गेटवे क्या है और कैसे काम करता है? (Gateway in Hindi)

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गेटवे क्या होता है?

किसी नेटवर्क या इन्टरनेट को जोड़ने के लिए दो कंप्यूटर के बीच के लिंक को गेटवे कहते है, जोकि एक नेटवर्क नोड होता है और अलग-अलग ट्रांसमिशन प्रोटोकॉल के साथ काम करता है।


यदि हम आसान शब्दों मे बात करे तो गेटवे कंप्यूटर नेटवर्क मे एक दरवाजे के रुप के कार्य करता है यह एक हार्डवेयर डिवाइस है और आप गेटवे राऊटर, स्विच या सर्वर को को भी मान सकते है यह सभी इंटरनेट एक्सैस करने में सक्षम है। 

मान लिजिए हम किसी वेबसाइट को सर्च करते है तो हमारी रिकवेस्ट पैकेट के रुप मे गेटवे के रास्ते सर्वर तक जाती है और सर्वर हमारे सर्च का रिप्लाई गेटवे के माध्यम से हम तक पहुचाता है हमारे कंप्यूटर को इंटरनेट से जोडने के लिये राऊटर गेटवे के रूप मे काम करता है। 

राऊटर एक सामान्य प्रकार का गेटवे है जिसका उपयोग होम नेटवर्क में किया जाता है यह सब कार्य हम उदाहरण से समझते है हम सभी अपनी जिन्दगी में कभी न कभी स्कूल तो गये होंगे, स्कूल मे प्रवेश करने के लिये बहुत बडा सा गेट लगा होता है उसी रास्ते से हम स्कूल में जाते है और पढाई पूरी करके उसी गेट से घर जाते है तो वह गेट स्कूल मे गेटवे का काम करता है उसी प्रकार नेटवर्क मे राऊटर गेटवे का काम करता है।

गेटवे कैसे कम करता है?

आज के समय मे इंटरनेट मनुष्य के जीवन का एक हिस्सा बन चुका है इन्सान एक पल भी इंटरनेट से दूर नहीं रह सकता। कोरोना वायरस के चलते इंटरनेट इन्सान के जीवन में एक अहम भूमिका निभा रहा है जहा लॉकडाउन के चलते इन्सान का जीवन रुक सा गया वहां इंटरनेट ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 


इंटरनेट से कनेक्ट होने मे गेटवे भी अहम भूमिका निभाता है गेटवे एक नेटवर्क नोड है सरल शब्दों मे कहे तो यह नेटवर्क का अभिन्न अंग है जो कई प्रकार के प्रोटोकाल के साथ काम करने वाले नेटवर्क के बीच मार्ग बनाता है। यह नेटवर्क मे एन्ट्री व अन्तिम छोर पर काम करता है क्यूंकि यह नेटवर्क ट्रेफिक को संभलता है और दिशा निर्धारित करता है । 

हमारे द्वारा किया गया सर्च गेटवे के माध्यम से दुसरे राऊटर पर जाता है उसके बाद वहां से सर्वर तक जाता है फिर सर्वर गेटवे के माध्यम से हमे रिजल्ट दिखता है।

गेटवे की विशेषताएं?

  1. गेटवे किसी भी नेटवर्क के बौर्डर पर सुरक्षा के रूप में कार्य करता है तथा डाटा मैनेज करने मे सक्षम है 
  2. गेटवे अलगअलग प्रोटोकॉल मे सम्नव्य स्थापित करता है व डाटा के लिये सुगम मार्ग बनाता है 
  3. गेटवे OSI मॉडल के किसी भी layer पर काम कर सकता है जबकि अन्य डिवाइस किसी सिंगल लेयर पर ही काम करने मे सक्षम है।
  4. यह नेटवर्क कम्यूनिकेशन रूट की जानकारी इक्कठा करके रखता है और समय आनें पर प्रयोग करता है ।

गेटवे के प्रकार – Types Of Gateway in Hindi

  1. Internet to orbit gateway इस गेटवे का प्रयोग इंटरनेट के माध्यम से सैटरलाईट को को कनेक्ट करने के लिए किया जाता है 
  2. VO-IP Trunk gateway- इस गेटवे का प्रयोग पुराने समय में तार वाले टेलीफोन व फ़ैक्स मशीन के लिये किया जाता था व आज के समय में इसका प्रयोग IP फोन में किया जाता है ।
  3. Media gateway- मीडिया गेटवे का प्रयोग डाटा को ओडियो तथा वीडियो में प्रसारित करने के लिए होता है 
  4. Payment gateway पेमेंट गेटवे का प्रयोग ऑनलाइन होने वाली भुगतान को सुरक्षा प्रदान करने के लिए होता है 
  5. Cloud storage Gateway- यह गेटवे विभिन्न प्रकार की क्लाउड स्टोरेज सेवा API कॉल के साथ-साथ – SOAP (सिंपल ऑब्जेक्ट एक्सेस प्रोटोकॉल) या REST (प्रतिनिधि राज्य स्थानांतरण) के साथ स्टोरेज अनुरोधों के लिए ट्रांसलेट करने की आज्ञा देता है।
  6. Default Gateway डीफॉल्ट गेटवे बाहरी नेटवर्क तक पहुँच बनाने के रूप में कार्य करता है 

गेटवे के कार्य?

गेटवे सेंसर, इंटरनेट मशीन व नेटवर्क उपकरणों के बीच आपसी तालमेल  बनाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं।


गेटवे डेटा ट्रांसमिशन के लिए गेट के रूप में काम करते हैं और विभिन्न प्रोटोकॉल वाले विभिन्न नेटवर्किंग उपकरणों से डेटा के प्रवेश या निकलने  की अनुमति देता हैं और ईमेल भेजने, वेब पेजों का उपयोग करने और इंटरनेट पर कई अन्य गतिविधियों को करने कार्य करने के लिए मार्ग देता है 

गेटवे विभिन्न प्रोटोकॉल वाले उपकरणों से डेटा भेजने या प्राप्त करने में सक्षम हैं। और यह प्रोटोकॉल के साथ डेटा का अनुवाद भी करता है और इसे आवश्यक तरीके से प्रसारित भी करता है।

गेटवे नेटवर्क मे क्यो जरूरी है?

गेटवे हमारे कंप्यूटर नेटवर्क में बहुत जरूरी है क्योकि इसका काम हमारे डाटा को सरल मार्ग से सर्वर तक पहुँचाना है इसके साथ ही यह एक नेटवर्क बिंदु है जो विभिन्न प्रोटोकॉल का उपयोग करके दूसरे नेटवर्क के प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है। 


यह एक लोकल एरिया नेटवर्क और एक बड़े सिस्टम यानी WAN के बीच एक साझा कनेक्शन है। यह मूल रूप से मैसेंजर एजेंट के रूप में काम करता है जो एक सिस्टम से डेटा लेता है, इसकी व्याख्या करता है और इसे दूसरे सिस्टम में ट्रांसफर करता है। गेटवे डाटा का आंकलन करके उसे होस्ट कंप्यूटर यानी ऐंड डिवाइस तक पहुंचता है।

गेटवे के लाभ?

हमेशा गेटवे का इस्तेमाल दो कंप्यूटर को आपस मे जोड़ने के लिए किया जाता है जिनके अलग-अलग प्रोटोकॉल्स होते है ताकि वह आसानी से एक दुसरे से संपर्क कर पाए। जब हम अलग ऑपरेटिंग सिस्टम व फंक्शन के साथ कंप्यूटर को जोड़ने का सोचते है तब गेटवे बहुत लाभकारी रहता है।

लचीलापन 

कई बार राऊटर की मदद से कुछ नेटवर्क का सेटअप किया जाता है राऊटर का प्रयोग तब किया जाता है जब एक समान प्रोटोकॉल का इस्तेमाल किया जा रहा हो यानी कि एक जिसेस हार्डवेयर और सॉफ्टवेर इनस्टॉल होने चाहिये। गेटवे नेटवर्क को ज्यादा लचीलापन प्रदान करता है क्योकि यह कंप्यूटर की सभी जानकारियों को ट्रांसलेट कर देते है।


सुरक्षा

गेटवे को प्रोग्राम्ड कर सकते है ताकि उससे कुछ यूजर्स के विशेषाधिकारो को स्वीकार या इंकार किया जा सके। यह यूजर्स ऑथेंटिकेशन को भी अलाऊ करता है ताकि किसी दुसरे पासवर्ड या किसी फॉर्म की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। जिससे सेंसिटिव जानकारियों को बचाया जा सके। 

गेटवे से हानि?

अब हम आपको गेटवे से जुडी हानियों के बारे मे जानकारी प्रदान करेंगे

अधिक समय लेना

जैसा कि हम जान गए है कि गेटवे जानकारियों को ट्रांसलेट करने का काम करता है इसलिए गेटवे नेटवर्क को इस्तेमाल करते समय थोडा अधिक समय लगता है अगर आप सोचे कि जल्दी से कोई चीज़ ट्रान्सफर हो जाएगी तो ऐसा संभव नहीं है।

Troubleshooting मे परेशानी

यह डिवाइस बहुत हार्ड प्रोसेस को फॉलो करती है जिससे इसे आसानी से प्रोग्राम्ड नहीं किया जा सकता, इसलिए इसकी Troubleshooting मे परेशानी आती है। इसका कारण है कि कंप्यूटर मे परेशानियों को खोजने के लिए अलग-अलग प्रोटोकॉल का प्रयोग किया जाता है। 

जब एक गेटवे फ़ैल हो जाता है तब नेटवर्क कम्युनिकेशन समाप्त कर देता है और उसके बाद दोबारा कम्युनिकेशन करने के लिए प्रॉब्लम को लोकेट करना जरुरी है यानी कि नेटवर्क पर उपलब्ध सभी कंप्यूटर से आपको गुजरना होगा और उन्हें अलग-अलग Troubleshoot करना होगा 

गेटवे और राऊटर मे से कौन सा बेहतर है?

विभिन्न नेटवर्क के बीच ट्रैफिक को कण्ट्रोल करने के लिए गेटवे का उपयोग करते है वही राऊटर का इस्तेमाल समान नेटवर्क के बीच ट्रैफिक को कण्ट्रोल करने के लिए किया जाता है इसलिए यह कहना थोडा मुस्किल है कि गेटवे और राऊटर मे से कौन सा बेहतर है क्योकि दोनों के ही अलग अलग काम है।

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Ankur Singh
हेलो दोस्तों, मेरा नाम अंकुर सिंह है और में New Delhi से हूँ। मैंने B.Tech (Computer Science) से ग्रेजुएशन किया है। और में इस ब्लॉग पर टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट से जुड़े लेख लिखता हूँ।

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