फ़ायरवॉल क्या है – What Is Firewall In Hindi

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फ़ायरवॉल क्या है – What Is Firewall In Hindi? क्या आपने कभी फ़ायरवॉल का नाम सुना है? अगर नहीं सुना और आप जानना चाहते हो की फ़ायरवॉल क्या होता है? तो आजका यह पोस्ट आपके लिए काफी हेल्पफुल हो सकता है क्युकी आज इस पोस्ट में हम जानिंगे की फ़ायरवॉल क्या है? कैसे काम करता है? फ़ायरवॉल क्यों जरुरी है? Types of Firewall In Hindi?

hello दोस्तो! यदि आप एक कंप्यूटर यूज़र हैं तथा अपने कंप्यूटर में Antivirus का इस्तेमाल करते हैं तो अपने firewall का नाम जरूर सुना होगा! यदि आप जानना चाहते हैं की आखिर firewall क्या है तथा कैसे हमारे कंप्यूटर के लिए जरूरी है, तो आज का यह लेख आपको जरूर पढ़ना चाहिए क्योकि क्युकी आज इस पोस्ट में हम जानिंगे की फ़ायरवॉल क्या है – What Is Firewall In Hindi? फ़ायरवॉल क्यों जरुरी है? Types of Firewall In Hindi?


एंटीवायरस (AntiVirus) क्या है? – What Is Antivirus In Hindi उसकी पूरी जानकारी यहां है….

फ़ायरवॉल क्या है – What Is Firewall In Hindi

फ़ायरवॉल एक एंटीवायरस होता है दोस्तो जिस तरह बॉर्डर पर खड़े वीर जवानों के कारण किसी देश के नागरिक सुरक्षित रहते हैं ठीक उसी तरह firewall भी कंप्यूटर को बाहरी आक्रमण से बचाता है। जी हाँ हम इंटरनेट पर कई जानकारियां तथा मनोरजन प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन सर्च करते हैं।

तथा इस स्तिथि में कई बार ऐसा होता है की हमारे द्वारा अनजाने में किसी गलत लिंक या वेबसाइट पर visit कर लेते हैं। जिससे हमारे कंप्यूटर में unknown sources से कई files या apps कंप्यूटर में install होने के अवसर उत्पन्न होते हैं, जो कंप्यूटर में वायरस का रूप लेता है।

वही दूसरी तरफ firewall कम्पूयटर में इन unknown files या सॉफ्टवेयर को प्रवेश करने से रोकता है तथा केवल हमारे द्वारा दी गयी कमांड के आधार पर permission दी गयी service को कंप्यूटर में store करता है। इंटरनेट उपयोग करते समय firewall इंटेरनेट में प्राप्त होने वाले प्रत्येक डाटा पैकेट को चेक करते हैं जिससे जो असुरक्षित पैकेट को ब्लॉक कर दिया जाता है।

क्या आप अपने सिस्टम में Firewall का इस्तेमाल कर रहे हैं यदि हां तो सवाल आता है कि क्या यह वाकई वायरस को रोकता हैं? या फिर इसके बिना भी आपका कंप्यूटर Secure रह सकता है, तो आखिर इसकी जरूरत क्या है? इसे समझने के लिए हमें Firewall के उपयोग जानने होंगे।

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फ़ायरवॉल के उपयोग – Use Of Firewall In Hindi?

Block Trojan’s से बचाता है।

किसी भी कंप्यूटर के लिए ट्रोजन बेहद हानिकारक साबित हो सकते हैं! क्योंकि एक बार कंप्यूटर फाइल्स में Trojan आते हैं, तो जब आप उस फाइल को किसी user को send करते हैं तो दूसरे सिस्टम में भी यह फाइल पहुंच कर उसे डैमेज करने का कार्य करती है। गुप्त रूप से डाटा को Transmit करने की Trojan की इस क्षमता से वे बेहद खतरनाक साबित होते हैं।

परंतु यदि आपके कंप्यूटर में Firewall installed है! तो फिर उसे Enable करने के बाद आप Trojan से काफी हद तक Secure हो सकते हैं! क्योंकि यह कंप्यूटर पर आने वाले सभी Trojans को Automatic Block कर देता है।

Hackers को रोकता है।

वर्तमान समय में जिस तरह टेक्नोलॉजी Advance होती जा रही है उसी तरह hackers के पास भी नए नए तरीके हैं किसी भी कंप्यूटर से डाटा हैक करने के लिए! यदि कंप्यूटर में फायरवेल सिक्योरिटी मौजूद नहीं है! तो हैकर्स आपके कंप्यूटर तक पहुंच कर उसे Bottnet का भाग बना सकते हैं, जिससे कंप्यूटर में Virus, Malware इत्यादि हानिकारक परिणाम सामने आ सकते हैं।


हालांकि यदि आपके पास Firewall सिक्योरिटी मौजूद नहीं है! तो कोई भी स्मार्ट यूजर आपके आसपास ओपन इंटरनेट कनेक्शन का फायदा उठा सकता है! परंतु Firewall इस तरह के मामलों से आपको बचाता है।

Firewall computer में unauthorized remote access से बचाता है।

आप कभी भी नहीं चाहेंगे कि कोई यूज़र गुप्त रूप से आपका कंप्यूटर रीमोटली एक्सेस कर सके। परंतु यदि आपने कंप्यूटर में Firewall को अच्छी तरीके से configure किया है! और आपके कंप्यूटर में latest ऑपरेटिंग सिस्टम installed है, तो फिर आसानी से Desktop रिमोट एक्सेस को रिमूव किया जा सकता है जो आपको हैकर्स से safe रखने में आपका कंप्यूटर मदद करता है।

Firewall ऑनलाइन गेमिंग को सुरक्षित बनाता है।

वीडियो गेम्स के इतिहास में ऑनलाइन गेमिंग सबसे बड़ा आविष्कार कहा जा सकता है। परंतु ऑनलाइन गेमिंग में सबसे बड़ा रिस्क भी बना रहता है क्योंकि हैकर्स द्वारा विभिन्न प्रकार के Malware बनाए गए है जो ऑनलाइन Gamers को टारगेट करते हैं। हालांकि यूजर्स की सिक्योरिटी के लिए Gaming servers को secure बनाया जाता है, परंतु इसके बावजूद जब भी आप ऑनलाइन गेम खेलें बेहतर है कि आप Firewell को Enable करें।

जिससे होगा क्या कोई भी हैकर कंप्यूटर में Malware प्रवेश करने की कोशिश करेगा तो उसे Firewall द्वारा block कर दिया जाएगा! जिससे आपका सिस्टम सुरक्षित रहेगा।

Keyloggers को रोकता है।

Firewall आपके कंप्यूटर में है, तो यहआपको मॉनिटर करने वाले Keyloggers से Monitor करने में सहायक होता है। Keylogger एक Spyware सॉफ्टवेयर होता है जिसका उपयोग साइबर अपराधी आपके कंप्यूटर में प्रवेश करने के लिए करते हैं! ताकि सिस्टम के Keystrokes को टारगेट कर सके! और यदि ऐसा करने में वे कामयाब हो जाते हैं तो आपके द्वारा की गई सभी एक्टिविटी  Monitor करने में मदद करती है! यहां तक कि वो आपके ऑनलाइन अकाउंट में भी लॉगिन कर सकते हैं

इसलिए Firewall आपको एक कंपलीट सुरक्षा प्रदान करता है, जिससे सिस्टम में होने वाली खामियों से बचा जा सकता है।

तो दोस्तों इस प्रकार हम समझ चुके हैं कि Firewall का क्या क्या मुख्य इस्तेमाल होता है! हालांकि इसके कंप्यूटर में ढेर सारे उपयोग हैं, इसलिए आज जब भी हम एक नया कंप्यूटर खरीदते हैं तो उसमें एक Prebuild फाइल देखने को मिलता है दोस्तों हम जान लेते हैं कि आखिर

फ़ायरवॉल कैसे काम करता है? – How Firewall Works In Hindi?

किसी भी ट्रैफिक को Restrict करने के लिए Firewall मुख्य 4 Mechanism का उपयोग करता है। इन चारों मुख्य मेकैनिज्म के बारे में विस्तार से समझते हैं।

Packet Filtering

सामान्यतः एक Packet फिल्टर किसी Source का IP address, डेस्टिनेशन आईपी ऐड्रेस और डेस्टिनेशन Port का आकलन कर सकता है। यह कुछ ऐसे मापदंड है जिनका आप किसी आईपी ऐड्रेस या किसी पोस्ट से ट्रैफिक आने या ना आने के लिए Filtration कर सकते हैं। अतः इस प्रकार एक पैकेट नेटवर्क से आने वाले सभी ट्रैफिक को रोकने की क्षमता रखता है.

Circuit-Level Gateway

दोस्तों यह दूसरा मैकेनिज्म सर्किट लेवल गेटवे किसी भी Host पर आने वाले ट्रैफिक को ब्लॉक करता है। तथा आंतरिक रूप से Client मशीन सर्किट लेवल गेटवे के साथ कनेक्शन स्थापित करने के लिए सॉफ्टवेयर Run करती है। जिससे यह प्रतीत होता है कि आपके इंटरनल नेटवर्क से होने वाला संचार सर्किट लेवल गेटवे के प्रवेश द्वार से हो रहा है।

Proxy Server

दोस्तों आमतौर पर प्रोक्सी सर्वर नेटवर्क के लिए ट्रैफिक को बूस्ट करने का कार्य करता है! क्योंकि आप यह तो जानते ही होंगे कि प्रॉक्सी server का इस्तेमाल हम किसी Blocked वेबसाइट को एक्सेस करने के लिए भी करते हैं!

परंतु यह एक फायरवेल का भी कार्य कर सकता है क्योंकि प्रोक्सी सर्वर सिस्टम के इंटरनल एड्रेस को Hide कर सकते हैं जिससे लगता है कि यहां से होने वाली Communication प्रोक्सी सर्वर द्वारा हो रही है।

एक प्रोक्सी सर्वर उन सभी पेजेस को Catch करता है, जो रिक्वेस्ट किए गए हैं मान लीजिए यदि एक यूजर yahoo.com पर जाता है तो इस स्थिति में प्रोक्सी सर्वर उस रिक्वेस्ट को yahoo.com के पास send कर देते हैं।

Application Gateway

दोस्तों Firewall के अंतर्गत यह चौथा मुख्य मैकेनिज्म होता है इसे हम छोटा प्रोक्सी सर्वर भी कह सकते है। Firewall के अंतर्गत सबसे पहले इंटरनल क्लाइंट एप्लीकेशन गेटवे के साथ कनेक्शन स्थापित करते हैं। तथा एप्लीकेशन गेटवे यह डिटरमाइंड करते हैं कि इस कनेक्शन को Allow किया जाए या फिर नहीं! जिसके बाद ही वे Destination कंप्यूटर के साथ कनेक्शन स्थापित करते हैं।

फ़ायरवॉल क्यों जरुरी है?

firewall किसी कंप्यूटर में केवल आपके द्वारा उपयोग की गई files को में प्रवेश करने देता है। तथा इंटरनेट इस्तेमाल करते समय unknown sources से डाउनलोड हुई file या किसी प्रोग्राम install होने से रोकता है।

firewall का मुख्यतः यह भी काम होता है कि जब यदि आपका कंप्यूटर किसी नेटवर्क से कनेक्टेड है। और आपके कंप्यूटर में दुर्भाग्यवश वायरस या मालवेयर अटैक हो जाता है। तो ऐसी स्थिति में firewall उस नेटवर्क से जुड़े अन्य कंप्यूटर्स को आपके कंप्यूटर से होने वाले नुकसान को बचाता है। अर्थात उनमें वायरस फैलने नहीं देता है।

firewall के कंप्यूटर में कार्य करने के दौरान हैकर्स के हमले से काफी हद तक बचा जा सकता है। क्योंकि firewall के बिना आसानी से किसी कंप्यूटर में वायरस या Malware अटैक कर सकते हैं.

Types of Firewall In Hindi?

firewall मुख्यतः hardware तथा software पर आधारित होते हैं।

Hardware Firewall

दोस्तो वर्तमान समय में Router का इस्तेमाल अनेक स्थानों पर किया जाता है। जिससे एक साथ कई डिवाइस में इंटरनेट कनेक्टिविटी ऑन की जा सकती है। तथा इन राउटर्स में फायर wall की सुरक्षा जुड़ी होती है। उदाहरण के लिए यदि आपके घर या ऑफिस में कई डिवाइस इंटरनेट से कनेक्टेड हैं।

तथा router से firewall ऑन करने पर यह इंटरनेट से कनेक्ट इट सभी डिवाइसेज को सिक्योरिटी प्रदान करता है। जब भी हम किसी वेबसाइट या सर्च इंजन पर टाइप कर रिक्वेस्ट भेजते हैं तो कंप्यूटर में उस भेजें गए डाटा के पैकेट के साथ नेटवर्किंग id जुड़ी होती है। तथा firewall पता लगाता की receive होने वाले data पैकेट सही है अथवा नहीं।

क्योकि उस पैकेट में आपके नेटवर्क की id जुड़ी होती है। तथा इसके अलावा यदि कोई unknown पैकेट कंप्यूटर में घुसने की कोशिस करता है तो उसे ब्लॉक कर देता है।


Software Firewall

वर्तमान समय में कहीं एंटीवायरस कंपनियां जैसे Avg, quickheal, panda आदि कई कंपनियां फायरवॉल की सुविधा देती है। तथा कुछ कंप्यूटर में यह antivirus ट्रायल या फ्री mode में पहले से ही मौजूद होता है। तथा हम इन एंटीवायरस को बाहर से भी खरीद भी सकते हैं क्योंकि हमें कंप्यूटर को secure रखने के लिए कंप्यूटर में एक बेहतर antivirus इनस्टॉल करना चाहिए।

तथा इसके साथ ही वर्तमान समय में Window firewall कंप्यूटर में मौजूद होते हैं जो हमारे कंप्यूटर में हमारे द्वारा इंस्टॉल किए गए apps तथा फाइल आदि को कंप्यूटर में install करने से पूर्व उसकी भली-भाँति जाँच करते हैं।

आज इंटरनेट पर स्मार्टफोन यूजर्स के साथ-साथ कंप्यूटर में भी कहीं ऐसी malicious वेबसाइट है, जिनके लिंक पर क्लिक करने के बाद हमारे कंप्यूटर में गुप्त रूप से कोई फाइल या प्रोग्राम इंस्टॉल हो जाता है।

तथा एक बार इंस्टॉल होने पर यह कंप्यूटर डाटा को डैमेज करने के लिए काफी होता है। अतः उस नुकसान से बचने के firewall किसी भी कंप्यूटर में बेहद आवश्यक होते हैं जिसके इस्तेमाल से कंप्यूटर को malware, वायरस आदि अटैक से बचाया जा सके।

उम्मीद है आपको फ़ायरवॉल से जुडी पूरी जानकारी मिल चुकी होगी, और अब आप जान गए होंगे की फ़ायरवॉल क्या है – What Is Firewall In Hindi? फ़ायरवॉल क्यों जरुरी है? Types of Firewall In Hindi?

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Hope की आपको फ़ायरवॉल क्या है – What Is Firewall In Hindi का यह पोस्ट पसंद आया होगा, और हेल्पफ़ुल लगा होगा।


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