MPIN क्या है? और इसे कैसे प्राप्त करें? (2022)


स्मार्ट फोन की कीमत सस्ती हो जाने के कारण आज इंडिया में कई लोगों के पास स्मार्टफोन पहुंच चुका है, जिसके जरिए वह तमाम प्रकार के काम ऑनलाइन घर बैठे करने लगे हैं। स्मार्टफोन की सहायता से घर बैठे ऑनलाइन पैसे आसानी के साथ ट्रांसफर किए जा सकते हैं। इसके लिए इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल किया जा सकता है या फिर मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया जा सकता है। दोस्तों आजके इस पोस्ट में हम जानिंगे की MPIN क्या है? और इसे कैसे प्राप्त करें? (2022)

MPIN क्या है? और इसे कैसे प्राप्त करें? (2022)


जो लोग मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अक्सर MPIN का नाम सुनना पड़ता है, जो कि चार अंको का होता है या फिर 6 अंकों का होता है। 


कभी-कभी यह इससे भी अधिक अंकों का हो सकता है। आखिर यह MPIN क्या है? और इसे कैसे प्राप्त करें? (2022) और इसकी आवश्यकता क्यों पड़ती है। इन सभी बातों के बारे में आपको हमारे इस पोस्ट में जानने को मिलेगा।

MPIN क्या है?

मोबाइल बैंकिंग पर्सनल आईडेंटिफिकेशन नंबर एक प्रकार का नंबर होता है और यह उसे दिया जाता है जो मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं। इसके जरिए वह अपनी पहचान साबित करते हैं। इसे अगर पासवर्ड कहा जाए तो इसमें कोई भी बड़ी बात नहीं होगी। 

जो लोग मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं उन्हें यह अच्छे से पता होता है कि इसका इस्तेमाल मोबाइल बैंकिंग को करने के लिए कितना जरूरी माना जाता है। यह टोटल 4 अंकों का एक नंबर होता है। हालांकि कुछ बैंक इंडिया में ऐसी भी हैं, जिनका MPIN 6 नंबर का होता है या फिर उससे भी अधिक होता है।

इंडिया में ऐसे लोगों की भी कोई भी कमी नहीं है जो इसे atm pin के जैसा ही समझ लेते हैं परंतु हम उन्हें एक बात बता देना चाहते हैं कि यह एटीएम पिन की तरह नहीं होता है। इसकी आवश्यकता इसलिए होती है ताकि कोई दूसरा व्यक्ति इलीगल तरीके से आपकी मोबाइल बैंकिंग सर्विस का यूज़ ना कर सके। 

जैसा कि आप जानते हैं कि वर्तमान के समय में इंडिया में करोड़ों लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल करके ऑनलाइन लाखों रुपए का ट्रांजैक्शन करते हैं। ऐसे में सिक्योरिटी को लेकर के काफी जोखिम होता है। इसीलिए लोगों की सिक्योरिटी को देखते हुए mpin का सिस्टम किया गया है। 

अर्थात अगर आपकी मोबाइल बैंकिंग सर्विस का mpin आपको ही सिर्फ पता है, तो उसका इस्तेमाल सिर्फ आप ही कर सकेंगे और कोई उसका इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। बता दें कि इसे किसी को भी नहीं बताया जाता है। 

आपका mpin सिर्फ आपके पास तक ही सीमित रहना चाहिए। अगर आप को जरा सा भी अंदेशा होता है कि किसी व्यक्ति को आपका mpin पता चल गया है तो आपको अपने mpin को चेंज कर देना चाहिए, ताकि वह व्यक्ति आपको पैसे से संबंधित कोई भी नुकसान ना पहुंचा सके।

जब कभी भी कस्टमर को मोबाइल बैंकिंग फैसिलिटी का बेनिफिट उठाना होता है तो वह मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन को खोलने के लिए इसी mpin का इस्तेमाल करता है और उसके बाद ही वह एप्लीकेशन के इंटरफेस यानी होम पेज पर पहुंच पाता है।

MPIN का फुल फॉर्म क्या है?

MPIN का संक्षिप्त नाम Mobile Banking Personal Identification Number होता है। हिंदी में MPIN का पुरा नाम मोबाइल बैंकिंग पर्सनल आईडेंटिफिकेशन नंबर होता है। हिंदी भाषा में इसे “मोबाइल बैंकिंग व्यक्तिगत पहचान संख्या” कहकर उच्चारित किया जाता है।

और इसकी आसान शब्दों में व्याख्या की जाए तो यह एक अंक होता है जो यूज़र को आईडेंटिफाई करने के लिए मोबाइल बैंकिंग में इस्तेमाल में लिया जाता है, जो कि 4 अंकों का होता है या फिर 6 अंकों का होता है। यह इससे अधिक अंकों का भी हो सकता है।

एमपिन का मतलब क्या होता है?

इसे इस्तेमाल करने की आवश्यकता तभी पड़ती है, जब किसी भी प्रकार के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन को हम अपने स्मार्टफोन के जरिए करते हैं। यह बहुत ही संवेदनशील कोड होता है। इसलिए इसकी जानकारी सिर्फ उसी व्यक्ति को होनी चाहिए, जिसने अपने अकाउंट को ऑपरेट करने के लिए एमपिन बनाया हुआ है। 

किसी दूसरे को इसे कभी भी नहीं बताना चाहिए, वरना व्यक्ति को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अगर आपने किसी मोबाइल बैंकिंग एप्लीकेशन में एमपिन बना करके रखा है तो जब तक आप सही एमपिन नहीं डालेंगे, तब तक आप उस एप्लीकेशन में लोगिन नहीं कर सकेंगे।

MPIN क्यों इस्तेमाल किया जाता हैं? 

इंडिया में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या करोड़ों में पहुंच चुकी है, साथ ही साथ बैंकिंग के कामो को लेकर के भी टेक्नोलॉजी काफी तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। इसके अलावा ऑनलाइन फ्रॉड भी काफी ज्यादा बढ़ रहा है। 

लोग घर बैठे फोन से पैसे ट्रांसफर कर रहे हैं और इसीलिए फोन हैक करने वाले या फिर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले लोगों की संख्या भी ज्यादा हो चुकी है, जिसे साइबर क्राइम कहा जाता है और यह इतना ज्यादा बढ़ चुका है कि कुछ ही मिनट में हैकर आपके बैंक अकाउंट से आपकी जिंदगी भर की मेहनत की कमाई को भी गायब कर सकते हैं।

इसलिए सिक्योरिटी को लेकर के सभी बैंक काफी सेंसिटिव है। इसलिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने मोबाइल बैंकिंग को सिक्योर करने के लिए Two-Way Authentication जरूरी बनाया है। 

इसके तहत मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करने के लिए कस्टमर के पास बैंक में रजिस्टर्ड फोन नंबर भी होना चाहिए साथ ही साथ उसे एमपिन बनाना चाहिए। मोबाइल से संबंधित सर्विस का फायदा उठाने के लिए रजिस्टर फोन नंबर के साथ ही साथ mpin की आवश्यकता पड़ती है।

MPIN कैसे प्राप्त करें?

अभी तक आपको यह अच्छी तरह से पता चल गया होगा कि यह मोबाइल बैंकिंग के लिए कितना आवश्यक माना जाता है, क्योंकि यह सिक्योरिटी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। 

अगर किसी कस्टमर को मोबाइल बैंकिंग की सर्विस का फायदा उठाना है, तो उसे इसे अवश्य बना लेना चाहिए, क्योंकि बिना इसके वह ऑनलाइन ट्रांजैक्शन नहीं कर सकता। इसे बनाने के लिए टोटल 3 तरीके बताए गए हैं, जो निम्नानुसार है।

1: Online 

इंडिया में अधिकतर बैंक ऑनलाइन इसे क्रिएट करने का ऑप्शन देती है, जिसकी सहायता से आप आसानी से उस बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर के आवश्यक कार्यवाही को पूरा करके इसे प्राप्त कर सकते हैं।

 हर बैंक की वेबसाइट अलग होती है। इसलिए इसे बनाने के लिए आप अपनी बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट को विजिट करें। वहां पर आपको इसे बनाने से संबंधित जानकारी मिल जाएगी।

2: ATM 

ऑनलाइन तो आप इसे बना ही सकते हैं साथ ही आप इसे एटीएम के जरिए भी बना सकते हैं। इसके लिए बस आपको अपना डेबिट कार्ड लेकर के एटीएम सेंटर में जाना है और एटीएम मशीन के अंदर आपको अपना डेबिट कार्ड डालना है।

और उसके बाद आपको मोबाइल बैंकिंग वाले ऑप्शन का सिलेक्शन करना है। इसके बाद आपको एमपिन बनाने का ऑप्शन मिल जाएगा। इस पर क्लिक करके आप अपना नया एमपिन बना सकते हैं अथवा नया MPIN जनरेट भी कर सकते हैं।

3: Bank Branch 

ऑनलाइन और एटीएम के अलावा आप अपनी बैंक की ऑफिशियल ब्रांच में जाकर के या फिर अपनी बैंक की किसी भी ब्रांच में जा करके इसे बनवा सकते हैं। बैंक की ब्रांच में जाकर के इसे बनाना बहुत ही आसान है। वहां पर सिर्फ 1 घंटे के अंदर ही अंदर आपको MPIN बना करके दे दिया जाता है, जिसके बाद आप इसका इस्तेमाल बैंकिंग फैसिलिटी के लिए ऑनलाइन कर सकते हैं।

अगर कभी आप गलती से अपना एमपिन भूल जाते हैं, तो भी आपको बिल्कुल भी डरने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आप उसे ऑनलाइन भी चेंज कर सकते हैं या फिर एटीएम के जरिए चेंज कर सकते हैं अथवा अपने बैंक के ब्रांच में जाकर के भी चेंज कर सकते हैं और नया MPIN प्राप्त कर सकते हैं। 

हम आपको यह भी एडवाइज देंगे कि जब आप MPIN ऑनलाइन बनाए, तब ऐसे MPIN का सिलेक्शन करें, जो आपको हमेशा याद रहे। यह आपके फोन नंबर के पहले अक्षर भी हो सकते हैं या फिर आखरी अक्षर भी हो सकता है। इसके अलावा आपके जन्म का साल भी हो सकता है या फिर आपकी कार अथवा बाइक का नंबर भी हो सकता है।

Mpin के फायदे क्या है?

इसका इस्तेमाल करने पर नीचे दिए गए बेनिफिट प्राप्त होते हैं।

  • जो भी कस्टमर इसका इस्तेमाल करता है, वह ऑनलाइन फ्रॉड यानी कि धोखाधड़ी होने से बच जाता है।
  • यह सिर्फ 4 अंकों का ही कोड होता है और इसे व्यक्ति यूएसएसडी कोड/यूपीआई एप्लीकेशन या फिर बैंक अथवा ऑनलाइन जा करके खुद ही बना सकता है।
  • ऑनलाइन पेमेंट की तब तक ट्रांजैक्शन नहीं होती है, जब तक एमपिन को ना डाला जाए।
  • व्यक्ति बैंक के जरिए भी इसे प्राप्त कर सकता है।
  • इसे जब चाहे तब आसानी के साथ चेंज भी किया जा सकता है।

एमपिन का इस्तेमाल कौन से ट्रांजैक्शन के लिए होता है?

इसका इस्तेमाल आप नीचे दिए गए ट्रांजैक्शन के लिए कर सकते हैं।

1: मोबाइल बैंकिंग
2: UPI एप्प

3: आईवीआर
4: SMS बैंकिंग
5: IMPS
6: USSD बैंकिंग

मोबाइल बैंकिंग को सुरक्षित कैसे रखें?

मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करना तो काफी आसान है परंतु इसे इस्तेमाल करने के साथ ही साथ इसकी सिक्योरिटी को भी बनाए रखना बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि अगर गलती से भी आपका पासवर्ड या फिर आपका एमपिन किसी अन्य व्यक्ति को पता चल जाता है, तो वह कभी भी आपके बैंक अकाउंट से पैसे चंपत कर सकता है।

इसलिए मोबाइल बैंकिंग को सुरक्षित रखने के लिए आपको हमेशा अपने MPIN को सिर्फ अपने तक ही सीमित रखना चाहिए। आपको इसे किसी को भी नहीं बताना चाहिए।

इसके अलावा आपको अपने खुद के फोन नंबर को मोबाइल बैंकिंग के साथ से रजिस्टर्ड करना चाहिए, ना की किसी दूसरे व्यक्ति के फोन नंबर को, साथ ही आपको फर्जी मैसेज और फर्जी कॉल से सावधान रहना चाहिए और किसी भी प्रकार के ऐसे लिंक पर आप को क्लिक नहीं करना चाहिए जिसके बारे में आपको जानकारी ना हो।

एमपिन और यूपीआई पिन समान है?

एमपिन अलग होता है और यूपीआई पिन अलग होता है। मोबाइल बैंकिंग सर्विस का इस्तेमाल करने के लिए एमपिन कोड को डाला जाता है और यूपीआई पिन का इस्तेमाल ट्रांजैक्शन को पूरा करने के लिए किया जाता है।


4 अंकों का एमपिन क्या है?

जो व्यक्ति मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं और पैसे का ट्रांजैक्शन करते हैं, उनके लिए यह एक पासवर्ड की तरह वर्क करता है। अगर यह आपके पास नहीं है तो आप मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। जब आप मोबाइल बैंकिंग के लिए रजिस्ट्रेशन करवाते हैं तो आपको बैंक की तरफ से 4 अंकों का कोड दिया जाता है। कुछ जगह पर यह 6 अंकों का भी होता है।

इस आर्टिकल में आपने जाना है कि MPIN क्या है? और इसे कैसे प्राप्त करें? (2022) साथ ही आपने “Mpin का मतलब और “Mpin का फुल फॉर्म” भी इसी आर्टिकल में जाना। इसके अलावा हमने आपको आर्टिकल में “Mpin के फायदे” के बारे में भी जानकारी दी और इसका इस्तेमाल क्यों किया जाता है।

उम्मीद है की आपको MPIN क्या है? और इसे कैसे प्राप्त करें? (2022) का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।


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