सिम कार्ड क्या है? – What Is Sim & E Sim In Hindi

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SIM CARD Kya Hai? – What Is Sim & E Sim In Hindi? दोस्तों अपने मोबाइल फ़ोन में सिम कार्ड का इस्तेमाल तो हम सभी करते है? पर और अब तो आपको कुछ smartphones में E SIM भी देखने को मिल जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि आख़िर सिम कार्ड होता क्या है? अगर नही! तो आज इस पोस्ट में डिटेल से जानिंगे की सिम कार्ड और E SIM क्या है? कब बना और किसने बनाया? उपयोग? फ़ायदे? E SIM कैसे Use करे? & All about Sim & E Sim In Hindi?

दोस्तों यदि में आपसे पूछुं की आपके स्मार्टफोन में कॉलिंग करने के लिए क्या होना चाहिए? तो आपका जवाब होगा एक सिम और उसमें बैलेंस होना चाहिए!


जी हाँ! परन्तु क्या आप जानते हैं की sim होती क्या है? और इसके कितने प्रकार होते हैं? e-sim क्या होता है? sim और के e-sim में क्या फर्क होता है? और सिम को पहली बार कब बनाया गया था? यदि आप अपने मोबाइल की sim से जुड़े इन सभी सवालों के जवाब पाना चाहते हैं! तो आपके लिए खुशी की बात है की आज के इस लेख में आपको सरल शब्दों में sim के बारे में अनेक जानकारियां दी जा रही हैं!

आज हम अपने मोबाइल में sim कार्ड की वजह से देश तथा विदेशों में आसानी से call कर पाते हैं! और इंटरनेट से कनेक्टेड रहने के लिए भी सिम कार्ड महत्वपूर्ण होता है हालाँकि आज हम घर में या ऑफिस wifi इंटरनेट का इस्तेमाल अपने डिवाइस में करते हैं परन्तु उसके अलावा हमें बाहर अधिकतर समय sim कार्ड का इस्तेमाल करना ही पड़ता है!

इसलिए एक मोबाइल यूजर को sim कार्ड के बारे में जानकारी जरूर होनी चाहिए! जिससे वह मोबाइल में उपयोग किये जाने वाले महत्वपूर्ण उपकरणों के बारे में अधिक गहराई से जान पाएं! उम्मीद है आपको यह पोस्ट जरूर पसंद आएगी।

अब तक विश्व में दो प्रकार के मोबाइल फोन आये जिनमें पहला GSM (ग्लोबल सिस्टम फ़ॉर मोबाइल) तथा दूसरा CDMA फोन!

GSM मोबाइल से वे होते हैं जिनमें मोबाइल सिम का इस्तेमाल होता है! तथा cdma मोबाइल वे होते हैं जिनमें सिम का इस्तेमाल नहीं होता है! हालाँकि कॉलिंग हम दोनों मोबाइल फोन की मदद से कर सकते हैं!

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सिम कार्ड क्या है? – What Is Sim In Hindi

अब हम सिम कार्ड की बात करें तो सिम कार्ड एक छोटा सा कार्ड होता है जिसमें चिप लगी होती है! तथा इसका इस्तेमाल करने के लिए अर्थात ऑन करने के लिए इसे मोबाइल में insert करना पड़ता है। तथा बिना सिम कार्ड के मोबाइल नेटवर्क से कनेक्ट नहीं हो सकता अतः यह कॉलिंग के लिए अत्यंत आवश्यक होता है!

एक सिम कार्ड को सब्सक्राइबर आईडेंटिटी माड्यूल के नाम से भी जाना जाता है! यह एक स्मार्ट कार्ड होता है जो GSM सेल्यूलर टेलीफोन सब्सक्राइबर्स के लिए डाटा स्टोर करता है! यह डाटा लोकेशन, फोन नंबर, पर्सनल सिक्योरिटी, कांटेक्ट लिस्ट तथा टेक्स्ट मैसेज के रूम में store किया जा सकता है! इसमें डाटा को सुरक्षा करने के लिए नोटिफिकेशन तथा इंक्रिप्शन आदि फीचर्स दिए जाते हैं

सिम कार्ड को एक फोन से दूसरे फोन में आसानी से स्विच किया जा सकता है! तथ सिम डाटा की पोर्टेबिलिटी कई सारे फायदे यूजर्स को देती है! उदाहरण के लिए यदि आपने नया मोबाइल लिया है तो आप आसानी से दूसरे मोबाइल में सिम को insert अटैच कर सकते हैं!

इसके अलावा यदि आपके फोन की बैटरी खत्म हो जाती है तो इस स्थिति में भी आप किसी दूसरे मोबाइल में अपने सिम कार्ड को insert कर अपने फोन नंबर को एक्सेस कर उसी सिम से अपनी कांटेक्ट लिस्ट को कॉलिंग अन्य व्यक्ति के मोबाइल से भी कर सकते हैं!

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दोस्तों अब यहां सवाल आता है कि सिम कार्ड कितने प्रकार के होते हैं?

सिम के प्रकार – Types Of SIM Card In Hindi

सिम कार्ड मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं! 

  1. Standard
  2. Micro
  3. Nano

1. Standard

स्टैंडर्ड सिम कार्ड वे सिम कार्ड होते हैं जिनका इस्तेमाल पुराने मोबाइल में किया जाता था और इनका साइज सबसे बड़ा होता है!

2. Micro

माइक्रो सिम कार्ड वे होते हैं जिनमें सिम कार्ड की चिप के बाहर एक्स्ट्रा प्लास्टिक लगा होता है! तथा इनका साइज स्टैंडर्ड सिम के साइज की तुलना में आधा होता है! कई स्मार्टफोन में आज भी इनका इस्तेमाल होता!

3. Nano

नैनो सिम अर्थात जिसका आकार काफी छोटा हो नैनो सिम माइक्रो सिम कार्ड का trimmed वर्जन है! नैनो सिम का इस्तेमाल iphone तथा अन्य स्मार्टफोन डिवाइस में होता है! हालाँकि सिम के यह तीनों प्रकार same साइज का डेटा स्टोर करते हैं.

अब आपको सिम कार्ड के बारे में तो पता चल ही गया होगा, चलिए अब देखते है कि आख़िर E Sim क्या है? और इसके फ़ायदे क्या है?

दोस्तों क्या आपने esim के बारे में सुना है? शायद नहीं क्योंकि e sim तकनीक को आये ज्यादा समय नहीं हुआ है! दोस्तों यहाँ हम आपको esim के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं क्योंकि apple द्वारा कुछ समय पूर्व लॉन्च किए गए iphone xs तथा iphone XS Max डिवाइस e-sim तकनीक सपोर्ट करते हैं!

अतः आने वाले समय मे आप अनेक स्मार्टफोन को लॉन्च होते देखें सकते हैं जिनमें esim सपोर्ट होता है! दोस्तों इसलिये सवाल आता है की आख़िर यह esim क्या है?

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E Sim क्या है? – What Is E Sim In Hindi

एक esim एक इलेक्ट्रॉनिक सिम कार्ड होता है! तथा जैसा कि नाम से पता चलता है कि यह अन्य प्लास्टिक कार्ड की तुलना में भिन्न होती है! esim मोबाइल डिवाइस में embeed अर्थात जुड़ी होती है! यह किसी डिवाइस में sim चिप के रूप में लगी होती है जिसे किसी नार्मल प्लास्टिक सिम कार्ड की तरह मोबाइल डिवाइस से हटाया नही जा सकता!

Esim को eUICC (embedded universal सर्किट बोर्ड) के नाम से भी जाना जाता है! यह सिम उन सभी सूचनाओं को संग्रहित करता है जो मोबाइल subsrciber को पहचानने तथा प्रमाणित करने के लिए जरूररी होता है!

यदि हम esim के इतिहास को देखें तो Apple पहली मैन्युफैक्चरिंग कंपनी थी जिसने यूनाइटेड स्टेट्स में पहली बार ipad में e sim तकनीक का प्रयोग किया!! तथा उसके बाद ई-सिम को apple watch तथा googls pixel2 में भी देखा गया!

दोस्तो भविष्य में e-sim का इस्तेमाल अनेक डिवाइस में आप देख सकते हैं! इसलिए हमें इस नई जनरेसन के सिम कार्ड के फायदे तथा नुकसान के बारे में जानना बेहद जरूरी है.


SIM Ka Full Form Kya Hai?

Subscriber Identification Module

E SIM Ka Full Form Kya Hota Hai?

electronic SIM

What Is The Full Form Of GSM In Hindi?

Global System for Mobile

CDMA Ka Full Form?

Code Division Multiple Access

E Sim के फ़ायदे – Benefits Of E-Sim In Hindi

E- सिम का मुख्य फायदा यह होगा कि यूज़र्स आसानी से बिना फिजिकल सिम कार्ड को बदले preferred network को सेलेक्ट कर सकते हैं!

इसके अलावा यह एक राज्य से दूसरे राज्य तथा अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भी मददगार साबित होगा जिसमें उन्हें सिम कार्ड को बदलने की या अन्य विदेशी सिम कार्ड का इस्तेमाल करने के लिए अलग से दूसरे दूसरा फोन को ले जाने की आवश्यकता नहीं होगी!

मान लीजिए यदि कोई यात्री विदेश में तो वहां वहाँ के सिम store को ढूंढने की जगह मात्र कुछ सेटिंग में ई-सिम के जरिये नेटवर्क में बदलाव किया जा सकता है!

ई-सिम को बेहतर तरीके से डिजाइन तथा अधिक क्षमता तथा इसमें water resistance आदि सुविधाओं दी जाएंगी ! तथा हार्डवेयर निर्माताओं के लिए एक बेहतरीन गैजेट डिवाइस बनाने का विकल्प होगा!

इसके अलावा ई-सिम में 2 से अधिक मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया जा सकेगा ! जिससे यूजर्स अपने पर्सनल तथा बिजनेस फोन नंबर को अलग कर सकते हैं! तथा आवश्यकतानुसार किसी एक नंबर को स्विच ऑफ कर सकते हैं!

इसके साथ ही सिम में रिस्क की मात्रा कम हो जाएगी क्योंकि यदि मान लीजिए आपका सिम कार्ड खो जाता है या आपका मोबाइल फोन खो जाता है तो उस सिम को आपकी डिवाइस से निकाला नहीं जा सकता! अतः फ़ोन को ई-सिम के जरिये track किया जा सकता है तथा इससे आपका डाटा वापस आ सकता है!

चोरी हुआ मोबाइल कैसे ढूंढे गूगल की मदद से उसकी पूरी जानकारी यहाँ है।

अब हम बात करते ही सिम के नुकसान के बारे में! भले ही ई- सिम सुरक्षित है तथा इसे re-प्रोग्राम किया जा सकता है! लेकिन ई-सिम को host करने वाले cloud को हैक किया जा सकता है! तथा दूसरी बात इसे डिवाइस से निकाला नहीं जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर यह सिक्योरिटी के लिए सही नही है!

ई सिम तकनीक का इस्तेमाल करना वर्तमान समय में सभी मोबाइल कंपनियों के लिए आसान नहीं होगा इसके अलावा कई सारे विभिन्न देशों में कहीं सारे स्मार्टफोन यूजर्स के लिए ई- सिम तकनीक को अपनाना आसान नहीं रहेगा! इसलिए अभी हम बात करें तो इस तकनीक को अपनाने की तो यूजर्स के लिए प्लास्टिक अर्थात sim कार्ड के मुकाबले थोड़ा कठिन होगा!!

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सिम का इतिहास – History Of Sim Card In Hindi

1991 में सिम कार्ड को लांच किया गया तथा उस समय सिम कार्ड का आकार क्रेडिट कार्ड की तरह था! हालांकि उसके बाद कई सारे अपडेट्स तथा पुनरावृत्ति हुई जिनसे सिम के साइज को कम किया जा सके!

सिम का विकास GSM (ग्लोबल सिस्टम ऑफ मोबाइल कम्युनिकेशन) के इतिहास के साथ बेहद करीबी से जुड़ा हुआ है!

सिम कार्ड GSM मोबाइल नेटवर्क का बेहद जरूरी भाग है! जिनमें प्रमाणीकरण हेतु ऑथेंटिकेशन के लिए यूजर इनफॉरमेशन सेव होती है! अतः इस प्रकार आपके मोबाइल को GSM नेटवर्क से कनेक्ट करता है ताकि आपके फोन में text, मैसेज, कॉल मिनट, डाटा यूसेज को ट्रैक किया जा सके! तथा आपको एक सही मोबाइल बिल भेजा जा सके!

वर्तमान समय में GSM स्टैंडर्ड यूरोप ,एशिया, अफ्रीका एशिया जैसे महाद्वीपों के लिए एक स्टैंडर्ड नेटवर्क बन चुका है! तथा संक्षेप में कहें तो जब आपके मोबाइल में नेटवर्क की बात आती है तो सिम कार्ड को आपके डिवाइस का दिमाग कहा जा सकता है!!

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Sim Card और E-Sim में अंतर?

दोस्तों सामान्य सिम कार्ड या प्लास्टिक सिम कार्ड अलग अलग साइज में उपलब्ध होते हैं! स्टैंडर्ड सिम कार्ड जिनका पुराने मोबाइल फ़ोन अर्थात कीपैड मोबाइल्स में इस्तेमाल होता था तथा आज भी होता है! और उसके बाद माइक्रो सिम कार्ड जिनका साइज स्टैंडर्ड सिम से छोटा (15mm x 12mm) होता है!

इसके अलावा नैनो सिम जिसका माइक्रो सिम तुलना में कम (12.3mm x 8.8mm) होता है! दोस्तों सामान्यतः आपने इन तीनों प्रकार के सिमों का इस्तेमाल किया या देखा होगा!

अब हम बात करें यदि ई-सिम की तो सामान्यतः सिम कार्ड की तरह नहीं होता अर्थात हम इसको अपने डिवाइस से रिमूव नहीं कर सकते! अर्थात इसे ना तो insert और न ही remove करने की आवश्यकता होती है! तथा चूँकि यह वर्चुअल सिम होती है इसलिए सिम कार्ड को खरीदने के लिए किसी स्टोर पर जाने की आवश्यकता नहीं है!

इसके साथ ही ई-सिम में आपको माइक्रो तथा नैनो सिम के साइज को अपने डिवाइस के अनुसार कट करने की आवश्यकता नहीं होती! इसके साथ ही E-sim का आकार भी काफी छोटा होता है जिस वजह से नॉर्मल सिम कार्ड की तुलना में यह डिवाइस को काफी पतला बना देता है!

अतः ई-sim तकनीक आने के बाद जब आप एक नया मोबाइल खरीदने जाएंगे तो अब आपको उसी मोबाइल में सिम लगी दिखाई देगी! इसलिए आपको अलग से सिम कार्ड खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी

उम्मीद है की अब आपको सिम कार्ड और ई – सिम से जुड़ी पूरी जानकारी मिल चुकी होगी, और अब आप जान गये होगे की सिम कार्ड और E SIM क्या है? कब बना और किसने बनाया? उपयोग? फ़ायदे? E SIM कैसे Use करे? & All about Sim & E Sim In Hindi?

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Hope की आपको सिम कार्ड क्या है? – What Is Sim & E Sim In Hindi? का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।

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