सॉफ्टवेयर क्या है और इसके प्रकार (What is Software in Hindi)

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सॉफ्टवेयर क्या होता है?

सॉफ़्टवेयर डाटा या प्रोग्राम का एक समूह होता है, जिसका इस्तेमाल कंप्यूटर को निर्देश देने और हार्डवेयर को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है। सॉफ़्टवेयर को हम ना देख सकते हैं और ना ही सुन सकते हैं।


अगर सिर्फ कंप्यूटर का निर्माण कर के रख दिया जाए परंतु उसमें सॉफ्टवेयर ना डाला जाए तो कंप्यूटर किसी भी काम का नहीं होता है, वह सिर्फ एक खाली डब्बा ही होता है, क्योंकि सॉफ्टवेयर ही वह चीज होती है जिसमें जरूरी इंस्ट्रक्शन या फिर प्रोग्राम का ग्रुप होता है।

अगर किसी कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर इंस्टॉल नहीं है तो ऐसी सिचुएशन में उस कंप्यूटर को ऑपरेट करना लगभग असंभव ही होता है। सॉफ्टवेयर के प्रमुख उदाहरण के तौर पर एंटीवायरसफोटोशॉपब्राउज़रएमएस ऑफिस इत्यादि का नाम लिया जाता है।

सॉफ्टवेयर के प्रकार (Types of Software in Hindi)

सॉफ्टवेयर के मुख्य तौर पर 2 प्रकार अवेलेबल है जिसमें पहला होता है सिस्टम सॉफ्टवेयर और दूसरा होता है एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर। 

image source: geeksforgeeks

1: सिस्टम सॉफ्टवेयर

कंप्यूटर को पावर ऑन करने में सिस्टम सॉफ्टवेयर काफी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इसलिए सिस्टम सॉफ्टवेयर को ही किसी भी कंप्यूटर/डेस्कटॉप का मुख्य सॉफ्टवेयर माना जाता है। जैसे ही आपके द्वारा कंप्यूटर अथवा डेस्कटॉप को पावर ऑन किया जाता है। वैसे ही ऑटोमेटिक सिस्टम सॉफ्टवेयर के द्वारा हार्डवेयर को एक्टिवेट कर दिया जाता है और जब हार्डवेयर एक्टिवेट हो जाता है तो उसके पश्चात सिस्टम सॉफ्टवेयर उस पर पूरा कंट्रोल करने का काम चालू कर देता है। 


Windows, Android , Anti Virus, Audio, Graphic Driver इत्यादि सिस्टम सॉफ्टवेयर के बेहतरीन उदाहरण है। यहां पर आपको अवगत करवा दें कि सिस्टम सॉफ्टवेयर भी चार प्रकार के होते हैं;

(A) ऑपरेटिंग सिस्टम

कंप्यूटर में जितने भी सॉफ्टवेयर अवेलेबल होते हैं उन सभी को संचालित करने की जिम्मेदारी बखूबी ऑपरेटिंग सिस्टम के द्वारा निभाई जाती है। इसलिए ऑपरेटिंग सिस्टम को ही कंप्यूटर का मेन सॉफ्टवेयर भी माना जाता है।

(B) यूटिलिटी सॉफ्टवेयर

ऑपरेटिंग सिस्टम अथवा एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर अथवा कंप्यूटर के हार्डवेयर को सुरक्षा प्रदान करने का काम जिस सॉफ्टवेयर के द्वारा किया जाता है उसे ही यूटिलिटी सॉफ्टवेयर कहकर उच्चरित किया जाता है। यूटिलिटी सॉफ्टवेयर का नाम सर्विस प्रोग्राम भी होता है।


(C) डिवाइस ड्राइवर

डिवाइस ड्राइवर के माध्यम से कंप्यूटर से कनेक्टेड इनपुट और आउटपुट साधन कंप्यूटर से अपना संपर्क स्थापित करने में अर्थात बातचीत करने में सफल हो पाते हैं। डिवाइस ड्राइवर के प्रमुख उदाहरण मदरबोर्ड ड्राइवर, ऑडियो ड्राइवर, वीडियो प्लेयर इत्यादि है।

(D) प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर

डेवलपर के द्वारा जिस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके दूसरे सॉफ्टवेयर के लिए प्रोग्रामिंग लिखने का काम किया जाता है उसे ही प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर कहा जाता है।

2: एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को संक्षेप भाषा में ऐप भी कहा जाता है। इनका डायरेक्ट तौर पर कनेक्शन यूजर से ही होता है। जितने भी एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का निर्माण किया जाता है उन्हें किसी विशेष उद्देश्य की पूर्ति के लिए ही बनाया जाता है।


इसके अलावा एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की एक अन्य विशेषता यह भी है कि इन्हें जब चाहे तब व्यक्ति अपने डिवाइस में इंस्टॉल कर सकता है और जब चाहे तब अपने डिवाइस से बाहर निकाल सकता है अर्थात अनइनस्टॉल भी कर सकता है।

कुछ एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर ऐसे होते हैं जिसमें किसी एक ही स्पेशल कामों को अंजाम देने की सुविधा होती है, वही कुछ एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर ऐसे होते हैं, जिसमें आप उसी प्लेटफार्म पर अलग-अलग कामों को पूरा कर सकते हैं।

जैसे कि पेटीएम एक मल्टी यूजिंग एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है, क्योंकि पेटीएम पर आप अलग-अलग सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं, वही यूट्यूब एक सिंगल यूजिंग प्लेटफार्म है, आप यहां पर सिर्फ वीडियो देख सकते हैं।


एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर भी टोटल दो प्रकार के होते हैं जिनकी जानकारी निम्नानुसार है।

(A) सामान्य एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

सामान्य एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को अंग्रेजी में बेसिक एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कहा जाता है। इस सॉफ्टवेयर में सामान्य नाम जुड़ा हुआ है जिसका मतलब यही होता है कि हमारे रोज के कामों की पूर्ति के लिए हम जिस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं उन्हें बेसिक एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कहा जाता है।

(B) विशिष्ट एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

विशिष्ट एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को अंग्रेजी भाषा में Special एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कहते हैं। इस सॉफ्टवेयर में स्पेशल नाम जुड़ा हुआ है जिसका मतलब यही होता है कि किसी स्पेशल काम को अंजाम देने के लिए अथवा स्पेशल कामों की पूर्ति के लिए स्पेशल एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का निर्माण एप डेवलपर के द्वारा किया जाता है।

सॉफ्टवेयर कैसे काम करता है?

किसी भी सॉफ्टवेयर को जिस इंस्ट्रक्शन के साथ तैयार किया गया है, वह उसी इंस्ट्रक्शन के अनुसार ही अपना काम करेगा अथवा अपने काम को अंजाम देगा। जैसा कि आप जानते हैं कि जिस प्रकार से ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल मुख्य तौर पर कंप्यूटर में फाइल के मैनेजमेंट के लिए और कंप्यूटर को पावर ऑन करने के लिए क्या जाता है, उसी प्रकार से अलग-अलग सॉफ्टवेयर के काम भी अलग-अलग होते हैं।

जैसे कि अगर कंप्यूटर में डॉक्यूमेंट बनाना है तो इसके लिए वर्ड अथवा नोटपैड नाम के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है, उसी प्रकार से अगर ग्राफिक डिजाइन से संबंधित कामों को अंजाम देना है तो कंप्यूटर में फोटोशॉप अथवा पेंट जैसे सॉफ्टवेयर को ओपन किया जाता है।

अगर आपको अपने कंप्यूटर में फोटो देखनी है तो इसके लिए गैलरी और वीडियो देखना है तो इसके लिए आपको मल्टीमीडिया प्लेयर सॉफ्टवेयर को ओपन करने की आवश्यकता होती है।

इसी प्रकार से गेम खेलने के लिए गेमिंग सॉफ्टवेयर, इंटरटेनमेंट के लिए मल्टीमीडिया सॉफ्टवेयर, स्वास्थ्य के लिए हेल्थ सॉफ्टवेयर, एजुकेशन के लिए एजुकेशन सॉफ्टवेयर तथा अलग-अलग प्रकार के सॉफ्टवेयर और एप्लीकेशन का निर्माण किया जाता है।

सॉफ्टवेयर और प्रोग्राम में क्या अंतर होता है?

सॉफ्टवेयर देखा जाए तो वास्तव में प्रोग्राम के विपरीत होते हैं। किसी काम को पूरा करने के लिए हमारे द्वारा प्रोग्राम बनाया जाता है और उस काम को करने के लिए सॉफ्टवेयर को प्रोग्राम की आवश्यकता होती है। इस प्रकार से देखा जाए तो प्रोग्राम इंस्ट्रक्शन का ग्रुप होता है जो एक स्पेशल भाषा में लिखा गया होता है, वहीं दूसरी तरफ सॉफ्टवेयर प्रोग्राम का ग्रुप होता है, जो कंप्यूटर को किसी स्पेशल काम को करने की कैपेसिटी प्रदान करता है।

सॉफ्टवेयर का इतिहास (History of Software in Hindi)

सॉफ्टवेयर की हिस्ट्री अर्थात सॉफ्टवेयर का इतिहास 19वीं शताब्दी के आसपास ही चालू हो गया था। दरअसल 19वीं शताब्दी मे Ada Lovelance नाम के एक व्यक्ति के द्वारा पहले प्रोग्राम को लिख करके उसकी रचना की गई थी।

यह प्रोग्राम एक एनालिटिकल इंजन के लिए लिखा गया था जिसका निर्माण चार्ल्स बैबेज के द्वारा किया गया था। बता दे कि चार्ल्स बैबेज को ही कंप्यूटर का पिता अर्थात फादर ऑफ कंप्यूटर कहा जाता है।

सॉफ्टवेयर के सिद्धांत को लिखने का काम ऐलान ट्यूनर के द्वारा किया गया था। उन्होंने सॉफ्टवेयर के सिद्धांत की विस्तृत चर्चा “Computable Numbers, With An Application To The Entscheidungsproblem” में की थी।

Jhon Tukey ही वह व्यक्ति हैं जिनके द्वारा सॉफ्टवेयर शब्द को खोजने का काम किया गया था। यह एक बहुत ही बेहतरीन और कुशल मैथमेटिशियन थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न;

5 सॉफ्टवेयर के नाम क्या है?

फ़ोटोशॉप, पेजमेकर, पावर पाइंट, एम एस वर्ड, एस एस एक्‍सेल.

सॉफ्टवेयर के उदाहरण क्या है?

MS Word, MS Excel, फोटोशॉप.

सॉफ्टवेयर के प्रकार क्या है?

सिस्टम सॉफ्टवेयर, एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर, यूटिलिटी सॉफ्टवेयर

सॉफ्टवेयर क्या है यह कितने प्रकार के होते हैं?

यह इंस्ट्रक्शन का ग्रुप होता है और मुख्य तौर पर यह तीन प्रकार के होते हैं।

सिस्टम सॉफ्टवेयर क्या है?

इसके द्वारा कंप्यूटर के हार्डवेयर को मैनेज किया जाता है।

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Ankur Singh
हेलो दोस्तों, मेरा नाम अंकुर सिंह है और में New Delhi से हूँ। मैंने B.Tech (Computer Science) से ग्रेजुएशन किया है। और में इस ब्लॉग पर टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट से जुड़े लेख लिखता हूँ।

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