WWW क्या है – What Is World Wide Web In Hindi

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WWW kya hai? – What Is the World Wide Web In Hindi? दोस्तों Internet की हेल्प से World Wide Web को तो हम सभी Use करते है, पर क्या आपको पता है की आख़िर WWW होता क्या है? आज इस पोस्ट में मैं आपको डिटेल में बताऊँगा की आख़िर WWW क्या है? कब बना और किसने बनाया? उपयोग? फ़ायदे? इंटरनेट और WWW में अंतर? WWW का इतहास? & All about WWW in Hindi?

दोस्तो इस इंटरनेट जगत में वेबसाइट एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिये सूचनाएँ प्राप्त की जाती हैं! प्रायः आप जब भी गूगल पर किसी वेबसाइट का नाम टाइप करते हैं तो www का इस्तेमाल करते हैं! जैसे की www.facebook.com लेकिन क्या आपने कभी सोच है की आख़िर हम www का इस्तेमाल क्यों करते हैं?


दरअसल इंटरनेट की शुरुवात हुई थी तब से ही इसका इस्तेमाल इंटरनेट यूज़र्स द्वारा किया जाता है! लेकिन आख़िर यह www होता क्या है? आख़िर www तथा इंटनेट में क्या फर्क होता है? www के फ़ायदे क्या होते है? यह सभी सवाल अक्सर इंटरनेट यूजर के मैन में नही आते हैं परन्तु एक जागरूक इंटरनेट यूजर को www के बारे में जानकारी होनी चाहिए!

इसलिए आज के इस लेख में हम सरल शब्दोँ में www शब्द के बारे में अनेक चीजें जानेंगे! जिससे आपको www की उपयोगिता तथा इसके इतिहास के के बारे में जानने में मदद मिलेगी! सबसे पहले जानते हैं की WWW क्या है – What Is World Wide Web In Hindi?

इंटरनेट क्या है – What Is Internet In Hindi उसकी पूरी जानकारी यहाँ है।

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WWW क्या है – What Is World Wide Web In Hindi

WWW की full फॉर्म world wide web है जिसे शार्ट में www या the web भी कहा जाता है! यह एक Information System है जिसमें वेबसाइट्स तथा web पेजेस शामिल होते हैं! www का Tim Berners Lee द्वारा स्विट्ज़रलैंड में वर्ष 1989 को अविष्कार किया था! यहाँ आपका जानना जरूरी है की आज हम custom वेब पेजेस बनाने के लिए HTML भाषा का इस्तेमाल करते हैं।

WWW Html, Http, Web Server और Web Browser पर काम करता है, Web Server पर सभी Website के लिए एक Link होता है जो WWW और Dot के साथ जुड़ा होता है जिसे Web Address कहते हैं जैसे – www.futuretricks.org

WWW Ka Full Form

World Wide Web

World Wide Web Meaning In Hindi

विश्व व्यापी वेब

WWW कैसे काम करता है? – How WWW Works In Hindi

www को देखने अर्थात web को इस्तेमाल करने के लिए जिस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है उसे web browser कहा जाता है! जिसके लिए आपके डिवाइस में इंटरनेट का होना आवश्यक होता है! इंटरनेट पर वेब resources किसी भी प्रकार के downloaded मीडिया हो सकते हैं! लेकिन web pages हाइपरटेक्स्ट मीडिया होते हैं जिन्हें html भाषा में तैयार किया जाता है!

इस प्रकार की फॉर्मेटिंग web pages में हाइपरलिंक की अनुमति देती है जो url के रूप में show होता है जिससे यूज़र्स एक page से दूसरे पेज में सूचनाओं तथा जानकारी को देख पाते है!

web page में केवल text ही नहीं बल्कि image, वीडियो, सॉफ्टवेयर शामिल हो सकते हैं! जो उपयोगकर्ता को मल्टीमीडिया कंटेंट के रूप में दिखाई देते हैं!

संक्षेप में www को समझें तो world wide web दुनिया भर में इंटरनेट से जुड़ी सार्वजनिक वेबसाइट के कलेक्शन (संग्रह) को refers (संदर्भित) करता है! क्लाइंट डिवाइस जैसे स्मार्टफोन तथा कंप्यूटर में web ब्राउज़र के जरिये इन कंटेंट या रिसोर्सेस को देखा जा सकता है! तथा कई सालों से www को the web के नाम से भी जाना जाता है.

इंटरनेट और WWW में क्या अंतर है?

दोस्तों कई लोगों को लगता है कि इंटरनेट तथा वर्ल्ड वाइड वेब एक ही है! परंतु यहां हम आपको इनके बीच छोटे से फर्क को समझने जा रहे हैं! चलिए जानते हैं।


सरल शब्दों में समझें तो इंटरनेट नेटवर्क का एक वैश्विक नेटवर्क है! जबकि www जानकारियों को संग्रह करने का कार्य करता है जिसमें इंटरनेट के इस्तेमाल से ही जानकारियों को प्राप्त किया जा सकता है!

इसे एक अन्य उदाहरण की सहायता से समझें तो इंटरनेट एक book स्टोर से समझा जा सकता है परंतु उस book स्टोर में रखी किताबों को www के नाम से पहचाना जा सकता है। तथा बड़े स्तर पर समझें तो इंटरनेट को हम हार्डवेयर तथा www सॉफ्टवेयर के रूप में पहचान सकते हैं।

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WWW का इतिहास –  History Of World Wide Web In Hindi

www के संस्थापक (टीम बर्नर्स ली) का वैश्विक हाइपरलिंक इनफॉरमेशन सिस्टम का जो सपना था वह वर्ष 1980 में वास्तव में साकार हो गया!

टीम बर्नर्स ली ने एक कर्मचारी के रूप में cern (स्वीटजरलैंड) 1990 में अपना पहला ब्राउज़र लिखा! www के इतिहास को जानें तो वर्ष 1985 तक यूरोप में इंटरनेट फैलने लगा था! तथा domain name सिस्टम का इस्तेमाल किया जाने लगा था।

यहाँ आपका यह जानना जरूरी है कि जिस किसी वेबसाइट का जो नाम होता है उसे डोमेन नेम कहते हैं उदाहरण के लिए www.futuretricks.org एक डोमेन है अतः इस वेबसाइट को इंटरनेट की भाषा मे डोमेन नेम कहा जाता है!

1988 में पहली पहली बार उत्तरी अमेरिका तथा यूरोप के बीच ip कनेक्शन को स्थापित किया गया तथा टिम बर्नर्स ली ने इसके विषय में विस्तार से जानने के लिए Cern में वार्तालाप करना शुरू किया!

जब टीम बर्नर्स ली इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे तब वह काफी हताश भी हुए थे क्योंकि वे अलग-अलग कंप्यूटर में store जानकारी को प्राप्त करने में अक्षम या थे

मार्च 1989 को उन्होंने एक memorandum अर्थात ज्ञापन जिसका टाइटल इनफॉरमेशन मैनेजमेंट तथा यह एक प्रस्ताव था जो Cern Management को भेजा गया था जिसमें उन्होंने सिस्टम अर्थात Mash की बात कही थी यह एक डाटाबेस तथा सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट तथा जिसे उन्होंने 1980 में विकसित किया था!

चूँकि यह एक प्रस्ताव था जिसमें Mash सॉफ्टवेयर में web शब्द का इस्तेमाल किया गया था उन्होंने text में हाइपरलिंक के आधार पर अधिक विस्तारपूर्व सूचना देने वाली प्रणाली के बारे में describe किया था

उसके बाद उन्होंने इस प्रस्ताव में cern Management को कहा कि कल्पना कीजिए यदि इस डॉक्यूमेंट में किया गया रेफरेंस यदि किसी एड्रेस से जुड़े हों जिसके लिए उन्होंने रेफर किया है तो इससे एक यूजर किसी सूचना को बिना पूरा पढ़े ही स्किप कर सकता है तथा दूसरे डॉक्यूमेंट या वेबपेजेस को ओपन कर पायेगा!

इस तरह की प्रणाली को उन्होंने अपने इस प्रोजेक्ट में समझाया परंतु दुर्भाग्यपूर्ण उनका यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया क्योंकि हाइपरटेक्स्ट में मल्टीमीडिया डाक्यूमेंट्स को शामिल नहीं कर सकते दे जिस वजह से टीम बर्नर्स ली को उसके बाद है हाइपरमीडिया शब्द को इस्तेमाल में लाना पड़ा!

उसके बाद टिम बर्नर्स ली ने अपने साथी Robert Cailliau के साथ मिलकर नवंबर 1990 में एक बार फिर से औपचारिक प्रस्ताव पेश किया जिसमें उन्होंने हाइपरटेक्स्ट प्रोजेक्ट बनाने के बारे में बात करें जो हाइपरटेक्स्ट डाक्यूमेंट्स के लिए वर्ल्ड वाइड वेब अर्थात एक Web था जो कि ब्राउज़र द्वारा क्लाइंट सर्वर आर्किटेक्चर के द्वारा देखा जा सकता था।


तथा उस समय http विकसित हो चुका तथा इस तरह अनेक प्रयासों के बाद 1991 में www को लांच किया गया जिसने इंटरनेट की दुनिया को एक नई दिशा दी!

वर्ल्ड वाइड वेब प्रोजेक्ट पर कार्य करते हुए टिम बर्नर्स ली ने दुनिया को तीन मुख्य टेक्नोलॉजी प्रदान की जिनके बारे में नीचे बताया गया है !

वेब तथा अन्य resources का लिए एक सिस्टम जो वैश्विक रूप से विशिष्ट पहचानकर्ताओं के लिए बनाया गया जिसका नाम बदलकर बाद में url (uniform resource identifier) में परिवर्तित कर दिया!

टिम बर्नर्स ली ने हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज (html) को पब्लिश किया जिसे आज इंटरनेट पर सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है! HTTP को विकसित करने में भी उनका विशेष योगदान था!

WWW के फ़ायदे – Benefits Of World Wide Web In Hindi

दोस्तों इस तरह हमने www के इतिहास के बारे में जाना अब हम जानते हैं www का क्या महत्व है! अर्थात www के क्या फायदे हैं?

इंटरनेट के फायदे और नुकसान – Advantages & Disadvantages Of Internet In Hindi की पूरी जानकारी यहाँ है।

Online Shopping

world वाइड वेब की मदद से आज हम इंटरनेट का इस्तेमाल कर घर बैठे ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं! जिससे हमारे समय तथा ऊर्जा दोनों का बचाव हुआ है! भारत में अमेजॉन, फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियां बेहतर क्वालिटी के प्रोडक्ट पेश करती हैं! जिस वजह से आज अधिकतर लोग ऑनलाइन शॉपिंग का इस्तेमाल करते हैं!

Worldwide Chat

हम हजारों मील दूर रहकर भी लोगों से social media के माध्यम से कनेक्ट हो रहे हैं! जिस वजह से आज देश- विदेश में बैठे लोगों से बात करना काफी सरल बन चुका है।

Online Learning

इंटरनेट सूचनाओं का भंडार बन चुका है आज हम घर बैठे ई-लर्निंग के जरिए कई सारी चीजें इंटरनेट से वीडियो ट्यूटोरियल के माध्यम से सीख सकते हैं!

Digital Wallet

इंटरनेट की मदद से डिजिटल पेमेंट की ओर विभिन्न देश अग्रसर हुए हैं तथा cash की मात्रा में कमी आई है! जिससे न सिर्फ पर्यावरण को लाभ हुआ है बल्कि यह लोगों के लिए अधिक सुविधाजनक भी रहा है! आज भारत में phone Pe paytm तथा bhim upi जैसे डिजिटल वॉलेट इस्तेमाल होते हैं, जिनकी वजह से हम एक बैंक से दूसरे बैंक में पैसे ट्रांसफर आसानी से कर पाते हैं!

Calling

इंटरनेट के विस्तार ने वर्तमान समय में कॉलिंग के तरीके को बदल दिया है विशेषकर जब से भारत में इंटरनेट सस्ता हुआ है! आज हम ऑडियो- वीडियो कॉलिंग हम विभिन्न तरीकों से मुफ्त में कर पाते हैं साथ ही इसका एक विशेष लाभ यह है कि हम न सिर्फ अपने देश में बल्कि विदेशों में भी कॉलिंग कर सकते हैं!

Online Earning

इंटरनेट सूचनाओं का भंडार है तथा इसमें सूचनाएं प्रकाशित वाले लोगों को आज रोजगार भी इंटरनेट के जरिए मिल रहा है! अतः इंटरनेट पैसा कमाने का भी अच्छा माध्यम है इससे आप आप कहीं तरीकों से पैसे कमा सकते हैं!

ऑनलाइन पैसे कैसे कमाए – इंटरनेट से पैसे कमाने के तरीके की पूरी जानकारी यहाँ है।

दोस्तों इस तरह यह लिस्ट लंबी होती चली जाएगी! क्योंकि आज इंटरनेट की वजह से ही हम और आप आपस में जुड़े हैं! तो इसके फायदे अनेक हैं वहीं दूसरी और हालांकि इसके नुकसान भी हैं परंतु सकारात्मक नजरिये से देखें तो इंटरनेट ने संचार के तरीके को ही बदल दिया है।

उम्मीद है की अब आपको WWW (World Wide Web) के बारे में पूरी जानकारी मिल चुकी होगी, और आप जान गये होगे की WWW क्या है ?कब बना और किसने बनाया? उपयोग? फ़ायदे? इंटरनेट और WWW में क्या अंतर है? WWW का इतहास? & All about WWW in Hindi?

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Hope की आपको WWW क्या है – What Is World Wide Web In Hindi? का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।

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