Resume क्या होता है? Resume Kya Hota Hai In Hindi


आज के समय में कई सारी चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें सीखना आवश्यक माना जाता है और जिनके माध्यम से कोई भी काम आसान होता है। जिसमें से एक resume है। दोस्तों आजके इस पोस्ट में हम जानिंगे की आख़िर Resume क्या होता है? Resume Kya Hota Hai In Hindi!

Resume क्या होता है? Resume Kya Hota Hai In Hindi

समान्य रूप से देखा जाता है कि जब युवा वर्ग बाहर नौकरी के लिए जाते हैं या फिर किसी खास उद्देश्य के लिए बाहर निकलते हैं, तो उन्हें रिज्यूम बनाने की आवश्यकता होती है। इसके माध्यम से युवा वर्ग सही तरीके से आगे बढ़ सकते हैं और भविष्य को निर्धारित किया जा सकता है।


ऐसे में आज हम आपको Resume क्या होता है? इसकी भूमिका, प्रकार और इससे जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारी देंगे जिससे आप सही तरीके से इसका उपयोग कर सकेंगे।

Resume क्या होता है?

दरअसल रिज्यूम एक प्रकार का दस्तावेज होता है जिसका उपयोग उस समय किया जाता है, जब आप किसी नई नौकरी या किसी नए संस्थान में प्रवेश करते हैं। इसके माध्यम से अपने कौशल के बारे में सामने वाली कंपनी और संस्थान को जानकारी दिया जाता है और इसके अलावा रिज्यूम के माध्यम से वह सारी जानकारी दी जाती है जिसके द्वारा आसानी के साथ नौकरी मिल जाए और सही तरीके से अपने कार्य को अंजाम दिया जा सके।

एक अच्छा resume किसी भी संस्था या पद पर नौकरी पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, अगर आप किसी कार्य हेतु योग्य व्यक्ति है और आपका रिज्यूम आपकी योग्यताओं का बखान करने में सक्षम है तो आप बड़ी से बड़ी नौकरी प्राप्त कर सकते है।

रिज्यूम का उद्देश्य

जब भी रिज्यूम बनाया जाता है, तो एक बात ध्यान में रखा जाता है कि आपके द्वारा बनाया गया रिज्यूम इतना अच्छा होना चाहिए कि इसके माध्यम से आपको इंटरव्यू के लिए बुलाया जा सके। आपने देखा होगा कि जब भी किसी जॉब के लिए वैकेंसी निकलती है, तो सबसे पहले आपका रिज्यूम मंगवाया जाता है। ऐसा इसलिए होता है ताकि यह देख लिया जाए कि आप उस जॉब के लिए काबिल है या नहीं?

ऐसे में रिज्यूम बनाने का मुख्य उद्देश्य सही तरीके से उन सभी जानकारियों को देना है जिनके माध्यम से आप एक अच्छी नौकरी के हकदार हो सकते हैं। ऐसे में हमेशा रिज्यूम को आकर्षक बनाना ही सही होगा ताकि आपको आसानी से मना ना किया जा सके।

इसके अंतर्गत आपके अनुभव, कार्यकुशलता, शैक्षणिक योग्यता, पद के बारे में उचित जानकारी दी जा सकती है जिससे आपको कुछ बताने की आवश्यकता ना हो और सब कुछ आपका रिज्यूम ही बोल दे।

रिज्यूम के प्रकार

अगर आप कोई अच्छी नौकरी की तलाश में है, तो ऐसे में आपको रिज्यूम के प्रकार के बारे में जानकारी होना चाहिए जिसके माध्यम से आप सही प्रकार से रिज्यूम बनाते हुए लोगों को अपने बारे में जानकारी दे सकें और एक अच्छी नौकरी हासिल कर सकें।

  • Chronological Resume — यह समस्त रिज्यूम के प्रकारों में से सबसे पहले उपयोग किया जाता है। सामान्य रूप से इसका उपयोग उस समय होता है, जब पहले से ही किसी कंपनी या संस्थान के लिए कार्य किया जा चुका हो। ऐसे में इसमें तिथि की भी जानकारी दी जाती है और अनुभव एवं पद के बारे में भी लिखा जाता है जिसमें पहले कार्य कर चुके हैं। प्रत्येक रिज्यूम की अलग-अलग बनावट होती है जिसमें कार्य भी अलग प्रकार से संपन्न किए जाते हैं।
  • Functional Resume — जब भी कोई रिज्यूम बनाया जाता है, तो उसमें इस रिज्यूम को भी शामिल किया जाता है। इसके अंतर्गत अपने कौशल के बारे में जानकारी दी जाती है ताकि सामने वाले को आपके अंदर समाहित कौशल के बारे में सही जानकारी प्राप्त हो सके। इसके अलावा अपने कौशल एवं उपलब्धि से संबंधित जानकारी भी दी जाती है और कई बार इसका उपयोग नई जॉब में आने पर भी किया जाता है जिससे भविष्य को सुनिश्चित किया जा सकता है।
  • Combination Resume — यह इस प्रकार का रिज्यूम होता है जिसमें नियोक्ता और पद के बारे में भी जानकारी दी जाती है और साथ ही साथ इसमें अपने पिछले कार्यों का भी उल्लेख होता है।
  • Digital Resume — जैसा कि हम सभी ने देखा है कि आज का समय पूर्ण रूप से डिजिटलीकरण वाला है, जहां पर हम हर काम इंटरनेट के माध्यम से डिजिटल रूप से करते हैं और इसके माध्यम से अपने कार्य को आसान भी बनाया जा सकता है। ऐसे में रिज्यूम बनाने के लिए भी डिजिटल तरीका उपयोग किया जाता है, जिसके अंतर्गत वेब भाषा का इस्तेमाल होता है। ऐसे में इस डिजिटल रिज्यूम के माध्यम से भी अपने रिज्यूम को आकर्षक बनाया जा सकता है, जो कहीं ना कहीं हमारे लिए फायदेमंद हो सकता है।

रिज्यूम के मुख्य भाग

आज के समय में रिज्यूम बनाना बहुत जरूरी होता है क्योंकि कहीं ना कहीं यह हमारे बहुत ज्यादा काम आ जाते हैं लेकिन हमें इसके मुख्य भागों के बारे में भी जानकारी होना जरूरी है, ऐसे में आज हम आपको इसके मुख्य भागों के बारे में भी जानकारी देंगे।

  • रिज्यूम हैडर— जब भी रिज्यूम बनाते हैं, तो यह सब से ऊपरी भाग होता है जिसमें मुख्य रुप से नाम, फोटो, जानकारी होती है। इसके अंतर्गत हमेशा पासपोर्ट साइज फोटो लगाया जाता है। अगर आप चाहे तो रंगीन फोटो भी लगा सकते हैं। इसके अंतर्गत इसमें अपने प्रोफेशन का भी वर्णन किया जाता है, जो कहीं ना कहीं आपके कौशल को भी बताता है।
  • कांटेक्ट की जानकारी—- रिज्यूम के इस मुख्य भाग में मुख्य रूप से नाम, नंबर, पता, ईमेल ऐड्रेस के बारे में जानकारी दिया जाता है ताकि पढ़ने वाले को सही तरीके से पूरी स्थिति के बारे में पता चल सके।
  • करियर के बारे में जानकारी— रिज्यूम के इस हिस्से को छोटे पैराग्राफ के रूप में लिखा जाता है जिसमें कुछ जरूरी जानकारियों को लिख दिया जाता है। हालांकि आज के समय में इसे वैकल्पिक माना गया है और अगर इसका उल्लेख न भी हो तो भी रिज्यूम को पूर्ण माना जाता है।
  • शैक्षणिक योग्यता— रिज्यूम के इस भाग में शैक्षणिक योग्यता के बारे में जानकारी दी जाती है जिसके अंतर्गत उस मुख्य संस्था का नाम लिखा जाता है जहां आप कार्यरत थे या जहां अपने अध्ययन किया था। इसके अलावा इसमें पूर्व के डिग्री एवं उत्तरण वर्ष के बारे में भी जानकारी दी जाती है ताकि दूसरे संस्था को आपके बारे में सही जानकारी प्राप्त हो सके।
  • कौशल क्षमता— इसके अंतर्गत आपकी कौशल क्षमता के बारे में भी जानकारी दी जाती है। ऐसे में आपने जिस भी संस्था मैं कार्य किया है उसके बारे में विस्तृत जानकारी दी जाती है और सही तरीके से उल्लेख भी किया जाता है।
  • अनुभव— इसे रिज्यूम का मुख्य अंग माना जाता है जिसके अंतर्गत उन सारे संस्था या कंपनी के बारे में लिखा जाता है, जहां आप ने पूर्व में काम किया था। इसके अलावा इस बात की भी जानकारी दी जाती है कि पिछले संस्था में आपने कितने दिनों तक कार्य किया है और उस संस्था को छोड़ने का क्या कारण था? इन सभी मुख्य जानकारियों को देना सही माना जाता है ताकि सामने वाले को भी आपके बारे में उचित जानकारी हो।
  • मिलने वाले अवार्ड– इस भाग के अंतर्गत अगर आपको पिछले संस्था से कोई अवार्ड या पुरस्कार प्राप्त हुआ हो, तो उसके बारे में जानकारी दी जाती है ताकि आप की उपलब्धियों के बारे में भी  पता हो सके।
  • शौक — जब आप सारी जानकारियों को लिख लेते हैं उसके बाद आप अपने शौक को भी लिख सकते हैं। जिसके अंतर्गत अपने अंदर चल रहे पैशन के बारे में भी जानकारी दी जा सकती है।

रिज्यूम के मुख्य उपयोग

आज के समय में जब भी किसी नई जगह नौकरी करते हैं या फिर अध्ययन करने जाते हैं, ऐसे में रिज्यूम की आवश्यकता होती है और इसका बहुत प्रकार से भी उपयोग किया जा सकता है।

  1. अगर आप किसी नई नौकरी के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो इसके लिए आप रिज्यूम बना सकते हैं।
  2. अगर किसी भी देश की यूनिवर्सिटी में भी अप्लाई करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपका अट्रैक्टिव रिज्यूम ही कारगर साबित होता है।
  3. किसी भी प्रोफेशनल कोर्स के दाखिले के लिए रिज्यूम को आवश्यक माना जाता है।
  4. रिज्यूम के माध्यम से किसी भी क्षेत्र में अपनी कौशल क्षमता के बारे में जानकारी दी जा सकती है।

रिज्यूम बनाते वक्त ध्यान रखें इन सावधानियों का

जब भी रिज्यूम बनाया जाए तो अगर इन मुख्य सावधानियों के बारे में ध्यान रखा जाए तो निश्चित रूप से ही आप एक बेहतरीन रिज्यूम बना सकते हैं।


  1. रिज्यूम बनाते समय हमेशा उस कंपनी के बारे में जानकारी जरूर दें जहां आप ने पूर्व में कार्य किया था।
  2. अगर रिज्यूम को सही भाषा का इस्तेमाल करते हुए बनाया जाता है, तो यह काफी अट्रैक्टिव हो जाता है।
  3. रिज्यूम हमेशा एक पन्ने का ही बनाना चाहिए।
  4. जब भी रिज्यूम बनाए तो उसका फॉर्मेटिंग सही तरीके से करना होगा ताकि उसे अट्रैक्टिव बनाया जा सके।
  5. रिज्यूम बनाते समय फोंट का साइज 12 से 14 के बीच होना चाहिए।

खुद के लिए रिज्यूम कैसे बनाएं?

मुख्य रूप से रिज्यूम को साइबर कैफे में बनाया जाता है लेकिन अगर आप चाहे तो खुद से ही अपना रिज्यूम बना सकते हैं।

इसके लिए आपको अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में winword पर जाना होगा। उसके बाद आपको एमएस वर्ड में जाकर अपने बारे में समस्त जानकारी लिखना होगा जैसा हमने आपको जानकारी दी है। जब आप अपना रिज्यूम तैयार कर लेंगे उसके बाद उसे फॉर्मेट करना होगा ताकि सही तरीके से अट्रैक्टिव बनाया जा सके।

इसे आप बड़ी ही आसानी के साथ अपने घर में भी बना सकते हैं ताकि किसी प्रकार की दिक्कत ना हो। इसे आप कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल के माध्यम से भी बना सकते हैं।

रिज्यूम होता है आपका पहला इंप्रेशन

जब भी आप रिज्यूम बनाएं तो इस बारे में जानकारी रखे कि  किस प्रकार की जानकारी आपको अपने रिज्यूम में देना है क्योंकि जब भी आप किसी संस्थान या कंपनी में अपना रिज्यूम देते हैं, तो वह आपका पहला इंप्रेशन होता है जिसके माध्यम से आप खुद की कौशल क्षमता और दक्षता के बारे में दूसरे लोगों को जानकारी देते हैं। ऐसे में कोशिश करनी चाहिए कि आपके द्वारा बनाया गया रिज्यूम में किसी भी प्रकार की गलती ना हो और आप सही तरीके से रिज्यूम बना सके।

ले सकते हैं सलाहकार से सलाह

अगर आप पहली बार अपना रिज्यूम बना रहे हैं और ऐसे में आपको इसे बनाना नहीं आता और आप के लिए रिज्यूम बनाना जरूरी है। ऐसे में आप चाहे तो किसी ऐसे सलाहकार से ही सलाह ले सकते हैं जिसने पहले रिज्यूम बनाया हो ताकि आपको उसकी सही रूप रेखा के बारे में जानकारी मिल सके।


ऐसा होता है कि जब पहली बार किसी काम को किया जाता है, तो मन में घबराहट होती है और फिर हम उस काम को करने में भटकने लगते हैं। ऐसे में अगर आप किसी सलाहकार से सलाह ले लें या फिर हमारे द्वारा दी गई जानकारी के माध्यम से रिज्यूम बना ले तो निश्चित रूप से ही आपके लिए कारगर होगा और आप आसानी के साथ अपना एक नया और शानदार रिज्यूम बना सकेंगे।

संखेप में कहें तो रिज्यूम आपके सही कौशल क्षमता को जाहिर करता है साथ ही साथ आपके बारे में उचित जानकारी देता है। ऐसे में आपको भी इसे सही तरीके से बनाना आना चाहिए ताकि दोबारा या फिर से गलती ना हो सके। हमने पूरी कोशिश की है कि आपको रिज्यूम बनाने के बारे में जानकारी दे दी जाए ताकि आप अपने भावी भविष्य को लेकर सजग हो सके।

इस प्रकार से आज हमने आपको रिज्यूम बनाने के बारे में Resume क्या होता है? की जानकारी दी है क्योंकि बिना रिज्यूम बनाए आप किसी अच्छे जगह पर जॉब नहीं कर सकते हैं। उम्मीद करते हैं हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको अच्छी लगी होगी इसे अंत तक पढ़ने के लिए आप सभी का धन्यवाद।

Hope की आपको Resume क्या होता है? Resume Kya Hota Hai In Hindi! का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।


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