SAR Value क्या है और कैसे निकाले?


आपने कई जगह पर यह सुना होगा कि रेडिएशन इंसानों के लिए काफी खतरनाक है। इसके साथ ही साथ यह पशु पक्षियों के लिए भी खतरनाक है और यह बात काफी हद तक सही है। इसलिए गवर्नमेंट ऐसे ही फोन को अप्रूवल दे रही है जिनकी सार वैल्यू गवर्नमेंट के नियमों के हिसाब से है। हर व्यक्ति आज के समय में स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहा है और जो लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं, वह फीचर फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। आजके इस पोस्ट में हम जानिंगे की SAR Value क्या है और कैसे निकाले? 

SAR Value क्या है और कैसे निकाले?

इस प्रकार मोबाइल रेडिएशन लगभग हर व्यक्ति के पास मौजूद होता है और इससे बचने के लिए कुछ उपाय भी आप कर सकते हैं परंतु “मोबाइल रेडिएशन होता क्या है” और “सार वैल्यू क्या होती है” इसके बारे में भी जानना अति आवश्यक है।


इसीलिए इस आर्टिकल में हम आपको “SAR Value क्या है” अथवा “सार वैल्यू क्या है” इसके बारे में जानकारी दे रहे हैं, साथ ही आप आर्टिकल में यह भी जानेंगे कि “मोबाइल रेडिएशन से कैसे बचा जाता है।”

SAR Value क्या है?

इसे पूर्ण रूप से सार वैल्यू कहा जाता है और इसका पूरा नाम “स्पेसिफिक ऑब्जरवेशन रेट” होता है, जो कि एक प्रकार का मापदंड होता है और इसके जरिए आप इस चीज की माप कर सकते हैं कि जो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होते हैं।

उन्हें जब हम इस्तेमाल करते हैं तो उस दरमियान कितनी मात्रा में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स रेडिएट होती हैं, जिन्हें हमारी बॉडी के द्वारा अवशोषित किया जाता है। बता दे कि हमारे वजन के कोशिका में कितनी पावर अवशोषित हो सकती है इसके द्वारा यह भी पता चल जाता है।

इसका जो स्टैंडर्ड मेजरमेंट होता है, उसे (W/KG) के द्वारा दर्शाया जाता है और आपकी जानकारी के लिए हम यह भी बता दें कि यह रेडिएशन मुख्य तौर पर हमारी बॉडी के दो पार्ट को सबसे ज्यादा इफेक्ट पहुंचाता है, जिसमें पहला पार्ट है हमारा सर और दूसरा पार्ट है हमारे सर के नीचे वाला हिस्सा जिसे धड़ कहा जाता है। 

हमारे सिर को इसके द्वारा सबसे ज्यादा इफेक्ट इसलिए पहुंचता है की जब हम फोन के जरिए बात करते हैं तो फोन हमारे सर के आस-पास में ही मौजूद होता है। इन्हीं खतरनाक रेडिएशन से बचाने के लिए गवर्नमेंट ने कुछ स्टैंडर्ड तैयार किया हुआ है और यह आदेश दिया हुआ है कि मोबाइल बनाने वाली कंपनी उस स्टैंडर्ड के ऊपर किसी भी प्रकार के मोबाइल का निर्माण नहीं करेंगी।


और अगर ऐसा कोई कंपनी करती है तो उसके ऊपर जुर्माना लगाया जा सकता है या फिर उसे अन्य दंड दिया जा सकता है। बता दे कि इंडिया और यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका में सार वैल्यू एक जैसी है जो 1.6 WATT PER KILOGRAM है।

आपको हम यह भी बता दें कि कुछ लोगों को इस बात को लेकर के भी काफी ज्यादा गलतफहमी है कि जिस स्मार्टफोन या फिर मोबाइल की सार वैल्यू कम होती है, वह हमारे लिए बेहतर होता है परंतु ऐसा नहीं है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सार वैल्यू चाहे कम हो या फिर चाहे अधिक हो, हमारे लिए यह खतरनाक ही होती है। 

SAR VALUE कैसे चेक करे?

इस बात को तो अधिकतर लोग जानते हैं कि जितने भी फोन होते हैं उनमें स्पेसिफिक सार वैल्यू होती है परंतु यहां पर यह भी सवाल पैदा होता है कि हम यह कैसे जान सकते हैं कि सार वैल्यू कितनी है अथवा सार वैल्यू को चेक करने का तरीका क्या है। 

बता दे कि इसका पता लगाने के लिए आपको बस अपने फोन में एक कोड डायल करना है। ऐसा करने पर तुरंत ही आपकी स्क्रीन पर सार वैल्यू आ जाएगी। 

वह कोड *#07# है। इसे डायल करने के बाद आपको ना तो कॉल की बटन को दबाना है ना ही कुछ और करना है। कोड डायल करने के तुरंत बाद आपकी स्क्रीन पर सार वैल्यू आ जाएगी।

SAR टेस्टिंग कैसे की जाती है?

अच्छा कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सार वैल्यू कैसे चेक की जाती है, इसके बारे में जान लेते हैं और वह यह भी जानना चाहते हैं कि सार टेस्टिंग कैसे की जाती है, तो बता दे कि सार टेस्टिंग करने के लिए एक ऐसा मॉडल तैयार किया जाता है, जो बिल्कुल हमारी बॉडी की तरह ही दिखाई देता है।

और उस मॉडल में बॉडी की कोशिकाओं की तरह ही कुछ चीजें डाली जाती है, ताकि वह बिल्कुल इंसानों की तरह ही दिखाई दे। उसके बाद उसमें रेडियो फ्रिकवेंसी डाली जाती है और टेस्ट किया जाता है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रेडियो फ्रिकवेंसी का इंसानी बॉडी में ऑब्जरवेशन रेट कितना है।

इस टेस्ट में हमारे सिर को दोनों ही तरफ से टेस्ट किया जाता है और इसके जरिए यह जानकारी प्राप्त होती है कि हमारे सर में कितनी दूरी से अधिक रेडिएशन अवशोषित होता है। 

टेस्ट को पूरा करने के पश्चात उसकी एक विस्तार से रिपोर्ट बनाई जाती है और इस रिपोर्ट में सभी अधिक सार वैल्यू और सभी फ्रीक्वेंसी बैंड को बताया जाता है और फिर गवर्नमेंट को इसे ऑथराइजेशन के लिए सेंड किया जाता है और अगर इसे एक्सेप्ट किया जाता है तो वह फोन मार्केट में आने के लिए रेडी माना जाता है।

हमारे लिए रेडिएशन कितना खतरनाक है?

मोबाइल रेडिएशन हमारे लिए काफी खतरनाक माना जाता है परंतु इसका सबसे ज्यादा असर देखा जाए तो ऐसे लोगों में होता है जो या तो गर्भवती होती है या फिर बच्चे होते हैं या फिर वृद्ध होते हैं क्योंकि ऐसे लोगों की बॉडी तेजी के साथ रेडिएशन को अवशोषित करने का काम करती है। इसलिए ऐसे लोगों को फोन इस्तेमाल करने के लिए काफी कम ही देना चाहिए।


अगर ऐसे लोग अधिक समय फोन इस्तेमाल करते हैं तो उन्हें यह प्रयास करना चाहिए कि वह ज्यादा देर तक अपने पास फोन को अपनी बॉडी से टच करके ना रखें। 

हमारी सलाह के अनुसार आपको अगर फोन का इस्तेमाल करना ही है, तो आपको हर फोन का इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसा करने से आपके फोन से आपकी बॉडी की दूरी थोड़ी ज्यादा रहेगी। इससे रेडिएशन का प्रभाव कम ही आपको अपनी चपेट में लेगा।

आरएफ रेडिएशन के साइड इफेक्ट क्या है?

अभी तक आप यह समझ ही गए होंगे कि रेडिएशन हमारी बॉडी के लिए अच्छा नहीं होता है और इसके कई सारे साइड इफेक्ट हमारी बॉडी को हो सकते हैं। इसलिए नीचे हमने कुछ प्रमुख साइड इफेक्ट की जानकारी आपको दी है।

  • हमारी बॉडी की कोशिकाएं तब टूट सकती है, जब बॉडी पर अधिक देर तक रेडिएशन का प्रभाव रहता है और बॉडी की कोशिकाएं अगर टूटती है, तो इससे हमारे बॉडी के अंदर मौजूद डीएनए को भी साइड इफेक्ट हो सकता है।
  • कुछ डॉक्टर्स ने यह भी कहा है कि रेडिएशन की वजह से कैंसर और ब्रेन ट्यूमर जैसी बीमारी होने की संभावना भी काफी ज्यादा बढ़ जाती है।
  • रेडिएशन की वजह से बॉडी में चक्कर आना,डिप्रेशन, अनिद्रा की प्रॉब्लम, आंखों में ड्राइनेस, एकाग्रता में कमी, सुनने में कमी, थकान महसूस होना, सर दर्द होना, याददाश्त में कमी, डाइजेस्टिव सिस्टम में कमी, जोड़ों में दर्द जैसी बीमारियां भी हो सकती है।
  • काफी लंबे समय तक अगर आप रेडिएशन के प्रभाव में रहते हैं तो ऐसा होने से आपको मल्टीपल बीमारियां हो सकती है, साथ ही यह प्रजनन कैपेसिटी को भी प्रभावित करने का काम करती हैं।

रेडिएशन से कैसे बचें?

रेडिएशन से आप कैसे बच सकते हैं अथवा रेडिएशन से कैसे बचा जा सकता है, इसकी जानकारी नीचे दी जा रही है।

  • रेडिएशन बॉडी के लिए बहुत ही खतरनाक माना जाता है। इसलिए आपको इससे दूरी बना करके रखनी चाहिए।
  • फोन इस्तेमाल करने से रेडिएशन के प्रभाव में आप अधिक आ सकते हैं। इसीलिए आपको फोन का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए।
  • जब आप फोन पर बात करें तो आपको स्पीकर मोड पर बात करनी चाहिए। ऐसा होने से फोन और आपकी बॉडी के बीच की दूरी थोड़ी सी ज्यादा रहेगी।
  • अगर आप फोन को इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं तो कुछ देर के लिए आपको उसे स्विच ऑफ कर देना चाहिए।
  • आपको कम सिग्नल में फोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह अधिक मात्रा में रेडिएशन पैदा करता है।
  • कॉल की जगह पर आपको संभव हो तो टेक्स्ट मैसेज या फिर S.M.S. का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • कार में, लिफ्ट में या फिर ट्रेन में अथवा हवाई जहाज में आपको मोबाइल फोन का इस्तेमाल कम से कम ही करना चाहिए, क्योंकि रेडिएशन होने की संभावना यहाँ बहुत ही ज्यादा होती है।

अगर आप ऊपर दी गई चीजों को फॉलो करते हैं तो आप अपने आप को भी रेडिएशन से बचा सकते हैं, साथ ही दूसरे लोगों को भी रेडिएशन से बचने के बारे में बता सकते हैं। बता दें कि जैसे जैसे जमाना आधुनिक होता जा रहा है, वैसे वैसे ही लोगों की सुख सुविधाएं भी बढ़ती जा रही है।

ऐसे में लोग हमेशा स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस प्रकार फोन उनके आसपास हमेशा ही मौजूद होता है। इसीलिए उन्हें रेडिएशन का खतरा काफी ज्यादा होता है। इसलिए हो सके तो आपको फोन से दूरी बना करके रखनी चाहिए।

इस आर्टिकल में आपने जाना कि “सार क्या है” और “SAR Value क्या है” साथ ही आपने आर्टिकल में यह भी जानकारी हासिल की कि “सार वैल्यू चेक कैसे करते हैं” और “सार वैल्यू टेस्ट कैसे करते हैं” इसके अलावा “रेडिएशन से बचने का तरीका” भी आपने आर्टिकल में जाना।अगर आपको आर्टिकल से संबंधित कोई सवाल पूछना है तो आप अपना सवाल कमेंट बॉक्स के जरिए पूछ सकते हैं। हम जल्दी ही आपके सवालों का जवाब देने का प्रयास करेंगे।

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Hope की आपको SAR Value क्या है और कैसे निकाले? का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।


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