मोबाइल को हिंदी में क्या कहते हैं?


इंसान हमेशा से ही जिज्ञासु रहा है, उसके मन में नई नई चीजों को सीखने की जिज्ञासा हमेशा बनी ही रहती है, साथ ही जो चीजें उसके सामने काफी लंबे समय से मौजूद होती है, कभी कबार उन चीजों को लेकर के भी उसके मन में अजीब सवाल पैदा होते हैं। अब जैसे मोबाइल को ही ले लीजिए कभी कभी यह सवाल हमारे मन मे उठता है कि मोबाइल को हिंदी में क्या कहते हैं?

मोबाइल को हिंदी में क्या कहते हैं?


इंसान काफी लंबे समय से मोबाइल का इस्तेमाल करते आ रहा है और शायद ही मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले लोगों ने कभी यह सोचा होगा कि कुछ लोग इंटरनेट पर यह भी सर्च कर सकते हैं कि mobile ko hindi mein kya kahate hain?


जैसा कि आप जानते हैं कि मोबाइल एक अंग्रेजी शब्द है और अंग्रेजी शब्द होने के नाते लोग सोचते हैं कि मोबाइल का हिंदी में कुछ ना कुछ मतलब अवश्य होता होगा। इसलिए आइए जानते हैं कि फ़ोन को हिंदी में क्या कहते है? या मोबाइल को हिंदी में क्या कहते हैं?

मोबाइल को हिंदी में क्या कहते हैं?

देखा जाए तो मोबाइल को शुद्ध हिंदी भाषा में चलंत दूरभाष यंत्र कहा जाता है और इसके पीछे वजह यह है कि हम चाहे कहीं भी चले जाएं, चाहे हम घर में हो, चाहे किसी दूसरे स्थान पर हो, ट्रेन में हो या फिर बस में हो या फिर हवाई जहाज में हो, हमारे पास मोबाइल होता ही है।

मोबाइल एक ऐसी वस्तु है, जिसे आसानी से हम अपने पेंट की जेब में भी रख सकते हैं और जब हमें किसी भी व्यक्ति के साथ बातचीत करनी हो या फिर किसी भी व्यक्ति को वीडियो कॉल करना हो या फिर किसी भी व्यक्ति को मैसेज करना हो, तब हम इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। मोबाइल का इस्तेमाल अब सिर्फ बातचीत करने तक ही सीमित नहीं है। आज के समय में इसका इस्तेमाल ऑनलाइन पैसे कमाने के लिए भी हो रहा है।

मोबाइल को शुद्ध हिंदी में क्या कहते हैं?

मोबाइल के अन्य नाम भी होते हैं जैसे कि स्मार्टफोन, सेलफोन, दूरसंचार यंत्र इत्यादि। वर्तमान के समय में यह हमारी जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है और आज के समय में सबसे अधिक मोबाइल का इस्तेमाल वीडियो कॉल करने के लिए और वॉइस कॉल करने के लिए होता है और सिर्फ यही नहीं कुछ ऐसी वेबसाइट और एप्लीकेशन भी हैं, जो ऑनलाइन मोबाइल के जरिए पैसे कमाने का मौका देती है।


इसीलिए इंटरनेट पर भारी मात्रा में यह भी सर्च किया जाता है कि मोबाइल से पैसे कैसे कमाए जाते हैं। इंडियन मार्केट में सस्ते और महंगे दोनों प्रकार के मोबाइल उपलब्ध हो गए हैं और लोग अपने अपने बजट के हिसाब से मोबाइल खरीदते हैं।

मोबाइल क्या हैं?

मोबाइल को अंग्रेजी भाषा में स्मार्टफोन भी कहा जाता है और वर्तमान के समय में स्मार्टफोन यानी के मोबाइल सभी के पास उपलब्ध है। इसे आप एक यंत्र भी कह सकते हैं, टेक्नोलॉजी भी कह सकते हैं और डिवाइस भी कह सकते हैं। मोबाइल कीपैड वाले फोन को भी कह सकते हैं और स्मार्टफोन को भी कह सकते हैं।

इसके द्वारा आज हम आसानी से घर बैठे ही किसी भी दूसरे व्यक्ति के साथ फोन कॉल करके बात कर सकते हैं और सिर्फ यही नहीं मोबाइल के जरिए आप दूर बैठे किसी व्यक्ति से वीडियो कॉल पर भी बात कर सकते हैं यानी कि आप उस व्यक्ति की सूरत को देख सकते हैं और सामने वाला व्यक्ति आपकी सूरत को देख सकता है।

भारत में मोबाइल का निर्माण करने वाली अनेक कंपनियां हैं जिनमें से कुछ कंपनी स्वदेशी है तो कुछ कंपनी विदेशी हैं। फिलहाल इंडियन मार्केट में चाइना के स्मार्टफोन निर्माता कंपनी के द्वारा बनाए गए स्मार्टफोन की बिक्री काफी अधिक मात्रा में हो रही है। इंडियन मोबाइल मेकर कंपनी की बात करें तो लावा, कार्बन, स्पाइस, माइक्रोमैक्स यह कुछ प्रसिद्ध इंडियन स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है।

मोबाइल कैसे काम करता हैं?

जिस प्रकार कंप्यूटर में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को मिलाया जाता है और उसके बाद ही कंप्यूटर काम करने के लायक बनता है, उसी प्रकार मोबाइल में भी सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर को आपस में जोड़ा जाता है और इस प्रकार मोबाइल एक चलंत यंत्र में कन्वर्ट हो जाता है। इसके बाद मोबाइल के अंदर सिम कार्ड को डाला जाता है और इस सिम कार्ड की वजह से मोबाइल को नेटवर्क कनेक्टिविटी प्राप्त होती है और फिर हम मोबाइल के जरिए किसी भी व्यक्ति से बात कर सकते हैं या फिर उसे एसएमएस कर सकते हैं।

दुनिया में हर मोबाइल में जो भी सिम कार्ड इस्तेमाल होता है, उस सिम कार्ड का नंबर अलग अलग होता है और सिम कार्ड प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को अपनी आइडेंटिटी देनी होती है। इसके बाद सिम कार्ड एक्टिवेट होता है। इंडिया में पॉपुलर सिम कार्ड के नाम एयरटेल, जिओ, वोडाफोन, आइडिया इत्यादि है।

व्यक्ति चाहे कितना भी बड़ा या फिर छोटा मोबाइल क्यों ना ले, जब तक वह मोबाइल के अंदर सिम नहीं डालता है तब तक वह मोबाइल से ज्यादा कुछ काम नहीं कर सकता है। इंटरनेट चलाने के लिए मोबाइल में सिम कार्ड होना चाहिए और साथ ही उसमें डाटा प्लान भी होना चाहिए।

मोबाइल की शुरुआत कैसे हुई?

इसकी शुरूवात पहली बार दो व्यक्तियों की आपस में बातचीत करने के कारण हुई। सबसे पहली बार मोटोरोला कंपनी के द्वारा बनाए गए मोबाइल के जरिए 2 लोगों ने आपस में बात की थी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 1973 में 3 अप्रैल के दिन दुनिया में पहली बार मोबाइल के जरिए कॉलिंग की गई थी और इस कॉलिंग को करने का सौभाग्य मार्टिन कूपर को प्राप्त हुआ था जो कि मोटरोला कंपनी के एक वर्कर थे और इसके बाद से ही मार्टिन कूपर काफी ज्यादा फेमस हो गए थे।

मोबाइल के फायदे क्या है?

मोबाइल को हिंदी में क्या कहते हैं, इसके बारे में तो आपने जानकारी प्राप्त कर ली। आइए अब आपको मोबाइल के एडवांटेज अथवा मोबाइल के फायदों के बारे में भी जानकारी देते हैं।

• मोबाइल फोन के जरिए आप आसानी से अपने सभी परिचित लोगों के साथ संपर्क बना करके रख सकते हैं।
• किसी जगह पर पहुंचने के लिए आप मोबाइल में आने वाले जीपीएस सिस्टम का इस्तेमाल कर सकते हैं
• मनोरंजन करने के लिए आप मोबाइल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
• आप अपने फेवरेट गाने, फेवरेट फिल्म, फेवरेट गेम जैसी चीजों का आनंद मोबाइल के जरिए उठा सकते हैं।
• मोबाइल के जरिए आप ऑनलाइन फूड ऑर्डर भी कर सकते हैं और घर बैठे ही खाना मंगा सकते हैं।
• मोबाइल के जरिए आप दूसरे व्यक्ति को ईमेल भेज सकते हैं और ईमेल रिसीव कर सकते हैं।
• मोबाइल में मौजूद इंटरनेट की सहायता से आप किसी भी प्रकार की जानकारी को घर बैठे निकाल सकते हैं।
• मोबाइल में उपलब्ध कैमरे की वजह से आप खूबसूरत पलों को फोटो के तौर पर कैद कर सकते हैं।
• मोबाइल में फ्लैशलाइट भी आती है, जिसका इस्तेमाल आप अंधेरे में टॉर्च के तौर पर कर सकते हैं।
• मोबाइल के जरिए आप पैसे कमा सकते हैं। इसके लिए बस आपको इंटरनेट पर “मोबाइल से पैसे कैसे कमाए जाते हैं” यह कीवर्ड सर्च करना है।
• मोबाइल से आप वॉइस कॉल, वीडियो कॉलिंग कर सकते हैं और s.m.s. भेज सकते हैं।

मोबाईल के नुकसान क्या है?

ऊपर आपने मोबाइल के एडवांटेज के बारे में जानकारी हासिल की। अब आईए आपको मोबाइल के डिसएडवांटेज अथवा मोबाइल के साइड इफेक्ट के बारे में भी डिटेल देते हैं।

• मोबाइल से हानिकारक रेडिएशन निकलता है जो इंसानों के लिए ठीक नहीं माना जाता है।
• मोबाइल की वजह से विद्यार्थी वर्ग पढ़ाई में कमजोर हो जा रहे हैं क्योंकि वह अपना अधिकतर समय मोबाइल में व्यतीत कर रहे हैं।
• मोबाइल फोन के कारण लोगों की आंखों की रोशनी भी कमजोर हो रही है और दिमाग की नसों पर भी प्रेशर बन रहा है।
• मोबाइल के कारण फिजूलखर्ची भी अधिक हो रही है।
• मोबाइल हैक होने के कारण कभी-कभी व्यक्ति को अपने पैसे भी गुमाने पड़ते हैं।
• मोबाइल के कारण ऑनलाइन सट्टे का कारोबार भी तेजी के साथ चल रहा है जिसमें कभी-कभी व्यक्ति को लाखों का नुकसान हो जाता है।
• मोबाइल में लोग अपनी गोपनीय जानकारी रखते हैं। इसलिए कभी कभी दूसरे व्यक्ति के हाथ में फोन आ जाने पर वह गोपनीय जानकारी को लीक करने की धमकी देकर के व्यक्ति से पैसे की उगाही भी करता है।

FAQ:

मोबाईल का हिंदी नाम क्या है?

चलंत दूरभाष यंत्र

मोबाइल को इंग्लिश में क्या कहते हैं?

सेल फोन

गूगल मोबाइल को हिंदी में क्या कहते हैं?

चलंत दूरभाष यंत्र

मोबाइल का फुल फॉर्म क्या है?

मॉडिफाइड ऑपरेशन बाइट इंटीग्रेशन लिमिटेड एनर्जी

इस आर्टिकल में आपने जाना कि Mobile ko hindi mein kya kahate hain? या फ़ोन को हिंदी मे क्या कहते है? साथ ही आपने आर्टिकल में यह भी जाना कि” मोबाइल क्या है” और मोबाइल के फायदे तथा मोबाइल के नुकसान क्या है.

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