शेयर मार्केट क्या है – What Is Share Market In Hindi

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Share Market kya hai in hindi? यदि आप आज किसी से पूछते हैं की मुझे भविष्य में बेहत्तर रिटर्न्स के लिये अपना पैसा कहाँ निवेश करना चाहिए! तो आपको कई लोग कहेंगे की आपको अपना पैसा Mutual fund या शेयर market में निवेश करना चाहिए! म्यूच्यूअल फण्ड क्या है? इसमें कैसे निवेश करें इस विषय पर विस्तारपूर्वक जानकारी हम पहले ही दे चुके हैं, और आज हम इस लेख में हम जानिंगे की शेयर मार्केट क्या है? कैसे काम करता है? फ़ायदे और नुक़सान क्या हैं? money invest कैसे करे? & all about Share Market In Hindi

दोस्तों हम अक्सर शेयर मार्किट से जुड़ी खबरों से जुड़ी ताजा खबरों को tv, mobile पर सुनते रहते हैं, परन्तु आज भी कई ऐसे यूज़र्स हैं जिन्हें असल में यह शेयर मार्किट/ स्टॉक मार्केट क्या है? इसके फायदे! नुकसान इत्यादि की कोई जानकारी नहीं होती!


दोस्तों क्या आप जानते हैं! शेयर बाजार किसी भी देश के विकास के लिए मूलभूत ढांचा प्रदान करते हैं, जिस तरह सड़क, रेल, यातायात बिजली इत्यादि आवश्यक होते हैं! ठीक उसी प्रकार देश के उद्योगों को चलाने के लिए शेयर मार्केट बेहद उपयोगी होते हैं! इस लेख में हम आपको शेयर मार्किट क्या है? इसके क्या-क्या फायदे और नुकसान हैं? शेयर मार्केट में शेयर कैसे खरीदें तथा कैसे बेचें! इस विषय पर पूरी जानकारी देंगे! तो क्या आप तैयार है? आइये समय को नष्ट किये बगैर सबसे पहले जानते हैं की शेयर मार्केट क्या है – What Is Share Market In Hindi?

शेयर मार्केट क्या है – What Is Share Market In Hindi

सरल शब्दों में समझें तो शेयर बाजार वह बाजार है जिसमें कंपनियों के Shares को खरीदा तथा बेचा जाता है, इसे स्टॉक मार्केट, शेयर मार्केट, इक्विटी मार्केट इत्यादि नामों से भी जाना जाता है। यदि आप “शेयर्स” के बारे में नहीं जानते हैं, तो आपको बता दें यह एक छोटा सा भाग होता अर्थात कंपनी का एक हिस्सा! जब एक कंपनी बन जाती है तो उसे अनेक टुकड़ों में विभाजित कर दिया जाता है इन टुकड़ों को ही वास्तव में Shares कहते हैं, और जितने अधिक किसी व्यक्ति या संस्था के पास उस कंपनी के शेयर्स होंगे उसकी हिस्सेदारी उस कंपनी में उतनी अधिक होगी।

बहरहाल हम बात कर रहे हैं शेयर मार्केट की और मार्केट में शेयर्स को बेचने या खरीदने के लिए दो व्यक्ति या कंपनी आपस में संपर्क करते हैं! और जब उनके बीच सौदा पक्का हो जाता है तो वह मोल भाव कर लेते हैं! दोस्तों आज शेयर मार्केट डिजिटल हो चुका है परंतु पहले शेयर की बिक्री के लिए बोली लगाई जाती थी! और उसमें जो अधिक बोली लगाता था उसे उस कंपनी के शेयर मिल जाते थे!

परंतु इस डिजिटल युग में सभी लेन-देन (ट्रांजैक्शन) स्टॉक एक्सचेंज के नेटवर्क से कनेक्टेड कंप्यूटर द्वारा किया जाता है। दोस्तों यहां आपका जानना दिलचस्प रहेगा कि इंटरनेट पर उपलब्ध इस प्रकार की सुविधा के जरिए कई बार shares खरीदने और बेचने वाले (क्रेता तथा विक्रेता) एक दूसरे को जानते तक नहीं है।

दोस्तों इस तरह आप समझ गए होंगे कि शेयर मार्केट मैं shares की नीलामी कैसे होती है? और जिस व्यक्ति या संस्था द्वारा उस Share की अधिक बोली लगाई जाती है! उन्हें उस शेयर को बेच दिया जाता है।

और यदि किसी को वह शेयर खरीदना होता है तो शेयर बेचने वालों में से जो सबसे कम कीमत पर अपने शेयर्स बेचता है, उससे शेयर खरीद लिया जाता है। दोस्तों इस प्रकार शेयर्स कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का यह एक बेहतरीन माध्यम है!

मान लीजिए आपको लगता है रिलायंस या इंफोसिस कंपनी आने वाले समय में काफी मुनाफा कमाने वाली है, तो आप उस कंपनी के शेयर्स को खरीद सकते हैं।

और इस तरह आप कंपनी को भविष्य में होने वाले फायदे के एक मुख्य भागीदार बन सकते हैं। भारत में बोम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज हैं। अब यहाँ सवाल आता है कि कंपनी मार्केट में अपनी शेयर्स को क्यों बेचती है?

कंपनी अपने विभिन्न लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु जैसे की एक्सपेंशन (विस्तार), नई मशीनरी खरीदना इत्यादि के लिए shareholders द्वारा कंपनी के शेयर्स में जो पैसा लगाया जाता है! उसका इस्तेमाल कंपनी अपने बिजनेस को grow करने के लिए करती है।

दोस्तो क्या शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करना फायदेमंद होता है! इस सवाल का जवाब पाने के लिए हमें एक निवेशक के रूप में शेयर मार्किट में होने वाले फायदे तथा नुकसान के बारे में समझना होगा!

शेयर मार्केट के फायदे – Benefits Of Share Market In Hindi

1. मुनाफे में साझेदारी

यदि आप ने किसी कंपनी में शेयर लिए हैं इस स्थिति में यदि वह कंपनी मुनाफा कमाती है, तो उसका फायदा शेयरधारकों को भी मिलता है।

इस तरह एक निवेशक को सबसे बड़ा लाभ कंपनी को होने वाले मुनाफे से होता है।

2. बेहतर रिटर्न्स

रिसर्च से भी पता लगा है कि अन्य स्थानों में इन्वेस्ट करने की बजाय shares में इन्वेस्टमेंट करना सबसे अधिक लाभदायक होता है।

इससे भविष्य में बेहतर रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है! दोस्तों यदि हम इसकी तुलना अन्य उपलब्ध विकल्पों जैसे Fix डिपाजिट से करें तो यहाँ ब्याज की दर Fix रहती है। जबकि शेयर्स में आपके द्वारा किया गया इन्वेस्टमेंट कंपनी के लाभ के साथ ही बढ़ता रहता है।

3. मालिकाना हक

दोस्तों जिस कंपनी में आपने शेयर लगाए हैं, वह भले ही आपकी कंपनी ना हो। लेकिन यहां पर जो कंट्रोल (नियंत्रण) होता है , वह आपके हाथों में होता है तथा कंपनी भी मानती है कि उस कंपनी का शेयर धारक उसका मालिक होता है।

अतः कंपनी की नियमों के मुताबिक कंपनी के मैनेजमेंट में सभी शेयर होल्डर के पास participate (भाग) करने का अधिकार होता है।अतः shares से खरीदने के बाद कंट्रोल आपके पास होता है।

4. शेयर्स को बेचें!

कई सारे ऐसे निवेशक होते हैं जो कंपनी के शेयर्स की कीमत बढ़ने पर उन शेयर्स को खरीदते हैं! और यदि आप भी पहले से किसी कंपनी के शेयर को खरीद लेते हैं और बाद में उसकी कीमत बढ़ जाती है, तो आप इन शेयर्स को उन निवेशकों को बेचकर भी काफी अच्छे दाम में ढेर सारा मुनाफा कमा सकते हैं।

क्योंकि ऐसा वास्तव में आज कई सारे share holders कर रहे हैं। तो दोस्तों इस प्रकार आप अलग-अलग तरीकों से भी शेयर्स में इन्वेस्ट कर पैसा कमा सकते हैं।

तो यह थे शेयर मार्केट के कुछ मुख्य लाभ! आइए हम इससे होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी लेते हैं!

शेयर मार्केट के नुकसान?

1. लाभ तय नहीं होता।

दोस्तों यहां आपका जानना जरूरी है कि एक निवेशक के रूप में जब आप शेयर खरीदते हैं तो उसके लाभ की कोई गारंटी नहीं होती।

अर्थात एक बार शेयर खरीद लेने के बाद यह निश्चित नहीं है कि आपको उसका लाभ मिलेगा ही मिलेगा! क्योंकि यदि कंपनी वर्तमान समय में लाभ कमा रही है तो इस स्थिति में मैनेजमेंट के निर्णयों के आधार पर आपको लाभांश मिलेगा।

परंतु जब कंपनी loss में चल रही है हो या फिर प्रॉफिट के बावजूद कंपनी अपने बिजनेस को grow करने के लिए विभिन्न खर्चों पर अधिक इन्वेस्ट करती है! तो इस स्थिति में शेयर होल्डर्स को लाभ नहीं मिल सकता। इस प्रकार कंपनी में आपका कंट्रोल तो है परंतु लाभ पर कोई कंट्रोल नहीं होता।

2. नियंत्रण में कमी

शुरुआत में जब एक कंपनी शुरू होती है तो उस में सभी शेयरहोल्डर्स कंपनी के स्वामी (owners) होते हैं! परंतु जैसे-जैसे कंपनी का विकास होता जाता है, तो कंपनी में उन शेयरहोल्डर्स को अधिक महत्व दी जाती है जिनके अधिक shares होते हैं, अर्थात उन्हें मैनेजमेंट का कार्य सौंप दिया जाता है।

तो इस प्रकार एक छोटे निवेशक अर्थात कम shares वाले निवेशक के पास कंट्रोल नाम मात्र का ही रह जाता है।

3. जोखिम

आपने सुना होगा की शेयर मार्केट में निवेश करना जोखिम भरा है! आइए जानते हैं क्यों? क्योंकि किसी भी वजह से यदि कंपनी के शेयर के दाम में कमी आती है अर्थात कंपनी को लॉस होता है, तो इस स्थिति में आपके पैसा डूबने के chances बढ़ जाते हैं!

क्योंकि इससे आपकी कैपिटल (पूंजी) की Value गिर जाती है! और इस तरह Risk फैक्टर शेयर मार्केट में निवेश करने पर बना रहता है।

यही वजह है कि शेयर मार्केट से कई निवेशक रातों-रात अमीर बन चुके हैं, और कई को लाखों-करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ा। दोस्तों इस प्रकार अपने जाना कि शेयर मार्केट में निवेश करने के क्या नुकसान है?

यदि आप भी शेयर मार्केट में निवेश करने का मन बना रहे हैं तो आइए जान लेते हैं Share market में निवेश करने की इस प्रक्रिया को।

Share Market Me Money Invest Kaise Kare?

शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट!

Pan Card

दोस्तों जैसा कि आप जानते होंगे किसी भी वित्तीय लेनदेन के लिए भारत में पैन कार्ड महत्वपूर्ण होता है, और शेयर मार्केट में निवेश हेतु सबसे पहली चीज है पैन कार्ड का होना।

Pan Card Kaise Banaye? Online Apply Kaise Kare उसकी पूरी जानकारी यहाँ है।


Verify KYC

शेयर मार्केट में निवेश हेतु Kyc (know your customer) मुख्य डॉक्यूमेंट है, जिसमें आधार कार्ड, एड्रेस group इत्यादि के जरिए वेरिफिकेशन किया जाता गई।

Internet Banking

आपके पास इंटरनेट बैंकिंग सर्विस होनी चाहिए। क्योंकि जब भी आप Stock या शेयर खरीदेंगे तो उसकी पेमेंट के लिए इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग करना होगा।

यदि आपके पास भी उपरोक्त डॉक्यूमेंट हैं, तो आप शेयर मार्केट में निवेश कर सकते हैं।

शेयर मार्केट में निवेश करने हेतु आपको कौन-सा एकाउंट खोलना चाहिए?

शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए आपको दो तरह के अकाउंट ओपन करने पड़ते है।

◆ डिमैट अकाउंट
◆ ट्रेडिंग अकाउंट

इन दोनों अकाउंट को जानने से पूर्व आइए सबसे पहले हम जानते हैं!इन अकाउंट्स की जरूरत क्यों पड़ती है!

कोई भी निवेशक डायरेक्ट भारत के 2 बड़े Stock Exchange कंपनियों (BSE या NSE)  के जरिए स्टॉक खरीद या बेच नहीं सकते! इसलिए शेयर्स को खरीदने या बेचने के लिए स्टॉक ब्रोकर की आवश्यकता पड़ती है

आपको बता दें कि स्टॉक ब्रोकर एक एजेंसी होती है! जिसके माध्यम से शेयर्स को खरीदा या बेचा जा सकता है! अर्थात इनके जरिए आप किसी शेयर को खरीद भी सकते हैं तथा इन Stock को बेच सकते हैं।

share broker एजेंसी में कुछ लोकप्रिय हैं जैसे- शेरखान, एंजेल ब्रोकिंग, icici डायरेक्ट, और अन्य अपनी सर्विस के बदले स्टॉक ब्रोकर जो आपसे fees लेते हैं! उसे ब्रोकरेज कहा जाता है! अतः निवेश करते समय एक बेहतर स्टॉक ब्रोकर का चुनाव करना चाहिए।

जब आप किसी शेयर को खरीदने या बेचने के उद्देश्य चौक से stock ब्रोकर के पास जाते हैं तो दो अकाउंट खोलने के लिए कहता है!

डिमैट अकाउंट

आपके द्वारा खरीदे गए शेयर को रखने के लिए डिमैट अकाउंट की आवश्यकता होती है! दोस्तों इस अकाउंट में आपके द्वारा खरीदे गए शेयर इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में save रहते हैं तथा जब आप इन में shares को बेचते हैं, तो यह इलेक्ट्रिक रूप से Debit कर दिए जाते हैं।

ट्रेडिंग एकाउंट

किसी भी शेयर को बेचना हो या फिर खरीदना हो उसके लिए Tranding अकाउंट की आवश्यकता पड़ती है।

दोस्तों इस अकाउंट को ओपन करने के बाद आपको एक यूजर id & password मिलता है, जिसके जरिए login कर आप Broker स्टॉक के सॉफ्टवेयर का उपयोग कर पाते हैं और शेयर्स को खरीदने या बेचने का आर्डर कर पाते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Trading तथा demat accounts को डिपॉजिटरीज भी कहा जाता है।

किसी शेयर को कैसे खरीदें?

तो दोस्तों जैसा कि आपने जाना जब आपको कोई शेयर खरीदना होता है तो आपको ट्रेडिंग अकाउंट का इस्तेमाल करना होगा! आप जिस शेयर को खरीद रहे हैं उस शेयर की न्यूनतम राशि आपके Trading अकाउंट में होनी जरूरी है।

तो दोस्तों जब आप ऑनलाइन या कॉल के माध्यम से ब्रोकर से शेयर खरीदने का ऑर्डर देते हैं, तो आपको इस दौरान निर्णय लेना पड़ता है कि आप उस शेयर को मार्केट रेट पर खरीदना चाहते हैं, या फिर लिमिटेड पर।

जो रेट वर्तमान समय में उस share का चल रहा होता है उसे मार्केट रेट कहते हैं, जबकि लिमिटेड रेट में आप बता सकते हैं कि इस रेट से अधिक होने पर आप उस शेयर को नहीं खरीदेंगे।

तो दोस्तों शुरुआत में सही शेयर का चुनाव करना जरूरी है।

शेयर कैसे बेचें?

दोस्तों जिस तरह आप शेयर खरीदते हैं ठीक उसके विपरीत शेयर बेचने की प्रक्रिया होती है।


क्योंकि जहां शेयर खरीदने के लिए ट्रेडिंग अकाउंट का उपयोग होता है वही शेयर को बेचने के लिए डिमैट अकाउंट का उपयोग होता है।

जैसे ही आप किसी को वह share बेचते हैं तो आपके डिमैट अकाउंट से वह share हट जाता है, और दो-तीन दिन के भीतर आपके बेचे गए शेयर की राशि बैंक में पहुंच जाती है। इस राशि में पहले ही ब्रोकरेज Cut कर लिया जाता है।

तो दोस्तों आज के इस लेख में इतना ही उम्मीद है, शेयर मार्केट के विषय पर आपको सभी महत्वपूर्ण जानकारी देने का मेरा यह प्रयास सफल रहा होगा! और आप जान गये होगे की शेयर मार्केट क्या है? कैसे काम करता है? फ़ायदे और नुक़सान क्या हैं? money invest कैसे करे? & all about Share Market In Hindi

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Hope की आपको शेयर मार्केट क्या है – What Is Share Market In Hindi? का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।

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