वेब सर्वर क्या है? प्रकार और कैसे काम करता है? (Web Server in Hindi)

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अगर आप कभी भी अपने मोबाइल के वेब ब्राउज़र उपयोग करके कुछ भी सर्च करते है तो browser कुछ ही सेकंड मे आपके सामने उस वेब पेज को show कर देता है लेकिन क्या आपने काफी सोचा आखिर ये कैसे होता है? और यह वेब सर्वर क्या होता है?

वेब सर्वर क्या है? प्रकार और कैसे काम करता है? (Web Server in Hindi)


आखिर इस वेबसाइट को ब्राउज़र के पास तुरंत कौन भेजता है? अगर नहीं तो बता दें यह सब वेब सर्वर (Web server) के जरिए होता है।

अगर आप नहीं जानते है की Web server kya hai (वेब सर्वर क्या है) वेब सर्वर कैसे काम आता है, Types Of Web Server In Hindi (वेब सर्वर कितने प्रकार के होते है), वेब सर्वर और वेब होस्टिंग में क्या अंतर होता है? तो ऐसी Web Server से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी हम आपको इस आर्टिकल के जरिए बताएंगे।

वेब सर्वर क्या है? (What is Web Server in Hindi)

आसान शब्दो मे समझे तो Web server एक ऐसा कंप्यूटर सिस्टम या सॉफ्टवेयर होता है जो यूजर के द्वारा डाले गए कॉन्टेंट रिक्वेस्ट के अनुसार उस वेब पेज को यूजर के पास show करता। वेब सर्वर पर मौजूद डाटा को यूजर तक भेजने के लिए HTTP (Hypertext Transfer Protocol) का उपयोग किया जाता है।


वेब ब्राउज़र में कई सारे वेबसाइट और उनके content इंडेक्स रहते है, लेकिन ये सभी कॉन्टेंट (टेक्स्ट, इमेज, विडियो, ऑडियो, फाइल आदि) फॉर्मेट मे किसी न किसी वेब सर्वर में स्टोर रहते है ऐसे मे जब कोई यूजर कुछ भी सर्च करता है।

तो उदाहरण के तौर पर मान लीजिए की वेब सर्वर क्या होता है? ये आपने गूगल पर सर्च किया अब गूगल का सर्च इंजन अपनी मशीन में इंडेक्स (मौजूद) सारे रिजल्ट को show किया।

अब यहां आपको हमारा वेबसाइट दिखा आपने उस ब्राउज़र पर मोजूद Particular URL पर क्लिक किया। आपके क्लिक करते ही Request सर्वर के पास चली जाती है, और फिर वेब सर्वर के पास स्टोर उस लिंक से सम्बंधित सारे कॉन्टेंट को आपके सामने सर्वर के जरिए लाया जाता है।


इंटरनेट पर मौजूद हर वेबसाइट किसी न किसी वेब सर्वर पर स्टोर रहता है और प्रत्येक वेब सर्वर का अपना एक डोमेन नाम और एक IP एड्रेस होता है जिसके जरिए उस web server की पहचान की जाती है।

वेब सर्वर काम कैसे करता है? (How Does Web Server Work in Hindi)

अगर आपके पास थोड़ा बहुत भी कंप्यूटर टर्म या टेक्नोलॉजी से संबंधित जानकारी हैं तो आप बहुत ही आसानी से वेब सर्वर के काम करने के तरीके को समझ सकते है।

हालांकि हमने बहुत ही आसान सब्दो मे वेब सर्वर कैसे काम करता है इसके बारे मे बताया है ताकी कोई भी व्यक्ति आसानी से इसके काम करने के function को समझ सकें।


वेब सर्वर के काम करने के तरीके को मूलतः दो भागों में बाँट सकते हैं पहला ये एक ऐसा मशीन या कंप्यूटर होता है जिसमे वेबसाइट का डेटा स्टोर रहता है।

दूसरा भाग सॉफ्टवेयर होता है जो यूजर को वेब पेज सर्व करता है। वेब सर्वर के काम करने के फंक्शन मे पहला हार्डवेयर और दूसरा सॉफ्टवेयर होता है और सामान्यतया वब पेज HTTP प्रोटोकॉल के द्वारा ही यूजर तक भेजे जाते है।

जब आप इंटरनेट पर कोई वेबसाइट सर्च करते है जैसे की मान लीजिए filpkart.com तो गूगल आपकी Query के आधार पर फ्लिपकार्ट के वेब सर्वर के पास Request भेजता है।


फिर सर्वर flipkart के वेबपेज को ब्राउज़र के पास वापस भेजता है और ब्राउज़र आपके सामने वो पेज दिखाता है।

लेकिन इस प्रोसेस के दोररान जब आप वेबसाइट के कॉन्टेंट की रिक्वेस्ट डालते हैं ब्राउजर मे तो सबसे पहले वेब ब्राउज़र उस पार्टिकुलर वेबसाइट के Ip Address (Internet Protocol) को प्राप्त करता है, जिसे प्राप्त करने के लिए वो 2 तरीकों का इस्तेमाल करता है या तो इसे cache मे सर्च करता है या फिर एक से अधिक DNS (Domain Name System) सर्वर से प्राप्त करता है

IP एड्रेस प्राप्त करने के बाद web browser जिस पेज की रिक्वेस्ट अपने डाली है उसकी मांग वेब सर्वर से करता है अगर वो पेज वेब सर्वर में स्टोर होगा तो ब्राउज़र आपके सामने वो तुरंत दिखा देगा अगर वेबपेज वेब सर्वर में नहीं होगा तो ब्राउज़र आपको 404 का एरर दिखाता है।

आपको बता दें की वेब सर्वर के काम करने का प्रोसेस जितना बड़ा और लंबा लग रहा हैं उतना ही ज्यादा कंप्यूटर भाषा में सरल है। और यह सारे काम मिलिसेकेंड्स मे होते है। Web server का मुख्य काम यूजर की Request के अनुसार वेबपेज को सर्व करने का होता है।

Sources: (Wikipedia, Techtarget)

वेब सर्वर के प्रकार (Types of Web Server in Hindi)

वेब सर्वर मुख्य रुप से 4 प्रकार के होते हैं जैसे की:

  • Apache HTTP Server
  • Internet Information Server
  • NGINX Web Server
  • Light Speed Web Server

1. अपाचे वेब सर्वर (Apache Web Server)

अपाचे वेब सर्वर दुनियां का सबसे ज्यादा फेमस वेब सर्वर मे से एक है इस Web Server को Apache सॉफ्टवेयर फाउंडेशन के द्वारा बनाया गया था। दुनिया की लगभग 60 प्रतिशत से ज्यादा मशीन अपाचे वेब सर्वर का इस्तेमाल कर रही है, Apache वेब सर्वर को किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे Windows, Linux, Mac OS, UNIX, FreeBSD, में इनस्टॉल कर सकते है।

क्योंकि ये एक Open Source Software है जिसको हम अपने तरीके से remodify या edit कर सकते हैं। बाकी वेब सर्वर की तुलना मे अपाचे web server काफी स्टेबल है और समय समय पर इसमें अपडेट आता रहता है।

2. इंटरनेट सूचना सर्वर (International Information Server)

इंटरनेट सूचना सर्वर को International Information Server (IIS) कहते है, ये वेब सर्वर माइक्रोसॉफ्ट का ही एक प्रोडेक्ट है लेकिन ये अपाचे वेब सर्वर की तरह एक Open Source वेब सर्वर नही है इसलिए आप इसे किसी भी तरीके से remodify या edit नही कर सकते हैं।

इंटरनेट सूचना सर्वर अपाचे के तरह ही High Performing वेब सर्वर है लेकिन ये सभी ऑपरेटिंग सिस्टम पे वर्क नहीं करता है बहुत हीं गिने चुने ऑपरेटिंग सिस्टम को यह सपोर्ट करता है।

जैसे की विंडोज operating system साथ ही इस वेब सर्वर का Costumer Support Service भी काफी अच्छा है अगर थोड़ी सी भी दिक्कत आती है तो आप इनसे कॉन्टैक्ट कर सकते है।

3. एनजीआईएनएक्स वेब सर्वर (NGINX Web Server)

अपाचे वेब सर्वर के बाद सबसे ज्यादा लोग एनजीआईएनएक्स वेब सर्वर (NGINX Web Server) का ही इस्तेमाल करते है। ये भी एक ओपन Source वेब सर्वर है जिसमे IMAP/POP3 प्रॉक्सी सर्वर भी शामिल होता है।

इसमें आप अपने हिसाब से परिवर्तन नही कर सकते है, NGINX वेब सर्वर की सबसे खास बात ये ही की ये अपने हाई परफॉर्मेंस, स्टेबलिटी, आसान कॉन्फ़िगरेशन और कम रिसोर्स यूज करने के लिए जाना जाता है।

अभी के समय मे बहुत सारी होस्टिंग कंपनियां NGINX सर्वर का ही इस्तेमाल कर रही है क्योंकि एनजीआईएनएक्स वेब सर्वर रिक्वेस्ट को  हैंडल करने के लिए थ्रेड का इस्तेमाल नहीं करता है।

क्योंकि ये सर्वर पर request किये गये डाटा को भेजने के लिए एक से अधिक Scalable event-driven Architecture का उपयोग करता है जो लोड के अनुसार मेमोरी का छोटा और अनुमानित मात्रा में इस्तेमाल करता है। अभी के समय मे nginx सर्वर पर दुनिया के 7.5% डोमेन नेम की होस्टिंग चल रही है।

4. लाइट स्पीड वेब सर्वर (Light Speed Web Server)

अपाचे और एनजीआईएनएक्स वेब सर्वर की तुलना मे लाइट स्पीड वेब सर्वर (Light Speed Web Server) काफी ज्यादा स्पीड देता है और Php पर बने वेबसाइट  के लिए तो यह बहुत ही फ्रेंडली है, इस वेब सर्वर का परफॉरमेंस भी काफी अच्छा है क्युकी ये बहुत हीं ज्यादा Fast , Secure, Relaible और User Freindly है।

लाइट स्पीड को Apache वेब सर्वर के Alternet के तौर पर देखा जा रहा है शायद यही कारण है की अभी के समय मे बनाई गई अधिकतर वेबसाइट इसी वेब सर्वर का उपयोग कर रही हैं।

क्युकी इसका रिस्पॉन्स टाइम बहुत ही फास्ट है। आपको बता दें की ये भी एक Open Source Web Server है जिसमे आप अपनी ज़रूरत के अनुसार बदलाऊ भी कर सकते है।

साथ ही ये सभी तरह की Language में काम करता हैं और सभी तरह के Operating System को सपोर्ट भी करता है। Light Speed एक व्यावसायिक (commercial) Web Server भी है।

वेब सर्वर के लिए इन चार सॉफ्टवेर के अलावा और भी कई सारे सॉफ्टवेर हैं जैसे- Netscape, नोवेल का netware server, google का GEF, IBM का डोमिनो (Domino) server और Google web server आदि इनमे से कुछ commercial वेब सर्वर है तो कुछ free वेब सर्वर हैं।

वेब सर्वर की विशेषताएं (Feature of Web Server in Hindi)

वेब सर्वर की कुछ प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं जो इस प्रकार हैं।

  • वेब सर्वर का मुख्य फीचर सर्वर पर होस्ट हो रहे वेब साइट कि फाइलों को स्टोर करना और उन्हें इंटरनेट पर ब्रॉडकास्ट करना है।
  • Web Server यूजर और सर्वर के बीच संचार स्थापित करने के लिए HTTP (Hypertext Transfer Protocol) का उपयोग करता हैं।
  • Virtual Hosting के जरीए एक साथ कई वेबसाइट web Server पर सर्व कर सकते है।
  • Web Server HTTP के साधारण पोर्ट 80 की जगह HTTPS के Standard Port 443 का उपयोग करता है।
  • वेब सर्वर के एचटीटीपी प्रोटोकॉल के उपयोग से ही वर्ल्ड वाइड वेब (www) के जरीए हम डाटा भेज पाते हैं।
  • Web server ही web master को फाइल्स पर log analyzer चलाकर डाटा कलेक्ट की परमिशन देता है।
  • Web Server ही क्लाइंट रिक्वेस्ट तथा फाइल्स के लिए सर्वर रेस्पॉन्स के बारे में विस्तृत जानकारी को लॉगिन करने में सहायक होता है।
  • रिसोर्सेस को एक्सेस करने से पहले यूजर नेम और पासवर्ड के जरिए Authentication के लिए अतिरिक्त Authorization request भी वेब सर्वर भेजता है।
  • SSI, CGI, SCGI, FastCGL, JSP, ColdFusion, PHP आदि जैसे एक या एक से अधिक रेकलेटिड इंटरफ़ेस के सपोर्ट द्वारा स्टैटिक कंटेंट तथा डायनामिक कंटेंट्स की Handling को वेब सर्वर सपोर्ट करता है।
  • वेब सर्वर Bandwidth throttling भी करता है इसके लिए रेस्पोंस स्पीड को सीमित करता है ताकि नेटवर्क saturated न हो और ज्यादा यूजर को सर्व कर सके।
  • वेब सर्वर large file supported होना चाहिए जो 32 Bit OS पर large file को आसानी से serve कर सके।

वेब सर्वर की उपयोगिता क्या है? (Uses of Web Server in Hindi)

वेब सर्वर के कुछ प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं जैसे की

  • बिना वेब सर्वर के इंटरनेट का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।
  • इंटरनेट पर मौजूद वेब पेजों को यूजर तक पहुंचाने के लिए वेब सर्वर जरूरी है।
  • इंटरनेट के काम करने के तरीके का वेब सर्वर एक प्रमुख अंग है।
  • वेबसाइट की होस्टिंग को मैनेज करने का काम वेब सर्वर ही करता है।
  • फाइल ट्रान्सफर प्रोटोकॉल को भी वेब सर्वर के जरीए ही किया जाता है जिससे हम इंटरनेट पर किसी वेबसाइट पर कुछ अपलोड या डाउनलोड कर सकते है।
  • इंटरनेट यूजर के द्वारा भेजे गए रिक्वेस्ट को वेब सर्वर Accept करता है और उनके रिक्वेस्ट के आधार पर अलग – अलग वेब पेज को उन तक पहुंचाता है।
  • वेब सर्वर को केवल किराये पर देने के लिए वेब होस्टिंग का बिजनेस किया जाता है।
  • इंटरनेट पर मोजूद अधिकांश वेब साइट के मालिक अपना स्वयं का वेब सर्वर नही रख सकते हैं। इसलिए वो अपनी जरूरत के अनुसार होस्टिंग खरीदकर उच्च-तकनीकी सर्वर का उपयोग करते हैं।

Web Server Down का मतलब क्या है?

अगर आप इंटरनेट पर कुछ भी काम करते है या कोई भी वेबसाइट का उपयोग करते है तो आपने कभी न कभी server down या server failed वर्ड के बारे मे जरूर सुना होगा। अगर आप बैंक या किसी ऑफिस मे किसी काम से जाते हैं।

तो वहां भी आपने एम्प्लॉय से ये कभी न कभी जरूर सुना होगा की कुछ देर बाद आइए फ़िलहाल सर्वर डाउन है आखिर इस Web Server Down का मतलब क्या होता हैं और इसके पीछे क्या कारण होता है।

वेब सर्वर का काम हमेशा उसके पास रिक्वेस्ट की गई फाइलों को client या यूजर तक पहुंचना होता है जब वह ऐसा करने मे असमर्थ होता है तो वो server not found और server not responding का मैसेज दिखाता है।

वेब server down होने के पीछे बहुत सारे काम हो सकते हैं जैसे की डेवलपर के द्वारा सर्वर पर कुछ बदलाव किया जा रहा हो या फिर वेबसाईट मेनटेंस का काम चल रहा हो।

इसके अलावा भी server down के पीछे कई कारण हो सकते है जैसे की Network problem, Application crash, operating system crashes, power failure, DOS attack, high load, power failure, आदि।

डोमेन नेम और वेब सर्वर में क्या अंतर है?

वेब सर्वर और डोमेन नेम के बीच का अंतर हमने आपको नीचे टेबल के माध्यम से बताया है।

Domain nameweb सर्वर
डोमेन नेम किसी भी वेबसाइट का एड्रेस होता है जिसके जरिए ही हम इंटरनेट पर किसी वेबसाईट तक पहुंचते है।वेब सर्वर किसी भी वेबसाइट का घर होता हैं जहां पर उस वेबसाइट का सारा डाटा स्टोर रहता है।
इंटरनेट पर कोई भी वेबसाइट बनाने के लिए एक डोमेन नेम की जरूरत परती है।वही उस डोमेन नेम के डाटा और उसके फाइल्स को स्टोर करने के लिए और इंटरनेट यूजर तक पहुंचाने के लिए वेब सर्वर की जरूरत पड़ती है।
बिना डोमेन के हमारी वेबसाइट तक कोई इंटरनेट यूजर नही पहुंच सकता है।वहीं बिना वेब सर्वर के उस डोमेन पर मोजूद वेबसाइट के डाटा को इंटरनेट यूजर एक्सेस नही कर सकता है।
इन्टरनेट पर मौजूद सभी वेबसाइट का डोमेन नेम अलग होता है एक domain नेम का इस्तेमाल दो वेबसाइट नहीं कर सकता है।वही जब इंटरनेट यूजर ब्राउजर पर उस डोमेन का यूआरएल डालता है तो ब्राउजर इंटरनेट के जरिए आपके सर्वर को रिक्वेस्ट भेजता हैं उसके रिस्पॉन्स में सर्वर वेब पेज शो करता है।
अपनी वेबसाइट बनाने के लिए हमे domain register करने वाली कंपनी से पहले डोमेन खरीदना होता है।डोमेन को इंटरनेट के जरिए एक्सेसिबल बनाने के लिए हमें वेब सर्वर की जरूरत होती है जिसके लिए हम वेब होस्टिंग खरीदते है।
Domain नेम को कम से कम एक साल के लिए लेना होता है वही उस बीच कोई दूसरा आपका डोमेन नेम नही खरीद सकता। वही अगर 1 साल बाद जब वो एक्सपायर हो जाता है और आप उसे रिन्यू नही करवाते है तो वो वापस सेलिंग के लिए चला जाता है।Domain नेम को इंटरनेट पर लाइव करने के किए वेब सर्वर की जरूरत होती है खुद सर्वर बनाना आम लोगो के लिए संभव नही होता है इसलिए वो वेब होस्टिंग के जरिए 3 महीने, 6 महीने, 1 साल,2 साल ,4 साल या मंथली बेसिस पर सर्वर खरीदते है।

वेब सर्वर और वेब होस्टिंग में अंतर?

वेब सर्वर और वेब होस्टिंग के बीच अंतर को हमने नीचे टेबल के द्वारा आपको बताया है।

वेब सर्वर (Web server)वेब होस्टिंग (Web Hosting)
Web server एक ऐसा कंप्यूटर सिस्टम है जो वेब साइट को इंटरनेट पर चलाता है।वेबसाइट को सर्वर पर होस्ट करने के लिए मूल रूप से वेब होस्टिंग इस्तेमाल करने का ही एक प्रोसेस है।
वेब पेजों को अपने सर्वर पर स्टोर करना तथा यूजर को डिलीवर करना वेब सर्वर का मुख्य काम होता है।वेब होस्टिंग का मुख्य काम उनके यहां होस्टेड विभिन्न वेबसाईट के वेबपेजों को अपने सर्वर पर स्टोर करना, सेटअप करना और उनसे वेब सर्वर से जुड़ी तकनीकी समस्याओं को ठीक करना है।
Web server नेटवर्क में दुसरे डिवाइस या प्रोग्राम को सर्विस भी प्रदान करवाता है।

 

 

WWW के जरिए वेब होस्टिंग Individuals और Organizations को अपनी वेबसाइट  Accessible बनाने की अनुमति प्रदान करता हैं।
वेबसाइटों को इन्टरनेट पर दिखाने के लिए ही वेब सर्वर का  इस्तेमाल किया जाता है।वेब होस्टिंग के जरिए हमें खुद का सर्वर नहीं बनाना होता बल्कि बहुत ही मिनिमल चार्ज पर हम वेबसाइट को चलाने के लिए वेब सर्वर का इस्तेमाल कर सकते है।
प्रॉक्सी सर्वर, मेल सर्वर, एप्लिकेशन सर्वर आदि वेब सर्वर के विभिन्न प्रकारों में सामिल है।शेयर्ड होस्ट, डेडिकेटेड होस्ट, क्लाउड होस्टिंग, 3 VPS होस्टिंग (Virtual Privet Server),  आदि वेब होस्टिंग के प्रकार हैं।

वेब सर्वर और एप्लीकेशन सर्वर में क्या अंतर है?

नीचे टेबल मे हमने आपको वेब सर्वर और एप्लीकेशन सर्वर के बीच का अंतर बताया है।

वेब सर्वरएप्लीकेशन सर्वर
वेब सर्वर केवल HTTP, HTTPS प्रोटोकॉल को support करता है।एप्लीकेशन सर्वर  HTTP प्रोटोकॉल के अल्वा IIP, RMI/RPC protocol भी सपोर्ट करता है।
वेब सर्वर में रिसोर्स यूटिलाइजेशन बहुत कम होता है।एप्लीकेशन सर्वर में ज्यादा रिसोर्सेज का उपयोग होता है।
वेब सर्वर runtime environment वेब अप्लीकेशन के लिए प्रदान करता है।Application server enterprise applications को रनटाइम वातावरण प्रदान करता है।
Web server मे सिर्फ   .EAR फाइल को deploy कर सकते हैं।एप्लीकेशन सर्वर मे .WAR और .EAR दोनो फाइल को deploy कर सकते है।
Tomcat, Apache, JWS, और Reisn वेब सर्वर के उदाहरण है।Weblogic, Jboos, और websphere आदि एप्लीकेशन सर्वर के उदाहरण है|
Web server सिर्फ सेर्विलेट contener और JSP contener का इस्तेमल करता है।वही Application Server सेर्विलेट contener और JSP contener के अल्वा ejb contener का भी इस्तेमाल करता है।
Web server मल्टीथ्रेडिंग को सपोर्ट नहीं करता है।वही Application Server मल्टीथ्रेडिंग सपोर्टेड है।
इसका उपयोग छोटे और मध्यम स्तर के लिए किया जाता है.वही एप्लीकेशन सर्वर का उपयोग बड़े एप्लिकेशन के लिए किया जाता है।

Web browser और Web server मे क्या अंतर है?

नीचे टेबल मे हमने आपको वेब ब्राउजर और वेब सर्वर के बीच का अंतर बताया है।

Web BrowserWeb Server
इन्टरनेट में मौजूद वेब पेज को एक्सेस करने के लिए वेब ब्राउज़र software का उपयोग किया जाता है।वेब सर्वर ऐसा कंप्यूटर  सॉफ्टवेयर होता है जो वेब ब्राउज़र द्वारा रिक्वेस्ट भेजने पर वेब पेज इंटरनेट यूजर को serve करता है।
Web Browser जो है वो वेब सर्वर को request भेजता है.वही वेब ब्राउज़र के द्वारा भेजे गए request को Web Server accept करता है और उसके रिस्पॉन्स मे पेज दिखाता है।
वेब ब्राउजर HTTP request को send भी करता है और HTTP response को एक्सेप्ट भी करता है।वेब सर्वर ब्राउजर के द्वारा भेजे गए HTTP request को प्राप्त करता है और HTTP response ब्राउजर को send करता है.
वेब ब्राउजर का processing model नहीं होता है।लेकिन वेब सर्वर के पास तीन processing model होता है  Process Based, Thread Based और Hybrid।
वेब ब्राउज़र इंटरनेट यूजर के  data को cookies के रूप में अपने पास स्टोर करता हैवही वेब सर्वर data को अपनी मेमोरी में स्टोर करता है अगर उसका क्लाइंट चाहे।
Web Browser URL के द्वारा वेबपेज को खोलता है।जबकि वेब सर्वर उन यूआरएल पर मौजूद डाटा को स्टोर रखता है।
वेब ब्राउज़र को हम अपने कंप्यूटर या स्मार्टफोन मे install करते है।आम इंटरनेट यूजर को अपने कंप्यूटर में वेब सर्वर को install करने की जरूरत नहीं होती है क्युकी ये सिर्फ उन्हे काम आता है जिन्हे अपना खुद का वेबसाइट इंटरनेट पर रन करवाना होता है।
वेब ब्राउज़र इंटरनेट यूजर और सर्वर के बीच एक इंटरफ़ेस के रूप में काम करता है। ताकि यूजर को उनके द्वारा भेजे गए  अनुरोध के अनुसार रिजल्ट प्राप्त हो।वही वेब सर्वर ब्राउज़र के अनुरोधों को स्वीकार करने, प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न करने,  के लिए काम करता है।
Chrome Browser, Opera Browser, Internet Explorer इत्यादि Web Browser के उदाहरण हैवही Apache Server, Nginx, Lighttpd, आदि Web Server के उदाहरण है।

तो दोस्तों आशा करते हैं की आपको वेब सर्वर से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी अब मिल गई होगी, और आप जान गये होगे की आख़िर यह वेब सर्वर क्या होता है? प्रकार और कैसे काम करता है? (Web Server in Hindi)

Frequently Asked Questions

वेब सर्वर की परिभाषा क्या है

web server एक ऐसा computer होता है जो HTTP PROTOCOL का उपयोग करते हुए वेबसाइट को इंटरनेट पर run करवाता है। वेब सर्वर अपने कंप्यूटर प्रोग्राम के जरिए वेब पेजों को बाँट देता है जिसके बाद जैसे ही इंटरनेट उस पेज को देखने के लिए रिक्वेस्ट डालता है वैसे ही वो store वेब pages को process कर अंत में यूज़र को deliver करता है।

वेब सर्वर कैसे बनाते हैं?

वेब सर्वर बनाने के लिए सर्वर Operating System इंस्टॉल करने की जरुरत होती है साथ ही ही 24 घंटे इंटरनेट कनैक्शन की आवश्यकता भी पड़ती है। साथ ही एक कंप्यूटर को सर्वर में चेंज करने के लिए सबसे ज़रूरी उसकी Storage Capacity अच्छी होनी चाहिए ताकि सर्वर 24 घंटे काम करने की क्षमता रख सके।

क्या अपना खुद का वेब Server बनाना संभव है?

वैसे तो किसी इंडिविजुअल के लिए खुद का वेब सर्वर बनाना आसान काम नही होता है लेकिन अगर आप चाहें तो खुद का सर्वर बना सकते है वो भी अपने computer का उपयोग करके खुद का server चला सकते है।

माइक्रोसॉफ्ट द्वारा develop किया हुआ वेब सर्वर का क्या नाम है?

इंटरनेट सूचना सर्वर (International Information Server) को माइक्रोसॉफ्ट द्वारा develop किया गया है।

Google द्वारा कोनसा वेब सर्वर develop किया गया है?

GWS यानी गूगल वेब सर्वर और Netscape को Google द्वारा develop किया गया है।

File Server क्या होता है?

फाइल सर्वर ऐसा सर्वर होता है जो एक कंप्यूटर में सारे फाइल को स्टोर करता है साथ ही उसको मैनेज भी करता है, इसका इस्तेमाल local network पर किया जाता है जब ब्राउज़र के जरिए कोई इंटरनेट यूजर किसी फाइल के लिए request भेजता है तो उसके रिस्पॉन्स में File Server अपने कंप्यूटर से उस फाइल की कॉपी को इंटरनेट यूजर तक भेजता है।

Email सर्वर क्या होता है?

ई-मेल सर्वर ऐसे सर्वर होते है जो मेल को सेंड करने के लिए और मेल रिसीव करने के लिए काम करते है और यूजर के अकांउट के डिटेल और डाटा को अपने पास स्टोर करके रखते हैं। जब भी आप किसी दोस्त को ईमेल भेजते है तो वो ईमेल सर्वर के जरिए SMTP protocol का उपयोग करके आपके दोस्त के अकाउंट पर मेल सेंड करता है।

Proxy Server क्या होता है?

जब इंटरनेट यूजर किसी सर्विस या web page के लिए ब्राउजर को request करता है तो वो proxy server से जुड़ जाता है और proxy सर्वर उस रिक्वेस्ट को आसान  बनाने के लिए और complexity को नियंत्रित करने में भूमिका निभाता है। आम शब्दों मे समझे तो client और server के बीच प्रॉक्सी सर्वर एक मध्यस्थ के रूप मे रहता है और network connection sharing, network data filtering और data caching जैसे काम करता है।

File Transfer Protocol (FTP) सर्वर क्या होता है?

FTP प्रोटोकॉल सर्वर का काम ऑनलाइन फाइल को ट्रांसफर करने का होता है ये एक पुरानी तकनीकी सेवा है जो files को, एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में सुरक्षित तरीके से ट्रांसफर करने में मदद करता है।

चैट सर्वर क्या होता है?

चैट सर्वर उपयोगकर्ताओं के बीच हो रहे आपस की चैटिंग को handle और maintain करने के लिए processing power प्रदान करता है। इन चैट सर्वर के पास real-time discussion capabilities होती है जिसके जरिए real-time मे यूजर instant conversation आपस में कर पाते है।

इस आर्टिकल के जरिए हमने आपको वेब सर्वर क्या है (What is Web Server in hindi) इसके संबंध मे सारी जानकारी प्रदान की है, हमने पूरी कोशिश की है आपको वेब सर्वर कैसे काम करता है? इसके बारे मे डिटेल से बता सकें साथ ही हमने आपको वेब सर्वर के कितने प्रकार होते है इसके बारे मे भी बताया है।

यह भी पढ़े:

इसके अलावा वेब सर्वर और वेब होस्टिंग में क्या अंतर होता है, Web browser और Web server मे क्या अंतर होता है,वेब सर्वर और एप्लीकेशन सर्वर में क्या अंतर है?

 जैसी सभी प्रकार की जानकारी आपको इस आर्टिकल के जरिए दी गई है। अगर आपको Web server से सम्बन्धित किसी भी प्रकार का प्रश्न पूछना है तो नीचे कॉमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं।

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Ankur Singh
हेलो दोस्तों, मेरा नाम अंकुर सिंह है और में New Delhi से हूँ। मैंने B.Tech (Computer Science) से ग्रेजुएशन किया है। और में इस ब्लॉग पर टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट से जुड़े लेख लिखता हूँ।

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