कंप्यूटर क्या है – What Is Computer In Hindi


Computer Kya Hai? – What Is Computer In Hindi? अगर आप कंप्यूटर के बारे डिटेल से जानना चाहते हो तो यह पोस्ट आपके लिए काफ़ी हेल्पफ़ुल साबित हो सकती है, क्यूँकि आज इस पोस्ट में हम जानिंगे की कंप्यूटर क्या होता है? कंप्यूटर किसे कहेते है? कंप्यूटर का फ़ुल फ़ोरम क्या है? किसने बनाया? कैसे काम करता है? कंप्यूटर के फ़ायदे? & All About Computer In Hindi.

आज तकनीकी के इस युग में नए नए उपकरणों का आविष्कार किया जा रहा है जिनमें से कंप्यूटर के आविष्कार ने मनुष्य को रोजगार तो दिया ही है इसके अलावा आज हम सामान्यतः कंप्यूटर का इस्तेमाल घरों के साथ साथ ऑफिस में भी देखते हैं। क्योंकि यह हमारी जिंदगी का अहम अंग बन चुका है लोगों द्वारा कंप्यूटर के इस्तेमाल का मुख्य कारण समय तथा ऊर्जा दोनों की बचत करने से है।


दोस्तों आज कंप्यूटर की उपयोगिता इतनी बढ़ चुकी है कि इस युग में बहुत कम ऐसे शिक्षित व्यक्ति हैं जिन्हें कंप्यूटर कंप्यूटर की उपयोगिता के बारे में पता हो।

आज हम सभी के लिए कंप्यूटर की कार्यप्रणाली को समझना आज समय की मांग है जिस वजह से आज ऑनलाइन तथा ऑफलाइन शिक्षण संस्थानों में कंप्यूटर शिक्षा दी जाती है। दोस्तों रोजाना हम सभी कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं परंतु हमें कंप्यूटर क्या है? अक्सर यह पता नहीं होता। परंतु आज के इस लेख को पढ़ने के बाद आपको सरल शब्दों में कंप्यूटर क्या है? इसके क्या फायदे हैं? आदि सभी जानकारियाँ प्राप्त हो जाएंगी।

internet तो आप सब use करते होगे, पर क्या आपको पता है की इंटरनेट क्या है – What Is Internet In Hindi? अगर नही। तो उसके बारे में मैंने पहले से detail से बताया हुआ है, आप चाहो तो पहेले उस पोस्ट को पढ़ सकते हो। ओर आज इस पोस्ट में हम कंप्यूटर के बारे में जानिंगे की कंप्यूटर क्या है और किसने बनाया – What Is Computer In Hindi?

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कंप्यूटर क्या है? – What Is Computer In Hindi

कंप्यूटर वह मशीन है जो विभिन्न प्रकार की जानकारिययों को खोजने उन्हें संचित करने तथा उन्हें व्यवस्थित करने वाली एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो किसी data, नंबर्स को कैलकुलेट करने तथा दूसरे उपकरणों को कंट्रोल करने में सहायक होती है। कंप्यूटर में आने हम अपनी आवश्यकतानुसार किसी प्रोग्राम्स (software) को इनस्टॉल कर सकते हैं तथा बाद में कभी-भी इन प्रोग्राम्स को uninstall भी कर सकते हैं।

कंप्यूटर में यूज़र अपनी निजी जानकारी जैसे:- photo, video आदि files को save करने के साथ ही प्रोफेशनल कार्यों के लिए Ms-word, excel आदि सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं।

कंप्यूटर text नंबर इमेज तथा वीडियो आदि अनेक फॉर्मैट्स में data को प्रस्तुत करता है। तथा उसे save करता है जिससे आप भविष्य में कभी भी उस डाटा का इस्तेमाल कर सकते हैं। आधुनिक कंप्यूटर wifi, ब्लूटूथ जैसे फ़ीचर्स से लैस होते हैं इसका मतलब है कि हम पहले से अत्यधिक गति के साथ डाटा का ट्रांसफर कर सकते हैं।

दोस्तों शुरुआत में कंप्यूटर का आकार काफ़ी बड़ा होता था तथा इसमें लागत भी काफी अधिक आती थी। जिस वजह से इनका इस्तेमाल उच्च आय वर्गों द्वारा ही किया जाता था। परंतु समय के साथ टेक्नोलॉजी में हुए परिवर्तन से कंप्यूटर उपकरणों की लागत में कमी आई तथा आज समान्यतः कंप्यूटर का इस्तेमाल घर-घर में किया जाता है। कंप्यूटर का इस्तेमाल करने के लिए मुख्य दो चीजें जरूरी होती हैं वह हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर।

Computer Hardware

सबसे पहले हम हार्डवेयर के बारे में जानते हैं;

हार्डवेयर में वे उपकरण शामिल होते हैं जिनका हम छू सकते हैं जिसका मतलब है इन parts आंखें खराब होने की स्थिति में हम इसे किसी भी मैकेनिक या स्वयं अपने हाथों से ठीक कर सकते हैं। उदाहरण mouse, keyboard, Gamepad, microphone आदि।

Computer Software

software वह प्रोग्राम होते हैं जिसे हम छू नहीं सकते जैसा कि आपने सुना होगा कि software में खराबी की वजह से मोबाइल या कंप्यूटर खराब हो चुका है। दोस्तों सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का वह भाग होता है जिसे हम अपने हाथों से छू नहीं सकते उदाहरण के लिए मॉनिटर एक सॉफ्टवेयर है जिसमें यह हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों को मॉनिटर में show करता है परंतु हम उस दिखाये गए डाटा को अपने हाथों से touch नहीं कर सकते।

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है – What is Full Form Of Computer In Hindi

दोस्तों computer का full form Commonly Operated Machine Particularly Used in Technical and Educational Research होता है।

  • C – Commonly
  • O – Operated
  • M – Machine
  • P- Particularly
  • U- Used
  • T – Technical
  • E – Educational
  • R – Research

Hope अब आपको computer क्या है? ओर कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है? यह पता चल ही गया होगा, तो चलिए सब देखते है की कंप्यूटर किसने बनाया? Parts Of Computer, advantages and disadvantages of computer in hindi।

कंप्यूटर के पार्ट्स – Parts Of Computer In Hindi

कंप्यूटर के विभिन्न part की जानकारी।

विभिन्न कंप्यूटर का डिजाईन अलग अलग हो सकता है परन्तु उनमें लगे components same हो सकते हैं तथा motherboard में लगे सभी कॉम्पोनेन्ट के बीच मुख्य फर्क ब्रांड/कंपनी का हो सकता है।

CPU

cpu अर्थात central processing Unit जिसे कंप्यूटर का दिमाग भी कहा जाता है। CPU का मुख्य कार्य यूजर द्वारा दिए गये निर्देशों का पालन करना होता है। CPU motherboard में लगी मेमोरी के साथ मिलकर कार्य करता है।

उदाहरण के लिए जब कोई यूजर किसी एप्लीकेशन या वेब ब्राउज़िंग करता है इस कार्य में Cpu कोड को पढ़ने के बाद यूजर को प्रतिक्रिया देता है। CPU यूजर द्वारा टाइप किये गये डाटा की गणना तथा उसमें बदलाव करने का कार्य करती है।


Motherboard

Motherboard के बिना कंप्यूटर के चलने की कल्पना भी नहीं की सा सकती। क्यूँकि कंप्यूटर को चलने के लिए सभी जरूरी कॉम्पोनेन्ट Motherboard से जुड़े होते हैं जैसे:- हार्ड डिस्क, keyboard, Mouse, Ram आदि। Motherboard कंप्यूटर के पावर सप्लाई यूनिट से power प्राप्त करता है।

तथा Motherboard में कूलिंग फैन भी मौजूद होते हैं जो Motherboard की गर्मी बहार फेकने का कार्य करते हैं।

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RAM

Ram अर्थात Random acess memory यह किसी कंप्यूटर में एक बेहद जरूरी कॉम्पोनेन्ट होता है। कंप्यूटर on करने पर Ram कंप्यूटर में सूचनाएं को एकत्रित करता है तथा कंप्यूटर को ऑफ करने के बाद इसका कार्य समाप्त हो जाता है। अर्थात इसमे store जानकारी ग़ायब हो जाती है

पुराने कंप्यूटर में काफ़ी कम Ram होती थी परन्तु आज सभी Motherboard में कम से कम 1 GB Ram प्रायः देखने को मिलती है। तथा Ram को आप अपनी आवश्यक्तानुसार कम या अधिक Motherboard के Ram स्लॉट पर लगा सकते है।

कंप्यूटर और लैपटॉप की रेम (RAM) कैसे बढ़ाये? ओर किसी भी Android मोबाइल की RAM कैसे बढ़ाये? उसकी पूरी जानकारी यहाँ है।

Hard Disk

Hard Disk का कार्य कंप्यूटर ऑन करने के बाद शुरू होता है परन्तु दूसरी और Hard drive में सिस्टम ऑफ होने के बाद भी स्टोर किया गया डाटा सेव रहता है। हमारी सभी images, videos, documents आदि सभी फाइल्स हार्ड डिस्क में सेव होती हैं। हार्ड ड्राइव छोटे छोटे-छोटे पैटर्न से बनी होती है तथा हार्ड ड्राइव में डाटा को दोबारा प्राप्त करने के लिए platters गोल-गोल घूमते है।

Video Card

मॉनीटर में दिखाई दी गयी इमेजेज Motherboard में अटैच किये video card की मदद से show होती है। तथा
मॉनिटर से वीडियो कार्ड VGA केबल से जुड़े रहते है।

Bina Graphic Card Ke Computer Me Game Kaise Chalaye? उसकी पूरी जानकारी यहाँ है।

कंप्यूटर किसने बनाया? कंप्यूटर का अविष्कार किसने किया?

दोस्तों आपके मन में कभी ना कभी यह सवाल आया होगा कि आखिर कंप्यूटर को किसने बनाया होगा? दोस्तों कंप्यूटर के सर्वप्रथम निर्माता “चार्ल्स बेबेज” हैं। जिन्हें कंप्यूटर का पितामह भी कहा जाता है।

शुरुआती दशक में कंप्यूटर का निर्माण चार्ल्स बेबेज द्वारा किया गया था तथा बाद में कंप्यूटर के आविष्कार के साथ-साथ कंप्यूटर तकनीक में भी परिवर्तन होता गया। औऱ आज कंप्यूटर कार्यप्रणाली का इस्तेमाल करना लगभग सभी शिक्षित लोगों के लिए संभव हो चुका है।

दोस्तों कंप्यूटर ने हमारे अनेक कार्य सरल कर दिए हैं अतः अब हम कंप्यूटर है कि उन फायदों के बारे में जानेंगे जिन्हें एक कंप्यूटर यूजर को जरूर पता होना चाहिए। (advantages and disadvantages of computer in hindi)

कंप्यूटर के फ़ायदे – Benefits Of Computer In Hindi

आज कंप्यूटर का इस्तेमाल ऑफिस कार्यालयों स्कूल विद्यालय में एक्सेल, विनवोर्ड, tally आदि सॉफ्टवेयर पर विभिन्न प्रकार के उद्देश्यों के लिये किया जाता है। कंप्यूटर एक मशीन है अतः यह मनुष्य की तुलना में अधिक कार्य करने की क्षमता रखती है, अतः कंप्यूटर समय तथा धन दोनों की बचत करता है।

बड़े-बड़े उद्यमी अपने व्यापार में कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि कंप्यूटर के उपयोग से माल पर किया गया व्यय कुल निवेश, जोड़-गुणा, घटा-भाग अर्थात फायदे तथा नुकसान सभी तथ्यों को गणना करने में कंप्यूटर व्यापार में मदद करता है। अतः कंप्यूटर व्यापार में किसी कार्य को बेहतर तथा जल्दी करने में सहायता प्रदान करता है।

कंप्यूटर ऑनलाइन बिजनेस में सहायता करता है जिससे व्यापार को न सिर्फ अपने देश में बल्कि विदेशों तक अपने उत्पाद तथा सर्विस के बारे में जानकारी पहुंचाई जा सकती है तथा बिक्री की जा सकती है।

कंप्यूटर का इस्तेमाल न सिर्फ किसी व्यापार या कंपनियों बल्कि मनोरंजन के उद्देश्य से भी किया जाता है कंप्यूटर में हम फिल्में टीवी, सीरियल, गाने आदि सुन तथा देख सकते हैं। अतः कंप्यूटर को T.V की तरह ही इसे मनोरंजन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

कंप्यूटर का इस्तेमाल ज्ञान प्राप्त करने के लिए किया जाता है क्योंकि आज youtube में हमारी शिक्षा संबंधी अनेक ट्यूटोरियल्स मौजूद है जिनकी मदद से हम इंफोग्राफिक्स, वीडियो के फॉर्मेट में अनेक चीजों को आसानी से सीख सकते हैं। तो इस प्रकार यहां कंप्यूटर के कुछ फायदे बताए गए हैं इसके अलावा कंप्यूटर के अनेक फायदे हैं जो हमारे दैनिक जिंदगी में निजी कार्यों के साथ-साथ हमारे प्रोफेशनल कार्यों में भी कंप्यूटर हमारी अत्यधिक सहायता कर रहा है।

कंप्यूटर के बारे में अब तक हम इस आर्टिकल में काफी कुछ जान चुके हैं, अब हम बात करते हैं कंप्यूटर के Types की। आपको पता है कंप्यूटर कि फंक्शनैलिटी के अनुसार इनके कई Types है, आइए कंप्यूटर के सभी टाइप्स के बारे में विस्तार से जानते हैं.

कंप्यूटर के प्रकार – Types Of Computer In Hindi

Supercomputer

Advance टेक्नोलॉजी से Less इन कंप्यूटर्स की छमता Normal कंप्यूटर की तुलना में काफी अधिक होती है। सुपर कंप्यूटर सबसे Fastest एवं महंगे कंप्यूटर से होते हैं। weather forecasting, Climate Research oil and Gas Exploration जैसे Fields में सुपरकंप्यूटर्स का इस्तेमाल होता है।

इस प्रकार के कंप्यूटर Complex Science तथा Engineering से जुड़ी समस्याओं को हल करने में अत्यंत सहायक होते हैं। किसी प्रॉब्लम को solve करने के लिए यह कंप्यूटर बड़ी मात्रा में CPU का इस्तेमाल करते हैं, parallel प्रोसेसिंग की मदद से सुपरकंप्यूटर्स को प्रोसेसिंग पावर मिलती है। सुपर कंप्यूटर इतने शक्तिशाली होते हैं कि 1 सेकंड में 10 trillion इंडिविजुअल कैलकुलेशन कर सकते हैं। example– Al Computer, Columbia जैसे कुछ सुपर कंप्यूटर्स के उदाहरण हैं।

कई मामलों में सुपर कंप्यूटर और मेनफ्रेम कंप्यूटर्स में समानताएं देखने को मिलती हैं। यदि हम इन दोनों कंप्यूटर्स के बीच एक मुख्य फर्क को समझें तो जहां सुपर कंप्यूटर Single Task को Complete करने के लिए पूरा फोकस ले लेते हैं। वहीं दूसरी तरफ Mainframe कंप्यूटर एक साथ सैकड़ों ऑपरेशंस को परफॉर्म करने की काबिलियत रखता है?

चूंकि इस तरह के कंप्यूटर्स सामान्य उपयोग के लिए नहीं बनाए गए होते हैं। अतः साइज में बड़े होने की वजह से मेनफ्रेम कंप्यूटर का इस्तेमाल आज समाप्त नहीं हुआ है। आज भी Banking, Health Care, Military जैसे स्थानों के अलावा इनका इस्तेमाल अधिकतर बड़ी संस्थाओं द्वारा Bulk डाटा प्रोसेसिंग industry and consumer statistics  के लिए आज भी किया जाता है।

Server Computer

इस टाइप के कंप्यूटर को नेटवर्क सर्वर भी कहा जाता है। जिनमें डाटा एवं प्रोग्राम का डाटा स्टोर होता है। यह एक सेंटर कंप्यूटर होता है जो नेटवर्क से कनेक्टेड सभी यूजर्स को इलेक्ट्रॉनिक डाटा आपस में शेयर करने एवं स्टोर करने की इजाजत देता है

server कंप्यूटर्स की क्षमता हालांकि सुपर कंप्यूटर जितनी नहीं होती है। क्योंकि यह सिर्फ एक जटिल समस्या को Solve करने की जगह एक जैसी कई सारी समस्याओं को सॉल्व करने में सक्षम होते हैं।

Workstation Computer

पावरफुल होने के साथ-साथ इस टाइप के कंप्यूटर काफी Expansive होते हैं। साइंस, मैथ, इंजीनियरिंग से जुड़ी जटिल समस्याओं को solve करने के लिए इन वर्क स्टेशन कंप्यूटर का उपयोग होता है। अर्थात यह कंप्यूटर सुपर परफॉर्मेंस प्रदान करते हैं, जो कंप्यूटर डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग के लिए भी प्रयोग में लाए जाते हैं

वर्कस्टेशन कंप्यूटर का उपयोग एक बार में एक ही यूजर कर सकता है। इनका उपयोग analysts, designers, content creation professionals, developers जैसे Heavy Tasks को करने के लिए किया जाता है, आप इन Computers को मार्केट से खरीद सकते हैं

Personal Computer

यह computer आज सभी घरों में इस्तेमाल किए जाते हैं और इन्हें हम PC भी कहते हैं। इस टाइप के कंप्यूटर्स को माइक्रोकंप्यूटर्स भी कहा जाता है। इस टाइप के कंप्यूटर्स की Cost कम होने के साथ ही साइज भी कम होता है। इसलिए सामान्यतः घरों एवम् ऑफिस में  इस तरह के कंप्यूटर का सबसे अधिक उपयोग होता है

आज मनुष्य इन कंप्यूटर का उपयोग अलग-अलग उद्देश्य के लिए करता है जैसे कि एक productivity tool एक media server या एक gaming System के तौर पर।

Microcontroller

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट होता है कंप्यूटर का यह प्रकार सिंपल tasks को करने के लिए होता है। यह एक मिनी कंप्यूटर होता है जिसका इस्तेमाल यूजर्स द्वारा सिंपल command एवं टास्क को पूरा करने के लिए किया जाता है।

इस टाइप के computer को आप इनकी कैपेसिटी के आधार पर आप सुपर कंप्यूटर एवं माइक्रोकंप्यूटर्स के बीच के कंप्यूटर कह सकते हैं। इसलिए इन्हें मल्टिप्रोसेसर सिस्टम भी कहा जाता है।

Smartphone

जी हां आप और हम सभी आज स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं। जो कि एक कंप्यूटर ही है। इनमें भी हम ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं जैसे कि Android, ios दो प्रमुख स्मार्टफोन ऑपरेटिंग सिस्टम है।

परंतु कंप्यूटर्स का यह प्रकार Easy to use & Carry है। लेकिन इसकी कुछ लिमिटेशंस भी होती हैं जैसे कि processing power, memory, energy usage and screen size इत्यादि।

कंप्यूटर कैसे काम करता है?

सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर उपकरणों से बनी इस कंप्यूटर मशीन को तो हम सभी ऑपरेट करना जानते हैं। परंतु यह काम कैसे करती है? काफी कम लोग यह जानने में दिलचस्पी रखते हैं। आइए short में समझते हैं यह किस तरीके से कार्य करता है।

हम अपने कीबोर्ड या माउस से कंप्यूटर को जो भी instructions देते हैं। कंप्यूटर उस डाटा को इनपुट यूनिट के जरिए प्राप्त करता है, उसके बाद कंप्यूटर इस डाटा को प्रोसेस करता है तथा हमें यह डेटा आउटपुट में स्क्रीन पर देखने को मिलता है। कौन-कौन से इनपुट्स उस कंप्यूटर में मौजूद हैं। यह उस कंप्यूटर पर निर्भर करता है जिसका हम इस्तेमाल कर रहे हैं। परंतु सामान्यतः एक कंप्यूटर में माउस एवं कीबोर्ड जरूर अटैच होता है

और जब हमारे द्वारा दिया गया निर्देश कंप्यूटर रिसीव करता है, उसके बाद CPU सभी कंपोनेंट्स के साथ मिलकर यूजर द्वारा दिए गए उस इंस्ट्रक्शन को प्रोसेस करते हैं। मदर बोर्ड में यह प्रोसेस माइक्रोसेकेंड्स के अंदर होती है। और एक बार जब यह डाटा Ready हो जाता है तो कंप्यूटर इसे आउटपुट डिवाइस जैसे मॉनिटर, स्पीकर, प्रिंटर को पहुंचाता है।

कंप्यूटर का भविष्य? – Future Of Computer In Hindi

आज हम कंप्यूटर हर जगह देख रहे हैं और आने वाला समय कंप्यूटर के लिए कैसा रहेगा? यह भी कुछ पाठकों के लिए जानना दिलचस्प रहेगा। हालांकि मार्केट में रोजाना नई नई तकनीक लांच हो रही है।

कंप्यूटर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आने वाले समय में कंप्यूटर की सोचने समझने की क्षमता मनुष्य के दिमाग की जितनी हो जाएगी। अतः अगले कुछ सालों में हम मार्केट में ऐसे कंप्यूटर भी देख सकते हैं जिनमें human-level intelligence होगी। साथ ही कंप्यूटर्स का size हमें और छोटा देखने को मिल सकता है। इसके अलावा माना जा रहा है भविष्य में आने वाले कंप्यूटर अन्य इलेक्ट्रॉनिक devices के साथ संचार कर सकेंगे जिनसे कंप्यूटर bulb, रेफ्रिजरेटर जैसे उपकरणों को कंट्रोल किया जा सकता है।

हालांकि Exactly कंप्यूटर का भविष्य क्या होगा? उसके बारे में कोई भी चीज अभी सुनिश्चित तो नहीं है, हां परंतु इस समय इस टेक्नोलॉजी को और बेहतर बनाने की और कार्य किया जा रहा है।

कंप्यूटर का इतिहास – History Of Computer In Hindi

हेलो दोस्तों कंप्यूटर की शुरुआत तो 19वीं शताब्दी में हो चुकी थी। जिसकी शुरुआत अंग्रेजी गणितज्ञ चार्ल्स बैबेज द्वारा की गई थी। जिनका कंप्यूटर के योगदान में विशेष योगदान माना जाता है। उस समय चार्ल्स बैबेज ने इंजन का डिजाइन तैयार किया तथा इसी डिजाइन के बेसिक फ्रेमवर्क के आधार पर कंप्यूटर को उसको तैयार किया गया देखा जाए तो कंप्यूटर की मुख्य द 3 जनरेसन है तथा प्रत्येक जनरेशन में कंप्यूटर के पार्ट्स हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर में बदलाव होते के तथा प्रत्येक जनरेशन में कंप्यूटर को और बेहतर होते चले गए

पहली generation 1937 से 1946 तक पहला इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर तैयार किया गया जिसका नाम Atanasoff-Berry Computer (ABC). रखा गया। तथा इस दौरान कंप्यूटर में प्रोसेसिंग के लिए vacuum tube का इस्तेमाल किया जाता था।

जबकि दूसरी जनरेशन 1947 से 1962 तक थी। इस जनरेशन में मुख्यतः वेक्यूम ट्यूब के स्थान पर ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल किया जाने लगा था. तीसरी जनरेशन में अधिक विश्वसनीय तथा फास्ट कंपोनेंट के इस्तेमाल किया गया था। क्योंकि इस जनरेशन में इंटीग्रेटेड सर्किट चिप्स का इस्तेमाल किया जाने लगा। तथा यह 1963 जनरेशन वर्तमान समय तक चल रही है।

तथा प्रत्येक पीढ़ी में कंप्यूटर की कार्यप्रणाली में सुधार होता चला गया जिस वजह से आज कंप्यूटर हमारी दैनिक जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है।


F.A.Qs

कंप्यूटर क्या है?

कंप्यूटर एक विद्युत मशीन है जो किसी डाटा या जानकारी को manipulate करने में सक्षम होती है। यह विभिन्न प्रकार के डाटा को Store करने, Retrieve करने (पुनः प्राप्त) और उस डाटा को किसी के साथ शेयर करने में मदद करती है।

सरल शब्दों में समझें तो यह इंसानों द्वारा ऑपरेट की जाने वाली ऐसी इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जिसका इस्तेमाल विभिन्न कार्यों हेतु घरों तथा कार्यालयों में किया जाता है।

एक उपयोगकर्ता को बेसिक कंप्यूटर सीखने के लिए कंप्यूटर के मूलभूत फंक्शन जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम की जानकारी होना, computer को ऑपरेट करना, productivity software जैसे MS Excel, MS word, इत्यादि का इस्तेमाल करना, कंप्यूटर में किसी जानकारी को सेव करना और उसे शेयर करना जैसी चीजें आती हैं।

कंप्यूटर कैसे काम करता है?

Computer नामक यह मशीन विभिन्न भागों जैसे motherboard, cpu, प्रोसेसर इत्यादि भागों से मिलकर कार्य करती है। यह सभी भाग जब सुचारू रूप से मिलकर कार्य करते हैं तो एक कंप्यूटर मशीन यूज़र आसानी से ऑपरेट कर पाता है आइए कंप्यूटर की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझते है;

सबसे पहले हम कीबोर्ड, माउस इत्यादि इनपुट डिवाइस की मदद से कंप्यूटर को कोई निर्देश देते है। फिर वह निर्देश मदर बोर्ड में मौजूद प्रोसेसर तक जाता है और प्रोसेसर उस निर्देश को प्रोसेस करता है। फिर उस निर्देश का पालन होने पर अगर वह डाटा कंप्यूटर में सेव करना हो तो उसे हार्ड ड्राइव में स्टोर किया जाता है. फिर उस निर्देश के पालन होने की जानकारी एक यूजर को कंप्यूटर के आउटपुट डिवाइस जैसे मॉनिटर स्क्रीन पर या फिर प्रिंटर के माध्यम से देखने को मिलती है।

इस प्रकार कंप्यूटर कार्य करता है कंप्यूटर को चलाने के लिए प्रत्येक कंप्यूटर भाग बेहद महत्वपूर्ण होता है।

कंप्यूटर के कितने भाग हैं?

Computer मुख्यतया इन 10 भागों से मिलकर बना होता है।

कंप्यूटर की सीमाएं क्या है?

कंप्यूटर एक अत्याधुनिक फास्ट मशीन है, इसमें कोई शक नहीं परंतु इसकी कुछ Limitations हैं जो निम्नलिखित हैं।

• इस विद्युत चालक मशीन को ऑपरेट करने के लिए इंसान का होना जरूरी है। बिना इंसान के इसे इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
• Computer वर्तमान में इतने सक्षम नहीं है कि वह मनुष्य के बगैर किसी Tasks को ऑटोमेटिक पूरा कर सके।
• No learning power| एक computer machine के पास सीखने की कोई क्षमता नहीं होती है, अतः एक बार इसका निर्माण करने के बाद यह उसी तरह काम करता है, जिस काम के लिए इसे बनाया गया है।
• मनुष्य की तरह इनमें कोई Feelings नहीं होती, इस वजह से इनके लिए कम या अधिक महत्त्वपूर्ण डेटा के बीच कोई अंतर नहीं।

कंप्यूटर के गुण कौन-कौन से हैं?

कंप्यूटर की अनेक खूबियों की वजह से कंप्यूटर का इस्तेमाल विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग उद्देश्य से किया जाता है, कंप्यूटर के मुख्य गुण निम्नलिखित हैं।

•तीव्र गति
•सटीकता
•विश्वसनीयता
•तत्परता
•बहुमुखी प्रतिभा (Versatility)
•स्टोरेज क्षमता
•ऑटोमेटिक
•तीव्र निर्णय लेने की क्षमता
•मल्टीटास्किंग
•भावनाएं नहीं होती
•याद रखने कि शक्ति

कंप्यूटर का उपयोग कहां कहां किया जाता है?

जीवन के अनेक क्षेत्रों में आज हम कंप्यूटर का इस्तेमाल देख सकते हैं। फिर चाहे बात हो शिक्षा के क्षेत्र में, स्वास्थ्य के क्षेत्र में, स्कूल/कॉलेज से लेकर अस्पतालों में तथा अनुसंधान हेतु कंप्यूटर का उपयोग किया जा रहा है।

आज व्यवसाय में कंप्यूटर का उपयोग जहां बिजनेस का डाटा संग्रहित करने हेतु किया जा रहा है। वही घरों में निजी कार्यों हेतु कंप्यूटर का उपयोग हो रहा है। इसलिए घर हो या ऑफिस उन सभी स्थानों में कंप्यूटर का प्रयोग हो रहा है जिन स्थानों पर कंप्यूटर की जरूरत है।

डिजिटल कंप्यूटर को कितने भागों में बांटा गया है?

एक digital computer इलेक्ट्रॉनिक मशीन कि भांति होता है। जो किसी भी तरह की जानकारी को प्रोसेस करने योग्य होती है। एक डिजिटल कंप्यूटर में मुख्यतः तीन भाग input, output और Processing डिवाइस होते हैं जिनकी मदद से यह सुचारू रूप से काम करता है।

इनके साइज फीचर्स और कीमत के आधार पर डिजिटल कंप्यूटर को अनेक श्रेणियों में बांटा गया है, जो कि निम्नलिखित हैं।

• Micro computer 
• Mini computer
• Mainframe computer
• Super कंप्यूटर

Micro computer का एक और अन्य नाम क्या है?

किसी भी तरह का माइक्रो computer चाहे PC हो या laptop इसे दूसरे नामों से भी जाना जाता है जो कि निम्नलिखित हैं।

Laptop :- मिनी कंप्यूटर
Palmtop:- Pc
Micro computer :- personal computer
लैपटॉप कंप्यूटर:- small computer
Notebook:- notebook computer
Worker station:- टर्मिनल 
Desktop computer:- word processor
Macintosh:- ibm pc
Home computer:- Mac
Computer:- clone

माइक्रो कंप्यूटर का आविष्कार कब हुआ?

वर्ष 1973 में duniya का पहला microcomputer release किया गया। यह पहला नॉन- किट (जो बॉक्स से बाहर हो) माइक्रोकंप्यूटर था जिसमें माइक्रो प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया था। यह कंप्यूटर intel 8008 पर कार्य करता था। इस कंप्यूटर को बनाने वाली कंपनी का श्रेय Micro Computer Machines Inc. को जाता है।

सबसे पहला मिनी कंप्यूटर कौन सा था?

1960 70 के दशक में पहली बार मिनी कंप्यूटर को विकसित करने का कार्य शुरू किया गया। और The Digital Equipment Corporation (DEC) नामक कंप्यूटर को दुनिया का पहला मिनी कंप्यूटर कहा जाता है। बता दें उस दौर में एक कंप्यूटर की कीमत जहां $1 लाख होती थी। उसी दौर में डीसी ने कंप्यूटर PDP-8 को $16000 में बेचना शुरू किया।

बैंकों में कंप्यूटर का प्रयोग कैसे किया जाता है?

बैंक समेत अनेक वित्तीय स्थानों में कंप्यूटर का उपयोग लेने देन का रिकॉर्ड रखने तथा अन्य कार्यों के लिए किया जाता है जिनमें से कुछ प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं।

• एक बैंक में computer का उपयोग ग्राहकों के खाते का रिकॉर्ड रखने हेतु किया जाता है।
• अधिकतर बैंक क्योंकि आज टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रहे हैं। अतः कंप्यूटर की मदद से वे payment और payment रिकॉर्ड को आसानी से मैनेज कर पा रहे हैं।
• ग्राहकों का तथा बैंक संबंधी अन्य डाटा कंप्यूटर पर लंबे समय तक save रहता है, और इस डेटा का उपयोग जरूरत पड़ने पर कभी भी किया जा सकता है।
• अधिकतर बैंक अपने ग्राहकों को ऑनलाइन बैंकिंग सेवा प्रदान कर रहे हैं। ऐसे में कंप्यूटर का उपयोग ग्राहकों को ऑनलाइन बैंकिंग संबंधी किसी समस्या को सुलझाने हेतु भी किया जाता है।

अतः संक्षेप में कहें तो बैंक transaction के रिकॉर्ड से लेकर, हिसाब किताब का सारा डाटा कंप्यूटर पर स्टोर करते है। अतः बैंक में कंप्यूटर के इस्तेमाल से बैंकिंग प्रणाली को आसान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

भारत के पहले सुपर कंप्यूटर का नाम क्या था?

परम 8,000 को भारत का पहला सुपर कंप्यूटर माना जाता है। Vijay P. Bhatkar जो कि एक भारतीय computer scientist हैं उनकी अगुवाई में भारत के पहले सुपर कंप्यूटर को बनाने का कार्य शुरू हुआ। वर्ष 1991 में बनाए गए परम कंप्यूटर के बाद वर्ष 1998 में परम 10,000 को लॉन्च किया गया। बता दें परम से तात्पर्य parallel मशीन से है।

पहला कंप्यूटर कब बना?

विश्व इतिहास में दुनिया के पहले कंप्यूटर का नाम ENIAC था जिस का आविष्कार J. Presper Eckert और John Mauchly द्वारा किया गया था। पहली बार 1943 में उन्होंने इस कंप्यूटर का विकास करना शुरू किया और 1946 में इसका निर्माण कार्य पूरा हुआ। इस कंप्यूटर में 18,000 वेक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया गया था और यह करीब 1800 स्क्वेयर फीट था।

हम सभी जानते हैं कंप्यूटर के जनक चार्ल्स बेबेज है, जिन्होंने दुनिया के पहले automatic computer इंजन यानी पहले मैकेनिकल कंप्यूटर को डिजाइन किया था। लेकिन उनके इस कार्य से पूर्व कंप्यूटर उन इंसानों को कहा जाता था, जो कैलकुलेशन करने में मास्टर होते थे।

कंप्यूटर की शुरुआत कब हुई?

विश्व इतिहास में z1 नामक दुनिया का पहला कंप्यूटर था जिसे जर्मनी के Konrad Zuse द्वारा बनाया गया था यह कंप्यूटर कोनार्ड ने अपने माता-पिता के कमरे में 2 साल की कड़ी मेहनत से तैयार किया गया था। माना जाते हैं यह दुनिया का पहला इलेक्ट्रो मैकेनिकल binary programmable कंप्यूटर था। जिसे दुनिया के पहला मॉडर्न कंप्यूटर भी कहा जाता है।

विश्व का पहला सुपर कंप्यूटर कब बना?

विकिपीडिया के अनुसार दुनिया का पहला सुपर कंप्यूटर The CDC 6600 था। जिसे वर्ष 1964 में Seymour Cray, और ran नामक दो व्यक्तियों ने बनाया था माना जाता है यह कंप्यूटर इतिहास के बाकी अन्य कंप्यूटर से काफी फास्ट था इसकी स्पीड 1 मेगाफ्लॉप थी उस जमाने में ऐसी कंप्यूटर्स को इस्तेमाल में लाना काफी बड़ी बात होती थी।

बता दें कुछ सालों बाद इस कंप्यूटर को बनाने वाले Seymour ने CDC कंपनी को छोड़कर खुद की कंपनी शुरू करने का फैसला लिया और वर्ष 1972 में Los Alamos National Laboratory में पहले सुपर कंप्यूटर Cray-1 supercomputer को विकसित किया।

आईबीएम का पहला कंप्यूटर कौन सा था?

आईबीएम कंप्यूटर मशीन की दुनिया में बड़ा नाम है लगभग 33 साल पूर्व वर्ष 1981 में ibm ने पहला IBM 5150 लांच किया। यह computer 64 kb Ram पर आधारित था जिसकी कीमत तकरीबन 3000 dollar थी।

इस कम्प्यूटर को engineers & designers की टीम द्वारा डिवेलप किया गया था। इस कंप्यूटर में intel का 8088 माइक्रो प्रोसेसर था और यह Microsoft के MS dos operating system पर काम करता था। आईबीएम के इस पीसी के लॉन्च होने के बाद कंप्यूटर के क्षेत्र में महान क्रांति आई।

भारत में सुपर कंप्यूटर परम का निर्माण कहां किया गया था?

भारत के पहले सुपर कंप्यूटर परम को पुणे महाराष्ट्र में विकसित किया गया था। बता दें परम एक सुपर कंप्यूटर की सीरीज है जिसे डिजाइन और असेंबल Centre for Development of Advanced Computing (C-DAC) द्वारा किया गया था। परम शब्द का संस्कृत में अर्थ सुप्रीम होता है इसके अलावा इस कंप्यूटर का नाम परम रखने का यही कारण भी था कि इसका शाब्दिक अर्थ पैरेलल मशीन है।

विश्व के प्रथम कंप्यूटर का क्या नाम है?

विश्व का पहला electronic programmable डिजिटल कंप्यूटर का नाम ENIAC था। यह कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के माध्यम से बड़े बड़ी गणितीय गणनाओं को आसानी से करने में सक्षम था। यह computer United state में बनाया गया था इस कंप्यूटर को पेंसिलवेनिया यूनिवर्सिटी में John Mauchly और J. Presper Eckert नामक 2 लोगों द्वारा डिजाइन किया गया था।

भारत में कितने सुपर कंप्यूटर है?

वर्तमान में भारत में दो सुपर कंप्यूटर PARAM Siddhi – AI और MIHIR है। इन कंप्यूटर्स ने दुनिया के टॉप 500 सबसे फास्ट सुपर कंप्यूटर में अपनी जगह बनाई है जिसमें से एक कंप्यूटर को 63 वा जबकि दूसरे को 146 वां स्थान मिला है।

वही बात की जाए टोटल कितने सुपर कंप्यूटर हैं तो यह संख्या निश्चित नहीं है। लेकिन भारत में high-performing कंप्यूटर की लिस्ट में तीन या चार ही सुपर कम्प्यूटर के नाम शामिल हैं। इस मामले में अमेरिका एक ऐसा देश है जहां सबसे ज्यादा पावरफुल कंप्यूटर हैं।

सुपर कंप्यूटर कब बनाया गया था?

भारत में सुपर कंप्यूटर को वर्ष 1991 में विकसित किया गया था जिसका नाम परम 8,000 था वही पूरी दुनिया में पहला सुपर कंप्यूटर CDC 6600 था। जिसे वर्ष 1964 में लॉन्च किया गया था।

भारत का सबसे बड़ा कंप्यूटर कौन सा है?

स्पीड के मामले में भारत के दो सुपर कंप्यूटर सबसे बड़े हैं। जिसमें पहला नाम है PARAM Siddhi – AI जिसकी rpeak capacity 5.267 petaflop है। यहां Rpeak से तात्पर्य अधिकतम अनुमानित प्रदर्शन क्षमता से है. और दूसरा सुपर कंप्यूटर मिहिर 4.6 petaflops की कैपेसिटी से काम करता है। यह दोनों ही कंप्यूटर National supercomputing मिशन के तहत आते हैं।

सुपर कंप्यूटर की कीमत कितनी होती है?

वैसे तो प्रत्येक सुपर कंप्यूटर की स्पीड और फीचर्स के अनुसार उनके दाम भी अलग-अलग होते हैं। लेकिन साल 2017 में सरकार द्वारा एक 10 PetaFlops के एक सुपर कंप्यूटर को बनाने के लिए 400 करोड रुपए खर्च किए थे और इस कंप्यूटर को बनाने में कुल लागत 450 करोड रुपए आई थी। संक्षेप में कहा जाए तो एक कंप्यूटर की परफॉर्मेंस जितनी बेहतर होगी उतनी लागत आ सकती है।

सुपर कंप्यूटर का उपयोग कहां कहां किया जाता है?

वर्तमान समय में सुपर कंप्यूटर, कंप्यूटर का सबसे शक्तिशाली प्रकार है जिसकी स्पीड और कार्य करने की कैपेसिटी बाकी अन्य कंप्यूटर से काफी गुना फास्ट है। इसका इस्तेमाल सामान्य उपयोग के लिए नहीं बल्कि साइंटिफिक और इंजीनियरिंग के परपस से किया जाता है। इसके अलावा यह कंप्यूटर बड़ी और जटिल गणनाओं को भी करने में सक्षम होते हैं। इस प्रकार के कंप्यूटर को अन्य कार्यों जैसे मौसम का पूर्वानुमान करने, oil तथा gas exploration इत्यादि विभिन्न कार्यों के लिए बड़ी-बड़ी इंडस्ट्रीज में किया जाता है।

कंप्यूटर का विकास कब और कैसे हुआ?

इतिहास के पन्नों को पलट कर देखें तो कंप्यूटर के विकास की प्रक्रिया abacus तथा अन्य mechanical calculating Device के साथ शुरू हो गई थी। उसके बाद 1830 में चार्ल्स बैबेज ने एनालिटिकल इंजन को डेवलप कर आधुनिक कंप्यूटर की शुरुआत की। उसके बाद वर्ष 1938 में मार्केट में z1 कंप्यूटर लांच किया गया। यह एक पूरी तरह electro mechanical computer था, उसके बाद मार्केट में 1960 के दशक में सुपर कंप्यूटर के विकास पर कार्य किया गया।

और वर्ष 1981 में आईबीएम ने अपने पर्सनल कंप्यूटर को लॉन्च करके कंप्यूटर के क्षेत्र में महान क्रांति लाने का काम किया। और तब से कंप्यूटर का उपयोगी न सिर्फ विकसित देशों में बल्कि विकासशील देश जैसे भारत में भी होने लगा।

विश्व का प्रथम कंप्यूटर प्रोग्रामर कौन था?

दुनिया के पहली कंप्यूटर प्रोग्रामर होने की उपाधि Ada Lovelace को दी जाती है।जो 19वी सदी में इंग्लैंड में रहती थी। ada को पहला कंप्यूटर प्रोग्रामर इसलिए माना जाता है।

दोस्तों उम्मीद है आपको कंप्यूटर के बारे में पूरी जानकारी मिल चुकी होगी, ओर अब आप जान गए होगे की कंप्यूटर क्या होता है? कंप्यूटर किसे कहेते है? कंप्यूटर का फ़ुल फ़ोरम क्या है? किसने बनाया? कैसे काम करता है? कंप्यूटर के फ़ायदे? & All About Computer In Hindi.

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Hope की आपको कंप्यूटर क्या है और किसने बनाया – What Is Computer In Hindi? का यह पोस्ट हेल्पफ़ुल लगा होगा।


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