इंटरनेट क्या है – What Is Internet In Hindi

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Internet Kya Hai -What Is Internet In Hindi? अगर आपको नहीं पता की इंटरनेट क्या होता है? और आप इंटरनेट के बारे में Detail से जानना चाहते हो तो आज इस पोस्ट में हम जानिंगे की इंटरनेट क्या है? इंट्रानेट क्या है? इंटरनेट का मालिक कोन है? इंटरनेट कैसे चलाये? इसके फ़ायदे और नुक़सान क्या हैं? how internet works in hindi & all about internet in hindi।

दोस्तों यदि मैं आपसे पूछूं कि आपके और हमारे बीच संपर्क किस वजह से हो पाता है? या आप किस तरह हमारे द्वारा दी गई जानकारी को पढ़ते हैं तो आपका जवाब होगा इंटरनेट जी हां दोस्तों इंटरनेट जो सुनने में तो सामान्य शब्द लगता है परंतु हम में से कई लोगों को इंटरनेट क्या है? यह कैसे कार्य करता है आदि अनेक चीजों के बारे में जानकारी नहीं होती।


हालांकि हम रोजाना इंटरनेट का इस्तेमाल अपने विभिन्न कार्यों के लिए करते हैं। परन्तु आमतौर पर इंटरनेट के बारे में जानने का ख्याल नहीं आता! यदि आप भी जानना चाहते हैं कि इंटरनेट क्या है – What Is Internet In Hindi तो आज का यह लेख ध्यानपूर्वक पढ़ते रहिए क्योंकि आज के इस लेख में आप इंटरनेट से संबंधित अनेक जानकारियां प्राप्त करने जा रहे हैं। 

एक दौर था जब इंटरनेट चलाने का साधन सिर्फ कंप्यूटर था और उसमें भी काफी slow speed लेकिन आज हम मोबाइल पर भी इंटरनेट 4G गति के साथ इस्तेमाल कर रहे हैं, हम किसी भी विषय पर गूगल सर्च करते हैं तो उसके परिणाम कुछ ही सेकंड में हमें मिल जाते हैं।

लेकिन आखिर इंटरनेट की शुरुआत कब से हुई थी? और भारत में इंटरनेट कब आया यह जानना हम सभी के लिए ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ रोचक भी है, तो आइए जानते हैं की इंटरनेट क्या है? इंटरनेट का मालिक कोन है? इंटरनेट कैसे चलता है? how internet works in hindi & all about internet in hindi।

इंटरनेट क्या है – What Is Internet In Hindi

Internet दुनिया भर में एक-दूसरे से जुड़े कंप्यूटर का जाल है। जिसमें विश्व भर के कंप्यूटर आपस में जुड़े हुए हैं। जिससे इंटरनेट प्रोटोकॉल सूट (TCP/IP) की मदद से विभिन्न डिवाइस को आपस में जोड़ जाता है।

इंटरनेट में कई प्रकार की जानकारी सेवाएं आदि समाहित होती हैं, जिनमें hypertext डॉक्यूमेंट, email तथा apps आदि शामिल हैं। तथा इंटरनेट नेटवर्क का नेटवर्क होता है जिसमें पब्लिक, प्राइवेट तथा सरकारी नेटवर्क है जो इलेक्ट्रॉनिक, वायरलेस तथा अन्य तकनीकों से जुड़े हैं।

इंटरनेट लोगों तक सूचनाओं तथा data को पहुँचाने का अत्यंत सरल तथा तेज माध्यम है, यह data हमें text, इमेज तथा ऑडियो, वीडियो आदि किसी भी फॉर्मेट में हम तक पहुँच सकता है।

इंटरनेट का इतिहास – History Of Internet In Hindi

इंटरनेट का इतिहास कंप्यूटर के विकास के साथ ही 1950 के दशक से शुरू हुआ। 1960 से लेकर 1980 दशक को इंटरनेट के विकास काल के रूप में जाना जाता है।अमेरिकी रक्षा विभाग तथा सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर अनेक विश्वविद्यालयों के साथ ARPANET प्रोजेक्ट पर काम किया।

ARPANET का मुख्य लक्ष्य विश्विद्यालय के खोजकर्ताओं जो कि रक्षा विभाग के के लिए काम कर रहे थे, तथा उनके पार्टनर जो कि अन्य अमेरिकी शहरों में रह रहे थे उन्हें जानकारी साझा करने की अनुमति देनी थी। तथा पहला लॉगिन मैसेज UCLA से स्टैनफोर्ड को भेजा गया उसके कुछ समय बाद दो अन्य विश्वविद्यालयों Santa Barbara तथा University of Utah को भी APRANET सिस्टम से जोड़ दिया गया।

तथा 1971 तक लगभग 30 विश्वविद्यालय APRANET सिस्टम से जुड़ चुकी थी। तथा Ethernet जो की कई सारे नेटवर्क के लिए एक प्रोटोकॉल था वह 1974 में पहली बार खोजा गया। charle Kline ने UClA में पहला पैकेट APRANET को भेजा जिसमें वह स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टिट्यूट को कनेक्ट करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन दुर्भाग्यवश login पर पहुँचते ही सिस्टम फैल हो गया।


यह वह समय था जब इंटरनेट का इस्तेमाल केवल कंप्यूटर विशेषज्ञ, इंजिनियर, तथा वैज्ञानिकों द्वारा ही किया था। परन्तु ईमेल, FTP तथा telnet की सेवाओं के शुरू होने के बाद नॉन-टेक्निकल लोगों के लिए भी इंटरनेट इस्तेमाल करना सरल हो गया।

विश्व में इंटरनेट का इतिहास लगभग 50 साल से भी अधिक पुराना है! 1960 के दशक में APRANET की रचना के साथ ही इंटरनेट के पहले Workable प्रोटोटाइप की खोज हुई! APRANET पैकेट स्विचिंग का इस्तेमाल कर विभिन्न कंप्यूटर्स को एक सिंगल नेटवर्क में संचार करने का कार्य करता था। 

वर्ष 1969 में APRANET द्वारा पहला मैसेज node to node भेजा गया, इससे एक कंप्यूटर को दूसरे कंप्यूटर से कम्युनिकेट किया जा सके। लेकिन दुर्भाग्य की बात यह थी कि वह मैसेज short होने के बावजूद भी Node के केवल first 2 lettets को ही Receive कर सका, तथा उसने APRANET को क्रैश कर दिया।

उसके बाद इंटरनेट को विकसित करने की टेक्नोलॉजी चलती रही तथा 1970 के दशक में वैज्ञानिक Rober Kahn & Vinton Cerf ने Tcp/IP को विकसित किया। यह एक कम्युनिकेशन मॉडल था जो कि स्टैंडर्ड्स को set कर देता था जिससे पता लगाया जा सके कि कैसे विभिन्न Networks के बीच डाटा को ट्रांसमिट किया जाता है। 1983 में Tcp/ip को Apranet द्वारा Adopt कर लिया गया और शोधकर्ताओं ने Networks of Network को असेंबल करना शुरू किया! और वही से आज के मॉडर्न इंटरनेट को रिसर्च करने की शुरुआत हो गई।

भारत में इंटरनेट की शुरुआत कब हुई थी?

वर्ष 1995 में पहली बार इंटरनेट का उपयोग सार्वजनिक रूप से भारत में किया गया! और जिस कंपनी द्वारा इंटरनेट सर्विस भारत में शुरू की गई उसका नाम विदेश संचार निगम लिमिटेड VSNL था। तथा उस समय इंटरनेट सर्विस को gateway internet access service नाम दिया गया था।

लेकिन उस समय दी जाने वाली इंटरनेट स्पीड और उसके खर्चे को सुनकर आप चौक जायेंगे क्योंकि 9.6 KBIT प्रति सेकंड इंटरनेट स्पीड में 250 घंटों के लिए $160 चार्ज किए जाते थे! दिल्ली मुंबई कोलकाता जैसे शहरों में यह सेवा सबसे पहले लोगों द्वारा इस्तेमाल की गई थी। एक सामान्य व्यक्ति के लिए इंटरनेट एक्सेस करना सरल नहीं था क्योंकि काफी अधिक चार्ज लिया जाता था।

लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है आज भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट यूजर्स वाला देश है। वर्ष 2014 तक भारत में इंटरनेट 9 भिन्न fibers द्वारा समुद्र तल से डिलीवरी किया जाता था! आज हमारे देश में 483 मिलियन से भी अधिक इंटरनेट यूजर हैं और यह संख्या बढ़ती जा रही है। भारत में अगरतला शहर में एक overland internet connection है।

अब सवाल आता है की आखिर इंटरनेट कैसे कार्य करता है?

इंटरनेट कैसे चलता है तथा इसका मालिक कौन है? How Internet Works In Hindi

दोस्तो यदि आप अभी तक यह सोचते हैं कि इंटरनेट सैटेलाइट के माध्यम से हम तक पहुँचता है या इंटरनेट का कोई मालिक है, तो आप गलत समझ रहे हैं क्योंकि इंटरनेट का कोई व्यक्ति मालिक नहीं है।

विश्व के अनेक देशों में बड़ी-बड़ी कंपनियां समुद्र में ऑप्टिकल केबल बिछाती है, यदि भारत की बात करें तो भारत मे टाटा कम्युनिकेशन कंपनी ने समुद्र में ऑप्टिकल केबल समुद्र में बिछाया हुआ है।

तथा आप और हम सभी इसी के जरिये इंटरनेट का इस्तेमाल कर पाते हैं। दोस्तो इस तरह आप समझ सकते हैं कि विश्व भर में इंटरनेट का इस्तेमाल इसी तरह किया जाता है।

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इंटरनेट कब बना कैसे बना और किसने बनाया?

इंटरनेट का पहला आईडिया leonard kleinrock नामक व्यक्ति को आया था। जब पहली बार लियोनार्ड ने अपने पहले पेपर इनफार्मेशन फ्लो इन लार्ज कम्युनिकेशन Nets को परिभाषित किया था। तथा 1962 में Robert taylor, licklider, kleinrock नामक व्यक्तियों द्वारा एक नेटवर्क का विचार प्रस्तुत किया जिसे बाद में APRANET कहा गया।

तथा इंटरनेट जिससे आज पूरा विश्व जुड़ रहा है पहली बार 1960 के दशक में यूनाइटेड स्टेट्स राज्य के कैलिफोर्निया स्थान पर विकसित किया गया।

इंटरनेट का अर्थ क्या है – Meaning Of Internet In Hindi

दोस्तो अगर आप गूगल पर इंटरनेट का हिंदी अर्थ जानेंगे तो, पाएंगे कि इंटरनेट अनेक कंप्यूटर को आपस में जोड़ता है अतः इसे हिंदी में संगणक जाल कहा जाता है।

इंटरनेट का फुल फॉर्म International Network होता है।

इंटरनेट के प्रकार – Types of Internet in Hindi

1. Local Area Network

लोकल एरिया नेटवर्क एक कंप्यूटर नेटवर्क है जो विभिन्न कंप्यूटर्स को एक Limited एरिया के अंतर्गत interconnect करता है। लोकल एरिया नेटवर्क का इस्तेमाल अधिकतर School, बिल्डिंग्स, यूनिवर्सिटी Campus इत्यादि या फिर single Rooms में होता है।

Ethernet or wifi के बारे में आप जानते ही होंगे, यह दोनों ही लोकल एरिया नेटवर्क टेक्नोलॉजी में सबसे अधिक प्रयोग किए जाते हैं।

2. Home Network

Home Network को Small ऑफिस नेटवर्क भी कहा जाता है। जिसका काम pc, टेबलेट इत्यादि दो डिवाइस को आपस में कनेक्ट करने के साथ ही इन डिवाइस को इंटरनेट से कनेक्ट करना भी होता है।

होम नेटवर्क का इस्तेमाल लोग अपने घरों में सबसे अधिक करते हैं। इसमें आप कंप्यूटर डिवाइस को किसी भी वायर से कनेक्ट कर सकते हैं या फिर वायरलेस भी इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं।

3. Private Area Network

एक प्राइवेट एरिया नेटवर्क के अंतर्गत केवल कुछ Devices को ही नेटवर्क से कनेक्ट रहने की परमिशन से होती हैं। एक तरफ जहां पब्लिक नेटवर्क से किसी भी डिवाइस को कनेक्ट किया जा सकता है बिना Restrictions (रोक) के वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट एरिया नेटवर्क में ऐसा नहीं होता है।

प्राइवेट एरिया नेटवर्क के राउटर्स तथा Access Points में ऐसी सेटिंग Encode की जाती है जिससे Selected Devices को ही उस नेटवर्क से कनेक्ट करने का अधिकार होता है।

4. Wireless LAN

दोस्तों इस नेटवर्क में Wireless कम्युनिकेशन होती है।यह एक वॉयरलैस लोकल एरिया नेटवर्क नेटवर्क होता है। वायरलेस कम्युनिकेशन के जरिए दो या दो से अधिक devices को जोड़ता है।

लेकिन यह सीमित एरिया को कवर करता है, जैसे कि इसका इस्तेमाल स्कूल, बिल्डिंग ऑफिस में किया जा सकता है। इस नेटवर्क का इस्तेमाल करने का मुख्य फायदा यह है की यूजर को एक एरिया के अंतर्गत एक जगह से दूसरी जगह पर move के करने के साथ-साथ नेटवर्क से कनेक्ट रहने में भी मदद करता है। वायरलेस नेटवर्क आज घरों में काफी लोकप्रिय हो रहे हैं, क्योंकि इनको इंस्टॉल एवं setup करना आसान है। तथा कमर्शियल भी इनका इस्तेमाल अधिक होने लगा है।


5. WAN (wide area network)

Wan के अंतर्गत सभी Smaller Network जैसे लोकल एरिया नेटवर्क, मेट्रो एरिया नेटवर्क कनेक्ट किए जाते हैं। WAN Network बड़े पैमाने पर भौगोलिक क्षेत्र को cover करता है! जैसे कि यह सुनिश्चित करता है कि कंप्यूटर यूजर किसी दूसरी लोकेशन के कंप्यूटर तथा यूज़र से कम्युनिकेट कर पा रहे हैं या नहीं! दोस्तों WAN की फंक्शनैलिटी LAN की तरह ही होती है परंतु यह Large एरिया को Cover करता है।

जैसे कि बैंकिंग सिस्टम जहां पर अलग-अलग शहरों की शाखाएं एक दूसरे बैंक से कनेक्टेड रहती हैं।। इस प्रकार के नेटवर्क 100 मील दूर के एरिया में भी नेटवर्क प्रोवाइड करने में सक्षम होते हैं। इसलिए इस तरह के नेटवर्क का इस्तेमाल नेशनल और इंटरनेशनल रूप से किया जाता है।

दोस्तों अब तक हमने बात की इंटरनेट की लेकिन क्या आपने intranet के बारे में सुना है? क्या आपको इसके बारे में जानकारी है नहीं है तो आइए जानते हैं कि यह Intranet क्या है?

इंट्रानेट क्या है? – What is Intranet in Hindi

दोस्तों सबसे पहले हम intranet शब्दों को समझते हैं intra का अर्थ internal होता है। जिसे internal communication हेतु बनाया गया हुआ है। intranet एक प्राइवेट नेटवर्क होता है इस प्राइवेट नेटवर्क को एक्सेस करने का अधिकार कुछ चुनिंदा लोगों के पास ही होता है! अर्थात इस नेटवर्क को केवल Authorized users Access कर पाते हैं।

यदि हम इसे एग्जांपल से समझें तो मान लीजिए एक कंपनी अपने बिजनेस में intranet का निर्माण कर सकती है! जिससे कंपनी में काम करने वाले सभी कर्मचारी आपस में एक दूसरे को securely Messages, files का आदान प्रदान कर सकें लेकिन इन ऑथराइज्ड यूजर्स के अलावा कोई भी उस डाटा को एक्सेस नहीं कर सकता।

तो हम कह सकते हैं कि intranet का उपयोग Two way कम्युनिकेशन मैनेजमेंट एवं स्टाफ के बीच के कम्युनिकेशन के लिए किया जाता है, जिसमें कोई भी बाहरी कंपनी या यूजर्स हस्तक्षेप नहीं कर सकता। यह internal कम्युनिकेशन विभिन्न सोशल तथा कम्युनिकेशन टूल्स के माध्यम से संभव है जैसे कि इसमें Blogs, discussion forum इत्यादि के जरिए वार्तालाप की जा सकती है।

दोस्तों यहां पर आपके मन में सवाल आ सकता है कि इंटरनेट और intranet के बीच आखिर मुख्य अंतर क्या होता है तो आइए इसको समझने के लिए जानते हैं;

इंटरनेट एवं इंट्रानेट के बीच का अंतर?

इंटरनेट पूरे विश्व में कंप्यूटर नेटवर्क का फैला एक जाल है, जिसका उपयोग सार्वजनिक रूप से सभी कर सकते हैं वही इंट्रानेट कंप्यूटर का एक ऐसा नेटवर्क है जिसे सीमित (Limited) यूजर्स के एक्सेस के लिए बनाया गया है। इंटरनेट जहां एक पब्लिक नेटवर्क है वहीं दूसरी तरफ intranet एक प्राइवेट नेटवर्क होता है।

इसके अलावा दोस्तों तीसरा और एक सबसे मुख्य कारण इंटरनेट विभिन्न प्रकार की जानकारियों से भरा पड़ा है, और कोई भी यूजर एक क्लिक में उन सारी जानकारियों को चेक कर सकता है। जबकि intranet में सिर्फ group स्पेसिफिक इंफॉर्मेशन शामिल होती है। जिसे ग्रुप के यूजर्स द्वारा ही Access किया जा सकता है।

दोस्तों इस प्रकार हम यह कह सकते हैं कि जब हमें इंटरनेट के माध्यम से ही secret चैट, या discussion कई सारे लोगों के साथ करनी हो तो हम एक intranet का निर्माण करके इसे पूरा करते हैं.

इंटरनेट कैसे चलाएं?

यदि आपने अभी तक इस लेख को ऊपर से यहां तक पूरा पढ़ा है तो आपको इस सवाल को पूछने की जरूरत नहीं होगी! क्योंकि हम जानते हैं, यह आपके लिए बाएं हाथ का खेल है लेकिन फिर भी इंटरनेट पर अक्सर यह सवाल पूछा जाता है तो बता दें. इंटरनेट चलाने के लिए आपके पास कोई भी स्मार्टफोन, कंप्यूटर या फीचर फोन जिस में इंटरनेट की सुविधा मौजूद है आप उसमें इंटरनेट चला सकते हैं।

इंटरनेट चलाने के लिए आपके मोबाइल में पर्याप्त बैलेंस होना चाहिए या फिर एक डाटा पैक होना चाहिए इसके अलावा आप इंटरनेट को wifi कनेक्शन के जरिए भी चला सकते हैं। अतः संक्षेप में कहें तो आपके पास एक डिवाइस है जिसमें इंटरनेट चलता है और उसमें इंटरनेट बैलेंस मौजूद हो तो आप उस में आसानी से इंटरनेट चला सकते हैं।

इंटरनेट के फायदे?

इंटरनेट का सबसे विशेष फायदा यह है कि हम कहीं भी कभी भी इंटरनेट के माध्यम से किसी भी जानकारी को प्राप्त कर सकते हैं देश-दुनिया की खबरों को इसके जरिए कुछ ही सेकंड में प्राप्त कर सकते है।

इंटरनेट के माध्यम से हम न सिर्फ जानकारी प्राप्त कर सकते हैं बल्कि अपनी जानकारियों को भी दूसरों तक पहुंचा सकते हैं! यदि आप इसके विषय पर अधिक जानना चाहते हैं तो ब्लॉगिंग क्या है कैसे शुरू करें? वाले आर्टिकल को पढ़कर पूरी जानकारी ले सकते हैं! इंटरनेट के माध्यम से हम अपना मनोरंजन कर सकते हैं, इसके साथ ही इसका इस्तेमाल सही जगह करके एजुकेशन  प्राप्त कर सकते हैं और दूसरों को एजुकेशन दे सकते हैं।

करोड़ों लोग आज इंटरनेट चला पा रहे हैं यह सिर्फ इसलिए संभव हुआ है क्योंकि यह सस्ता, affordable है। जो कि इसका एक विशेष फायदा है। इंटरनेट आज हमारी जरूरत में से एक बन चुका है कई ऐसी कंपनियां, बिजनेस है जिन्हें इंटरनेट के बिना चलाना नामुमकिन हो चुका है। इसके अलावा दैनिक जिंदगी में अनेक रोजमर्रा के कामों जैसे बिजली का बिल भरना, किसी को पैसे ट्रांसफर करना जैसे अनेक काम इंटरनेट के जरिए हो सकते हैं जिसने समय और पैसा दोनों की बचत की है।

इस तरह अगर हम इसके फायदे देखें तो इसकी काफी बड़ी लिस्ट बन जाएगी अब हम जानते हैं!

इंटरनेट के नुकसान?

क्योंकि इंटरनेट के कई सारे फायदे हैं मनुष्य के लिए परंतु ज्यादातर लोग इन फायदों से या तो अनजान है या फिर जानबूझकर अनजान बन रहे हैं! इसलिए इंटरनेट पर अधिकतर बेकार की चीजें सर्च करने पर वे अपना समय बिताते हैं जो कि उनके कैरियर के लिए, उनके समय की पूरी बर्बादी का कारण बन रहा है।

इंटरनेट ने जहां कई लोगों की जिंदगी बनाई है तो कई लोगों की पूरी जिंदगी इतनी खराब कर दी! इंटरनेट पर आपको ऐसा कॉन्टेंट भी मिलता है जिससे प्रत्येक माता-पिता को अपने बच्चों को दूर रखना चाहिए। इंटरनेट हालांकि अफोर्डेबल है परंतु आज भी कई ऐसे गांव हैं जहां बिजली की समस्या बनी रहती है ऐसे में वहां इंटरनेट को आसानी से एक्सेस करने में काफी दिक्कतें आती हैं।

क्योंकि इंटरनेट पूरा वर्चुअल बना हुआ है इसलिए आज छोटे बच्चे से बड़े स्मार्टफोन में ही ऑनलाइन गेम्स डाउनलोड करके इसमें घंटों बिता देते हैं इससे उनके शरीर के अन्य भागों में तो फर्क पड़ता ही है साथ ही आंखों में भी pain होता है। इस प्रकार देखें दो इंटरनेट के कई सारे फायदे हैं वहीं दूसरी तरफ नुकसान भी हैं! अगर आप इसके फायदे नुकसान के बारे में जानना चाहते हैं तो यह आर्टिकल पढ़ें;

इंटरनेट का विकास?

पूरे विश्व में इंटरनेट का इतिहास काफी पुराना है इंटरनेट के विकास में किसी एक व्यक्ति का हाथ नहीं है और ना ही इसे बनाने में कुछ हफ्ते, साल लगे! बल्कि यह कई सालों के कठिन परीक्षण का नतीजा है! 1960 के दशक से ही इंटरनेट की शुरुआत को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। इसकी शुरुआत अमेरिका की कैलिफ़ोर्निया शहर से हुई!

वही पहली बार इंटरनेट शब्द तथा इसके बारे में लोगों को 3 जुलाई 1969 को एक प्रेस के माध्यम से जानकारी दी गई।

उम्मीद है अब आपको इंटरनेट से जुडी पूरी जानकारी मिल चुकी होगी, और अब आप जान गए होंगे की इंटरनेट क्या है? इंट्रानेट क्या है? इंटरनेट का मालिक कोन है? इंटरनेट कैसे चलाये? इसके फ़ायदे और नुक़सान क्या हैं? how internet works in hindi & all about internet in hindi।

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8 COMMENTS

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