टीवी का आविष्कार किसने किया और कब किया?


टीवी का आविष्कार किसने किया और कब किया? आज के समय में दौड़ भाग वाली जिंदगी से हम सभी को बहुत ज्यादा थकान होती है और इस वजह से हमारे अंदर चिड़चिड़ापन और गुस्सा आ जाता है। कई बार ऐसा होता है कि हम अपनी समस्याओं को दूसरों को बता नहीं सकते और ऐसे में हमें अकेलापन महसूस होता है। इस अकेलेपन और गुस्से से निपटने के लिए हम सभी मनोरंजन का सहारा लेते हैं और अपना मूड अच्छा बनाते हैं.

टीवी का आविष्कार किसने किया और कब किया? मनोरंजन की अगर बात की जाए तो सबसे पहले हमारे दिमाग में टीवी का नाम आता है जिसे देखकर हम तरोताजा महसूस करते हैं और अपने दिन को कहीं ज्यादा बेहतर बना पाते हैं। ऐसे में आज हम आपको टीवी के आविष्कार तथा इस उपकरण के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे ताकि आप भी इसके माध्यम से नई जानकारियों को हासिल कर सकें। 

तो चलिए फिर देखते हैं की आख़िर टीवी क्या है? और टीवी का आविष्कार किसने किया और कब किया?


टीवी क्या है? 

टीवी को विस्तार से हम सभी टेलीविजन के नाम से जानते हैं। टेलीविजन या टीवी का मतलब होता है दूर की वस्तु को पास से देखना। टीवी के माध्यम से हम विद्युत चुंबकीय तरंगों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के चलचित्र और दृश्यों को देखकर नई जानकारियां हासिल कर सकते हैं।

इसके माध्यम से हम कई प्रकार के फिल्म, सीरियल, कार्टून देख कर खुद का मनोरंजन करते हैं साथ ही साथ अच्छी बातों को सीख कर भी आगे बढ़ा जा सकता है। इसे एक मशीन के रूप में जाना जाता है जो हमारे नियंत्रण में चलता है।

टीवी शब्द का अर्थ क्या है?

जैसा कि हमें पता है टीवी को विस्तार में टेलीविजन कहा जाता है। यह मुख्य रूप से ग्रीक शब्द “Tele “और लैटिन शब्द “vision” से मिलकर बना हुआ है जिससे मुख्य रूप से दूर दृष्टि या दूरदर्शन  माना जाता है। 

टीवी का आविष्कार किसने किया?

टीवी का आविष्कार 1925 में अमेरिका के वैज्ञानिक जॉन लोगी बेयर्ड द्वारा किया गया था। शुरुआत में उन्होंने टीवी के अंदर उन मुख्य गुणों को डाला था जिसके अंतर्गत नए कार्य क्षमता का विकास किया गया और इसके अंतर्गत नए-नए प्रयोगों को करते हुए मानव हित में बनाया गया था।

इसके पहले ही Philo Farnsworth नामक वैज्ञानिक ने ब्लैक एंड व्हाइट टीवी की शुरुआत की थी।

भारत में टीवी की शुरुआत कब हुयी?

जैसे-जैसे समय बीतता चला गया वैसे-वैसे भारत में भी टीवी की शुरुआत  हुई। ऐसे में 15 सितंबर 1959 को दिल्ली में दूरदर्शन केंद्र की सबसे पहले स्थापना की गई, जिसके अंतर्गत कई सारे कार्यक्रमों को चलाया गया और भारतीय दर्शकों को उनका मनोरंजन दिया गया। 


इसके अलावा सबसे पहले भारत में दूरदर्शन को चलाया गया था लेकिन शुरुआत में उसका नाम “टेलीविजन इंडिया” रखा गया था।  दूरदर्शन के चैनल में 1982 में एशियाई खेलों का भी प्रसारण किया गया था जिसे लोग घर बैठकर देख सकते थे। दूरदर्शन चैनल के पहले एंकर शैलेंद्र शंकर थे। 

टीवी के प्रकार?

टीवी के कुछ मुख्य प्रकार हैं जिनकी हम आपको विस्तृत से जानकारी देने वाले हैं;

प्रत्यक्ष दृश्य टीवी — यह एक मुख्य मूल टीवी का प्रकार है, जो एक कैथोड किरण ट्यूब के माध्यम से कार्य करती है। यह लगभग 40 इंच में होती है और जो लगभग सभी प्रकार के कोणों पर कार्य करते हैं और अन्य टीवी की तुलना में इसकी कीमत कम होती।  इसमें आपको अच्छी क्वालिटी मिल जाती है और यह लंबे समय तक चलने वाला टीवी होता है।

डिजिटल लाइट प्रोसेसिंग टीवी — इसे भी मुख्य रूप में देखा जाता है, जहां डिजिटल रूप से प्रकाश को संसाधित करने की क्षमता के साथ कार्य किया जाता है। आज के समय में इसका कुछ कम उपयोग होता है जिसमें लगभग 10 लाख से अधिक दर्पण स्थित होते हैं और जो किसी भी प्रोग्राम को सही तरीके से संचालित कर पाते हैं।

तरल क्रिस्टल डिस्प्ले [ एलसीडी ] — यह मुख्य रूप से फ्लैट टीवी के नाम से भी जाने जाते  इसके माध्यम से सुविधाजनक रूप से किसी भी कार्यक्रम को देखा जा सकता है। आजकल ज्यादातर इस टीवी का इस्तेमाल किया जाता है।  जब भी एलसीडी टीवी की खरीदारी की जाती है तो हमेशा उसके स्क्रीन साइज को देखने की आवश्यकता होती है ताकि किसी प्रकार की दिक्कत ना हो और आप आसानी के साथ अपनी आंखों को आराम देते हुए टीवी का भरपूर मजा ले सकें।

प्लाज्मा डिस्पले पैनल [ पीडीपी] — इसे भी फ्लैट टीवी के रूप में देखा जाता है जहां शानदार तस्वीर पेश की जाती है। यह वजन में हल्का होता है और इसके माध्यम से  तस्वीरों को सही स्थिति में दिखाया जा सकता है।   यह भी माना जाता है कि इसके उपयोग से आंखों को कम नुकसान होता है।  प्लाजमा टीवी की आयु बहुत लंबी होती है और एक बार खरीद लेने पर आसानी से ही उपयोग किया जा सकता है। 

टीवी का मुख्य कार्य

आज हम आपको टीवी के मुख्य कार्य के बारे में जानकारी देंगे–

1] शिक्षा संबंधी कार्य — टीवी का मुख्य कार्य शिक्षा को बढ़ावा देना है जिसके माध्यम से लोग टीवी को देखते हुए कई प्रकार  से शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।  जिसके माध्यम से समाज में चल रही और आसपास होने वाली प्रतिक्रियाओं के बारे में भी शिक्षा हासिल किया जा सकता है। 

2] जागरूकता कार्य —- आज के समय में हमें जागरूक होने की आवश्यकता है जहां हम एक अच्छे नागरिक होने का फर्ज निभा सके। ऐसे में टीवी के माध्यम से भी हमें जागरूक हो सकते हैं और लोगों के बीच में जागरूकता फैलाया जा सकता है। ऐसे में समाज में चल रही बुराइयों को भी दूर करने के लिए टीवी हमें प्रेरित करता है साथ ही साथ इस प्रकार की किसी भी दुर्भावना को दूर करने के बारे में सोचा जा सकता है।

3] मनोरंजन संबंधी  कार्य — टीवी के मुख्य कार्यों में से मनोरंजन प्रदान करना भी है जिसके माध्यम से देश की जनता को किसी भी प्रकार की जानकारी मनोरंजन के माध्यम से दिया जा सके। मनोरंजन के माध्यम से दर्शकों को विभिन्न प्रकार के नाटक, फिल्म, संगीत, कार्टून, सीरियल  दिखाया जा सकता है और लोगों को एक  स्वच्छ  मनोरंजन दिया जा सकता है।

4] सूचना संबंधी कार्य — अगर समाज में किसी प्रकार की सूचना को प्रसारित करना है, ऐसे में टीवी सबसे अच्छा माध्यम साबित होता है। इसकी मदद से सूचना, जानकारियां और समाचार को लोगों तक आसानी के साथ पहुंचाया जा सकता है जिससे हर प्रकार की सूचना संबंधी खबरों को  लोग आसानी से समझ सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं।

टीवी में आने वाले कार्यक्रमों के लिए विशेष लेखन-

टीवी में हम कई सारे कार्यक्रम देखते हैं जिनमें हम अपने पसंद के अनुसार देखना पसंद करते हैं। जैसे-जैसे टीवी का विस्तार हो रहा है वैसे-वैसे  टीवी में आने वाले कार्यक्रमों में विशेष लेखन का वर्गीकरण किया जाता है जिसके माध्यम से और भी ज्यादा जानकारी हासिल की जा सकती है।

1] शैक्षणिक कार्यक्रम — जिसके अंतर्गत शिक्षा संबंधी कार्यक्रमों का विस्तार किया गया और आने वाले समय में भी इसे और भी ज्यादा बढ़ाए जाने की उम्मीद की जा रही है।

2] सूचना कार्यक्रम — इसके माध्यम से देशवासियों को किसी विशेष जानकारी के बारे में सूचना दी जाती है ताकि उन्हें भी जागरूक किया जा सके।

3] प्रेरक कार्यक्रम — इसके माध्यम से लोगों को प्रेरित करने के कार्यक्रम चलाए जाते हैं ताकि हर नागरिक आगे बढ़कर विकास कर सके।

4] खेल कार्यक्रम — इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को खेल के बारे में जानकारी दी जाती है ताकि लोगों को इसके बारे में  सही और सटीक जानकारी हासिल हो सके।

5] मनोरंजन कार्यक्रम — इसके अंतर्गत उन कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी जाती है, जो मनोरंजन संबंधी होते हैं और जिसके माध्यम से लोग आगे बढ़कर जागरूक हो सकते हैं और नई नई चीजों  को  सीख सकते हैं। 

टीवी कार्यक्रम की प्रस्तुति 

जब भी किसी टीवी कार्यक्रम की प्रस्तुति तैयार की जाती है, तो इसके लिए कई प्रकार की तैयारियां होती हैं जिसके मद्देनजर लोगों को बात समझाई जा सके और किसी भी प्रकार की दिक्कत ना हो पाए।  ऐसे में कुछ मुख्य बातों को ध्यान रखा जाता है जिसके माध्यम से प्रस्तुति को सही और सटीक बनाया जा सके।


  1. प्रस्तुतीकरण पर ध्यान  दिया जाता है।
  2. दृश्य पक्ष की ओर ध्यान  दीया जाता है।
  3. तकनीकी पक्ष की ओर ध्यान  देना आवश्यक माना जाता है।
  4. कार्यक्रम की प्रस्तुति पर भी ध्यान दिया जाता है। 

टीवी संबंधी कुछ रोचक तथ्य 

हम सभी टीवी के बारे में जानकारी रखते हैं लेकिन कभी-कभी हम उनके बारे में अंदरूनी जानकारी नहीं रखते। ऐसे में आज हम आपको टीवी से संबंधित कुछ मुख्य जानकारी देने जा रहे हैं।

  1. ऐसा माना जाता है कि शुरुआत के दिनों में टेलीविजन या टीवी को “बुद्धू बक्से” के नाम से जाना जाता था।
  2. हर साल 21 नवंबर को “वर्ल्ड टेलिविजन डे” मनाया जाता है।
  3. टेलीविजन का पहला रिमोट कंट्रोल रॉबर्ट एडलर ने 1956 में बनाया था।
  4. 1990 के बाद से ही टेलीविजन  मैं कई प्रकार के बदलाव किए गए जिसके द्वारा टेलीविजन की क्वालिटी में बहुत ज्यादा फर्क पड़ा था।
  5. दुनिया का सबसे बड़ा  टीवी ब्रिटिश कंपनी “टाइटन” के द्वारा बनाया गया था जो लगभग 370 इंच का था।
  6. 1933 मैं सप्ताह में दो बार टीवी पर  प्रोग्राम आने की शुरुआत की गई थी ।
  7. 2009 के आंकड़ों के अनुसार दुनिया में करीब 78% घरों में कम से कम एक टीवी सेट जरूर होता था।

टीवी के मुख्य लाभ 

  1. इसके माध्यम से अच्छा मनोरंजन हासिल किया जा सकता है।
  2. अगर आपके पास खाली समय है, ऐसे में टीवी के माध्यम से  खाली समय व्यतीत किया जा सकता है।
  3. विश्व भर की जानकारी हमें टीवी के माध्यम से हो पाती है।
  4. टीवी के माध्यम से ही हम अपने ज्ञान को ज्यादा से ज्यादा फैला सकते हैं और उन्हें बढ़ा भी सकते हैं।
  5. समाज में फैली कई प्रकार की कुरीतियों को टीवी के माध्यम से प्रसारित किया जाता है और इस वजह से हम जागरूक होकर अपना कार्य कर सकते हैं ताकि समाज में अच्छी भावनाएं विकसित हो सके।
  6. कहीं ना कहीं टीवी के माध्यम से हमारा आइक्यू लेवल बढ़ता है और हम खुद का विकास कर पाने में सक्षम हो पाते हैं।

टीवी से हानि

टीवी के माध्यम से हम कई प्रकार के अच्छी बातें सीख सकते हैं लेकिन इससे हमें कई प्रकार की हानियां भी होती हैं।

  1. ज्यादा टीवी देख लेने से हमारी आंखों पर विपरीत असर हो सकता है।
  2. लगातार टीवी देखने से हमारा दिमाग थक जाता है, ऐसे में चिड़चिड़ापन और गुस्सा आना स्वाभाविक माना जाता है।
  3. टीवी में आने वाली बुरी भावनाओं को देखकर हम अपनी जागरूकता में कमी लाते हैं इसीलिए ऐसी बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
  4. टीवी देखने से समय का पता नहीं चलता और ऐसे में हमारा कोई जरूरी काम छूट सकता है।

टीवी से संबंधित सावधानियां

कई बार ऐसा होता है कि हम टीवी रोजाना देखते हैं लेकिन फिर भी हमें उसके बारे में जुड़े तथ्यों की जानकारी नहीं होती।

  1. जब भी टीवी देखें तो हमेशा एक निश्चित दूरी बना कर देखना चाहिए ताकि आंखों को नुकसान ना हो।
  2. बच्चों को हमेशा दूर बैठ कर टीवी देखने के लिए कहना चाहिए।
  3. टीवी देखते समय उन्हीं चैनलों को सब्सक्राइब करना चाहिए जिनका ज्यादा उपयोग किया जाता हो।
  4. जब भी टीवी बंद करें तो उसे मेन स्विच से बंद करना चाहिए ताकि बिजली की बचत की जा सके।

तो साथियों इस प्रकार से आज हमने आपको टीवी का आविष्कार किसने किया और कब किया? के बारे में संपूर्ण जानकारी दी है। आज के समय में टीवी देखना एक स्वाभाविक क्रिया होती है और उस क्रिया पर खुद का नियंत्रण होना आवश्यक माना गया है।

कुछ खास बातों पर ध्यान रखकर भी आप अपना अच्छा और सही मनोरंजन प्राप्त कर सकते हैं साथ ही साथ बच्चों को भी इसके बारे में उचित सलाह देना चाहिए ताकि उन्हें भी किसी प्रकार का नुकसान ना हो पाए। ऐसे में हमने कोशिश की है कि आपको tv से जुड़ी पूरी जानकारी दी जा सके। इस लेख को अंत तक पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। 

Hope की आपको टीवी का आविष्कार किसने किया और कब किया? का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।


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