रेडियो का आविष्कार किसने किया और कब किया?


प्राचीन समय के लोग कुछ अलग तरह की गतिविधियां रखते थे और सही तरीके से अपना मनोरंजन करते थे इससे वह नया नया ज्ञान भी हासिल कर पाते थे। यदि गहराई से अध्ययन किया जाए तो हम देखते हैं पुराने जमाने में संचार के साधनों को खोज करना मुश्किल जान पड़ता था और ऐसे में रेडियो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दोस्तों आजके इस पोस्ट में हम जानिंगे की रेडियो का आविष्कार किसने किया और कब किया?

रेडियो का आविष्कार किसने किया और कब किया?

रेडियो के माध्यम से ही लोग नई जानकारियां लेते हुए जीवन को आसान बनाने की कोशिश करते थे। ऐसे में हमें रेडियो के बारे में भी उचित जानकारी होना जरूरी समझा गया है।


आज हम आपको रेडियो से संबंधित आवश्यक जानकारी देने वाले हैं जिसके माध्यम से निश्चित रूप से आपको लाभ हो सके। तो चलिए देखते हैं की रेडियो का आविष्कार किसने किया और कब किया?

रेडियो क्या है?

पिछले कुछ दशकों से रेडियो को बेहतर संचार का माध्यम माना जाता रहा है। दरअसल रेडियो तरंगों के द्वारा आसानी के साथ ध्वनि, समाचार और विभिन्न प्रकार के प्रसारण को पहुंचाने का काम करते हैं। इसके माध्यम से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन होता है और बिना किसी वजह के लोग रेडियो  में तरह-तरह के कार्यक्रम सुनना पसंद करते हैं। 


रेडियो का आविष्कार किसने किया?

रेडियो का आविष्कार एक इटालियन वैज्ञानिक जी मारकोनी ने किया था। उन्होंने रेडियो तरंगों के ऊपर काफी लंबा काम किया और उसके बाद उन्होंने इसे साबित किया था। उन्होंने इसके लिए काफी दिनों तक काम करने के बाद 1895 में अपना पहला रेडियो संकेत भेजा था और उन्हें  रेडियो संकेत मिला भी था।  इसके अलावा 1909 में मारकोनी को भौतिकी में नोबेल पुरस्कार दिया गया था।

रेडियो की शुरुआत कब हुयी?

वैसे तो रेडियो की शुरुआत काफी पहले से ही हो चुकी है, जहां पर अलग-अलग तरीकों से रेडियो को पहचान प्राप्त हुई है।  इस कड़ी मैं सबसे पहले सैमुअल मोरस और अल्फ्रेड वेल 1835 में दोनों ने एक साथ होकर लंबे तार के माध्यम से संदेशों का आवागमन जारी रखा। हालांकि यह ज्यादा दिन तक काम का नहीं रहा और लोग इसकी वजह से ज्यादा फायदा नहीं ले पा रहे थे।

धीरे धीरे विकास होता चला गया और 1815 में रेडियो के माध्यम से ही 1 मील की दूरी तय करते हुए लोगों को मनोरंजन दिलाया गया जिसे रेडियो के क्षेत्र में सबसे रोमांचक सफलता माना गया था।

इसके बाद धीरे-धीरे रेडियो के माध्यम से संदेश भेजने का काम किया गया जहां 1901 में  रेडियो के माध्यम से अटलांटिक संदेश भेजने में सफलता हासिल हुई और इसी वजह से 1901 में दोनों वैज्ञानिकों  को भौतिकी का पुरस्कार दिया गया था।

भारत में रेडियो की शुरुआत कब हुयी?

जैसे-जैसे विश्व में रेडियो की शुरुआत की जा रही थी वैसे ही भारत में भी इसका प्रचार-प्रसार तेजी के साथ होने लगा था। ऐसे में 31 जुलाई 1924 को भारत में रेडियो प्रसारण किया गया। यह प्रसारण मुख्य रूप से निजी कंपनियों के माध्यम से किया गया जिनमें टाइम्स ऑफ इंडिया, डाक विभाग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए रेडियो कार्यक्रम की शुरुआत की थी।

2 साल बाद 1926 में इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी का निर्माण हुआ जिसमें कई सारे मीडिया वेब ट्रांसमीटर  लगाए गए थे, जिनके माध्यम से आसानी के साथ ही लोगों के साथ जुड़ाव महसूस किया जाने लगा था। इसके बाद ही 23 जुलाई 1927 को तत्कालीन वायसराय लॉर्ड इरविन ने मुंबई स्टेशन का उद्घाटन किया था जहां से कई सारे रेडियो चैनलों को चलाए जाने की अनुमति हेतु आवेदन किया गया था।

फिर 1 महीने बाद 26 अगस्त 1927 को कोलकाता में भी एक रेडियो का स्टेशन बनाया गया था जिसे ‘’इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी’’ नाम दिया गया। बाद में इस मुख्य कंपनी का नाम बदलते हुए इंडियन स्टेट ब्रॉडकास्टिंग सर्विस कर दिया गया था। रेडियो के माध्यम से ही शहरी और ग्रामीण जनता को जोड़ने का प्रयास किया गया जिसके माध्यम से मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञान अर्जित करना इसका मुख्य उद्देश्य माना गया था।

रेडियो में विज्ञापन 

जब भी रेडियो में कोई भी प्रोग्राम आता है, तो बीच में कई सारे विज्ञापन आते हैं। इन विज्ञापनों के माध्यम से कंपनियां अपने प्रोडक्ट की पब्लिसिटी करती है ताकि लोगों को ज्यादा से ज्यादा आकर्षित किया जा सके और बिना किसी झिझक के लोग इस प्रोडक्ट को खरीद सके। आज के समय में रेडियो पर कई सारे विज्ञापन सुनने मिल जाते हैं लेकिन सबसे पहले रेडियो में विज्ञापन आने की शुरुआत 1923 में हुई थी। 

रेडियो में आने वाले विभिन्न कार्यक्रम 

आज के समय में भी रेडियो में कई प्रकार के कार्यक्रम आते हैं जिनके माध्यम से लोगों को जागरूक करने का काम किया जाता है साथ ही साथ लोगों की समस्याओं को सुनकर उसे हल भी किया जाता है।

  1. इन कार्यक्रम के अंतर्गत सबसे पहले 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए लघु नाटक, कविताएं, व्यंग्य रचनाओं को प्रसारित किया जाता है ताकि उन रचनाओं के माध्यम से भी बच्चों को एक नई सीख दी जा सके।
  2. सामान्य रूप से देखा जाता है कि रेडियो  का उपयोग ग्रामीण क्षेत्र के लोग ही करते हैं और उस के माध्यम से कई प्रकार की जानकारियां हासिल करते हैं। ऐसे में ग्रामीण महिलाओं और नागरिकों के लिए भी मनोरंजन के लिए गीतों का प्रसारण किया जाता है।
  3. कृषि संबंधी जानकारियां रेडियो पर काफी पहले से ही उपलब्ध है जिसमें विभिन्न प्रकार के पौधारोपण, बीजों के बारे में जानकारी दी जाती है ताकि किसान भाइयों को विशेष सुविधाएं प्राप्त हो सके।
  4. इसके अंतर्गत युवा पीढ़ी के लिए भी कुछ कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है और इन्हें ‘’युवा वाड़ी  कार्यक्रम’’ नाम दिया गया है ताकि युवा वर्ग भी आगे आकर सही दिशा को सुनते हुए रेडियो से सीख ले सके।
  5. इसके अलावा रेडियो में विविध भारती जैसा प्रोग्राम आता है जिसके माध्यम से संगीत, कुछ छोटी बातचीत संगीत के बारे में जानकारी दी जाती है।
  6. इसके अलावा विदेशों में भारतीय संस्कृति की जानकारी, हिंदी फिल्म गीतों की जानकारी दी जाती है और उसका प्रसारण रेडियो  में किया जाता है ताकि देश के लोगों को भी इसके बारे में सही जानकारी हासिल हो सके।

रेडियो का विशेष महत्व 

भले ही आज के समय में हम कम से कम रेडियो का इस्तेमाल करते नजर आते हैं लेकिन एक समय ऐसा भी था जब रेडियो का विशेष महत्व माना जाता था और जिसके बारे में आज हम चर्चा करने वाले हैं।

  1. देश के आजादी के समय से ही रेडियो का विशेष महत्व माना जाता है जिनमें देश से संबंधित बातों की जानकारी देश की जनता को दी जाती थी।
  2.  जिस दिन हमारा देश आजाद हुआ था उस खबर को रेडियो के माध्यम से ही देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पहुंचाया गया था और देश का हर नागरिक इस खबर को पाकर गौरवान्वित महसूस किया था।
  3. रेडियो एक ऐसा माध्यम रहा है जिसके बदौलत देश के नागरिक अच्छी जानकारियों को हासिल कर सकते हैं और अपने जीवन शैली  के स्तर को परिवर्तित कर सकते हैं।
  4. रेडियो के माध्यम से दूरगामी परिस्थितियों का आकलन किया जा सकता है और प्रत्येक नागरिक के साथ जोड़ा जा सकता है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रेडियो का कार्यक्रम

रेडियो को और ज्यादा बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी रेडियो संबंधित कार्यक्रम ‘’मन की बात’’ की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम की मदद से प्रधानमंत्री देश की हर उस जनता के साथ जुड़ना चाहते हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं और जहां ज्यादा से ज्यादा रेडियो का इस्तेमाल आज भी किया जाता है। 

इस कार्यक्रम की शुरुआत 3 अक्टूबर 2014 से महीने के  हर रविवार को सुबह 11:00 बजे की गई थी। इस  कार्यक्रम के माध्यम से देश की समस्याओं पर विचार विमर्श किया जाता है साथ ही साथ इसकी बदौलत रेडियो के महत्व को और भी ज्यादा बढ़ाया जा चुका है। आज भी  देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के  रेडियो कार्यक्रम के लिए उत्सुक नजर आते हैं और देश में चल रही आपदाओं, समस्या, मुद्दों पर जनता से विचार-विमर्श भी किया जाता है।

रेडियो के मुख्य कार्य 

रेडियो के कुछ मुख्य कार्य निम्नलिखित होते हैं –

  •  सूचना संबंधी कार्य — रेडियो के माध्यम से कई सारी सूचनाओं को लोगों तक पहुंचाया जाता है। इसके माध्यम से देश में चल रही बड़ी खबरों को भी नागरिकों तक पहुंचाने का विशेष कार्य  रेडियो  के माध्यम से किया जाता है।
  • जागरूक संबंधी कार्य —-  आज  भी रेडियो में जितने भी प्रसारण  किए जाते हैं उनमें कहीं ना कहीं इंसानों की जागरूकता के बारे में भी बताया जाता है। ऐसे में समाज में चल रही कुरीतियों और समस्याओं पर भी विचार विमर्श करते हुए नागरिकों को जागरूक बनाया जाता है।
  • मनोरंजन संबंधी कार्य —- रेडियो के माध्यम से गीत, संगीत, कविता, नाटक सुनते हुए अपना मनोरंजन करते हैं। इसके अलावा अलग-अलग क्षेत्र की भाषाओं पर भी कार्यक्रम बनाए जाते हैं जिनके माध्यम से क्षेत्र के लोगों का भी मनोरंजन होता है।
  • शिक्षा संबंधी कार्य — रेडियो पर कई सारे शिक्षा संबंधी कार्यों की सूचना दी जाती है जिसके माध्यम से देश के भावी पीढ़ी आगे बढ़ते हुए आसानी के साथ ही अपने कार्य को आगे बढ़ा सकते हैं। 

रेडियो के अंतर्गत शिक्षा का आयाम 

रेडियो के माध्यम से कई प्रकार की शिक्षा को आगे बढ़ाने का कार्य किया जाता है जिनमें मुख्य रुप से स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा कार्यक्रम जैसे  अवसर होते हैं जिनके माध्यम से आसानी से ही लोगों को आगे बढ़ाया जाता है।

स्कूली शिक्षा —- स्कूली शिक्षा का कार्यक्रम रेडियो में 1937 में ही बनाया गया था जब आकाशवाणी के माध्यम से लोग रेडियो के माध्यम से ही स्कूली शिक्षा लेने के लिए तत्पर रहते थे। यह कार्यक्रम कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई में प्रसारित किया जाता था जहां पर अलग-अलग प्रकार की जानकारी देते हुए शिक्षा को बढ़ाया जाता था।

उच्च शिक्षा — देश के ऐसे बच्चे जो उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते हैं, उनके लिए आकाशवाणी दिल्ली केंद्र में 1966 में दिल्ली विश्वविद्यालय के पत्राचार पाठ्यक्रम छात्रों के लिए विशेष रूप से ‘’यूनिवर्सिटी ऑफ द ईयर’’ प्रसारण किया जाता था। इसके अंतर्गत विभिन्न विषयों का भी समावेश किया गया था ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो पाए।

कृषि  कार्य शिक्षा —- इस प्रकार की शिक्षा में मुख्य रूप से कृषि संबंधी जानकारियां दी जाती थी जिनके माध्यम से विभिन्न प्रकार के अनाज, दाल, सब्जी, फलों की पैदावार को बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम प्रसारित किए गए थे। इस प्रकार के कार्यक्रम के माध्यम से ही कृषि वर्ग के लोगों को आगे बढ़ने में विशेष लाभ प्राप्त हुआ था।

परिवार कल्याण शिक्षा —- इसके अंतर्गत मुख्य रूप से जो लोग होते हैं उनके बारे में जानकारी दी गई थी जिसमें एड्स, डेंगू, मलेरिया, हैजा जैसी बीमारियों से लड़ने की ताकत प्रदान की जाती थी और मुख्य रूप से इस प्रकार की शिक्षा जनमानस को आगे बढ़ाते हुए कई प्रकार के कार्यक्रम की शुरुआत के बारे में दी जाती थी, जिसके माध्यम से काफी हद तक लोगों को फायदा होता आ रहा था। 

रेडियो के बारे में रोचक तथ्य 

  1. दुनिया का पहला रेडियो स्टेशन 1918 में न्यूयॉर्क में शुरुआत किया गया था, जिसे लोगों का भरपूर प्यार प्राप्त हुआ था।
  2. 13 फरवरी को हर साल’’ वर्ल्ड रेडियो डे’’ मनाया जाता है।
  3. गांधी जी ने सबसे पहले 9 अगस्त 1942 को रेडियो प्रेस में  ‘’अंग्रेजों भारत छोड़ो’’ का नारा दिया था।
  4. हमारे देश में पहला न्यूज़ बुलेटिन 19 फरवरी 1936 को ब्रॉडकास्ट किया गया  था।
  5. भारत में एफएम की शुरुआत 23 जुलाई 1977 को चेन्नई में हुई थी, जो आज लगभग देश के हर शहर में उपलब्ध है।

तो साथियों अगर वर्तमान की स्थिति देखी जाए तो कुछ लोग ऐसे हैं जो अब रेडियो का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते लेकिन अभी भी कुछ लोगों को रेडियो में अपने पसंद के कार्यक्रम सुनना अच्छा लगता है।


इस प्रकार से आज हमने आपको रेडियो के बारे में विस्तृत जानकारी दी हैं। ऐसे में रेडियो को संचार का साधन आज भी माना जा सकता है, जो कहीं ना कहीं हमारे लिए उचित व्यवस्थाएं प्रदान कराने के लिए तत्पर हैं। उम्मीद करते हैं हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको अच्छी लगी होगी। इसे पढ़ने के लिए धन्यवाद।

Hope की आपको रेडियो का आविष्कार किसने किया और कब किया? का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।


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