प्रोग्राम क्या है? (What is Program in Hindi)

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प्रोग्राम कंप्यूटर की डिक्शनरी से संबंधित एक ऐसा शब्द है जिसके बारे में अधिकतर लोगों को पूरी जानकारी नहीं होती है। इस आर्टिकल में हम आपको जानकारी देंगे की आखिर “प्रोग्राम क्या है” और “प्रोग्रामिंग क्या है” तथा “प्रोग्राम का उद्देश्य क्या है।” क्या आपने कभी सोचा है कि, जब आप कंप्यूटर को इनपुट डिवाइस के माध्यम से कोई कमांड देते हैं, तो क्या कंप्यूटर अपने आप ही उस कमांड को समझ जाता है या फिर इसके पीछे कुछ और ही सिस्टम काम करता है?

प्रोग्राम क्या है


बताना चाहते हैं कि, आप जो कमांड देते हैं, उसे कंप्यूटर प्रोग्राम के माध्यम समझता है और तभी आपके कमांड पर कंप्यूटर रिस्पांस करता है। प्रोग्राम कंप्यूटर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण चीज होती है। यूं समझ लीजिए की अगर कंप्यूटर को पूरा बना कर के रख दिया जाए!

परंतु उसमें प्रोग्राम ना डाला जाए तो आप कंप्यूटर पर मनवांछित रिजल्ट नहीं प्राप्त कर सकेंगे, ना ही कंप्यूटर के द्वारा दिए जा रहे रिजल्ट पर भरोसा किया जा सकेगा। 

अनुक्रम

प्रोग्राम क्या है?

इंटरनेट के अनुसार प्रोग्राम इंस्ट्रक्शन अर्थात निर्देश का एक सेट होता है जिसका इस्तेमाल कंप्यूटर के द्वारा किसी स्पेशल काम को कंप्लीट करने के लिए किया जाता है। प्रोग्राम में बहुत सारे डायरेक्शन की लिस्ट होती है जिसके द्वारा कंप्यूटर को यह बताया जाता है कि किसी खास काम को किस प्रक्रिया के तहत पूरा करना है।


प्रोग्राम का निर्माण करने वाले व्यक्ति को टेक्निकल भाषा में प्रोग्रामर कहा जाता है, जिन्हें विभिन्न प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की अच्छी जानकारी होती है। प्रोग्राम का निर्माण करने के लिए प्रोग्रामर के द्वारा सी प्लस प्लस, पाइथन और रूबी जैसी स्पेशल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जाता है। 

यह प्रोग्रामिंग लैंग्वेज इंसानों के पढ़ने लायक होती है और इन्हें इंसानों के द्वारा ही लिखा जाता है। इसके पश्चात इन प्रोग्राम लैंग्वेज को कंप्यूटर सिस्टम के अंदर कंपाइलर और असेंबलर के द्वारा लो लेवल की मशीन लैंग्वेज में ट्रांसलेट किया जाता है।

प्रोग्रामिंग क्या है?

प्रोग्रामिंग एक टेक्निकल प्रक्रिया होती है जिसे प्रोग्रामर के द्वारा अंजाम दिया जाता है। प्रोग्रामर के द्वारा जब प्रोग्रामिंग की जाती है तो प्रोग्रामिंग में वह इस बात को फिट करता है कि कंप्यूटर को प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए कौन से काम को करना है। 


प्रोग्रामिंग के अंतर्गत कंप्यूटर को उसी की भाषा में काम करने के लिए इंस्ट्रक्शन दिया जाता है, जिसे कंप्यूटर आसानी से समझ पाता है और फिर उसी के अनुरूप कंप्यूटर अपना आगे का काम करता है।

हमारी जिंदगी में प्रोग्रामिंग बहुत सारी चीजों को सक्षम बनाती है। जैसे कि जब आप किसी भी प्रकार की इंफॉर्मेशन को खोजने के लिए किसी वेबसाइट को ब्राउज करते हैं या फिर आप किसी सर्विस प्रोवाइडर से कांटेक्ट करते हैं। या फिर आप किसी वेबसाइट पर शॉपिंग करते हैं तो प्रोग्रामिंग आपको साइट के ऑन पेज एलिमेंट जैसे साइनअप या शॉपिंग बटन, कांटेक्ट फॉर्म और dropdown-menu के साथ इंटरेक्ट करने की परमिशन देती है।

जिसकी वजह से आपके काम काफी आसान हो जाते हैं। मोबाइल के पीछे की प्रोग्रामिंग मोबाइल के माध्यम से फूड ऑर्डर करना, टैक्सी बुक करना, फिटनेस ट्रैक करना, मीडिया एक्सेस करना और अन्य कई चीजों को पॉसिबल बनाती है।


प्रोग्राम कैसे काम करता है?

कोई भी प्रोग्राम कैसे काम करता है, इसके बारे में जानना काफी आसान है। किसी भी प्रोग्राम को चलाने के लिए यह आवश्यक होता है कि, आप संबंधित प्रोग्राम को उसी की लैंग्वेज में कमांड प्रदान करें। क्योंकि कंप्यूटर को जो लैंग्वेज समझ में आती है उसे कंप्यूटर की भाषा में बायनरी लैंग्वेज कहा जाता है और हमारे द्वारा कंप्यूटर को जिस लैंग्वेज में कमांड दिया जाता है उसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कहा जाता है। प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को कोडिंग लैंग्वेज भी कहते हैं। 

हमें कंप्यूटर को कैसे काम करना है, इसके बारे में बताने के लिए कंप्यूटर के प्रोग्राम का निर्माण करना होता है। इसके लिए कुछ विशेष प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जैसे कि पाइथन, जावा, सी प्लस प्लस इत्यादि का इस्तेमाल होता है। 

कंप्यूटर के द्वारा इस पूरे प्रोग्राम को अपनी लैंग्वेज अर्थात बायनरी लैंग्वेज में कन्वर्ट कर लिया जाता है और फिर कंप्यूटर उसे समझ कर उस पर रिस्पॉन्ड करता है। इस प्रकार से एक प्रोग्राम बन करके तैयार होता है और इसी प्रकार से कंप्यूटर का प्रोग्राम वर्क करता है।


प्रोग्राम का उद्देश्य

कंप्यूटर को किसी स्पेशल ऑपरेशन को पूरा करने की कैपेसिटी देने के लिए प्रोग्राम ही जिम्मेदार होता है। यहां पर बताना चाहते हैं की एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के बिना कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ काम करने की कैपेसिटी की तो रखता है परंतु यह किसी स्पेशल काम को नहीं कर सकता है।

एग्जांपल के तौर पर अगर आपके द्वारा एक वर्ड दस्तावेज का निर्माण किया जाना है तो आपको अपने कंप्यूटर पर माइक्रोसॉफ्ट वर्ड इनस्टॉल करने की आवश्यकता होगी। यह एक ऐसा प्रोग्राम या एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है जो कंप्यूटर को दस्तावेज या फाइल क्रिएट करने, फाइल को एडिट करने और उसे स्टोर करने का इंस्ट्रक्शन देता है

पहला प्रोग्राम कौन सा था?

टॉम किलबर्न नाम के व्यक्ति के द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मेमोरी में रखने वाले पहले सॉफ्टवेयर प्रोग्राम को लिखने का काम किया गया था और सफलतापूर्वक इसे साल 1948 में 21 जून के दिन इंग्लैंड देश के मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी में एकसीक्यूट किया गया था। इस प्रोग्राम की कैलकुलेशन पूर्णाक 218 = 262,144 के सबसे बड़े फैक्टर के तौर पर की गई थी।

प्रोग्राम के उदाहरण

वर्तमान के समय में मोबाइल फोन, कंप्यूटर और दूसरा डिवाइस के लिए विभिन्न प्रकार के प्रोग्राम उपलब्ध है। नीचे आपको प्रोग्राम के कुछ उदाहरण दिए जा रहे हैं, जिसके तहत आपको प्रोग्राम के नाम बताए जा रहे हैं और उनकी कैटेगरी और प्रोग्राम के बारे में संक्षेप में जानकारी भी दी जा रही है।

  • गूगल क्रोम

गूगल क्रोम इंटरनेट ब्राउजर की कैटेगरी में आने वाला एक ब्राउज़र है जिसका निर्माण गूगल के द्वारा किया गया है। साल 2008 में 11 दिसंबर के दिन गूगल के द्वारा इसे लांच किया गया था। इसका इस्तेमाल इंटरनेट से वर्ल्ड वाइड वेब के माध्यम से जानकारियों को ढूंढने के लिए किया जाता है और जानकारियों को स्क्रीन पर देखा जाता है।

गूगल क्रोम के द्वारा अलग-अलग प्रकार की सुविधाएं यूजर को दी जाती है। इसके द्वारा इनकॉग्निटो मॉड दिया जाता है जिसके माध्यम से आप सेफ ब्राउज़िंग कर सकते हैं। इसके अलावा गूगल क्रोम आपको स्पेल चेकर की सुविधा देता है साथ ही यह वेब पेज को आटोमेटिक ट्रांसलेट करने की सुविधा भी यूजर को प्रदान करता है। 

गूगल क्रोम के द्वारा यूजर को सर्च बॉक्स भी दिया जाता है जिसका इस्तेमाल यूजर अपने सवालों को सर्च करने के लिए कर सकता है। गूगल क्रोम आपको गूगल, याहू, बिंग और दूसरे सर्च इंजन पर सर्चिंग करने की सुविधा देता है।

  • सी

यह एक बहुत ही लोकप्रिय प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है।

इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को जनरल परपज प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में गिना जाता है, जिसका इस्तेमाल सॉफ्टवेयर का निर्माण करने के लिए किया जाता है। डेनिस रिचि के द्वारा इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का निर्माण बेल लेबोरेटरी में साल 1972 में किया गया था और इसे साल 1972 में रिलीज किया गया था। 

बड़े पैमाने पर सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल जटिल प्रोग्राम जैसे कि पाइथन और ओरकल डेटाबेस के लिए किया जाता है। इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की स्पीड बहुत ही फास्ट होती है और यह एक पोर्टेबल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज मानी जाती है।

  • स्काइप

स्काइप एक ऐसा प्रोग्राम है जो यूजर को घर बैठे ऑनलाइन चैट करने और वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकोल कॉल करने की सुविधा दुनिया भर में प्रदान करता है। स्काइप यूजर दूसरे स्काइप यूजर को बिल्कुल मुफ्त में कॉल कर सकता है फिर चाहे दूसरा वाला यूज दुनिया के किसी भी कोने में क्यों ना मौजूद हो।

  • एडोब फोटोशॉप

यह फोटो एडिटर की कैटेगरी में आने वाला एक बेहतरीन फोटो एडिटर है, जो कि मैकिनटोश और विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। इसकी ऑफिशियल एप्लीकेशन एंड्राइड मोबाइल के लिए गूगल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध है। एडोब फोटोशॉप के द्वारा लगभग सभी प्रकार के फाइल फॉरमैट को सपोर्ट किया जाता है।

यह यूजर को फोटो एडिट करने के लिए विभिन्न प्रकार के टूल्स प्रदान करता है। इसके माध्यम से फोटो को एडिट किया जा सकता है और फोटो की क्वालिटी को बेहतरीन बनाया जा सकता है। आप इसका इस्तेमाल एनीमेटेड जीआईएफ क्रिएट करने के लिए भी कर सकते हैं या फिर शार्ट वीडियो फाइल क्रिएट करने के लिए भी एडोब फोटोशॉप का इस्तेमाल हो सकता है।

  • माइक्रोसॉफ्ट वर्ड

यह एक शानदार वर्ड प्रोसेसर प्रोग्राम है जिसका निर्माण Charles Simonyi and Richard नाम के दो लोगों के द्वारा किया गया था और इसे माइक्रोसॉफ्ट के द्वारा पब्लिश किया गया था। साल 1983 में 25 अक्टूबर के दिन इसे लोगों से परिचित करवाया गया था। आप माइक्रोसॉफ्ट वर्ड प्रोग्राम को विंडोज, एंड्राइड, एप्पल आईओएस, एप्पल मैकिनटोश प्लेटफार्म पर चला सकते हैं।

  • एडोब एक्रोबैट

एडोब एक्रोबैट पीडीएफ रीडर है। यह एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर एडोब के द्वारा बनाया गया है। इसका इस्तेमाल आप पोर्टेबल डॉक्यूमेंट फाइल अर्थात पीडीएफ को तैयार करने के लिए, उसे देखने के लिए, उसे प्रिंट करने के लिए या फिर उसकी एडिटिंग करने के लिए कर सकते हैं।

  • नॉर्टन एंटीवायरस

यह एक एंटीवायरस सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट है जिसका निर्माण साल 1991 में कंप्यूटर सिक्योरिटी के लिए सिमेंटेक कॉरपोरेशन के द्वारा किया गया था। नॉर्टन एंटीवायरस के द्वारा वायरस को आसानी से पहचान लिया जाता है और उसे डिस्ट्रॉय किया जाता है।

  • मोज़िला थंडरबर्ड

यह एक ओपन सोर्स ईमेल क्लाइंट है जो यूजर को माइक्रोसॉफ्ट विंडोज, लाइनेक्स, मैकिनटोश, और दूसरे सपोर्टेड सिस्टम पर ईमेल को सेंड करने की, प्राप्त करने की और मैनेज करने की सुविधा देता है। इसके द्वारा यूजर को अपने ईमेल प्रोवाइडर से आईएमएपी की सहायता से ईमेल को Retrieve करने का ऑप्शन दिया जाता है।

एप्लीकेशन और प्रोग्राम में अंतर

एप्लीकेशन को प्रोग्राम कहा जा सकता है परंतु प्रोग्राम कभी भी एप्लीकेशन नहीं हो सकता है। एप्लीकेशन प्रोग्राम का एक कलेक्शन होता है जिसकी डिजाइनिंग लास्ट यूजर को एक उद्देश्य को प्राप्त करने में सहायता करने के लिए की गई होती है। 

यह प्रोग्राम वर्क या एक्टिविटी को करने के लिए एक दूसरे के साथ कम्युनिकेशन करते हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रोग्राम इंस्ट्रक्शन का एक कलेक्शन होता है। प्रोग्राम के द्वारा कंप्यूटर को यह बताया जाता है कि उसे कौन से काम को करना है।

प्रोग्रामिंग कैसे होती है?

प्रोग्रामर के द्वारा प्रोग्रामिंग का निर्माण करने से पहले स्पेसिफिकेशन पर ध्यान दिया जाता है और उसके पश्चात ही प्रोग्राम का निर्माण होता है। 

प्रोग्राम के लिए जिन इंस्ट्रक्शन को जोड़ा जाता है, उनका सही से इस्तेमाल किया जा रहा है या नहीं, इसके बारे में प्रोग्राम का निर्माण करने से पहले ही जांच पड़ताल कर ली जाती है। और फिर सभी प्रोग्रामिंग स्पेसिफिकेशन और इंस्ट्रक्शन को सही से चेक करके उन्हें क्रमबद्ध तरीके से सेट किया जाता है और फिर प्रोग्रामिंग के काम को आगे बढ़ाया जाता है। 

जब सभी इंस्ट्रक्शन और स्पेसिफिकेशन को सही से सेट कर लिया जाता है, तो उसके पश्चात प्रोग्रामर के द्वारा प्रोग्राम की कोडिंग की कार्यवाही को बढ़ाया जाता है। इसके अंतर्गत कंप्यूटर प्रोग्राम में जो कंपाइलर होता है उसी की सहायता लेते हुए प्रोग्राम लैंग्वेज को अंग्रेजी लैंग्वेज में ट्रांसलेट अथवा कन्वर्ट किया जाता है। 

इसके पश्चात टेस्ट डाटा इनपुट का इस्तेमाल करके जो प्रोग्राम डिजाइन किया गया है, उसकी सही से जांच होती है जिसमें इस बात को नोटिस किया जाता है की जिस प्रोग्राम का निर्माण कोडिंग आवश्यकता के लिए किया जा रहा है वह उस आवश्यकता को पूरा कर पा रहा है या नहीं। 

इसके पश्चात प्रोग्राम के आखिरी के 2 चरण होते हैं, जिसके अंतर्गत अगर सही रिजल्ट हासिल नहीं हो रहा हो तो ऐसी अवस्था में फिर से प्रोग्राम की दोबारा से जांच की जाती है और जांच में जो चीजें निकल कर के सामने आती है उसे ठीक किया जाता है।

और फिर से सही रिजल्ट प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है। अगर रिजल्ट सही आ जाता है, तो प्रोग्राम के इंस्ट्रक्शन के क्रम को यूनिफाइड करते हैं और फिर उसके पश्चात इंस्ट्रक्शन के क्रम को कंप्यूटर में इंस्टॉल करते हैं। इस प्रकार से प्रोग्रामिंग की प्रक्रिया पूरी होती है।

प्रोग्राम का मुख्य काम

किसी प्रोग्राम का मुख्य काम क्या होगा, यह प्रोग्राम के टाइप पर डिपेंड करता है, क्योंकि प्रोग्राम के हर टाइप के मुख्य काम अलग-अलग होते हैं। इसीलिए प्रोग्राम का निर्माण करने से पहले ही यह डिसाइड कर लिया जाता है कि निर्माण किए जा रहे प्रोग्राम का मूल काम क्या होगा।

एग्जांपल के तौर पर ब्राउज़र प्रोग्राम का इस्तेमाल इंटरनेट ब्राउज़र करने के लिए किया जाता है, इसी प्रकार से वर्ड प्रोग्राम का इस्तेमाल दस्तावेज को क्रिएट करने के लिए या फिर दस्तावेज की एडिटिंग करने के लिए किया जाता है। 

अगर आपके द्वारा वर्ड प्रोग्राम का इस्तेमाल किया जा रहा है तो वह इंटरनेट ब्राउज़ करने के काम में बिल्कुल भी नहीं आ सकेगा, वहीं अगर आपके द्वारा ओनली ऑडियो प्लेयर प्रोग्राम का इस्तेमाल किया जा रहा है तो उसके माध्यम से आप फोटो एडिट नहीं कर सकेंगे ना ही वीडियो चला सकेंगे।

इस प्रकार से आप यह समझ सकते हैं कि, प्रोग्राम के प्रकार के आधार पर हर प्रोग्राम का मुख्य काम अलग अलग होता है। कुछ ऐसे प्रोग्राम होते हैं जो मल्टीपल कामों को करने की कैपेसिटी रखते हैं और कुछ प्रोग्राम ऐसे होते हैं, जो सिर्फ सिंगल काम को ही करते हैं।

प्रोग्राम कैसे बनाया जाता है?

कोडिंग का इस्तेमाल करते हुए प्रोग्राम का क्रिएशन किया जाता है। यदि आपको भी अगर किसी भी प्रकार के प्रोग्राम को डिवेलप करना है तो इसके लिए आपको कोडिंग लैंग्वेज की जानकारी लेने की आवश्यकता होती है अथवा कोडिंग लैंग्वेज को सीखना होता है, क्योंकि कोडिंग लैंग्वेज के माध्यम से ही प्रोग्राम किया जाता है या प्रोग्रामिंग की जाती है। 

जावा, सी प्लस प्लस, पाइथन इत्यादि प्रमुख कोडिंग लैंग्वेज है। इनका इस्तेमाल व्यापक स्तर पर प्रोग्राम को तैयार करने के लिए होता है। इसके अलावा बताना चाहते हैं कि, प्रोग्राम को तैयार करने के लिए अलग-अलग टूल का भी इस्तेमाल होता है। कुछ प्रमुख का प्रोग्राम तैयार करने वाले टूल के नाम HTML5 Builder, Visual online, Azure, Kwatee, Smartbear Collaborators, Linux, SQL sentry है।

प्रोग्राम की विशेषताएं 

आईए आर्टिकल में हम अब प्रोग्राम की विशेषताओं के बारे में भी जान लेते हैं।

  • सटीकता

अगर किसी ऐसे हाई लेवल प्रोग्राम का निर्माण किया गया है, जिसमें कोई भी गलती अवेलेबल नहीं है, तो ऐसा प्रोग्राम अपने काम को बिल्कुल साफ और स्पष्ट रूप से अंजाम देता है। ऐसे प्रोग्राम का इस्तेमाल करने के दरमियान अगर यूजर के द्वारा किसी भी प्रकार की गलती की जाती है तो प्रोग्राम के द्वारा तुरंत ही उस गलती को पकड़ लिया जाता है और उसकी सूचना अर्थात नोटिफिकेशन यूजर को प्रदान कर देता है, ताकि यूजर अपनी उस गलती को सही कर सकें।

  • भरोसेमंद

एक हाई लेवल प्रोग्राम बिल्कुल भरोसेमंद प्रोग्राम होता है जिस पर कोई भी यूज़र आसानी से भरोसा कर सकता है और उसे इस बात का विश्वास होता है की प्रोग्राम के द्वारा जो रिजल्ट दिखाया जाएगा उसमें कोई भी गड़बड़ी नहीं होगी या गलती नहीं होगी।

  • सामर्थ्य

एक बेहतरीन प्रोग्राम विभिन्न जरिए का इस्तेमाल करके सबसे अच्छे और एक्यूरेट रिजल्ट को दिखाने की कैपेसिटी रखता है।

  • आरामदायक

जिस प्रोग्राम को बेहतरीन ढंग से डिजाइन किया गया होता है उसे कोई भी यूजर सरलता से इस्तेमाल कर पाने में सक्षम होता है और उसे प्रोग्राम को चलाने में किसी भी प्रकार की प्रॉब्लम का सामना नहीं करना पड़ता है।

प्रोग्राम किसे कहते हैं?

कंप्यूटर में, एक प्रोग्राम कंप्यूटर के परफॉर्मेंस के लिए बनाया गया एक स्पेशल इंस्ट्रक्शन का सेट होता है। इंस्ट्रक्शन में कुछ ऐसी चीजों को प्रोग्राम किया जाता है जो कंप्यूटर को यह बताने का काम करती है कि उसे कैसे काम को करना है। आपके द्वारा जब कंप्यूटर को कोई काम करने के लिए कमांड दिया जाता है तो कंप्यूटर के अंदर जो प्रोग्राम दर्ज होता है।

वह प्रोग्राम कंप्यूटर को आपके कमांड का एनालिसिस करके यह बताता है की आखिर कंप्यूटर को अब क्या करना है। जैसे की आपने कंप्यूटर में कमांड दिया की मीडिया प्लेयर ओपन करो तो ऐसे में आपके कमांड को प्रोग्राम ग्रहण कर लेता है और फिर प्रोग्राम कंप्यूटर को यह बताता है की उसे मीडिया प्लेयर ओपन करने के लिए कहा जा रहा है। इस पर कंप्यूटर मीडिया प्लेयर ओपन कर देता है।

कंप्यूटर के प्रोग्राम का अर्थ क्या है?

प्रोग्राम को किसी भी कंप्यूटर या लैपटॉप या डेस्कटॉप के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण अंग माना जाता है। कंप्यूटर के प्रोग्राम के अंदर बहुत सारे इंस्ट्रक्शन अर्थात निर्देश का ग्रुप मौजूद होता है। जब व्यक्ति कंप्यूटर इस्तेमाल करता है तब व्यक्ति के द्वारा कंप्यूटर से किसी भी काम को करवाने के लिए निर्देश दिया जाता है।

जिस पर कंप्यूटर काम करता है। इसी प्रकार से प्रोग्रामर के द्वारा कंप्यूटर से काम करवाने के लिए कंप्यूटर में प्रोग्रामिंग की जाती है और प्रोग्रामिंग के हिसाब से ही कंप्यूटर काम करता है।

प्रोग्राम में बग क्या होता है?

कंप्यूटर प्रोग्राम का निर्माण करने के दरमियान या फिर करने के पश्चात कई बार कुछ गलतियां हो जाती है जिसकी वजह से कंप्यूटर प्रोग्राम सही प्रकार से बन करके तैयार नहीं हो पाता है या फिर उसमें कोई कमी रह जाती है। टेक्निकल भाषा में यह जो कमी रह जाती है, इसे ही बग कहा जाता है।

प्रोग्रामिंग भाषाओं के प्रकार

प्रोग्रामिंग भाषाएं कई प्रकार की होती है, जिन्हें कोडिंग लैंग्वेज भी कहते हैं। नीचे कुछ प्रमुख प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के नाम आपको बताए जा रहे हैं, जो प्रोग्राम को तैयार करने के लिए अवश्य ही इस्तेमाल में ली जाती है।

  • Javascript
  • C
  • Python
  • Java
  • Php
  • C++

प्रोग्रामिंग में करियर के अवसर

टेक्नोलॉजी लगातार एडवांस होती जा रही है। ऐसे में टेक्नोलॉजी से संबंधित ऐसे कई इलाके हैं जहां पर प्रोग्रामर की आवश्यकता कंपनियों को हो रही है। ऐसे में अगर आपको प्रोग्राम बनाना आता है या फिर आप प्रोग्रामिंग कर लेते हैं तो आपके पास देश और विदेश में अच्छा कैरियर बनाने के कई मौके उपलब्ध होते हैं।

यदि आप कंप्यूटर प्रोग्रामर बन जाते हैं, तो समाज में आपका मान सम्मान होता है, साथ ही आपको कंपनी में एक अच्छी सैलरी पर नौकरी भी प्राप्त हो जाती है। यदि आप इंडिया में कंप्यूटर प्रोग्रामर के तौर पर नौकरी ज्वाइन करते हैं।

तो शुरुआती सैलरी आपकी हर महीने 32000 से लेकर के ₹36000 के आसपास में हो जाती है, वहीं विदेशों में यही नौकरी करने पर आपकी शुरुआती सैलरी ₹80000 से लेकर के डेढ़ लाख के आसपास तक हो सकती है। अलग-अलग कंपनी में सैलरी में भिन्नता हो सकती है।

प्रोग्रामिंग में करियर विकल्प

प्रोग्रामिंग के तहत आपको निम्न क्षेत्रों में या फिर निम्न पदों पर नौकरी हासिल हो सकती है।

  • डाटा साइंस 
  • डाटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर 
  • डाटा एनालिसिस 
  • वेब डेवलपमेंट फ्रंट एंड वेब डेवलपमेंट 
  • कंप्यूटर सिक्योरिटी 
  • कंप्यूटर नेटवर्क
  • मोबाइल एप डेवलपमेंट 
  • क्लाउड कंप्यूटिंग 
  • बिजनेस इंटेलिजेंस 
  • यूजर इंटरफेस डिजाइन 
  • क्वालिटी एश्योरेंस 
  • सिस्टम इंजीनियरिंग 
  • कंप्यूटर एंड इनफार्मेशन सिस्टम मैनेजर
  • कंप्यूटर प्रोग्रामर 
  • वेब डेवलपर इंजीनियर 
  • वीडियो गेम डेवलपर 
  • कंप्यूटर सिस्टम एनालिस्ट 
  • जावा डेवलपर 
  • कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर एनालिसिस सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट

प्रोग्राम के प्रकार 

एप्लीकेशन प्रोग्राम और सिस्टम प्रोग्राम! यही प्रोग्राम के 2 मुख्य प्रकार हैं।

  • एप्लीकेशन प्रोग्राम

बिजनेस में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर या फिर मोबाइल एप्लीकेशन को बनाने में जिस प्रोग्राम का इस्तेमाल किया जाता है उसे एप्लीकेशन प्रोग्राम कहा जाता है। यदि आप फेसबुक, व्हाट्सएप पर अथवा बैंकिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कभी कर चुके हैं, तो बताना चाहते हैं कि, यह सभी एप्लीकेशन प्रोग्राम की कैटेगरी में ही आते है।

  • सिस्टम प्रोग्राम

ऐसे प्रोग्राम जो किसी सिस्टम को चलाते हैं उसे सिस्टम प्रोग्राम कहा जाता है। यदि आपने ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में सुना होगा तो यह एक प्रकार का सिस्टम प्रोग्राम ही होता है, जिसके द्वारा आपका मोबाइल या फिर आपका कंप्यूटर चलता है।

कंप्यूटर प्रोग्रामर कौन होते हैं?

कंप्यूटर प्रोग्रामर का अन्य नाम सॉफ्टवेयर डेवलपर या प्रोग्रामर या फिर कोडर भी होता है। कंप्यूटर प्रोग्रामर के द्वारा इसका डिसीजन लिया जाता है की, डेवलपमेंट टीम को कौन सी प्रोसेस या फिर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने की आवश्यकता है। 

कंप्यूटर प्रोग्रामर के द्वारा कोडिंग से संबंधित जो प्रॉब्लम है, उसका समाधान निकालने का प्रयास अथवा करने का प्रयास किया जाता है और साथ ही साथ कंप्यूटर प्रोग्रामर एक सॉफ्टवेयर सिस्टम तैयार करने के लिए दूसरे लोगों का सपोर्ट लेता है या उनसे राय सलाह करता है।

FAQs

कंप्यूटर प्रोग्राम क्या है?

कंप्यूटर प्रोग्राम प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में इंस्ट्रक्शन का सेट होता है जो कि कंप्यूटर के लिए होता है।

कंप्यूटर मेमोरी क्या है?

जानकारी के अनुसार मेमोरी एक ऐसा डिवाइस/ सिस्टम होता है जिसमें इंफॉर्मेशन स्टोर होता है। कंप्यूटर की मेमोरी को कंप्यूटर की याददाश्त कहते हैं।

कंप्यूटर प्रोग्राम का दूसरा नाम क्या है?

कंप्यूटर प्रोग्राम का दूसरा नाम हिंदी में संगणक कार्यक्रम होता है।

प्रोग्राम की सबसे अच्छी परिभाषा क्या है?

यह निर्देशों का ग्रुप होता है जिसमें किसी काम को करने के इंस्ट्रक्शन होते हैं।

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Hope की आपको “प्रोग्राम क्या है” और “प्रोग्रामिंग क्या है” तथा “प्रोग्राम का उद्देश्य क्या है।”?, का यह पोस्ट पसंद आया होगा तथा आपके लिए हेल्पफुल भी रहा होगा।

यदि इस पोस्ट से सम्बंधित आपके मन में कोई सुझाव या विचार है तो निचे कमेन्ट में बताये तःथा पोस्ट पसंद आने पर अपने दोस्तों के साथ साझा अवश्य करे।

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Ankur Singh
हेलो दोस्तों, मेरा नाम अंकुर सिंह है और में New Delhi से हूँ। मैंने B.Tech (Computer Science) से ग्रेजुएशन किया है। और में इस ब्लॉग पर टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट से जुड़े लेख लिखता हूँ।

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