कंप्यूटर क्या है और किसने बनाया – What Is Computer In Hindi

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Computer Kya Hai? – What Is Computer In Hindi? अगर आप कंप्यूटर के बारे डिटेल से जानना चाहते हो तो यह पोस्ट आपके लिए काफ़ी हेल्पफ़ुल साबित हो सकती है, क्यूँकि आज इस पोस्ट में हम जानिंगे की कंप्यूटर क्या होता है? कंप्यूटर किसे कहेते है? कंप्यूटर का फ़ुल फ़ोरम क्या है? किसने बनाया? कैसे काम करता है? कंप्यूटर के फ़ायदे? & All About Computer In Hindi.


आज तकनीकी के इस युग में नए नए उपकरणों का आविष्कार किया जा रहा है जिनमें से कंप्यूटर के आविष्कार ने मनुष्य को रोजगार तो दिया ही है इसके अलावा आज हम सामान्यतः कंप्यूटर का इस्तेमाल घरों के साथ साथ ऑफिस में भी देखते हैं। क्योंकि यह हमारी जिंदगी का अहम अंग बन चुका है लोगों द्वारा कंप्यूटर के इस्तेमाल का मुख्य कारण समय तथा ऊर्जा दोनों की बचत करने से है।


दोस्तों आज कंप्यूटर की उपयोगिता इतनी बढ़ चुकी है कि इस युग में बहुत कम ऐसे शिक्षित व्यक्ति हैं जिन्हें कंप्यूटर कंप्यूटर की उपयोगिता के बारे में पता हो!

आज हम सभी के लिए कंप्यूटर की कार्यप्रणाली को समझना आज समय की मांग है जिस वजह से आज ऑनलाइन तथा ऑफलाइन शिक्षण संस्थानों में कंप्यूटर शिक्षा दी जाती है। दोस्तों रोजाना हम सभी कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं परंतु हमें कंप्यूटर क्या है? अक्सर यह पता नहीं होता! परंतु आज के इस लेख को पढ़ने के बाद आपको सरल शब्दों में कंप्यूटर क्या है? इसके क्या फायदे हैं? आदि सभी जानकारियाँ प्राप्त हो जाएंगी।

internet तो आप सब use करते होगे, पर क्या आपको पता है की इंटरनेट क्या है – What Is Internet In Hindi? अगर नही! तो उसके बारे में मैंने पहले से detail से बताया हुआ है, आप चाहो तो पहेले उस पोस्ट को पढ़ सकते हो। ओर आज इस पोस्ट में हम कंप्यूटर के बारे में जानिंगे की कंप्यूटर क्या है और किसने बनाया – What Is Computer In Hindi?

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कंप्यूटर क्या है? – What Is Computer In Hindi

कंप्यूटर वह मशीन है जो विभिन्न प्रकार की जानकारिययों को खोजने उन्हें संचित करने तथा उन्हें व्यवस्थित करने वाली एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो किसी data, नंबर्स को कैलकुलेट करने तथा दूसरे उपकरणों को कंट्रोल करने में सहायक होती है। कंप्यूटर में आने हम अपनी आवश्यकतानुसार किसी प्रोग्राम्स (software) को इनस्टॉल कर सकते हैं तथा बाद में कभी-भी इन प्रोग्राम्स को uninstall भी कर सकते हैं।

कंप्यूटर में यूज़र अपनी निजी जानकारी जैसे:- photo, video आदि files को save करने के साथ ही प्रोफेशनल कार्यों के लिए Ms-word, excel आदि सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं।

कंप्यूटर text नंबर इमेज तथा वीडियो आदि अनेक फॉर्मैट्स में data को प्रस्तुत करता है। तथा उसे save करता है जिससे आप भविष्य में कभी भी उस डाटा का इस्तेमाल कर सकते हैं। आधुनिक कंप्यूटर wifi, ब्लूटूथ जैसे फ़ीचर्स से लैस होते हैं इसका मतलब है कि हम पहले से अत्यधिक गति के साथ डाटा का ट्रांसफर कर सकते हैं।

दोस्तों शुरुआत में कंप्यूटर का आकार काफ़ी बड़ा होता था तथा इसमें लागत भी काफी अधिक आती थी। जिस वजह से इनका इस्तेमाल उच्च आय वर्गों द्वारा ही किया जाता था।

परंतु समय के साथ टेक्नोलॉजी में हुए परिवर्तन से कंप्यूटर उपकरणों की लागत में कमी आई तथा आज समान्यतः कंप्यूटर का इस्तेमाल घर-घर में किया जाता है। कंप्यूटर का इस्तेमाल करने के लिए मुख्य दो चीजें जरूरी होती हैं वह हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर!

Computer Hardware

सबसे पहले हम हार्डवेयर के बारे में जानते हैं

हार्डवेयर में वे उपकरण शामिल होते हैं जिनका हम छू सकते हैं जिसका मतलब है इन parts आंखें खराब होने की स्थिति में हम इसे किसी भी मैकेनिक या स्वयं अपने हाथों से ठीक कर सकते हैं। उदाहरण mouse, keyboard, Gamepad, microphone आदि।

Computer Software

software वह प्रोग्राम होते हैं जिसे हम छू नहीं सकते जैसा कि आपने सुना होगा कि software में खराबी की वजह से मोबाइल या कंप्यूटर खराब हो चुका है। दोस्तों सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का वह भाग होता है जिसे हम अपने हाथों से छू नहीं सकते उदाहरण के लिए मॉनिटर एक सॉफ्टवेयर है जिसमें यह हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों को मॉनिटर में show करता है परंतु हम उस दिखाये गए डाटा को अपने हाथों से touch नहीं कर सकते!

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है – What is Full Form Of Computer In Hindi

दोस्तों computer का full form Commonly Operated Machine Particularly Used in Technical and Educational Research होता है।

  • C – Commonly
  • O – Operated
  • M – Machine
  • P- Particularly
  • U- Used
  • T – Technical
  • E – Educational
  • R – Research

Hope अब आपको computer क्या है? ओर कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है? यह पता चल ही गया होगा, तो चलिए सब देखते है की कंप्यूटर किसने बनाया? Parts Of Computer, advantages and disadvantages of computer in hindi।

कंप्यूटर के पार्ट्स – Parts Of Computer In Hindi

कंप्यूटर के विभिन्न part की जानकारी!

विभिन्न कंप्यूटर का डिजाईन अलग अलग हो सकता है परन्तु उनमें लगे components same हो सकते हैं तथा motherboard में लगे सभी कॉम्पोनेन्ट के बीच मुख्य फर्क ब्रांड/कंपनी का हो सकता है।

CPU

cpu अर्थात central processing Unit जिसे कंप्यूटर का दिमाग भी कहा जाता है। CPU का मुख्य कार्य यूजर द्वारा दिए गये निर्देशों का पालन करना होता है। CPU motherboard में लगी मेमोरी के साथ मिलकर कार्य करता है।

उदाहरण के लिए जब कोई यूजर किसी एप्लीकेशन या वेब ब्राउज़िंग करता है इस कार्य में Cpu कोड को पढ़ने के बाद यूजर को प्रतिक्रिया देता है! CPU यूजर द्वारा टाइप किये गये डाटा की गणना तथा उसमें बदलाव करने का कार्य करती है।

Motherboard

Motherboard के बिना कंप्यूटर के चलने की कल्पना भी नहीं की सा सकती। क्यूँकि कंप्यूटर को चलने के लिए सभी जरूरी कॉम्पोनेन्ट Motherboard से जुड़े होते हैं जैसे:- हार्ड डिस्क, keyboard, Mouse, Ram आदि। Motherboard कंप्यूटर के पावर सप्लाई यूनिट से power प्राप्त करता है।

तथा Motherboard में कूलिंग फैन भी मौजूद होते हैं जो Motherboard की गर्मी बहार फेकने का कार्य करते हैं।

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RAM

Ram अर्थात Random acess memory यह किसी कंप्यूटर में एक बेहद जरूरी कॉम्पोनेन्ट होता है। कंप्यूटर on करने पर Ram कंप्यूटर में सूचनाएं को एकत्रित करता है तथा कंप्यूटर को ऑफ करने के बाद इसका कार्य समाप्त हो जाता है। अर्थात इसमे store जानकारी ग़ायब हो जाती है

पुराने कंप्यूटर में काफ़ी कम Ram होती थी परन्तु आज सभी Motherboard में कम से कम 1 GB Ram प्रायः देखने को मिलती है। तथा Ram को आप अपनी आवश्यक्तानुसार कम या अधिक Motherboard के Ram स्लॉट पर लगा सकते है।

कंप्यूटर और लैपटॉप की रेम (RAM) कैसे बढ़ाये? ओर किसी भी Android मोबाइल की RAM कैसे बढ़ाये? उसकी पूरी जानकारी यहाँ है।

Hard Disk

Hard Disk का कार्य कंप्यूटर ऑन करने के बाद शुरू होता है परन्तु दूसरी और Hard drive में सिस्टम ऑफ होने के बाद भी स्टोर किया गया डाटा सेव रहता है। हमारी सभी images, videos, documents आदि सभी फाइल्स हार्ड डिस्क में सेव होती हैं। हार्ड ड्राइव छोटे छोटे-छोटे पैटर्न से बनी होती है तथा हार्ड ड्राइव में डाटा को दोबारा प्राप्त करने के लिए platters गोल-गोल घूमते है।

Video Card

मॉनीटर में दिखाई दी गयी इमेजेज Motherboard में अटैच किये video card की मदद से show होती है। तथा
मॉनिटर से वीडियो कार्ड VGA केबल से जुड़े रहते है।

Bina Graphic Card Ke Computer Me Game Kaise Chalaye? उसकी पूरी जानकारी यहाँ है।

कंप्यूटर किसने बनाया? कंप्यूटर का अविष्कार किसने किया?

दोस्तों आपके मन में कभी ना कभी यह सवाल आया होगा कि आखिर कंप्यूटर को किसने बनाया होगा? दोस्तों कंप्यूटर के सर्वप्रथम निर्माता “चार्ल्स बेबेज” हैं! जिन्हें कंप्यूटर का पितामह भी कहा जाता है।

शुरुआती दशक में कंप्यूटर का निर्माण चार्ल्स बेबेज द्वारा किया गया था तथा बाद में कंप्यूटर के आविष्कार के साथ-साथ कंप्यूटर तकनीक में भी परिवर्तन होता गया! औऱ आज कंप्यूटर कार्यप्रणाली का इस्तेमाल करना लगभग सभी शिक्षित लोगों के लिए संभव हो चुका है।

दोस्तों कंप्यूटर ने हमारे अनेक कार्य सरल कर दिए हैं अतः अब हम कंप्यूटर है कि उन फायदों के बारे में जानेंगे जिन्हें एक कंप्यूटर यूजर को जरूर पता होना चाहिए! (advantages and disadvantages of computer in hindi)

कंप्यूटर के फ़ायदे – Benefits Of Computer In Hindi

आज कंप्यूटर का इस्तेमाल ऑफिस कार्यालयों स्कूल विद्यालय में एक्सेल, विनवोर्ड, tally आदि सॉफ्टवेयर पर विभिन्न प्रकार के उद्देश्यों के लिये किया जाता है।

कंप्यूटर एक मशीन है अतः यह मनुष्य की तुलना में अधिक कार्य करने की क्षमता रखती है, अतः कंप्यूटर समय तथा धन दोनों की बचत करता है।

बड़े-बड़े उद्यमी अपने व्यापार में कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि कंप्यूटर के उपयोग से माल पर किया गया व्यय कुल निवेश, जोड़-गुणा, घटा-भाग अर्थात फायदे तथा नुकसान सभी तथ्यों को गणना करने में कंप्यूटर व्यापार में मदद करता है। अतः कंप्यूटर व्यापार में किसी कार्य को बेहतर तथा जल्दी करने में सहायता प्रदान करता है।

कंप्यूटर ऑनलाइन बिजनेस में सहायता करता है जिससे व्यापार को न सिर्फ अपने देश में बल्कि विदेशों तक अपने उत्पाद तथा सर्विस के बारे में जानकारी पहुंचाई जा सकती है तथा बिक्री की जा सकती है।

कंप्यूटर का इस्तेमाल न सिर्फ किसी व्यापार या कंपनियों बल्कि मनोरंजन के उद्देश्य से भी किया जाता है कंप्यूटर में हम फिल्में टीवी, सीरियल, गाने आदि सुन तथा देख सकते हैं। अतः कंप्यूटर को T.V की तरह ही इसे मनोरंजन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

कंप्यूटर का इस्तेमाल ज्ञान प्राप्त करने के लिए किया जाता है क्योंकि आज youtube में हमारी शिक्षा संबंधी अनेक ट्यूटोरियल्स मौजूद है जिनकी मदद से हम इंफोग्राफिक्स, वीडियो के फॉर्मेट में अनेक चीजों को आसानी से सीख सकते हैं।

तो इस प्रकार यहां कंप्यूटर के कुछ फायदे बताए गए हैं इसके अलावा कंप्यूटर के अनेक फायदे हैं जो हमारे दैनिक जिंदगी में निजी कार्यों के साथ-साथ हमारे प्रोफेशनल कार्यों में भी कंप्यूटर हमारी अत्यधिक सहायता कर रहा है।

कंप्यूटर के बारे में अब तक हम इस आर्टिकल में काफी कुछ जान चुके हैं, अब हम बात करते हैं कंप्यूटर के Types की! आपको पता है कंप्यूटर कि फंक्शनैलिटी के अनुसार इनके कई Types है, आइए कंप्यूटर के सभी टाइप्स के बारे में विस्तार से जानते हैं.

कंप्यूटर के प्रकार – Types Of Computer In Hindi

Super Computer

Advance टेक्नोलॉजी से Less इन कंप्यूटर्स की छमता Normal कंप्यूटर की तुलना में काफी अधिक होती है! सुपर कंप्यूटर सबसे Fastest एवं महंगे कंप्यूटर से होते हैं। weather forecasting, Climate Research oil and Gas Exploration जैसे Fields में सुपरकंप्यूटर्स का इस्तेमाल होता है!

इस प्रकार के कंप्यूटर Complex Science तथा Engineering से जुड़ी समस्याओं को हल करने में अत्यंत सहायक होते हैं! किसी प्रॉब्लम को solve करने के लिए यह कंप्यूटर बड़ी मात्रा में CPU का इस्तेमाल करते हैं, parallel प्रोसेसिंग की मदद से सुपरकंप्यूटर्स को प्रोसेसिंग पावर मिलती है!

सुपर कंप्यूटर इतने शक्तिशाली होते हैं कि 1 सेकंड में 10 trillion इंडिविजुअल कैलकुलेशन कर सकते हैं! example– Al Computer, Columbia जैसे कुछ सुपर कंप्यूटर्स के उदाहरण हैं।

कई मामलों में सुपर कंप्यूटर और मेनफ्रेम कंप्यूटर्स में समानताएं देखने को मिलती हैं! यदि हम इन दोनों कंप्यूटर्स के बीच एक मुख्य फर्क को समझें तो जहां सुपर कंप्यूटर Single Task को Complete करने के लिए पूरा फोकस ले लेते हैं! वहीं दूसरी तरफ Mainframe कंप्यूटर एक साथ सैकड़ों ऑपरेशंस को परफॉर्म करने की काबिलियत रखता है?

चूंकि इस तरह के कंप्यूटर्स सामान्य उपयोग के लिए नहीं बनाए गए होते हैं! अतः साइज में बड़े होने की वजह से मेनफ्रेम कंप्यूटर का इस्तेमाल आज समाप्त नहीं हुआ है! आज भी Banking, Health Care, Military जैसे स्थानों के अलावा इनका इस्तेमाल अधिकतर बड़ी संस्थाओं द्वारा Bulk डाटा प्रोसेसिंग industry and consumer statistics  के लिए आज भी किया जाता है।

Server Computer

इस टाइप के कंप्यूटर को नेटवर्क सर्वर भी कहा जाता है! जिनमें डाटा एवं प्रोग्राम का डाटा स्टोर होता है! यह एक सेंटर कंप्यूटर होता है जो नेटवर्क से कनेक्टेड सभी यूजर्स को इलेक्ट्रॉनिक डाटा आपस में शेयर करने एवं स्टोर करने की इजाजत देता है

server कंप्यूटर्स की क्षमता हालांकि सुपर कंप्यूटर जितनी नहीं होती है! क्योंकि यह सिर्फ एक जटिल समस्या को Solve करने की जगह एक जैसी कई सारी समस्याओं को सॉल्व करने में सक्षम होते हैं।

Workstation Computer

पावरफुल होने के साथ-साथ इस टाइप के कंप्यूटर काफी Expansive होते हैं! साइंस, मैथ, इंजीनियरिंग से जुड़ी जटिल समस्याओं को solve करने के लिए इन वर्क स्टेशन कंप्यूटर का उपयोग होता है! अर्थात यह कंप्यूटर सुपर परफॉर्मेंस प्रदान करते हैं, जो कंप्यूटर डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग के लिए भी प्रयोग में लाए जाते हैं

वर्कस्टेशन कंप्यूटर का उपयोग एक बार में एक ही यूजर कर सकता है! इनका उपयोग analysts, designers, content creation professionals, developers जैसे Heavy Tasks को करने के लिए किया जाता है, आप इन Computers को मार्केट से खरीद सकते हैं

Personal Computer

यह computer आज सभी घरों में इस्तेमाल किए जाते हैं और इन्हें हम PC भी कहते हैं! इस टाइप के कंप्यूटर्स को माइक्रोकंप्यूटर्स भी कहा जाता है! इस टाइप के कंप्यूटर्स की Cost कम होने के साथ ही साइज भी कम होता है। इसलिए सामान्यतः घरों एवम् ऑफिस में  इस तरह के कंप्यूटर का सबसे अधिक उपयोग होता है

आज मनुष्य इन कंप्यूटर का उपयोग अलग-अलग उद्देश्य के लिए करता है जैसे कि एक productivity tool एक media server या एक gaming System के तौर पर!

Microcontroller

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट होता है कंप्यूटर का यह प्रकार सिंपल tasks को करने के लिए होता है! यह एक मिनी कंप्यूटर होता है जिसका इस्तेमाल यूजर्स द्वारा सिंपल command एवं टास्क को पूरा करने के लिए किया जाता है।


इस टाइप के computer को आप इनकी कैपेसिटी के आधार पर आप सुपर कंप्यूटर एवं माइक्रोकंप्यूटर्स के बीच के कंप्यूटर कह सकते हैं। इसलिए इन्हें मल्टिप्रोसेसर सिस्टम भी कहा जाता है!

Smartphone

जी हां आप और हम सभी आज स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं! जो कि एक कंप्यूटर ही है! इनमें भी हम ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं जैसे कि Android, ios दो प्रमुख स्मार्टफोन ऑपरेटिंग सिस्टम है।

परंतु कंप्यूटर्स का यह प्रकार Easy to use & Carry है! लेकिन इसकी कुछ लिमिटेशंस भी होती हैं जैसे कि processing power, memory, energy usage and screen size इत्यादि।

कंप्यूटर कैसे काम करता है?

सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर उपकरणों से बनी इस कंप्यूटर मशीन को तो हम सभी ऑपरेट करना जानते हैं! परंतु यह काम कैसे करती है? काफी कम लोग यह जानने में दिलचस्पी रखते हैं! आइए short में समझते हैं यह किस तरीके से कार्य करता है!

हम अपने कीबोर्ड या माउस से कंप्यूटर को जो भी instructions देते हैं! कंप्यूटर उस डाटा को इनपुट यूनिट के जरिए प्राप्त करता है, उसके बाद कंप्यूटर इस डाटा को प्रोसेस करता है तथा हमें यह डेटा आउटपुट में स्क्रीन पर देखने को मिलता है।

कौन-कौन से इनपुट्स उस कंप्यूटर में मौजूद हैं! यह उस कंप्यूटर पर निर्भर करता है जिसका हम इस्तेमाल कर रहे हैं। परंतु सामान्यतः एक कंप्यूटर में माउस एवं कीबोर्ड जरूर अटैच होता है

और जब हमारे द्वारा दिया गया निर्देश कंप्यूटर रिसीव करता है, उसके बाद CPU सभी कंपोनेंट्स के साथ मिलकर यूजर द्वारा दिए गए उस इंस्ट्रक्शन को प्रोसेस करते हैं! मदर बोर्ड में यह प्रोसेस माइक्रोसेकेंड्स के अंदर होती है! और एक बार जब यह डाटा Ready हो जाता है तो कंप्यूटर इसे आउटपुट डिवाइस जैसे मॉनिटर, स्पीकर, प्रिंटर को पहुंचाता है।

कंप्यूटर का भविष्य? – Future Of Computer In Hindi

आज हम कंप्यूटर हर जगह देख रहे हैं और आने वाला समय कंप्यूटर के लिए कैसा रहेगा? यह भी कुछ पाठकों के लिए जानना दिलचस्प रहेगा! हालांकि मार्केट में रोजाना नई नई तकनीक लांच हो रही है!

कंप्यूटर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आने वाले समय में कंप्यूटर की सोचने समझने की क्षमता मनुष्य के दिमाग की जितनी हो जाएगी! अतः अगले कुछ सालों में हम मार्केट में ऐसे कंप्यूटर भी देख सकते हैं जिनमें human-level intelligence होगी! साथ ही कंप्यूटर्स का size हमें और छोटा देखने को मिल सकता है। इसके अलावा माना जा रहा है भविष्य में आने वाले कंप्यूटर अन्य इलेक्ट्रॉनिक devices के साथ संचार कर सकेंगे जिनसे कंप्यूटर bulb, रेफ्रिजरेटर जैसे उपकरणों को कंट्रोल किया जा सकता है।

हालांकि Exactly कंप्यूटर का भविष्य क्या होगा? उसके बारे में कोई भी चीज अभी सुनिश्चित तो नहीं है, हां परंतु इस समय इस टेक्नोलॉजी को और बेहतर बनाने की और कार्य किया जा रहा है!

कंप्यूटर का इतिहास – History Of Computer In Hindi

हेलो दोस्तों कंप्यूटर की शुरुआत तो 19वीं शताब्दी में हो चुकी थी। जिसकी शुरुआत अंग्रेजी गणितज्ञ चार्ल्स बैबेज द्वारा की गई थी। जिनका कंप्यूटर के योगदान में विशेष योगदान माना जाता है। उस समय चार्ल्स बैबेज ने इंजन का डिजाइन तैयार किया तथा इसी डिजाइन के बेसिक फ्रेमवर्क के आधार पर कंप्यूटर को उसको तैयार किया गया देखा जाए तो कंप्यूटर की मुख्य द 3 जनरेसन है तथा प्रत्येक जनरेशन में कंप्यूटर के पार्ट्स हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर में बदलाव होते के तथा प्रत्येक जनरेशन में कंप्यूटर को और बेहतर होते चले गए

पहली generation 1937 से 1946 तक पहला इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर तैयार किया गया जिसका नाम Atanasoff-Berry Computer (ABC). रखा गया। तथा इस दौरान कंप्यूटर में प्रोसेसिंग के लिए vecuum tube का इस्तेमाल किया जाता था।

जबकि दूसरी जनरेशन 1947 से 1962 तक थी। इस जनरेशन में मुख्यतः वेक्यूम ट्यूब के स्थान पर ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल किया जाने लगा था

तीसरी जनरेशन में अधिक विश्वसनीय तथा फास्ट कंपोनेंट के इस्तेमाल किया गया था। क्योंकि इस जनरेशन में इंटीग्रेटेड सर्किट चिप्स का इस्तेमाल किया जाने लगा। तथा यह 1963 जनरेशन वर्तमान समय तक चल रही है।

तथा प्रत्येक पीढ़ी में कंप्यूटर की कार्यप्रणाली में सुधार होता चला गया जिस वजह से आज कंप्यूटर हमारी दैनिक जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है।

दोस्तों उम्मीद है आपको कंप्यूटर के बारे में पूरी जानकारी मिल चुकी होगी, ओर अब आप जान गए होगे की कंप्यूटर क्या होता है? कंप्यूटर किसे कहेते है? कंप्यूटर का फ़ुल फ़ोरम क्या है? किसने बनाया? कैसे काम करता है? कंप्यूटर के फ़ायदे? & All About Computer In Hindi.

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Hope की आपको कंप्यूटर क्या है और किसने बनाया – What Is Computer In Hindi? का यह पोस्ट हेल्पफ़ुल लगा होगा।


दोस्तो! हमें उम्मीद है आज का यह लेख आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ होगा। आप इस लेख से जुड़े अपने विचारों को कमेंट की मदद से हमें बता सकते हैं।

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