स्विच क्या है और इसके प्रकार – What is Switch in Hindi

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दोस्तों आपने स्विच का नाम तो बहुत बार सुना होगा, लेकिन अगर आप स्विच के बारे में थोड़ा डिटेल में जानना चाहते हो तो आज इस पोस्ट में हम जानिंगे की स्विच क्या है? (What is Switch in Hindi) कैसे काम करता है? इसके फ़ायदे? इसके प्रकार? All about Switch in Hindi?

अगर आप अपना अधिकतर काम कंप्यूटर से करते हैं या आप कंप्यूटर के विषय में पूरी जानकारी पाना चाहते हैं? व कंप्यूटर कैसे काम करता हैं? यह जानना चाहते हैं, तो आप को स्विच के बारे में जरूर पता होना चाहिये।


यह एक ऐसा टॉपिक है जिसके बारे में कुछ ही लोगो को पता है और जिन लोगो को इसके बारे में पता है उन्हें भी इसकी पूरी जानकारी नहीं हैं। तो चलिये जानते हैं, स्विच क्या है? (What is Switch in Hindi) कैसे काम करता है? आप को इस टॉपिक के बारे में पूरी जानकारी देना हमारा एक मात्र उद्देश्य हैं।

Switch का दूसरा नाम नेटवर्क स्विच हैं अगर आप को नेटवर्किंग के बारे में बुनियादी जानकारी चाहिए तो आप को स्विच के बारे में जरूर जानना चाहिये।

स्विच क्या है – What is Switch in Hindi

स्विच एक नेटवर्किंग डिवाइस हैं, इसे इंटेलीजेंट डिवाइस के नाम से भी जाना जाता हैं स्विच को जानने से पहले एक बार नेटवर्क को जान लेना चाहिए। जब किसी डिवाइस के जरिये एक कंप्यूटर को एक या एक से अधिक कंप्यूटर या हार्डवेयर डिवाइस जैसे प्रिंटर, फोन, कैमरा, लाइट, सर्वर से जोड़ा जाता हैं और इस डिवाइस के जरिये डाटा main कंप्यूटर से दूसरे डिवाइस में शेयर करते हैं तो इसे नेटवर्क कहा जाता हैं।

जिस डिवाइस के जरिये main कंप्यूटर को दूसरे डिवाइस से जोड़ा जाता हैं तो उसे swich कहते हैं यह एक hub की तुलना में ज्यादा identical होता हैं साथ ही ज्यादा advance भी होता हैं।

Switch का इस्तेमाल ज्यादातर LAN नेटवर्क में किया जाता हैं LAN नेटवर्क में एक कंप्यूटर को दूसरे कंप्यूटर या डिवाइस से कनेक्ट करने के लिये कई स्विच की जरूरत पड़ती है, स्विच का प्रयोग छोटे बड़े सभी प्रकार के नेटवर्क को जोड़ने के लिए होता हैं। यह एक Networking hardware के तरह काम करता हैं, इसे bridging hub भी कहा जाता हैं क्योंकि यह दो डिवाइस के बीच bridge का काम करता हैं।

LAN नेटवर्क को तैयार करने के लिये लोग नेटवर्क केबल का इस्तेमाल करते हैं और एक कंप्यूटर से दूसरे डिवाइस को इन केबल्स से जोड़ने के लिये वे स्विच का प्रयोग करते हैं इन डिवाइस को जोड़ने के लिये एक ख़ास IP Address का प्रयोग किया जाता हैं जिससे इन डिवाइस के बीच डाटा शेयरिंग व कम्युनिकेशन आसानी से हो सके।

स्विच कैसे काम करता है?

ये तो हम ने जान लिया कि स्विच क्या है? चलिये अब यह जानते हैं कि आखिर स्विच काम कैसे करता हैं? और यूँ कहे कि स्विच का काम क्या हैं?

जब हम स्विच का इस्तेमाल कर किसी नेटवर्क को तैयार करते हैं यानि एक मुख्य कंप्यूटर से अन्य डिवाइस को केबल से जोड़ते हैं तब मुख्य कंप्यूटर जो इनफार्मेशन दूसरे डिवाइस को भेजता हैं वह इनफार्मेशन स्विच के जरिए ही दूसरे डिवाइस में पहुँचती हैं।

पर स्विच इन इनफार्मेशन को कभी ब्रॉडकास्ट नहीं करता क्योंकि स्विच में इनफार्मेशन स्टोर करने का अपना खुद का space होता हैं, जहाँ पर स्विच इन इनफार्मेशन को स्टोर रखता हैं जैसे ही मुख्य कंप्यूटर द्वारा स्विच में कोई इनफार्मेशन आती हैं तो स्विच उसे चेक करता हैं!

और फिर इन इनफार्मेशन को IP एड्रेस या फिजिकल एड्रेस के मदद से दूसरे डिवाइस में भेजता हैं इन devices के सारे IP एड्रेस पहले से ही स्विच में स्टोर रहते हैं इसीलिए इनफार्मेशन चेक करने के बाद स्विच डायरेक्टली इनफार्मेशन को devices में भेज देता हैं इससे नेटवर्क की speed काफी हद तक बढ़ जाती हैं साथ ही नेटवर्क में किसी तरह का कोई ट्रैफिक भी नहीं रहता। स्विच का अपना half/full duplex transmission mode होता हैं।

अब आप सोच रहे होंगे कि यह half or full duplex transmission mode क्या होता हैं? और एक स्विच में यह mode कैसे काम करता हैं?

Half duplex transmission mode में स्विच एक समय पर सिर्फ एक ही काम कर सकता हैं मतलब एक समय पर स्विच या तो इनफार्मेशन को मुख्य कंप्यूटर से रिसीव सकता हैं या फिर पहले से स्टोर इनफार्मेशन को दूसरे डिवाइस में भेज सकता हैं पर Full duplex transmission mode में स्विच एक ही समय पर इनफार्मेशन मुख्य कंप्यूटर से रिसीव भी कर सकता हैं और उसे दूसरे डिवाइस में भेज भी सकता हैं।

Switch IP Address or Mac Address Ko Kaise Store Karta Hai?

आप के मन में यह सवाल आ सकता हैं कि स्विच IP एड्रेस, जिसे mac एड्रेस भी कहते हैं उसे कैसे स्टोर करता हैं तो चलिए स्विच के mac एड्रेस को स्टोर करने का तरीका  देखते हैं!

जब पहली बार स्विच को किसी नेटवर्क में जोड़ा जाता है या set up किया जाता हैं तब उसमें किसी भी तरह का कोई IP एड्रेस मौजूद नहीं होता ऐसे में जब कोई host यानि मुख्य कंप्यूटर किसी दूसरे host को इनफार्मेशन सेंड करता हैं तब source host का mac एड्रेस स्विच अपने टेबल में पोर्ट नम्बर के साथ स्टोर कर लेता हैं।

पर रिसीवर की कोई जानकारी न होने के कारण यानि दूसरा होस्ट जो इस इनफार्मेशन को रिसीव करने वाला हैं उसकी जानकारी न होने के कारण स्विच इस इनफार्मेशन को सभी होस्ट को send कर देता हैं इसी तरह जब कोई दूसरा होस्ट इनफार्मेशन send करता हैं तब उस होस्ट का mac एड्रेस और पोर्ट नम्बर स्विच के टेबल में स्टोर हो जाता हैं।

इस तरह सभी होस्ट के mac एड्रेस और पोर्ट नम्बर को स्टोर कर स्विच अपना टेबल बिल्ड कर लेता हैं जिससे बाद में जब कोई host कोई इनफार्मेशन सेंड करता हैं तब स्विच इनफार्मेशन को सभी होस्ट में न भेज कर सिर्फ रिसीवर होस्ट को ही भेजता हैं।

HUB Ko Switch Se Kyu Replace Kiya Gya?

स्विच के बारे में जानने के बाद शायद आप के मन में यह सवाल आ सकता हैं कि Hub को switch से रिप्लेस क्यों किया गया ? तो चलिए इसके पीछे के कारण को जानते हैं।

जब किसी नये यूजर को नेटवर्क में जोड़ा जाता हैं या किसी बहुत ही खास व जटिल एप्लीकेशन को तैयार करने के लिए नेटवर्क बनाया जाता हैं तब उस समय नेटवर्क में इनफार्मेशन या यूँ कहे कि डाटा ट्रांसफर करने के लिये भी बाउंडरी सेट की जाती हैं पर ऐसा भी होता हैं कि हमे बाउंडरी से ज्यादा डाटा ट्रांसफर करने की जरूरत पड़ सकती हैं जिसके कारण जब उस नेटवर्क से
Excess डाटा ट्रांसफर होता हैं तब नेटवर्क slow हो जाता हैं और नेटवर्क में ट्रैफिक प्रॉब्लम भी हो जाती हैं ये परेशानी ज्यादातर Hub में देखने को मिलती थी इसीलिए हब को switch से रिप्लेस कर दिया गया।

स्विच के प्रकार – Types Of Switch In Hindi

अलग अलग तरह के कंप्यूटर नेटवर्क को बनाने के लिये अलग अलग तरह के स्विच का प्रयोग किया जाता हैं यह स्विच ज्यादातर 5,8,16,24,28 और 32 के पोर्ट में इस्तेमाल किये जाते हैं इन सभी स्विच में से managed और unmanaged स्विच प्रमुख हैं।

अलग अलग स्विच को उनके काम करने के तरीके के मुताबिक प्रयोग में लाया जाता हैं अगर आप छोटा नेटवर्क बना रहे हैं तो 5 या 8 के 100 Mbps से ही काम बन जाता हैं पर अगर नेटवर्क बड़ा है या नेटवर्क पर ज्यादा मॉनिटर या कंट्रोल रखने की जरूरत हैं तो 1Gbps या उससे भी ज्यादा वाले managed switch को प्रयोग में लाया जाता हैं, चलिये अब देखते हैं कि ये स्विच कितने तरह के होते हैं।


Switch मुख्यतः 4 तरह के होते हैं.


1. Unmanaged Switch:

इस तरह के स्विच में ज्यादातर सारे configuration पहले से ही किये हुए रहते हैं इसमें किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जा सकता इस तरह के स्विच का प्रयोग ज्यादातर छोटे नेटवर्क जैसे ऑफिस व घरों में किया जाता हैं जहां सारे डिवाइस एक दूसरे से डायरेक्टली जुड़े हुये होते हैं आप कंप्यूटर के साथ प्रिंटर के कनेक्शन को ही देख सकते हैं।

2. Managed Switch:

जैसा कि आप नाम से ही समझ सकते हैं कि इस स्विच के जरिए हम नेटवर्क को अपने मन मुताबिक मैनेज कर सकते हैं इस तरह के स्विच का प्रयोग मुख्यतः बड़े corporation में किया जाता है जहाँ LAN नेटवर्क में पूरी तरह नियंत्रण करने की जरूरत पड़ती हैं और जहाँ लोग अपने कामों व डिपार्टमेंट के हिसाब से एक LAN नेटवर्क में दूसरे कई LAN नेटवर्क भी तैयार किये जा सकते है कीमत की बात करे तो ये स्विच unmanage switch की तुलना में ज्यादा महंगे होते हैं।

3. POE Switch:

POE का पूरा नाम Power Over Ethernet हैं इस तरह के स्विच का प्रयोग अधिकतर कैमरा व acess पॉइंट को जोड़ने के लिए किया जाता हैं इस प्रकार की स्विच की सबसे खाश बात ये होती हैं कि यह नेटवर्क को जोड़ने के साथ साथ पॉवर देने का भी काम करता है अगर एक नेटवर्क से कई सारे कैमरा व acess point जुड़े हुए हैं तो इन्हें कनेक्ट करने के लिए अलग से केबल की जरूरत नहीं पड़ेगी LAN नेटवर्क से यह आसानी से जुड़ सकते हैं POE switch आप को managed एवं unmanaged दोनों ही फॉर्म में मिलेंगे।

4. Stackable Switch:

यह स्विच एक तरह से अपने आप में fully completed हैं इन स्विच का अधिकतर प्रयोग एक एक से ज्यादा स्विच को एक unit में बदलने व कंट्रोल करने के लिए किया जाता हैं जब एक नेटवर्क में दो या दो से अधिक स्विच मौजूद होते हैं तो उन्हें एक यूनिट में बदलने के लिए इस तरह के स्विच का प्रयोग किया जाता हैं यह स्विच पूर्णतः Managed switch हैं।

स्विच क्या है? यह तो आप जान ही गये हो, चलिए अब स्विच के फ़ायदे और नुक़सान के बारे में देखते हैं।

स्विच के लाभ – Benefits Of Switch In Hindi

अगर स्विच के फायदे की बात करे तो आप को स्विच के अनेक फायदे देखने को मिलेंगे स्विच के कई बेनिफिट में से कुछ बेनिफिट हम आप को नीचे बताने वाले हैं –

  • इसका इस्तेमाल नेटवर्क स्पीड को बढ़ाने के लिए किया जाता हैं।
  • स्विच के मदद से source host कंप्यूटर के वर्कलोड को कम किया जाता हैं।
  • स्विच के मदद से नेटवर्क के परफॉरमेंस को काफी बूस्ट मिलता हैं
  • ये hub के तुलना में ज्यादा intelligent व advance होते हैं।
  • Switch नेटवर्क को कंट्रोल कर नेटवर्क के ट्रैफिक को स्मूथ करता हैं।

स्विच की कमियां?

  • जहां स्विच के आप को अनेक फायदे देखने को मिलते हैं वही इसके कुछ कमियाँ भी हैं जिनमे से कुछ नीचे बताया गया हैं –
  • अगर कीमत की बात करे तो दूसरे नेटवर्क bridge की तुलना में ज्यादा महंगे होते हैं।
  • अगर कभी किसी तरह का कोई नेटवर्क issue होता हैं तो उसे ट्रेस करना बहुत ही मुश्किल होता हैं।
  • स्विच के जरिये किसी भी नेटवर्क को hack करना आसान हो जाता हैं जिससे डाटा चोरी होने का डर हमेशा बना रहता हैं।
  • स्विच शुरुआत में डाटा को सारे होस्ट को पॉडकास्ट कर देता हैं जिससे कि source होस्ट को बाद में परेशानी उठानी पड़ती हैं।

How to Create a LAN Network by yourself?

LAN नेटवर्क बनाना कोई मुश्किल काम नही हैं आप खुद अपना LAN नेटवर्क तैयार कर सकते हैं अपना LAN नेटवर्क खुद बनाने के लिए आप को कुछ steps फॉलो करने पड़ेंगे –

  • LAN नेटवर्क तैयार करने के लिए आप LAN cable का इंतज़ाम कर ले।
  • फिर आप एक पर्टिकुलर लोकेशन सोच लीजिए जहाँ आप अपना switch रखना चाहते हैं।
  • Power point का इंतज़ाम कर लीजिए जहाँ से आप के स्विच को पावर मिलेगी।
  • फिर हर कंप्यूटर के दूरी के हिसाब से केबल तारों को काट लीजिये।
  • फिर इन तारो के दोनों छोर पर RJ – 45 लगाकर इसे LAN टेस्टर से चेक कर लीजिए।
  • फिर इन केबल तारों के एक सिरे को स्विच के और दूसरे स्विच को कंप्यूटर के LAN पोर्ट से जोड़ दीजिये।
  • अब आप को अपने सभी कंप्यूटर में IP address डालना होगा आप को सभी कंप्यूटर में एक तरह के IP address डालने हैं जैसे : 162.194.1.2…5.
  • IP address डालने से सारे कंप्यूटर LAN नेटवर्क से जुड़ जायेंगे।

दोस्तों मैं आशा करता हूँ कि आप को यह आर्टिकल पसन्द आया हो और इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप को स्विच व इससे जुड़ी सभी जानकारियाँ मिल गई होंगी अगर आप को ये आर्टिकल पसन्द आया हो तो आप इसे अपने दोस्त के साथ शेयर कीजिये।

उम्मीद है की अब आपको स्विच से जुड़ी पूरी जानकारी मिल चुकी होगी, और आप जान गये होगे की स्विच क्या है? (What is Switch in Hindi) कैसे काम करता है? इसके फ़ायदे? इसके प्रकार? All about Switch in Hindi?

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Hope की आपको स्विच क्या है और इसके प्रकार – What is Switch in Hindi? का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।


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