कोई भी वेबसाइट हैक कैसे करे? (5 मिनट में)

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Website Hack Kaise Kare? – How To Hack Website In Hindi. अगर आप website hacking के बारे में जानना चाहते हो की WordPress blog या कोई website hack कैसे होती है? तो आज इस पोस्ट में मैं आपको website hacking के बारे में बताऊँगा, ओर हम जानिंगे की कोई भी वेबसाइट हैक कैसे करे?

कोई भी वेबसाइट हैक कैसे करे?


अगर आप कोई Blogger, Web Developer हो या फिर कोई website run करते हो तो यह पोस्ट आपके लिए काफ़ी हेल्पफ़ुल हो सकती है, क्यूँकि आज इस पोस्ट में मैं आपको एसे Top 5 Methods बताऊँगा, जिनको website hacking mostly use किया जाता है।

दोस्तों आज के समय में website बनाना बहुत आम हो गया है, ओर आप blogger, wordpress, wix जैसे platform का use करके दो मिनट में अपनी website ready कर सकते हो। ब्लॉग (Blog) कैसे बनाये? ओर वेबसाइट (Website) कैसे बनाये? उसकी पूरी जानकारी यहाँ है।

लेकिन अगर आप अपनी कोई self-hosted website create करते हो तो उसकी security की ज़िम्मेदारी भी आपकी होती है। तो एसे में आपको यह जानना बहुत ज़रूरी है की website hack कैसे होती है, ओर website hacking में mostly किन किन techniques का use किया जाता है।

अगर आपका interest ethical hacking में है, तो Ethical Hacking क्या है? – What Is Hacking In Hindi ओर हैकर (Hacker) कैसे बने और हैकिंग कैसे सीखें? उसकी पूरी जानकारी यहाँ है। और आजके इस पोस्ट में हम देखेंगे की वेबसाइट हैक कैसे करे?


Alert: यह पोस्ट  सिर्फ  Educational Purpose के लिए है , इसका  कोई भी गलत उपयोग ना करे. 😉 

वेबसाइट हैकिंग क्या है?

किसी वेबसाइट अथवा वेबसाइट के डेटाबेस या फिर web-server को हैक करने के पश्चात उसे अपने कंट्रोल में ले लिया जाए और उसके बाद उसे अपने हिसाब से खराब किया जाए या फिर मोडीफाई किया जाए तो इसे ही वेबसाइट हैकिंग कहा जाता है। वेबसाइट हैक अच्छे कामों के लिए भी की जाती है और बुरे कामों को पूरा करने के लिए भी वेबसाइट हैकिंग की जाती है।


वेबसाइट हैक कर लेने के पश्चात हैकर का वेबसाइट पर पूरा कंट्रोल हो जाता है, वह चाहे तो वेबसाइट के सारे डाटा को खत्म कर सकता है या फिर डेटा में अपने हिसाब से बदलाव कर सकता है।

वेबसाइट हैक करने के लिए लॉगिन डिटेल जैसे की यूजर आईडी और पासवर्ड इत्यादि की बड़े पैमाने पर आवश्यकता होती है। Nmap, Burp suite, Chrome Developer Tools, Intruder और Nessus जैसे टूल का इस्तेमाल सामान्य तौर पर वेबसाइट हैक करने के लिए हैकर के द्वारा किया जाता है।

वेबसाइट हैक कैसे करे?

वेबसाइट हैक करने का तरीका तो आगे हम आपको आर्टिकल में बता रहे हैं परंतु हम आपसे यह भी कहना चाहते हैं कि आपको कभी भी गलत उद्देश्यों की पूर्ति करने के लिए वेबसाइट हैक नहीं करना चाहिए।

क्योंकि बिना किसी परमिशन के व्यक्ति की वेबसाइट को हैक करना लीगल होता है और इसके लिए व्यक्ति आपके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज करवा सकता है और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।


इसलिए या तो सिर्फ प्रैक्टिकल के लिए किसी व्यक्ति की परमिशन लेकर वेबसाइट हैक करें या फिर अच्छे कामों के लिए वेबसाइट हैक करें।

वेबसाइट हैक करने का तरीका

किसी भी वेबसाइट को हैक करने के जो सबसे सामान्य तरीके इस्तेमाल में लिए जाते हैं, उनकी जानकारी नीचे आपको उपलब्ध करवाई जा रही है।

  1. Denial Of Service
  2. Cookies Poisoning
  3. SQL Injection
  4. Clickjacking
  5. Cross Site Scripting

1: Denial Of Service

डेनियल आफ सर्विस अटैक को संक्षेप में DOS Attack कहा जाता है। साइबर क्रिमिनल के द्वारा अलग-अलग प्रकार की चीजों को हैक करने के लिए ऑनलाइन डेनियल ऑफ़ सर्विस अटैक का इस्तेमाल किया जाता है। वेबसाइट को हैक करने के लिए भी इस हैकिंग टेक्निक का इस्तेमाल साइबर हैकर के द्वारा बड़े पैमाने पर किया जाता है।

इस अटैक में जब साइबरक्रिमिनल सफल हो जाते हैं तो यह अटैक कम्युनिकेशन को पूरी तरह से खत्म कर देता है और यूजर जो जानकारी प्राप्त करना चाहता है, वह उसे प्राप्त नहीं करने देता है, क्योंकि डेनियल आफ सर्विस अटैक डायरेक्ट यूजर की इनफार्मेशन पर अटैक करने का काम करता है और ट्रैफिक प्राप्त करके इंफॉर्मेशन को क्रैश कर देता है।


डेनियल आफ सर्विस अटैक साइबर क्राइम के तहत आता है जिसके अंतर्गत कंप्यूटर तथा दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को हैक कर लिया जाता है और वर्किंग पर रोक लगाई जाती है।

इस प्रकार के cyber-attack में हैकर के द्वारा जिस वेबसाइट को हैक किया जाना है, उस वेबसाइट के कंप्यूटर पर बड़े पैमाने पर बहुत ट्रैफिक सेंड किया जाता है और इसकी वजह से वेबसाइट डाउन हो जाती है।

इसी दरमियान हैकर के द्वारा अपना काम पूरा कर लिया जाता है जिसकी वजह से उसे टारगेट वेबसाइट का पूरा एक्सेस मिल जाता है। इसके बाद वह बोट ट्रैफिक हटा लेता है और फिर आसानी से वेबसाइट में लॉगिन हो जाता है।

2: Cookies Poisoning

वेबसाइट हैक करने के लिए अधिकतर इस्तेमाल में लिए जाने वाले तरीके में कुकी पॉइजनिंग शामिल है। इसके माध्यम से किसी वेबसाइट को हैक करने के लिए हमें ना तो कोडिंग की आवश्यकता होती है, ना ही हमें किसी सॉफ्टवेयर अथवा एप्लीकेशन का इस्तेमाल करने की आवश्यकता होती है।

वेबसाइट को हैक करने के लिए इस तरीके में बस आपको टारगेट वेबसाइट की थोड़ी बहुत जानकारियों की आवश्यकता होती है। दरअसल इस तरीके में कुकीज के अंदर बहुत सारे वायरस डाले जाते हैं और उसे किसी भी प्रकार से टारगेट वेबसाइट के कंप्यूटर पर सेंड किया जाता है।

जब यूजर अपने कंप्यूटर पर अपनी वेबसाइट को ओपन करता है तो वेबसाइट ओपन करने के दरमियान वह वेबसाइट का लॉगइन आईडी और पासवर्ड एंटर करता है, यह सभी जानकारी यूजर के कंप्यूटर के कुकीज फाइल में जाकर स्टोर हो जाती हैं।

इस प्रकार से हैकर को कुकीज फाइल से टारगेट कंप्यूटर पर ओपन होने वाली वेबसाइट का लॉगइन आईडी और पासवर्ड मिल जाता है जिससे वह वेबसाइट को हैक करने में सफलता प्राप्त कर लेता है।

3: SQL Injection

एसक्यूएल का पूरा मतलब स्ट्रक्चर क्वेरी लैंग्वेज होता है, जिसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में माना जाता है। इसके माध्यम से रिलेशनल डेटाबेस में जो डाटा मौजूद होते हैं उसका मैनेजमेंट किया जाता है जिसके अंतर्गत डाटा को डिलीट किया जा सकता है या फिर डेटा में बदलाव किया जा सकता है।

वही बता देना चाहते हैं कि एसक्यूएल अटैक एक बहुत ही तगड़ी हैकिंग टेक्निक है, जिसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर वेबसाइट हैक करने के लिए हैकर के द्वारा किया जाता है। हैकर के द्वारा पिछले एक दशक से भी काफी लंबे समय से वेबसाइट को हैक करने के लिए एसक्यूएल अटैक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इसके माध्यम से ऐसी वेबसाइट या फिर एप्लीकेशन के डेटाबेस को टारगेट किया जाता है जिस वेबसाइट या फिर एप्लीकेशन के सिक्योरिटी में कोई भी छोटी सी कमी प्राप्त हो जाती है। जब हैकर एसक्यूएल अटैक करने में सफल हो जाते हैं तो उन्हें डेटाबेस का एक्सेस मिल जाता है जिसके बाद वह चाहे तो डाटाबेस में बदलाव कर सकते हैं या फिर उसे डिलीट कर सकते हैं या फिर उसे चुरा सकते हैं।

एसक्यूएल अटैक में हैकर के द्वारा वेबसाइट अथवा वेब एप्लीकेशन के यूआरएल और वेब फॉर्म के अंदर हानिकारक कोड को इंस्टॉल कर दिया जाता है और इसी के माध्यम से एप्लीकेशन या फिर वेबसाइट की जो कमजोरी होती है उसे टारगेट किया जाता है।

जब इंस्टॉलिंग की प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो हानिकारक कोड वेबसाइट या फिर एप्लीकेशन का जो डाटाबेस होता है उसके साथ कांटेक्ट कर लेते हैं और फिर मेलीसीएस एक्टिविटी को स्टार्ट कर देते हैं।

जिसकी वजह से आखरी में डेटाबेस हैक हो जाता है अर्थात वेबसाइट हैक हो जाती है। एसक्यूएल टारगेट अटैक एक बहुत ही पुराना तरीका हो चुका है परंतु यह बहुत ही कारगर है। इसलिए आज भी इसका इस्तेमाल वेबसाइट हैक करने के लिए किया जाता है।

4: Clickjacking

यह एक प्रकार का ऐसा cyber-attack है, जिसमें किसी व्यक्ति को ऐसे वेबपेज एलिमेंट पर क्लिक करने के लिए आकर्षित किया जाता है जो वास्तव में जैसा दिखाई देता है वैसा होता नहीं है, बल्कि वह दूसरे प्रकार का एचटीएमएल एलिमेंट होता है। ऐसे में व्यक्ति को पता नहीं होता है कि वह क्या कर रहा है और वह इस पर क्लिक कर देता है।

जैसे ही वह इस पर क्लिक करता है वैसे ही उसके कंपूटर या फिर स्मार्टफोन में खतरनाक वायरस इंटर कर जाते हैं, जिसकी वजह से हैकर को टारगेट व्यक्ति के कंप्यूटर की या फिर मोबाइल की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो जाती है और इस प्रकार से वह अपने उद्देश्य में सफल हो जाते हैं।

इसके माध्यम से हैकिंग कैसे की जाती है, इसे हम आपको उदाहरण सहित समझा रहे हैं। हैकिंग करने के लिए सबसे पहले हैकर के द्वारा एक अट्रैक्टिव पेज का निर्माण कर लिया जाता है। यह पेज कोई फ्री आईफोन देने वाला पेज भी हो सकता है या फिर बैनर अथवा पोस्टर भी हो सकता है।

इस पेज में हैकर के द्वारा क्लीकेबल ऑन स्क्रीन बटन के साथ दूसरे पेज के साथ नहीं दिखाई देने वाला आई फ्रेम भी मौजूद होता है। यहां पर पेज पर किसी परमिशन को इनेबल करने वाले बटन के ऊपर हैकर के द्वारा फ्री गिफ्ट बटन को अटैच कर दिया जाता है।

जिसकी वजह से कोई सामान्य व्यक्ति जब पेज पर आकर्षित होता है और वह फ्री बटन पर क्लिक करता है तो ऐसा करने पर उसके द्वारा किसी और ही फंक्शन को चालू कर दियङ जाता है, जिसकी वजह से उसकी वेबसाइट हैक हो जाती है।

पहले के समय में अधिकतर इसका इस्तेमाल हैकर के द्वारा कैमरा और माइक्रोफोन को कंट्रोल करने जैसे कामों के लिए किया जाता था। बता दें कि साल 2008 में पहली बार इस हैकिंग ट्रिक का इस्तेमाल किया गया था।

5: Cross Site Scripting

इसे वेबसाइट को हैक करने का सबसे आसान तरीका माना जाता है, क्योंकि क्रॉस साइट स्क्रिप्टिंग टेक्निक में आपको कोडिंग की जानकारी होना आवश्यक नहीं होता है, परंतु जैसा कि आप जानते हैं कि अधिकतर वेबसाइट को हैक करने के लिए या फिर किसी भी चीज को हैक करने के लिए कोडिंग आना जरूरी होता है परंतु यह नियम यहां पर लागू नहीं होता है।

क्योंकि क्रॉस साइट स्क्रिप्टिंग 1 एप्लीकेशन की तरह काम करता है। यह एक ऐसा सॉफ्टवेयर होता है जो किसी भी वेबसाइट को हैक करने में आपके लिए काफी मददगार साबित होता है। क्रॉस साइट स्क्रिप्टिंग के माध्यम से एडमिन पैनल के अंदर अलग-अलग प्रकार के मालीशियस कोड को डाला जाता है।

ऐसा होने से किसी भी वेबसाइट के एडमिन का जो यूजरनेम और पासवर्ड होता है उसकी जानकारी प्राप्त हो जाती है और फिर इसी यूजरनेम और पासवर्ड का इस्तेमाल करके हैकर टारगेट व्यक्ति के वेबसाइट के सिस्टम में प्रवेश कर जाते हैं और फिर उन्हें वहां पर जो एक्टिविटी करनी होती है वह उसे करते हैं।

क्या कोई वेबसाइट हैक कर सकता है?

टेक्नोलॉजी के इस जमाने में वेबसाइट तो क्या कंप्यूटर को भी हैक करना बिल्कुल पॉसिबल है। वेबसाइट हैक करने के लिए हैकर के द्वारा अलग-अलग तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। हैकर वेबसाइट हैक करने के लिए एसक्यूएल अटैक भी कर सकते हैं या फिर आपके सिस्टम में कोई हानिकारक वायरस इंटर करा सकते हैं और आपके सिस्टम का पूरा एक्सेस प्राप्त कर सकते हैं।

एक बार जब आप की वेबसाइट हैक हो जाती है तो उसका सारा कंट्रोल हैकर के पास चला जाता है, जिसके पश्चात वह वेबसाइट पर चाहे तो एडिटिंग कर सकता है या फिर वेबसाइट से महत्वपूर्ण डाटा को डिलीट कर सकता है या फिर आपके महत्वपूर्ण डाटा की चोरी भी कर सकता है।

हैकिंग सीखने के लिए कौन सी वेबसाइट है?

हैकिंग सीखने के लिए आप नीचे दिए गए वेबसाइट को विजिट कर सकते हैं।

  • Hacking Tutorial
  • Security Tube
  • Cybrary
  • Harvard/EDX
  • Guru 99
  • Leap
  • SANS Cyber Aces
  • Noob-Hacker
  • AdviceDuniya

दुनिया में नंबर 1 हैकर कौन है?

Kevin Mitnick को दुनिया में नंबर वन हैकर कहा जाता है। उन्होंने सिर्फ 13 साल की उम्र में ही हैकिंग कौशल की बदौलत बस कार्ड सिस्टम को पाई पास कर दिया था। दरअसल उन्होंने बस कार्ड सिस्टम को इसलिए बाय पास किया था ताकि वह बस में बिना एक रुपए दिए हुए अर्थात फ्री में ट्रेवल कर सकें।

इनके द्वारा कैबिनेट डिजिटल इक्विपमेंट कॉरपोरेशन के नेटवर्क को सिर्फ 16 साल की उम्र में हैक कर लिया गया था। हालांकि साल 1988 में पुलिस के द्वारा इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और इन्हें 1 साल की सजा सुना दी गई।

1 साल की सजा काटने के पश्चात उन्होंने पेंटागन को भी हैक किया और मोटोरोला को भी हैक कर लिया साथ ही साथ इन्होंने वॉइस मेल कंप्यूटर को भी हैक करने में सफलता प्राप्त कर ली। साल 1965 में इन्हें एक बार फिर से पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया गया और इस बार इन्हें 5 साल की सजा सुनाई गई।

वेबसाइट हैकिंग से बचने के लिए क्या करें?

अगर आप वास्तव में वेबसाइट हैकिंग से बचना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अपने कंप्यूटर, लैपटॉप या फिर स्मार्टफोन में अच्छा एंटीवायरस इंस्टॉल करना चाहिए, क्योंकि एंटीवायरस के द्वारा समय-समय पर आपके सिस्टम की चेकिंग की जाती है और हानिकारक चीजों के बारे में आपको सूचना दी जाती है।

इसके अलावा आप को मजबूत वेबसाइट यूजरनेम और पासवर्ड का इस्तेमाल करना चाहिए और इसे किसी भी व्यक्ति के साथ शेयर नहीं करना चाहिए, साथ ही आपको किसी भी अनजाने लिंक या फिर पोस्टर पर क्लिक नहीं करना चाहिए, ना ही लुभावने एडवर्टाइजमेंट पर आपको क्लिक करके अपनी महत्वपूर्ण जानकारियों को दर्ज करना चाहिए।

कैसे जाने की वेबसाइट हैक है?

अगर आपको यह दिखाई दे रहा है कि आपकी वेबसाइट में से कोई महत्वपूर्ण डाटा अपने आप डिलीट हो चुका है जिसे आपने डिलीट नहीं किया हुआ है तो इसका मतलब यह हो सकता है कि किसी व्यक्ति के द्वारा आपकी वेबसाइट को हैक कर लिया गया है।

इसके अलावा अगर आप इस बात को नोटिस कर रहे हैं की आपकी वेबसाइट से कुछ ऐसे कंटेंट पोस्ट हो रहे हैं जिसे वास्तव में आपने पोस्ट नहीं किया हुआ है तो यह भी इस बात का संकेत हो सकता है कि हैकर ने आपकी वेबसाइट को हैक कर लिया है।

वेबसाइट हैक हो जाने की अवस्था में आपको तुरंत ही वेबसाइट को हैकिंग से बाहर निकालने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए वरना आपकी वेबसाइट को काफी तगड़ा नुकसान हो सकता है और आपकी वेबसाइट डाउन भी हो सकती है जिससे आपको वेबसाइट पर आने वाले विजिटर का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

आसानी से वेबसाइट हैक कैसे करे?

आसानी से अगर आप किसी व्यक्ति की वेबसाइट हैक करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको थोड़े बहुत पैसे खर्च करने की आवश्यकता होगी।

क्योंकि आसानी से वेबसाइट को हैक करने के लिए आपको खुद कुछ भी काम नहीं करना है, बस आपको एक प्रोफेशनल हैकर की सहायता लेनी होगी और आप जिस वेबसाइट को हैक करना चाहते हैं उसका यूआरएल और वेबसाइट का नाम उसे बताना होगा।

इसके बाद आपको कुछ भी नहीं करना है बल्कि प्रोफेशनल हैकर अपनी हैकिंग तकनीक का इस्तेमाल करते हुए आपके द्वारा बताई गई वेबसाइट पर साइबर अटैक करेगा और कुछ ही मिनट में वह टारगेट वेबसाइट को हैक कर लेगा। यह वेबसाइट हैक करने का आसान तरीका भी है।

अधिक जानकारी के लिए आप यह वीडियो देख सकते हो;

FAQ:

मोबाइल हैकिंग कैसे करे?

मोबाइल हैकिंग करने के लिए मोबाइल हैकिंग सॉफ्टवेयर अथवा मोबाइल हैक करने वाला ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है।

SQL का फुल फॉर्म क्या है?

SQL का फुल फॉर्म Structred Quwry Langugage है।

क्या घर बैठे वेबसाइट हैक करना सीख सकते हैं?

जी हां आप घर बैठे वेबसाइट हैक करना यूट्यूब के ट्यूटोरियल वीडियो के माध्यम से सीख सकते हैं।

वेबसाइट हैक करने में कितना समय लगता है?

अगर आप प्रोफेशनल हैकर हैं तो 2 से 5 मिनट के अंदर या फिर 1 घंटे के अंदर वेबसाइट को हैक किया जा सकता है।

वेबसाइट हैक करने वाला एप कौन सा है?

वेबसाइट हैक करने के लिए आप MSpy, Eyezy जैसी एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इनके बारे में विस्तार से जानकारी इंटरनेट से प्राप्त कर सकते हैं।

यह भी पढ़े: 

उम्मीद है की अब आपको website hacking से related काफ़ी information मिल चुकी होगी, ओर अब आप जान गए होगे की आसानी से कोई भी वेबसाइट हैक कैसे करे?

अगर आपके पास इस पोस्ट से रिलेटेड कोई सवाल है तो नीचे कमेंट करे. और अगर पोस्ट पसंद आया हो तो सोशल मीडिया पर शेयर भी कर दे.

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Tanishq
नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम तनिष्क है और मैंने B.Sc (Computer Science) से Graduation किया है और में एक Certified Ethical Hacker हूँ। मुझे टेक्नोलॉजी और हैकिंग में काफ़ी रुचि है और में इस ब्लॉग पर Ethical Hacking, Cyber Security और Kali Linux से जुड़े आर्टिकल लिखता हूँ।

35 COMMENTS

  1. Sir I love hacking me abhi bhi chota bada hack karta Hu please ayise app batao his me all hacking ho muzhe bada hacker ban na hai please reply 🙏

  2. Agr hm kisi website ko kuchh der ki liyr sirf 10 word change kare de to kese kare ? isse bare me apko pata hai ya ye nahi ho skta hain?

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