वेब होस्टिंग क्या है और इसके प्रकार (Web Hosting in Hindi)

2

वेब होस्टिंग क्या है?

वेब होस्टिंग एक ऑनलाइन सर्विस है जिसकी मदद से आप अपने किसी भी ब्लॉग, वेबसाइट या वेब एप्लीकेशन को इंटरनेट पर पब्लिश कर सकते हैं। वेब होस्टिंग और होस्टिंग दोनों एक ही है, और इसको वेबसाइट होस्टिंग भी बोलते हैं। 


होस्टिंग इंटरनेट पर एक ऐसी जगह होती है जहां पर किसी भी वेबसाइट का पब्लिश किया हुआ कंटेंट एक जगह पर सुरक्षित रखा जाता है, और वे वेबसाइट भी उसी जगह पर 24 घंटे ऑनलाइन होती है। इंटरनेट पर मौजूद सभी वेबसाइट किसी सरवर पर स्टोर होती, जिसके कारण हमें उस वेबसाइट का ऐक्सेस आसानी से मिल जाता है और इसी सर्वर को हम होस्टिंग कहते हैं।

Image Source: iStock

वेब होस्टिंग के प्रकार (Types of Web Hosting in Hindi)

वेब होस्टिंग मुख्य द्वार पर 6 प्रकार की होती है सभी के अपने-अपने एडवांटेज है तो उसके अपने नुकसान भी हैं, यहां पर आपको वेब होस्टिंग के सभी प्रकार की जानकारी विस्तार से दी गई है।

  • Shared Hosting 
  • Dedicated Hosting 
  • VPS Hosting
  • Cloud Hosting
  • WordPress Hosting
  • Reseller hosting

1. Shared Hosting

आपको नाम से ही पता चल रहा होगा कि कुछ शेयरिंग तरह से है, दरअसल शेयर्ड होस्टिंग में अलग-अलग वेबसाइट को एक ही सरवर पर होस्ट किया जाता है। इस सरवर पर करीब 1000 वेबसाइट को एक साथ होस्ट किया जाता है, यह होस्टिंग नए ब्लॉगर्स के लिए बहुत ही मददगार साबित होती है क्योंकि नई नई वेबसाइट पर बहुत ज्यादा ट्राफिक नहीं आता है। इसके अलावा इसका खर्च भी कम पड़ता है, क्योंकि इसका कंट्रोल पैनल सामान्य रहता है।

2. Dedicated Web Hosting

डेडीकेटेड वेब होस्टिंग के अंतर्गत किसी एक वेबसाइट को पूरा सरवर प्रदान किया जाता है, यह वेबसाइट पर आने वाले लाखो ट्रैफिक को आसानी से मैनेज कर पाती है, यदि आप की वेबसाइट पर लाखों में ट्रैफिक आ रहा है तो आपको इस होस्टिंग के साथ जाना चाहिए, लेकिन इस होस्टिंग को इस्तेमाल करने के लिए आपके पास टेक्निकल नॉलेज का होना जरूरी है और साथ ही यह होस्टिंग दूसरी होस्टिंग की तुलना में महंगी भी आती है। 


आपकी जानकारी के लिए बता दें सभी e-commerce website जैसे कि Flipkart Amazon Myntra इसी होस्टिंग का इस्तेमाल कर रही है।

3. VPS Hosting

वर्चुअल प्राइवेट सर्वर होस्टिंग के अंतर्गत सरवर को कई भाग में डिवाइड किया जाता है, और फिर वेबसाइट के मालिक को एक निश्चित भाग दिया जाता है। यदि आपको आपकी वेबसाइट से इनकम हो रही है तो आप इस होस्टिंग के साथ जा सकते हैं, इसका खर्च आपको डेडीकेटेड होस्टिंग से कम पड़ता है लेकिन इसकी परफॉर्मेंस सिक्योरिटी और स्पीड तीनों ही अच्छी है। 

इसके साथ ही इसमें यह भी सुविधा है कि आप अपनी इच्छा के अनुसार अपने भाग को बढ़ा भी सकते हैं, हालांकि इसे कंट्रोल करने के लिए भी आपके पास टेक्निकल नॉलेज होनी चाहिए।


4. Cloud Hosting

क्लाउड होस्टिंग को आप वीपीएस होस्टिंग का एडवांस रूप की तरह समझ सकते हैं, इसके अंतर्गत आपको सरवर के जरिए होस्टिंग दी जाती है, इसके अलावा इसमें अगर आपको वेबसाइट पर कुछ समस्या आ रही है तो आप क्लाउड होस्टिंग का इस्तेमाल करके उसे दूर कर सकते हैं। इसमें आपकी वेबसाइट की स्पीड भी काफी तेज हो जाती है, जिससे फायदा यह होगा कि यूजर आपकी वेबसाइट पर देर तक रुकेगा लेकिन इन सब चीजों के लिए आपको अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे।  

5. WordPress Hosting

वर्डप्रेस होस्टिंग को खासतौर से वर्डप्रेस के लिए तैयार किया गया है इसके अंतर्गत वेबसाइट मैनेजमेंट का सारा काम होस्टिंग कंपनी के द्वारा किया जाता है, आपकी वेबसाइट को होस्ट करने वाली कंपनी ही आपकी वेबसाइट की स्पीड को मेंटेन करती है, आपकी वेबसाइट का बैकअप तैयार करती है आपकी टेक्निकल प्रॉब्लम को सॉल्व करती है लेकिन इसके लिए कंपनी आपसे अलग से चार्ज लेती है।

6. Reseller Hosting

रीसेलर होस्टिंग हो आप किसी भी होस्टिंग बेचने वाली कंपनी से खरीद कर आगे वेबसाइट के मालिक को होस्टिंग प्रदान करके अपने लिए पैसा कमा सकते हैं, अगर आपको टेक्निकल फील्ड की नॉलेज है तो ही आप किस का फायदा उठा सकते हैं। आप चाहे तो इसे एक बिजनेस मॉडल के रूप में भी देख सकते हैं।


वेब होस्टिंग और डोमेन में क्या अंतर होता है?

Web hosting और domain name दोनों ही अलग-अलग चीजें हैं और दोनों एक दूसरे से बिल्कुल अलग है, वेब होस्टिंग वह होती है जहां पर हमारी वेबसाइट का पब्लिश किया हुआ सारा कंटेंट एक जगह पर स्टोर होता है जबकि डोमेन नेम हमारी अपनी वेबसाइट का एड्रेस होता है, और इसी के जरिए हमारी वेबसाइट का नाम डिसाइड करते हैं।

वेब होस्टिंग लेने से पहले ध्यान देने वाली बात

किसी भी ब्लॉगर के लिए जरूरी है कि वे जब भी वे वेब होस्टिंग खरीदे तो कुछ बातों को ध्यान में रखकर ही आगे बढ़े यहां पर हमने आपको कुछ विशेष बातें बताई हैं जो आपके लिए मददगार साबित होंगी।

Storage/Disk space

ब्लॉगर के लिए जरूरी है कि जब भी वे वेब होस्टिंग खरीदे तो अपना विशेष ध्यान स्टोरेज पर रखें, क्योंकि आपकी वेबसाइट पर अपलोड किया गया सभी डाटा, होस्टिंग के स्टोरेज में जाकर से होता है और जब भी कोई विजिटर्स आपकी वेबसाइट पर आता है और कुछ सर्च करता है, तो उसके द्वारा सर्च किया हुआ कंटेंट उसके स्क्रीन पर खुलकर आ जाता है, इसलिए होस्टिंग खरीदते वक्त स्टोरेज का ध्यान दें और हो सके तो अधिक स्टोरेज की होस्टिंग खरीदने की कोशिश करें।


Subdomain

सब डोमेन का मतलब होता है कि आप अपने लिए हुए होस्टिंग सर्वर पर अपने मुख्य डोमेन के कितने  Subdomains बना सकते हैं और आप अपने डोमेन पर कितने सब डोमेन बना सकते हैं यह आपके लिए हुए प्लान पर निर्भर करता है।

Host website

अगर कोई ब्लॉगर एक वेबसाइट सरवर के जरिए अपनी कई वेबसाइट को होस्ट करना चाहता है तो उसे होस्टिंग खरीदते दौरान होस्ट वेबसाइट पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि इसी में आपको जानकारी मिलेगी कि आप एक सरवर पर अपनी कितनी वेबसाइट को होस्ट कर सकते हैं।

Free SSL Certificate

अगर आप चाहते हैं कि आपकी वेबसाइट सुरक्षित रहे तो इसके लिए जरूरी है कि आपके पास आपकी वेबसाइट का एसएसएल सर्टिफिकेट हो, इसलिए जब भी आप होस्टिंग खरीदें तो ध्यान रखें कि कंपनी आपको होस्टिंग के साथ एसएसएल सर्टिफिकेट दे रही है या नहीं, हालांकि बहुत सी कंपनियां आपको मुफ्त में होस्टिंग के साथ यह सर्टिफिकेट भी देती है।

MySQL Databases

यह आपकी वेबसाइट के अंतर्गत सभी डाटा को मैनेज करने में मदद करता है, अगर आप एक से अधिक डोमेन या सब डोमेन को किसी एक होस्टिंग पर होस्ट करना चाह रहे हैं तो इसके लिए भी आपको अलग-अलग डेटाबेस क्रिएट करने की जरूरत होती है, इसलिए होस्टिंग खरीदते दौरान MySQL Databases की संख्या पर नजर जरूर डालें।

Email

जब भी आप अपनी वेबसाइट के लिए होस्टिंग खरीदे तो साथ ही ईमेल होस्टिंग भी खरीदें क्योंकि वेबसाइट के साथ एक प्रोफेशनल ईमेल का होना भी जरूरी होता है और साथ ही इसमें आपको कई अच्छे फीचर्स भी मिलते हैं।

Windows और Linux होस्टिंग में क्या अंतर होता है?

जब एक न्यू ब्लॉगर अपनी वेबसाइट के लिए होस्टिंग खरीदने के लिए जाता है तो उस ब्लॉगर के पास दो ही विकल्प होते हैं पहला वे Windows के साथ जाए और दूसरा वे Linux के साथ जाए, लेकिन उस ब्लॉगर के लिए जरूरी है कि उसे यह पता हो कि इन दोनों के बीच क्या अंतर है।

दरअसल इन दोनों के बीच अंतर ये है, windows hosting एक लाइसेंस कंपनी है जिसका इस्तेमाल करने के लिए आपको लाइसेंस लेने की जरूरत पड़ती है, इसके साथ ही इसके लिए आप को कंपनी को कुछ फीस भी देनी पड़ती है, जबकि Linux एक Open Source Web Hosting और इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको कंपनी को किसी भी तरह की फीस देने की जरूरत नहीं पड़ती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें वर्तमान समय पर इंटरनेट में लगभग सभी वेबसाइट Linux Web Hosting का इस्तेमाल कर रही है क्योंकि Linux web hosting की कीमत windows web hosting से कम है।

Top 10 Best Web Hosting Provider

वैसे तो बहुत सी ऐसी कंपनी है जो आपको वेब होस्टिंग प्रदान करती हैं, लेकिन आपकी सुविधा के लिए यहां पर हम आपको भारत की टॉप 10 वेब होस्टिंग कंपनियों के नाम बताने जा रहे हैं, जिससे कि आप अपनी वेबसाइट के लिए अच्छे से होस्टिंग खरीद सकें। 

क्योंकि गूगल की पॉलिसी के मुताबिक सबसे फास्टेस्ट वेबसाइट को ही ज्यादा रैंक दिया जाएगा इसलिए आप एक ऐसे सर्वर का चुनाव करें जो कि आपको टर्बो स्पीड प्रदान करें, साथ ही उसकी परफॉर्मेंस ही नहीं बल्कि best speed, top privacy support, excellent up time etc भी दे।

  • Godaddy
  • Hostinger
  • Siteground
  • Greengeek
  • HostArmada
  • Bluehost
  • A2 hosting
  • Chemicloud
  • Hostgator
  • Fastcomet

यह भी पढ़े:

अगर आपके पास कोई सवाल है, तो आप नीचे कमेंट में पूछ सकते हो. और अगर आपको यह पोस्ट हेल्पफुल लगा हो तो इसको सोशल मीडिया पर अपने अपने दोस्तों के साथ शेयर भी कर सकते हो.

Previous articleiPhone की Battery Health कैसे बढ़ाये? (6 कारगर तरीक़े)
Next articleIP Address क्या है और इसके प्रकार (IP Address in Hindi)
Ankur Singh
हेलो दोस्तों, मेरा नाम अंकुर सिंह है और में New Delhi से हूँ। मैंने B.Tech (Computer Science) से ग्रेजुएशन किया है। और में इस ब्लॉग पर टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट से जुड़े लेख लिखता हूँ।

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here