्रह के माध्यम से दिखा सकते हैं और उनमें अंतर बताकर अपने प्रेजेंटेशन को बेहतर बना सकते हैं।
  • फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में भी पीपीटी ने एक महत्वपूर्ण आयाम छुआ है, क्योंकि कई ड्रेस डिजाइन होती है जो दुनिया भर की कंपनियों को आकर्षक दिखाने के लिए पीपीटी के माध्यम से ही तैयार की जाती है। अलग-अलग ड्रेस डिजाइन को अलग-अलग स्लाइड में रखकर उनकी विशेषताओं के बारे में बताया जाता है।
  • पुराने समय में ज्यादातर लोग कागज का इस्तेमाल किया करते थे। जहां पर कई चीजों को समझने में समस्या आती थी क्योंकि लिखावट तथा पेपर पर किया गया कार्य उतना असरदार नहीं होता था परंतु पावर पॉइंट में आप लिखावट के साथ-साथ उसके फॉन्ट को छोटा या बड़ा करके ग्राहक को अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं।

पीपीटी का उपयोग करते समय सावधानियां

जब भी हम भी PPT का इस्तेमाल करते हैं तब निम्नलिखित सावधानियां का ध्यान रखना चाहिए जो इस प्रकार है:-

  • जब हम New Presentation बनाते हैं तो वहां पर हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उसका नामकरण पहले ही कर देना चाहिए अन्यथा उसे सर्च करने में टाइम लग जाता है।
  • जब हम स्लाइड में कोई कार्य करते हैं तो उसे Save अवश्य कर ले अन्यथा उसका Delete होने का डर बना रहता है क्योंकि कंप्यूटर में लाइट जाने पर वह सारा Data Delete हो जाता है इसलिए नियमित रूप से आप Save करते रहे।
  • जब भी आप किसी भी Tool Bar का इस्तेमाल करते हैं तो उसका एक या दो से अधिक बार उपयोग ना करें नहीं तो स्लाइड आकर्षक दिखाई नहीं देगी।
  • Image, Video या Graph हमेशा अच्छे क्वालिटी का ही डालना चाहिए, जब हम इसे प्रोजेक्टर के माध्यम से देखते हैं तो उसके Fixel फटने लगते हैं, जिससे फ्लाइट की क्वालिटी खराब हो जाती है।
  • किसी भी बटन पर अधिक समय तक दबाव बनाकर नहीं रखना चाहिए नहीं तो Slide Delete हो सकती है या फिर उसकी सेटिंग बिगड़ सकती है।
  • इसका इस्तेमाल करते समय फॉर्मेट तथा Slide Template की जानकारी रखना चाहिए नहीं तो जब हम टेक्स्ट ऐड करते हैं तो उसका समान कलर होने के वजह से Text दिखाई नहीं देता है।

पीपीटी के अन्य फुल फॉर्म

  • PPT -Parts Per Trillion
  • PPT – Production Prove-Out Test
  • PPT – Parts Per Thousand
  • PPT – Program Performance Test
  • PPT – PowerPoint Presentation
  • PPT – People Process Technology
  • PPT – Pulsed Plasma Thruster
  • PPT – Project Progress Tracking
  • PPT – Program Planning Team
  • PPT – Processing Program Table
  • PPT – Planning And Placement Team
  • PPT – Post Production Test
  • PPT – Pre Placement Talk
  • PPT – Probabilistic Polynomial Time

PowerPoint Presentation (पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन) के लाभ

  • यह किसी भी चीज को आकर्षक तथा रोचक बना देता है।
  • यह कम शब्दों में अधिक चीजों को समझाने में मदद करता है।
  • आप अपने स्लाइड को कस्टमाइज करके उसे आकर्षक बना सकते हैं।
  • अलग-अलग चीजों को एक साथ रखा जा सकता है ताकि वह व्यवस्थित रूप से दिखाई दे।
  • आप टेंपलेट का इस्तेमाल करके अपने स्लाइड का आकार, स्टाइल तथा Theme को बदल सकते हैं।
  • जब आप प्रोजेक्टर में स्लाइड को देखते हैं तो उसमें एनिमेशन की भी सुविधा दी जाती है ताकि प्रोजेक्टर में स्लाइड के आने और जाने पर कौन सा एनिमेशन होगा यह भी आप तय कर सकते हैं।
  • ग्राफ के माध्यम से आप लंबे समय का डाटा व्यवस्थित रूप से प्रदर्शित कर सकते हैं।
  • फोटो तथा वीडियो के माध्यम से अपनी आवश्यक जानकारियां साझा कर सकते हैं।

PPT से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप यह वीडियो भी देख सकते हो।

तो दोस्तों आशा करते हैं कि अब आपको पीपीटी और उससे जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी मिल चुकी होगी, और आप जान गये होगे कि PPT क्या है? इसके फ़ायदे और कैसे बनाये? (PPT Full Form in Hindi)

FAQ :

पीपीटी का फुल फॉर्म क्या होता है?

Ans: पीपीटी का फुल फॉर्म PowerPoint Presentation (पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन) होता है।

पीपीटी से आपका क्या मतलब है?

Ans: पीपीटी एक कंप्यूटर का सॉफ्टवेयर है इसके माध्यम से हम आवश्यक जानकारियों को साझा किया जाता है।

पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन का क्या उपयोग है?

Ans: इसके माध्यम से हम अपने आईडिया और सूचना को लोगों के सामने प्रदर्शित करते हैं।

प्रेजेंटेशन कैसे तैयार करते हैं?

Ans: प्रेजेंटेशन तैयार करने के लिए आपके पास माइक्रोसॉफ्ट पावर पॉइंट सॉफ्टवेयर होना चाहिए इसके माध्यम से   आप अपना प्रेजेंटेशन तैयार कर सकते हैं।

पावर पॉइंट के कितने भाग होते हैं?

Ans: PowerPoint Presentation के मुख्य रूप से 3 भाग होते हैं:- Text, Picture and Note.

आशा करता हूं मेरे द्वारा दी गई जानकारी से आप संतुष्ट होंगे। इस लेख का उद्देश्य ppt kya hai के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान करना है। हमने इस लेख में आपको पावर पॉइंट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की है।

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यदि जानकारी पसंद आती है तो अपने दोस्तों तथा अन्य परिवार के सदस्यों के साथ अवश्य साझा करें ताकि उन्हें भी यह जानकारी प्राप्त हो सके और अपने प्रेजेंटेशन को बेहतर बनाने में मदद मिल सके।

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Ankur Singh
हेलो दोस्तों, मेरा नाम अंकुर सिंह है और में New Delhi से हूँ। मैंने B.Tech (Computer Science) से ग्रेजुएशन किया है। और में इस ब्लॉग पर टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट से जुड़े लेख लिखता हूँ।

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